हल्द्वानी में ऑटो से घूमना हुआ महंगा, काठगोदाम रूट की नई लिस्ट जारी

Haldwani: Auto Fare: Kathgodam: कुमाऊं की औद्योगिक राजधानी हल्द्वानी में रहने वाले लोगों के लिए एक अहम बदलाव सामने आया है। तिपहिया ऑटो टैक्सी मालिक चालक वेलफेयर सोसायटी (रजि.), हल्द्वानी ने शहर और आसपास के प्रमुख मार्गों पर चलने वाले ऑटो-टैम्पो का किराया ₹5 तक बढ़ा दिया है, जो 1 फरवरी 2026 से प्रभावी हो चुका है।

सोसायटी का कहना है कि यह फैसला बढ़ती महंगाई, ईंधन लागत और लंबे समय से यात्रियों व चालकों के बीच किराये को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति को खत्म करने के लिए लिया गया है। नई दरों के अनुसार हल्द्वानी–रानीबाग ₹35, हल्द्वानी–काठगोदाम चुंगी ₹25, हल्द्वानी–शीशमहल/निर्मला कॉन्वेंट ₹20, हल्द्वानी–जजी/बियरशिबा ₹15, और हल्द्वानी–डिग्री कॉलेज/तिकोनिया ₹15 तय किए गए हैं। वहीं रानीबाग से काठगोदाम ₹10, हाईडिल ₹20, तिकोनिया ₹25, तथा काठगोदाम से हल्द्वानी ₹25, तिकोनिया ₹20, पॉलीशीट/जजी ₹15 निर्धारित किए गए हैं।

नई सूची लागू होने से यात्रियों को भले अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़े, लेकिन तय किराये से रोज होने वाले मोलभाव और विवादों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि ऑटो चालकों को इससे आर्थिक राहत मिलने की बात कही जा रही है। यात्रियों से अपील की गई है कि यदि कोई निर्धारित दर से अधिक किराया लेता है तो इसकी सूचना सोसायटी को दें।

उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान

Uttarakhand News: Weather Update: मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तराखंड के लिए ताज़ा तापमान पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य स्तर से अधिक दर्ज किया गया है। रिपोर्ट बताती है कि मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा, जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।

ताज़ा आंकड़ों के अनुसार राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस मोहकमपुर (देहरादून) में दर्ज हुआ, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस मुक्तेश्वर (नैनीताल) में रिकॉर्ड किया गया।

मौसम केंद्र का अनुमान है कि अगले 2–3 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। आज प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, जिससे दिन के तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।

हालांकि राहत की खबर यह है कि मंगलवार से मौसम का मिजाज बदल सकता है। विभाग के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है और ठंड का असर फिर बढ़ सकता है।

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने का हो गया ऐलान, पूरा अपडेट तुरंत देखें

Uttarakhand: Shivratri: Kedarnath Dham: महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की आधिकारिक तिथि तय कर दी गई है। धार्मिक परंपराओं और पंचांग गणना के अनुसार इस वर्ष केदारनाथ मंदिर के द्वार 22 अप्रैल 2026 को प्रातः 8 बजे वृष लग्न में श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। तिथि की घोषणा ऊखीमठ स्थित भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के बीच की गई, जिसमें विद्वान आचार्य और मंदिर परंपरा से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।

यात्रा की तैयारियों के तहत कार्यक्रम भी निर्धारित कर दिया गया है। 18 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर में भैरव पूजा के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा। 19 अप्रैल को बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली फाटा पहुंचेगी, 20 अप्रैल को गौरीकुंड में विश्राम करेगी और 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंच जाएगी। इसके बाद 22 अप्रैल को मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

इस अवसर पर केदारनाथ धाम के नए रावल (मुख्य पुजारी) के रूप में टी. गंगाधर लिंग का नाम घोषित किया गया। रावल मंदिर की पूजा-विधि, धार्मिक परंपराओं और व्यवस्थाओं के प्रमुख संरक्षक होते हैं।

भगवान केदारनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं और उत्तराखंड के चार धामों में प्रमुख धाम माने जाते हैं। हर वर्ष कपाट खुलने के बाद लगभग छह माह तक श्रद्धालु दर्शन कर पाते हैं, जबकि शीतकाल के दौरान पूजा-अर्चना ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में ही संपन्न होती है।

चारधाम यात्रा के क्रम में बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के दिन खोले जाते हैं। इनकी तिथियों की आधिकारिक घोषणा शीघ्र होने की संभावना है।

उत्तराखंड: दरगाह में कांवड़ियों के लिए भंडारा और डीजे, यहाँ दिखी एकता की नई मिसाल

Kashipur Communal Harmony : Kanwar Yatra : Kashipur : Hazrat Syed Sher Ali Baba Dargah : Kanwariya Service : Social Harmony : India : काशीपुर में महाशिवरात्रि के अवसर पर कौमी एकता और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित जसपुर रोड की हजरत सैयद शेर अली बाबा की दरगाह परिसर में कांवड़ियों के लिए डीजे ओर भंडारे का आयोजन किया गया और ठहरने सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

दरगाह परिसर में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों के लिए प्रसाद और विश्राम की व्यवस्था की गई। इस दौरान डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों पर कांवड़िये उत्साह के साथ झूमते नजर आए। पूरे क्षेत्र में भक्ति और भाईचारे का माहौल बना रहा और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।

आयोजकों ने कहा कि धार्मिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया। दरगाह के खादिम मोहम्मद शमशुद्दीन मियां और आयोजक जसपाल सिंह जस्सी ने कहा कि समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

स्थानीय लोगों ने इस पहल को सामाजिक समरसता और आपसी सम्मान की मजबूत मिसाल बताया।

उत्तराखंड: हल्द्वानी में शादी-पार्टी करना अब महंगा, नगर निगम ने लागू किया नया नियम

Haldwani Nagar Nigam : Waste Management Rules : User Charge Haldwani : Baini Sena : Solid Waste : Management : नगर निगम ने शहर में कूड़ा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब नगर निगम के 60 वार्डों में बैंक्वेट हॉल, होटल और अन्य आयोजन स्थलों को शादी, पार्टी या सामूहिक कार्यक्रम से पहले बैणी सेना को सूचना देना अनिवार्य होगा।

नगर निगम के अनुसार आयोजनों के बाद निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए बैणी सेना को एक दिन का 1500 रुपये यूजर चार्ज देना होगा। यह नियम साप्ताहिक हाट बाजार और चौपाटी में लगने वाली दुकानों पर भी लागू रहेगा।

नगर निगम ने कहा कि हल्द्वानी-काठगोदाम क्षेत्र में वर्ष 2022 से घरेलू, किराएदार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, होटल, बैंक्वेट हॉल, सरकारी कार्यालय, स्कूल और बाजारों से यूजर चार्ज वसूली की व्यवस्था लागू है। इसके लिए बैणी सेना का गठन किया गया है। हालांकि कई होटल, बैंक्वेट हॉल और बाजार संचालक कूड़ा निस्तारण का शुल्क जमा नहीं कर रहे थे…जिससे नगर निगम को राजस्व नुकसान हो रहा था।

नगर आयुक्त पारितोष वर्मा ने कहा कि साप्ताहिक बाजार में दुकानदारों द्वारा शुल्क न देने पर इसकी जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। वहीं किराएदार द्वारा कूड़ा निस्तारण शुल्क नहीं देने पर मकान मालिक जिम्मेदार होगा और बैणी सेना उनसे मासिक शुल्क वसूलेगी।

नगर निगम का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाना और सफाई व्यवस्था को मजबूत करना है।

हल्द्वानी: आखिरी ओवर तक चला मैच, पत्रकार 11 ने प्राधिकरण नैनीताल को 2 विकेट से हराया

Uttarakhand: Cricket Match: Haldwani: Journalist: District Level Development Authority: जीएनजी ग्राउंड, कमलुवागांजा में पत्रकार 11 और प्राधिकरण नैनीताल के बीच खेले गए रोमांचक क्रिकेट मैच ने दर्शकों को आखिरी गेंद तक बांधे रखा। शानदार खेल और उतार-चढ़ाव से भरे मुकाबले में पत्रकार 11 ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 विकेट से जीत दर्ज कर मैच अपने नाम कर लिया।

टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए प्राधिकरण नैनीताल की शुरुआत कमजोर रही। पत्रकार 11 के गेंदबाज अंकित साह ने पहला ओवर मेडन डालकर दबाव बना दिया। शुरुआती झटकों के बावजूद सूरज ने 54 रनों की जिम्मेदार पारी खेलकर टीम को संभाला। शिवम ने 21 रन बनाए और गोपाल चौहान ने 10 रनों का योगदान दिया, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके और पूरी टीम 146 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में कमल जगाती ने 3 विकेट लिए, जबकि अंकित साह और दिनेश पांडेय ने 2-2 विकेट झटके। तारा जोशी और जीवन को 1-1 सफलता मिली।

147 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पत्रकार 11 ने आक्रामक शुरुआत की। जीवन राज ने 18 रन बनाते हुए लगातार दो छक्के लगाए। कमल जगाती (14), अंकित साह (13) और दिनेश पांडेय (12) ने उपयोगी पारियां खेलीं। अंत में संतोष जोशी ने संयमित 30 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। आखिरी ओवर तक चले मुकाबले में पत्रकार 11 ने साहस और धैर्य का शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि इस मैच में पत्रकारों द्वारा कई प्रयोग किए गए जो जोखिम भरे रहे हालांकि आखिरी ओवर में मैच जीतने में टीम कामयाब रही।

कौन हैं थान्या नाथन सी? जन्म से दृष्टिबाधित होकर भी बनीं जज

Thanya Nathan C : Kerala Blind Judge : Success Story India : Judicial Service Exam : Inspirational Story : केरल के कन्नूर जिले की रहने वाली थान्या नाथन सी ने कठिन परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाकर न्यायिक सेवा परीक्षा पास की है। जन्म से दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और सिविल जज परीक्षा में सफलता हासिल कर जज बनने का सपना पूरा किया। उनकी उपलब्धि आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।

24 वर्षीय थान्या नाथन ने न्यायिक सेवा की सिविल जज परीक्षा में दिव्यांग श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया है। वह केरल की पहली दृष्टिबाधित महिला जज बनी हैं। इससे पहले वर्ष 2013 में राजस्थान के ब्रह्मानंद शर्मा देश के पहले पूर्ण दृष्टिहीन जज बने थे।

थान्या ने अपनी शुरुआती पढ़ाई विशेष स्कूल से की और बाद में 10वीं व 12वीं की शिक्षा सामान्य स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई करने का फैसला किया। उन्होंने कन्नूर विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और विश्वविद्यालय में शीर्ष स्थान हासिल किया। अपने कॉलेज में वह एकमात्र दृष्टिबाधित छात्रा थीं।

पढ़ाई और कानूनी तैयारी के दौरान थान्या ने स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर, ब्रेल और ऑडियो नोट्स की मदद ली। वह कन्नूर के तालिपरम्बा में वकालत का अभ्यास भी कर चुकी हैं।

थान्या नाथन की यह सफलता दिखाती है कि मजबूत इच्छा शक्ति और मेहनत से किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि समाज में दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा का संदेश देती है।

धामी के नेतृत्व की खुलकर सराहना, देहरादून दौरे पर खूब बोले जेपी नड्डा

Uttarakhand News: JP Nadda: देहरादून में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की खुलकर सराहना की और कहा कि प्रदेश में सरकार पूरी सक्रियता और प्रतिबद्धता के साथ जनता की सेवा में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई अहम क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में विकास की रफ्तार यह दिखाती है कि नेतृत्व मजबूत है और योजनाओं को जमीन पर उतारने का काम तेजी से हो रहा है। उनका कहना था कि प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ लोगों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे आम जनमानस को सीधा लाभ मिल रहा है।

नड्डा ने मुख्यमंत्री धामी को उनके कार्यों के लिए बधाई देते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी राज्य विकास के रास्ते पर इसी तरह आगे बढ़ता रहेगा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए सरकार की योजनाओं पर संतोष जताया।

उत्तराखंड: जनगणना से पहले बड़ा फैसला: उत्तराखंड की प्रशासनिक सीमाएं सील…जानिए पूरा प्लान

Census 2026 Uttarakhand : Ministry of Home Affairs : Census Notification : Boundary Freeze : Dehradun Census Training : केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जनगणना की अधिसूचना जारी होने के बाद उत्तराखंड में प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाएं सील कर दी गई हैं। अब जनगणना पूरी होने तक किसी भी जिले, तहसील, नगर निकाय, पंचायत या वार्ड की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

अधिकारियों के अनुसार जनगणना के सही आंकड़े तैयार करने के लिए सीमाओं का स्थिर रहना जरूरी है। यदि जनगणना के दौरान सीमाएं बदली जाती हैं तो जनसंख्या का डाटा गलत हो सकता है। हालांकि इस व्यवस्था से सामान्य सरकारी कामकाज और सार्वजनिक सुविधाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

तीन चरणों में होगी जनगणना

प्रदेश में जनगणना का कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और गणना का काम होगा। दूसरे चरण में 11 से 30 सितंबर 2026 तक बर्फबारी वाले क्षेत्रों में लोगों की गणना की जाएगी…क्योंकि इन इलाकों के लोग सर्दियों में अन्य स्थानों पर चले जाते हैं। तीसरे चरण में 9 से 28 फरवरी 2027 तक अन्य क्षेत्रों में देशभर के साथ जनगणना होगी।

16 फरवरी से शुरू होगा प्रशिक्षण

जनगणना कार्य के लिए 16 फरवरी से चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इस प्रक्रिया में 23 कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। इनके माध्यम से प्रदेश में 555 फील्ड ट्रेनर तैयार किए जाएंगे…जो आगे 4,000 सुपरवाइजर और करीब 30 हजार कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। 25 मार्च से 7 अप्रैल के बीच कर्मचारियों और सुपरवाइजर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। हर बैच में 40 कर्मचारियों को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जनगणना कार्य निदेशालय उत्तराखंड की निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रदेश की सीमाएं सील हो गई हैं और जनगणना पूरी होने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी।

युवाओं के लिए बड़ी खबर: अग्निवीर के लिए आयु सीमा बढ़ाकर 22 वर्ष की गई

Agniveer Recruitment 2026 : Indian Army Recruitment : Almora Army Office : Age Limit Increased : Uttarakhand Youth : सेना कार्यालय ने वर्ष 2026 की अग्निवीर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार को जारी प्रेस नोट में भर्ती से जुड़ी नई जानकारी दी गई है। इस बार भर्ती में अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 22 वर्ष कर दी गई है…जबकि न्यूनतम आयु सीमा साढ़े 17 वर्ष ही रहेगी।

सेना कार्यालय के अनुसार अग्निवीर भर्ती 2026 के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 1 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती में अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों के युवा भाग ले सकेंगे।

भर्ती प्रक्रिया में इस बार बदलाव किया गया है। पहले लिखित परीक्षा आयोजित होगी और इसमें सफल होने वाले अभ्यर्थियों को ही शारीरिक परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

सेना कार्यालय ने कहा कि पहले अधिकतर युवा अग्निवीर जनरल ड्यूटी के लिए आवेदन करते थे…लेकिन अब अभ्यर्थी टेक्निकल, क्लर्क, स्टोर कीपर और ट्रेडमैन जैसे पदों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी सेना कार्यालय द्वारा जारी भर्ती चार्ट में उपलब्ध कराई गई है।