हल्द्वानी: सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने मारा छापा,ऑफिस में नशे की हालत में मिला सहायक

Haldwani: City Magistrate AP Bajpayi: Raid: शहर में प्रशासन ने अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए हाइडिल विभाग के काठगोदाम स्थित सेकेंडरी वर्क डिवीजन कार्यालय में अचानक छापेमारी की। यह कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी के नेतृत्व में की गई।

छापेमारी के दौरान कार्यालय सहायक दीपक बोरा कार्यालय में नशे की हालत में पाए गए। बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ शराब पीकर ड्यूटी पर आने की शिकायत प्रशासन को मिली थी, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

मौके पर स्थिति की पुष्टि होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने कर्मचारी को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल निलंबन के निर्देश दिए। साथ ही, नशे की पुष्टि के लिए उन्हें मेडिकल परीक्षण हेतु बेस अस्पताल भेजा गया।

इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासनहीनता और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मानसिक बीमारी पर बनी ये फिल्म बदल देगी सोच, आखिर क्या है ‘प्रोजेक्ट रूपांतरण’?

Project Roopantaran | Schizophrenia Awareness | Almora Short Film | Mental Health India | Independent Cinema : उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में बनी शॉर्ट फिल्म प्रोजेक्ट रूपांतरण अपने नाम के अनुसार बदलाव की एक अनोखी कहानी पेश करती है। यह फिल्म Project Roopantaran और Schizophrenia Awareness जैसे महत्वपूर्ण विषयों को जोड़ते हुए दर्शकों को एक नया दृष्टिकोण देती है।

फिल्म की शूटिंग अल्मोड़ा के विभिन्न खूबसूरत स्थानों पर की गई है…जिससे इसमें स्थानीय संस्कृति और वातावरण की झलक भी देखने को मिलती है। खास बात यह है कि फिल्म Mental Health India के गंभीर मुद्दे सिजोफ्रेनिया पर आधारित है…लेकिन इसे डरावने तरीके से नहीं बल्कि बेहद सहज और समझने योग्य ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

Schizophrenia Awareness: क्या है खास

इस फिल्म में सिजोफ्रेनिया जैसे मानसिक विकार को दिखाया गया है, जिसमें व्यक्ति का वास्तविकता से संपर्क धीरे-धीरे टूटने लगता है। यह बीमारी सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने के तरीके को गहराई से प्रभावित करती है।

फिल्म Almora Short Film के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश करती है कि दवाइयों के अलावा भी मानसिक स्वास्थ्य के अन्य उपचार और सहायक तरीके मौजूद हैं…जिन पर ध्यान देना जरूरी है।

स्थानीय कलाकारों ने निभाई अहम भूमिका

फिल्म में मुख्य रूप से चार कलाकारों के साथ स्कूल के बच्चों को भी शामिल किया गया है। सभी कलाकार अल्मोड़ा और हल्द्वानी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।

इसमें नीरज पंत, विपुल जोशी, रवि प्रसाद, हर्षित दुर्गापाल और महतगांव जूनियर हाईस्कूल के बच्चों व शिक्षकों ने अभिनय किया है। इससे फिल्म को एक वास्तविक और जमीनी रूप मिला है, जो Independent Cinema की ताकत को दर्शाता है।

तकनीकी टीम और सहयोग

फिल्म की सिनेमेटोग्राफी दीपांशु कुमार ने संभाली है…जबकि एडिटिंग का काम नरेंद्र धाकड़ ने किया है। फिल्म को विपुल जोशी ने लिखा और निर्देशित किया है। इसके अलावा त्रिभुवन गिरी महाराज, गौरव बंब और जितेंद्र गोस्वामी का भी फिल्म निर्माण में विशेष सहयोग रहा है।

बदलाव का संदेश

“प्रोजेक्ट रूपांतरण” सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाने की एक कोशिश है। यह फिल्म बताती है कि सही समझ, सहयोग और वैकल्पिक उपचार से मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

देहरादून में साहित्यकारों का सम्मान, सीएम धामी ने इन्हें दिए बड़े पुरस्कार

Uttarakhand Literature | CM Dhami | Sahitya Samman | Literary Awards | Dehradun : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन देहरादून में आयोजित “उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान समारोह-2025” में प्रतिभाग किया।

इस दौरान उन्होंने “उत्तराखण्ड साहित्य भूषण” से डॉ. जितेन ठाकुर को सम्मानित किया। साथ ही डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, केसर सिंह राय और अताए साबिर अफजल मंगलौरी को दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में प्रो. दिवा भट्ट, प्रो. दिनेश चमोला, डॉ. भूपेंद्र बिष्ट, डॉ. सुधा जुगरान, शीशपाल गुसाई, तारा पाठक, हेमंत सिंह बिष्ट और गजेंद्र नौटियाल सहित कई साहित्यकारों और “युवा कलमकार प्रतियोगिता” के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की साहित्यिक विरासत समृद्ध है और सरकार इसके संरक्षण व संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है।

उत्तराखंड के लिए सीएम धामी ने मांगी आरआरटीएस , मेरठ से हरिद्वार-ऋषिकेश तक हो संचालन

Uttarakhand Rail Projects | Pushkar Singh Dhami | Ashwini Vaishnaw | RRTS Expansion | Digital Kumbh : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य में रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए कई अहम प्रस्ताव रखे। उन्होंने मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक आरआरटीएस सेवा के विस्तार की मांग भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन, धार्मिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है…ऐसे में बेहतर कनेक्टिविटी जरूरी है। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के पहले चरण को 2026 तक पूरा करने का अनुरोध किया।

इसके अलावा टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने, बागेश्वर-कर्णप्रयाग रेल लाइन के सर्वे, हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण और चारधाम रेल परियोजना के विभिन्न कार्यों को जल्द पूरा करने की मांग की गई।

मुख्यमंत्री ने मोहंड-देहरादून-सहारनपुर रेल लाइन को भी प्राथमिकता देने की बात कही।

इस दौरान उन्होंने कुंभ 2027  को डिजिटल कुंभ के रूप में आयोजित करने की योजना साझा की। इसमें एआई और आधुनिक तकनीकों के जरिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाया जाएगा। इसके लिए केंद्र से 143.96 करोड़ रुपये की सहायता मांगी गई है।

केंद्रीय मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया।

युवाओं के लिए खुशखबरी! अग्निवीर भर्ती की डेट बढ़ी

Indian Army Recruitment 2026 | Agniveer Registration | CEE Exam | Garhwal Districts | Uttarakhand Youth : भारतीय सेना ने अग्निवीर और JCO/OR भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को बड़ी राहत दी है। ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 10 अप्रैल 2026 कर दी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

यह भर्ती गढ़वाल क्षेत्र के जिलों…हरिद्वार, देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग के युवाओं के लिए आयोजित की जा रही है। पहले निर्धारित समय में आवेदन नहीं कर पाने वाले अभ्यर्थियों को अब अतिरिक्त मौका मिला है।

भारतीय सेना के कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन परीक्षा (CEE) 1 जून से 15 जून 2026 के बीच आयोजित होगी। यह भर्ती प्रक्रिया का पहला चरण होगा। इसमें सफल होने वाले अभ्यर्थियों को आगे शारीरिक दक्षता परीक्षा, चिकित्सा परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन से गुजरना होगा।

अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि आवेदन करते समय सभी जानकारी सही भरें और आवश्यक दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में अपलोड करें। आवेदन केवल www.joinindianarmy.com वेबसाइट के माध्यम से ही मान्य होंगे।

भारतीय सेना में भर्ती युवाओं के लिए न केवल रोजगार का अवसर है…बल्कि देश सेवा का गर्व भी प्रदान करती है। अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें

हल्द्वानी से दिल्ली दूर नहीं, एक्सप्रेस-वे निर्माण से कुछ ही घंटे में पूरा होगा सफर !

Pushkar Singh Dhami | Narendra Modi Meeting | Delhi Haldwani Expressway | Uttarakhand Development | Rail Projects : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खासतौर पर दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेस-वे के निर्माण को प्राथमिकता देते हुए केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे के बनने से काशीपुर, रुद्रपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ पंतनगर एयरपोर्ट और रामनगर स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क तक आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों के लिए लॉजिस्टिक्स और यातायात व्यवस्था में भी बड़ा सुधार आएगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने टिहरी झील में सी-प्लेन सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भी प्रधानमंत्री के सामने रखा, जिससे राज्य में एडवेंचर और हाई-एंड टूरिज्म को नई गति मिल सके।

रेल परियोजनाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई अहम मांगें रखीं। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत ऋषिकेश-व्यासी खंड के शीघ्र लोकार्पण, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन में रोड-कम-रेल टनल निर्माण और बागेश्वर-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन के सर्वे का अनुरोध किया। इसके अलावा हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के डबलिंग और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तरकाशी को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से चारधाम यात्रा—गंगोत्री और यमुनोत्री—के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों की सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलेगी और राज्य के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

शादी में कितने सिलेंडर मिलेंगे और कैसे? सरकार के नए आदेश को पढिए….

Uttarakhand Gas Rule | LPG Cylinder Limit | Food Supply Department | Black Marketing | Dehradun News :  उत्तराखंड में फिलहाल पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है…लेकिन भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार सतर्क हो गई है। गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग, जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है।

विभाग के अनुसार राज्य में एक ही परिवार के नाम पर दो से अधिक गैस कनेक्शन रखने वालों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया गया है। कई मामलों में पाया गया है कि घरेलू गैस कनेक्शन का इस्तेमाल व्यावसायिक कामों में किया जा रहा था..जिससे आम उपभोक्ताओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

खाद्य विभाग के सचिव आनंद स्वरूप ने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर गैस मिल सके और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। अधिक कनेक्शन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वहीं शादी-ब्याह और बड़े आयोजनों को लेकर भी नया नियम लागू किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे आयोजनों के लिए केवल दो गैस सिलेंडर ही दिए जाएंगे। इसके लिए अस्थायी कनेक्शन लेना होगा….जिसके आधार पर गैस एजेंसी से सिलेंडर प्राप्त किए जा सकेंगे।

विभाग का कहना है कि यह निर्णय संसाधनों के संतुलित उपयोग और अनावश्यक खपत को रोकने के लिए लिया गया है। हालांकि इस फैसले को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली है। कुछ लोग इसे सही कदम मान रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि बड़े आयोजनों में दो सिलेंडरों में व्यवस्था करना मुश्किल हो सकता है।

खाद्य विभाग ने यह भी साफ किया है कि गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। होटल, ढाबों या अन्य व्यावसायिक जगहों पर घरेलू गैस का उपयोग करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।

विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कहीं गैस का गलत इस्तेमाल हो रहा है, तो इसकी सूचना प्रशासन को दें।

उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों के लिए नए आवास बनाए जाएंगे

Uttarakhand Housing | Government Employees Housing | Pushkar Singh Dhami | Anand Bardhan | Dehradun Projects : उत्तराखण्ड सरकार ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पूरे प्रदेश में आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर और सुरक्षित आवास देना है साथ ही पुराने सरकारी भवनों का रखरखाव और विस्तार भी सुनिश्चित करना है। कई सरकारी आवास लंबे समय से जर्जर हो चुके हैं…जिन्हें अब मरम्मत या पुनर्निर्माण कर बेहतर बनाया जाएगा।

सरकार ने प्रदेशभर में ऐसे जर्जर आवासों का सर्वे शुरू करने का फैसला लिया है। जिन भवनों की स्थिति बहुत खराब है उन्हें तोड़कर नए आवास बनाए जाएंगे। जहां सरकारी भूमि उपलब्ध है वहां नए आवासीय परिसर भी विकसित किए जाएंगे…जिनमें आधुनिक सुविधाएं होंगी।

सरकार का मानना है कि बेहतर आवास मिलने से कर्मचारियों का कार्य वातावरण सुधरेगा और उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। इस योजना को समय पर पूरा करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है…जो सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेगी।

देहरादून के ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी, रेस कोर्स क्षेत्र में भी नए आवास बनाने की योजना है। यहां श्रेणी-2 के 31 और श्रेणी-4 के 10 नए आवास बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है और प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है।

राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि कर्मचारियों को बेहतर आवास देने के लिए काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

सीएम धामी ने दिल्ली में रखी बड़ी डिमांड, क्या अब उत्तराखंड को मिलेगी ये बड़ी सौगात?

Pushkar Singh Dhami | Ashwini Vaishnaw | Uttarakhand Rail Projects | RRTS Expansion | Digital Kumbh : उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw से मुलाकात कर राज्य में रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सामरिक, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण राज्य है…ऐसे में बेहतर रेल कनेक्टिविटी जरूरी है। उन्होंने दिल्ली-मेरठ के बीच चल रहे आरआरटीएस मॉडल का जिक्र करते हुए मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक इसके विस्तार की मांग रखी…ताकि बढ़ते यातायात दबाव को कम किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की प्रगति पर संतोष जताते हुए इसके पहले चरण को वर्ष 2026 तक पूरा करने का आग्रह किया। साथ ही टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने और बागेश्वर-कर्णप्रयाग के लिए सर्वे की अनुमति देने की भी मांग की।

इसके अलावा हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण, रायवाला क्षेत्र में विकास कार्य, चारधाम रेल परियोजना के विभिन्न हिस्सों के सर्वे और मोहण्ड-देहरादून-सहारनपुर रेल लाइन को प्राथमिकता देने की भी बात कही गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं राज्य के संतुलित विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुम्भ को डिजिटल कुम्भ के रूप में आयोजित करने की योजना भी साझा की। उन्होंने कहा कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।

इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र से लगभग 143.96 करोड़ की सहायता का प्रस्ताव भेजा है। मुख्यमंत्री ने इस पर जल्द निर्णय लेने का अनुरोध किया।

केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

उत्तराखंड खनन विभाग को मिला SKOCH अवॉर्ड

Keywords: Uttarakhand Mining | SKOCH Award 2026 | MDTSS | e-Ravanna | Digital System : उत्तराखंड के खनन विभाग को एक बड़ी सफलता मिली है। विभाग के दो प्रोजेक्ट MDTSS और ई-रवन्ना सिक्योरिटी पेपर को SKOCH Award (गोल्ड) से सम्मानित किया गया है।

यह पुरस्कार नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में समीर कोचर ने विभाग के निदेशक राजपाल लेघा को दिया।

इन योजनाओं की मदद से राज्य में अवैध खनन और परिवहन पर काफी हद तक रोक लगी है। कई जगहों पर ई-चेक गेट लगाए गए हैं और नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ई-रवन्ना सिस्टम में भी बदलाव किया गया है। अब यह खास सिक्योरिटी पेपर पर जारी होता है…जिससे फर्जीवाड़ा करना मुश्किल हो गया है।

इन कदमों का असर राज्य के राजस्व पर भी पड़ा है। अवैध गतिविधियां कम होने से आय में करीब चार गुना बढ़ोतरी हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में इन योजनाओं को लागू किया गया है।