भारतीय नौसेना में निकली भर्ती, ऐसे करें आवेदन

Indian Navy Vacancy 2026 : SSC Technical Branch : Education Branch Recruitment : Indian Navy Jobs 2026 : Navy Officer Recruitment  : भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने देशभर के युवाओं के लिए अधिकारी बनने का बड़ा अवसर दिया है। नौसेना ने शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के तहत एग्जीक्यूटिव, एजुकेशन और टेक्निकल ब्रांच में कुल 260 पदों पर भर्ती के लिए अविवाहित पुरुष और महिला उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं। यह भर्ती जनवरी 2027 बैच के लिए होगी। इच्छुक अभ्यर्थी 24 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

पदों का विवरण

एग्जीक्यूटिव ब्रांच — 149 पद

एजुकेशन ब्रांच — 15 पद

टेक्निकल ब्रांच — 96 पद

योग्यता

एग्जीक्यूटिव ब्रांच

पद अनुसार कम से कम 60% अंकों के साथ बीई/बीटेक।

10वीं और 12वीं में न्यूनतम 60% अंक।

12वीं में अंग्रेजी में कम से कम 60% अंक।

प्रथम श्रेणी के साथ बीई/बीटेक या एमबीए।

प्रथम श्रेणी के साथ बीएससी/बीकॉम/बीएससी (आईटी)।

फाइनेंस, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन या मटेरियल मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा या एमसीए/एमएससी (आईटी)।

एजुकेशन ब्रांच

न्यूनतम 60% अंकों के साथ बीएससी, एमएससी, बीई, बीटेक या एमटेक डिग्री।

टेक्निकल ब्रांच

संबंधित विषय में कम से कम 60% अंकों के साथ बीई/बीटेक डिग्री।

आयु सीमा

उम्मीदवार का जन्म 02 जनवरी 2002 से 01 जुलाई 2008 के बीच होना चाहिए।

वेतन

चयनित उम्मीदवारों को सब लेफ्टिनेंट पद पर लगभग 56,100 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा।

ट्रेनिंग और नियुक्ति

चयनित अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग केरल के एझिमाला स्थित इंडियन नेवल एकेडमी में होगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को सब लेफ्टिनेंट रैंक के अधिकारी के रूप में भारतीय नौसेना में नियुक्त किया जाएगा।

उत्तराखंड बना ग्रीन एनर्जी का पावरहाउस, सौर क्षमता 1000 मेगावाट पार

Uttarakhand Solar Energy : Renewable Energy Uttarakhand : Pushkar Singh Dhami : UREDA Uttarakhand : Green Energy India : उत्तराखंड ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य की कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 1 गीगावाट यानी 1000 मेगावाट से अधिक कर ली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सौर ऊर्जा क्षमता करीब 1027.87 मेगावाट तक पहुंच गई है। इसे स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में राज्य का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा को जनआंदोलन का रूप दिया गया है….जिससे युवाओं और स्थानीय उद्यमियों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

राज्य में सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर, ग्राउंड माउंटेड सोलर प्लांट, सरकारी भवनों पर सौर संयंत्र, कृषि क्षेत्र के लिए सोलर पंप और घरेलू व औद्योगिक सोलर योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कुल क्षमता में ग्राउंड माउंटेड सोलर 397 मेगावाट, रूफटॉप सोलर 241 मेगावाट और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत 137 मेगावाट क्षमता शामिल है।

इस उपलब्धि में उत्तराखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (यूरेडा) की अहम भूमिका रही है…जिसने सौर परियोजनाओं के क्रियान्वयन, जनजागरूकता और तकनीकी सहयोग के जरिए प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया है।

सरकार का लक्ष्य भविष्य में सौर ऊर्जा क्षमता को और बढ़ाना, दूरस्थ क्षेत्रों तक सौर समाधान पहुंचाना और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। यह उपलब्धि पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

बंजी जंपिंग मौत का वायरल वीडियो : ऋषिकेश नहीं, यहां हुआ था हादसा

Rishikesh Viral Video : Bungee Jumping News : Uttarakhand Fact Check : Social Media Viral Claim : Rishikesh News :सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा बंजी जंपिंग का वीडियो ऋषिकेश का नहीं….बल्कि नेपाल में हुई घटना का बताया जा रहा है। पहले इस वीडियो को ऋषिकेश और माउंट आबू की घटना बताकर साझा किया जा रहा था…जिससे लोगों में भ्रम फैल गया था।

जानकारी के अनुसार नेपाल में हाल ही में बंजी जंपिंग के दौरान एक दुखद हादसा हुआ…जिसमें युवती की मौत होने की बात सामने आई है। इस घटना के बाद साहसिक खेलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

उत्तराखंड के टिहरी और पौड़ी गढ़वाल पुलिस तथा स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऋषिकेश में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। वायरल वीडियो को ऋषिकेश से जोड़कर किए जा रहे दावे गलत बताए गए हैं।

नेपाल की घटना के बाद भारत के प्रमुख साहसिक खेल केंद्र ऋषिकेश में भी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें…ताकि अफवाह फैलने से बचा जा सके।

रामपुर का युवक उत्तराखंड में बनाता था नकली आधार-पैन, एसटीएफ ने दबोचा

Rudrapur Crime News : Fake Aadhaar PAN Racket : STF Uttarakhand : Rudrapur Police Action : Uttarakhand Crime News : रुद्रपुर में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने वाले एक जनसेवा केंद्र का भंडाफोड़ किया है। आरोपी लंबे समय से बिना पंजीकरण के जनसेवा केंद्र चलाकर लोगों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहा था।

पुलिस के अनुसार ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के मछली बाजार में संचालित गंगवार जनसेवा केंद्र पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षिक प्रमाण पत्र और इन्हें तैयार करने के उपकरण बरामद किए गए। मौके से रामपुर निवासी चेतन कुमार को गिरफ्तार किया गया है।

पूछताछ में आरोपी ने कहा कि वह मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से लोगों की फोटो, नाम और पता बदलकर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अंकतालिकाएं तैयार करता था। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल सिडकुल क्षेत्र की कंपनियों में नौकरी पाने के लिए किया जाता था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड: NH-74 घोटाले में बड़ा एक्शन! ED ने 13.89 करोड़ की संपत्ति कुर्क की

NH74 Scam : ED Action Uttarakhand : Dehradun ED Raid : Udham Singh Nagar Scam : Enforcement Directorate News : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तराखंड के बहुचर्चित एनएच-74 घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। देहरादून स्थित ईडी के सब जोनल कार्यालय ने मामले में 13.89 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है।

ईडी ने यह जांच ऊधमसिंहनगर जिले के पंतनगर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच में आरोप है कि फर्जी आदेशों के जरिए भूमि का भू-उपयोग बदलकर अधिग्रहित जमीन का अधिक दर पर मुआवजा लिया गया।

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने बैकडेट में आदेश पारित कराकर अपनी जमीन को गैर-कृषि श्रेणी में दर्ज कराया और एनएच-74 चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित भूमि का अधिक मुआवजा प्राप्त किया। बताया गया कि इस प्रक्रिया में राजस्व अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत भी सामने आई है।

ईडी के अनुसार आरोपियों ने फर्जी तरीके से करीब 26.02 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा हासिल किया और यह राशि रिश्तेदारों के बैंक खातों समेत अन्य खातों में ट्रांसफर की गई। अवैध कमाई की पुष्टि होने के बाद एजेंसी ने 13.89 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क कर लिया है।

उत्तराखंड: कैंची धाम में चढ़ावे के पैसों पर सवाल, हाईकोर्ट ने सरकार और ट्रस्ट से मांगा जवाब

Kainchi Dham News : Nainital High Court : Neem Karoli Baba Temple : Uttarakhand News : Kainchi Dham Temple Trust : उत्तराखंड के नैनीताल स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम मंदिर से जुड़ी कथित अव्यवस्थाओं और वित्तीय अनियमितताओं का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई की और राज्य सरकार, जिलाधिकारी नैनीताल, एसडीएम कैंची धाम तथा मंदिर ट्रस्ट को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

याचिका में मांग की गई है कि कैंची धाम मंदिर ट्रस्ट को जागेश्वर धाम और बद्री-केदारनाथ मंदिर समिति की तरह सीमित सरकारी नियंत्रण में लाया जाए….ताकि प्रशासनिक और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

याचिकाकर्ता ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मंदिर ट्रस्ट की आय-व्यय से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं है और ट्रस्ट के पंजीकरण व संरचना को लेकर भी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। साथ ही चढ़ावे की राशि के उपयोग और ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

याचिका में मंदिर से जुड़ी अचल संपत्तियों का विवरण जारी करने, स्थानीय लोगों द्वारा दान की गई भूमि की जानकारी सार्वजनिक करने और श्रद्धालुओं के लिए पेयजल व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की भी मांग उठाई गई है।

हाईकोर्ट के नोटिस के बाद अब राज्य सरकार और संबंधित पक्षों के जवाब का इंतजार है। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होने की संभावना है।

हल्द्वानी में पुलिस का ऑपरेशन, होटल में रुके युवक के पास मिले अवैध हथियार

Haldwani: Police: Crack Down: Checking:

हल्द्वानी में ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियार सहित एक आरोपी गिरफ्तार

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टी.सी. के निर्देश पर जिले को अपराधमुक्त बनाने और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से चलाए जा रहे ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत हल्द्वानी पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कत्याल तथा पुलिस उपाधीक्षक अमित सैनी के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह मेहता के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में होटल, ढाबों तथा संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान 18 फरवरी 2026 को टनकपुर रोड स्थित एक होटल में सत्यापन के दौरान दो दिनों से ठहरे संदिग्ध व्यक्ति पंकज सिंह बिष्ट निवासी मोल्टा, थाना जोशीमठ, जिला चमोली को गिरफ्तार किया गया।

तलाशी में उसके पास से 12 बोर की सिंगल बैरल बंदूक और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस आरोपी से हथियार के स्रोत के संबंध में पूछताछ कर रही है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

उत्तराखंड: रोडवेज कर्मचारी ओर यात्री परेशान, बिना सूचना बसें रद्द कर रहे मालिक

Uttarakhand Roadways : Contract Bus Service : Roadways Bus Cancellation : Haldwani Roadways : Transport News : रोडवेज की अनुबंधित बसों के संचालन में लापरवाही के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में बस मालिक बिना सूचना दिए बसों का संचालन रद्द कर रहे हैं…जिससे तय समय सारिणी प्रभावित हो रही है और यात्रियों को इंतजार करना पड़ता है।

परिवहन निगम में अनुबंधित बसों में चालक बस मालिक का और परिचालक रोडवेज का होता है। बसों के संचालन का समय पहले से तय होता है और उसी के आधार पर यात्रियों को जानकारी दी जाती है। लेकिन कई बार अनुबंधित बसें स्टेशन तक नहीं पहुंचतीं। पूछने पर बस मालिक अक्सर गाड़ी खराब होने का कारण बताते हैं…जबकि नियमानुसार खराबी की सूचना पहले देना जरूरी होता है ताकि वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके।

बताया जा रहा है कि मुरादाबाद रूट पर ऐसी लापरवाही कई बार सामने आ चुकी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एआरएम संजय पांडे ने संचालन कक्ष से रिपोर्ट तैयार करने और लापरवाह बस मालिकों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए हैं। रोडवेज प्रशासन ने व्यवस्था सुधारने की बात कही है।

उत्तराखंड: हल्द्वानी–पिथौरागढ़ रूट पर जल्द दौड़ेंगी नई रोडवेज बसें

Uttarakhand Transport : Haldwani Pithoragarh Bus Service : Roadways Bus Update : Uttarakhand Roadways : Haldwani News : यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हल्द्वानी से पिथौरागढ़ रूट पर जल्द नई रोडवेज बसें चलेंगी। इस मार्ग से पुरानी बसों को हटाकर उनकी जगह नई बसों का संचालन किया जाएगा।

हल्द्वानी डिपो ने पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर परिवहन सुविधा के लिए मुख्यालय से नई बसों की मांग की थी…जिसे मंजूरी मिल गई है। देहरादून में खड़ी दो नई बसों को हल्द्वानी लाने के लिए चालकों को भेज दिया गया है। बसें पहुंचने के बाद इन्हें पिथौरागढ़ रूट पर चलाया जाएगा।

परिवहन विभाग के अनुसार इस रूट पर चल रही पुरानी बसों को हटाकर नैनीताल या अन्य स्थानीय मार्गों पर संचालित किया जाएगा…जिससे यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सफर का लाभ मिल सके।

एआरएम संजय पांडे ने कहा कि नई बसों के संचालन से पर्वतीय क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और यात्रियों को राहत मिलेगी।

प्रदेश के 11 स्थानों पर जल्द नई पार्किंग सुविधा शुरू की जाएगी, एक हजार से ज्यादा वाहन होंगे पार्क

Uttarakhand News : Parking Project Uttarakhand : Pushkar Singh Dhami : Traffic Management : Uttarakhand Development : उत्तराखंड में यातायात जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए सरकार बड़े स्तर पर पार्किंग सुविधाएं विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आवास विभाग प्रदेश के बड़े शहरों, तीर्थ स्थलों और पर्यटन केंद्रों पर पार्किंग व्यवस्था मजबूत करने में जुटा है। इसी क्रम में राज्य के 11 स्थानों पर जल्द नई पार्किंग सुविधाएं शुरू होंगी, जहां 1082 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था होगी।

सरकार को विकास प्राधिकरणों के माध्यम से कुल 195 स्थानों पर पार्किंग निर्माण के प्रस्ताव मिले थे। इनमें सरफेस, मल्टी लेवल और टनल पार्किंग जैसे विकल्प शामिल हैं। आवास विभाग अब तक 114 परियोजनाओं की डीपीआर को मंजूरी दे चुका है और पहले चरण में 54 स्थानों पर 3244 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा शुरू भी हो चुकी है।

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को पार्किंग निर्माण में तेजी लाने और यात्रा सीजन से पहले सभी परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पार्किंग स्थलों पर शौचालय, प्रकाश और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और पर्यटन व तीर्थाटन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।