उत्तराखंड: यहाँ 2,946 करोड़ का निवेश, 23 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार

Haridwar Investment | Uttarakhand Industry | SIDCUL Haridwar | Employment Opportunities | Invest Uttarakhand : धर्मनगरी हरिद्वार अब तेजी से औद्योगिक हब के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में 2,946 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिली है…जिससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है।

जिले में कुल 364 निवेश प्रस्तावों में से केवल एक प्रस्ताव अस्वीकृत हुआ…जबकि इनसे करीब 23,212 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी निवेश का सिलसिला जारी है, जहां अब तक 107 करोड़ रुपये के 18 प्रस्ताव मंजूर किए जा चुके हैं।

इंवेस्ट उत्तराखंड’ के तहत वर्ष 2016 से अब तक हरिद्वार में 3,087 प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं…जिनसे 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और 1 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

उद्योग विभाग के अनुसार सरकार की सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम नीति ने निवेश प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब प्रस्तावों को कुछ ही सप्ताह में मंजूरी मिल रही है…जिससे निवेशकों का समय बच रहा है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, दिल्ली-एनसीआर से मजबूत कनेक्टिविटी और कुशल श्रमबल की उपलब्धता हरिद्वार को उद्योगों के लिए आकर्षक बना रही है।

फार्मा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग और प्लास्टिक पैकेजिंग जैसे सेक्टरों में सबसे अधिक निवेश देखने को मिला है। खासकर सिडकुल क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियां पहले से संचालित हैं और नई यूनिट्स भी स्थापित हो रही हैं।

फार्मा सेक्टर में जिले की मजबूत पकड़ है जहां अब एपीआई और फार्मुलेशन यूनिट्स पर जोर दिया जा रहा है। वहीं ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में इलेक्ट्रिक व्हीकल से जुड़े कंपोनेंट्स और असेंबलिंग यूनिट्स विकसित हो रही हैं। फूड प्रोसेसिंग में स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है…जबकि प्लास्टिक पैकेजिंग में पर्यावरण अनुकूल विकल्पों पर ध्यान दिया जा रहा है।

इन निवेश प्रस्तावों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। छोटे उद्योगों को आउटसोर्सिंग के जरिए काम मिलेगा और एमएसएमई सेक्टर मजबूत होगा। साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाएगा।

जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक उत्तम कुमार तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार की एमएसएमई पॉलिसी-2023 और मेगा इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट पॉलिसी-2025 ने निवेश आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाई है। इन नीतियों के तहत कैपिटल सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट और अन्य प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

हालांकि निवेश के बढ़ते दायरे के साथ पानी, बिजली और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं, जिन पर सरकार काम कर रही है।

हरिद्वार अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं…बल्कि औद्योगिक विकास का भी प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।

उत्तराखंड: जहां होती है अंतिम विदाई, वहीं हुई शादी! मर्चूला में मचा बवाल

Almora Destination Wedding | Marchula Controversy | Uttarakhand Tourism | Wedding Controversy | Ramganga Sangam : उत्तराखंड को डेस्टिनेशन वेडिंग हब बनाने की कवायद के बीच अल्मोड़ा के मर्चूला से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां रामगंगा और बदनगढ़ नदी के संगम पर स्थित अंत्येष्टि स्थल पर विवाह समारोह आयोजित किए जाने से विवाद खड़ा हो गया है।

जानकारी के अनुसार एक रिजॉर्ट के पास स्थित इस स्थान पर नवविवाहित जोड़े की जयमाला और अन्य रस्में कराई गईं। यह वही जगह है….जहां स्थानीय लोग अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई लोगों ने इसे परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है।

प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। तहसीलदार ने साफ कहा है कि किसी भी सार्वजनिक स्थान, खासकर अंत्येष्टि स्थल पर समारोह आयोजित करने के लिए अनुमति जरूरी होती है…जो इस मामले में नहीं ली गई।

रिजॉर्ट प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने आयोजन करने वालों को जानकारी दी थी….लेकिन उन्होंने अपनी पसंद से यह स्थान चुना।

अब प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।

उत्तराखंड: 77 करोड़ का खेल! बैंक टीम पहुंची तो गायब मिली पूरी फैक्ट्री

Rudrapur Bank Fraud | Udham Singh Nagar Crime | 77 Crore Loan Scam | Pantnagar Police | Financial Fraud Case : उधम सिंह नगर जिले में एक बड़े बैंक घोटाले का मामला सामने आया है…जिसमें करीब 77 करोड़ रुपये के ऋण में गड़बड़ी का आरोप लगा है। न्यायालय के आदेश पर थाना पंतनगर में चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और पुलिस जांच में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार एक कंपनी के निदेशक और अन्य आरोपियों ने वर्ष 2016 में बैंक से प्लांट, मशीनरी और कार्यशील पूंजी के नाम पर करोड़ों रुपये का ऋण लिया था। समय पर किस्तें जमा न होने पर 2019 में खाते एनपीए घोषित कर दिए गए।

इसके बाद बैंक ने कानूनी कार्रवाई करते हुए बंधक संपत्ति पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू की…लेकिन जब टीम मौके पर पहुंची तो प्लांट, मशीनरी और अन्य सामान गायब मिला। बैंक का आरोप है कि आरोपियों ने साजिश के तहत बंधक संपत्ति को हटाकर गबन किया…जिससे बैंक को भारी नुकसान हुआ।

मामले में पहले शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद अदालत के निर्देश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस अब वित्तीय लेनदेन और गायब संपत्तियों की गहन जांच कर रही है।

वहीं, रुद्रपुर में एक अन्य मामले में ट्रांसपोर्ट सेवा के नाम पर एक कारोबारी से डेढ़ लाख रुपये की ठगी का मामला भी सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कल से बदलेगा मौसम, तीन दिन तक बारिश का अलर्ट जारी

Uttarakhand Weather Alert | IMD Dehradun | Orange Alert Uttarakhand | Rain Alert | Disaster Management Uttarakhand : उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 28 अप्रैल को कई जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने, तेज बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

इसके साथ ही 29 अप्रैल को नैनीताल, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं 28 से 30 अप्रैल तक प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम खराब रहने की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

स्थिति को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने और सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों और विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है…ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

सड़क हादसे में घायलों की मदद को आगे आए मंत्री सौरभ बहुगुणा, अस्पताल पहुंचाया

हल्द्वानी: उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री Saurabh Bahuguna पीलीभीत से सितारगंज जाते समय मानवता की मिसाल पेश करते नजर आए। मार्ग में उन्हें बाइक सवार दो युवक सड़क दुर्घटना में घायल अवस्था में मिले। स्थिति को देखते हुए मंत्री ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों घायलों को अपनी गाड़ी से Sitarganj अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में दोनों घायलों का उपचार जारी है। मंत्री ने चिकित्सकों से घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख उपकार सिंह और नगर पालिका अध्यक्ष Sukhdev Singh भी उनके साथ मौजूद रहे।

मंत्री सौरभ बहुगुणा के इस मानवीय कदम की क्षेत्र में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि का यही संवेदनशील चेहरा समाज के लिए प्रेरणा बनता है।

हाईवे चौड़ीकरण में बाधा बनी मजार हटाई, तड़के कार्रवाई में ध्वस्त

Kichha Encroachment Action | Udham Singh Nagar News | Bulldozer Action Uttarakhand | Illegal Construction Removal | Highway Expansion : हल्द्वानी मार्ग पर हाईवे चौड़ीकरण में बाधा बन रही रेलवे और लोक निर्माण विभाग की भूमि पर बने अतिक्रमण को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के तहत बेनी मजार को बुलडोजर से हटाया गया।

शनिवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे प्रशासन, पुलिस और विभागीय टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की गई। एडीएम स्तर के अधिकारियों की निगरानी में यह अभियान करीब साढ़े तीन घंटे तक चला।

अतिक्रमण हटाने के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। किसी भी तरह के विवाद की स्थिति से बचने के लिए पहले से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

प्रशासन के अनुसार यह मजार रेलवे और लोक निर्माण विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई थी…जो हाईवे चौड़ीकरण कार्य में बाधा बन रही थी।

कार्रवाई के दौरान आसपास के क्षेत्रों में यातायात को डायवर्ट किया गया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। साथ ही पास में स्थित एक मंदिर से मूर्ति को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया…ताकि कोई विवाद न हो।

बताया जा रहा है कि पिछले एक वर्ष में क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ कई कार्रवाई की जा चुकी हैं और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उत्तराखंड: बोर्ड में फेल हुए? घबराएं नहीं, पास होने के मिलेंगे 3 मौके

UK Board Supplementary Exam | Uttarakhand Board Result 2026 | Fail Students Opportunity | Board Improvement Exam | Education News Uttarakhand : उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में असफल हुए छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब फेल होने पर मायूस होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बोर्ड की ओर से पास होने के लिए एक नही…बल्कि तीन मौके दिए जाएंगे।

इस वर्ष हाईस्कूल में 8610 और इंटरमीडिएट में 14953 छात्र-छात्राएं असफल हुए हैं। ऐसे में बोर्ड ने इन विद्यार्थियों को दोबारा मौका देने का निर्णय लिया है।

बोर्ड सचिव विनोद सिमल्टी के अनुसार हाईस्कूल में दो विषय और इंटरमीडिएट में एक विषय में फेल हुए छात्रों को परीक्षा पास करने के लिए पूरे साल में तीन अवसर दिए जाएंगे।

इसके अलावा जो छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं वे अंक सुधार (इम्प्रूवमेंट) परीक्षा भी दे सकते हैं। वहीं छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाएं भी देख सकेंगे।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने कहा कि फेल छात्रों के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इसके लिए आवेदन फॉर्म भरवाए जाएंगे।

बोर्ड का यह फैसला उन छात्रों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है…जो किसी कारणवश इस बार परीक्षा में सफल नहीं हो सके।

मंत्री परिवार की शादी बनी विवाद का कारण, जंगल में पंडाल हटाकर जांच शुरू

Rajaji Tiger Reserve | Haridwar News | Forest Rules Violation | Wedding Controversy | Uttarakhand News : राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में एक शादी समारोह की तैयारियों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामला हरिद्वार रेंज के अंतर्गत स्थित सुरेश्वरी देवी मंदिर का है…जहां कैबिनेट मंत्री के परिवार से जुड़े विवाह कार्यक्रम की तैयारी की जा रही थी।

जानकारी के अनुसार शादी से पहले मंदिर परिसर में ट्रकों के जरिए टेंट, कुर्सियां और अन्य सामान पहुंचाया गया। आरक्षित वन क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों के सामने आने के बाद पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए।

राजाजी टाइगर रिजर्व का यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिए संवेदनशील माना जाता है, जहां हाथी और गुलदार जैसे जानवरों की मौजूदगी रहती है। ऐसे में बड़े आयोजन की अनुमति को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक था।

मामले ने तूल पकड़ा तो वन विभाग हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर शादी की तैयारियों को रुकवाया गया। परिसर में लगाए गए पंडाल और अन्य सामग्री को हटवा दिया गया।

वन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिजर्व क्षेत्र में किसी भी बड़े आयोजन की अनुमति नहीं है। फिलहाल केवल पूजा-अर्चना और सीमित रूप से विवाह की रस्में ही संपन्न कराई जा सकेंगी।

इस मामले में नियमों के उल्लंघन पर मंदिर समिति के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति इतने बड़े स्तर पर सामग्री कैसे पहुंची, इसकी भी जांच की जा रही है।

उत्तराखंड: 23 अप्रैल से गायब किशोरी, हर जगह तलाश में लगी पुलिस

Rudrapur Missing Girl | Udham Singh Nagar News | Minor Missing Case | Uttarakhand Police | Transit Camp Rudrapur : उधम सिंह नगर के ट्रांजिट कैंप क्षेत्र से एक 15 वर्षीय किशोरी के लापता होने का मामला सामने आया है…जिससे इलाके में चिंता का माहौल बन गया है।

जानकारी के अनुसार जगतपुरा आवास विकास निवासी एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के गुमशुदा होने की शिकायत कोतवाली ट्रांजिट कैंप में दर्ज कराई है। परिजनों के मुताबिक किशोरी 23 अप्रैल को घर से किसी जरूरी काम के लिए निकली थी…लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी।

शुरुआत में परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश की…लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीमों को सक्रिय कर दिया गया है और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं…ताकि किशोरी की आखिरी लोकेशन का पता लगाया जा सके। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को किशोरी के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

उत्तराखंड में फर्जी राशन कार्ड बनाना पड़ेगा महंगा

Ration Card Verification Uttarakhand | Pushkar Singh Dhami | Ayushman Card Fraud | Uttarakhand Government | Fake Documents Action : उत्तराखंड में फर्जी राशन कार्ड, आधार और आयुष्मान कार्ड से जुड़े मामलों के सामने आने के बाद सरकार सख्त एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने पूरे प्रदेश में राशन कार्डों के व्यापक सत्यापन और गहन जांच के निर्देश दिए हैं।

सरकार का मानना है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग कर राज्य पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें फर्जी राशन कार्ड और आधार के आधार पर आयुष्मान कार्ड बनवाकर बाहरी लोगों द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लिया गया।

इसके अलावा रसोई गैस कनेक्शन लेकर सब्सिडी का फायदा उठाने की भी शिकायतें सामने आई हैं। इससे पहले चलाए गए सत्यापन अभियान में करीब 70 हजार राशन कार्ड यूनिट फर्जी पाए गए थे…जिसके बाद अब अभियान को दोबारा तेज किया जा रहा है।

प्रदेश में इस समय करीब 9050 सस्ते गल्ले की दुकानों के जरिए 23 लाख से अधिक राशन कार्डों पर लगभग 95 लाख लोगों को खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। वहीं “वन नेशन वन राशन” योजना के तहत हजारों बाहरी परिवार भी राज्य में लाभ ले रहे हैं।

सरकार अब राशन कार्ड, आधार, आयुष्मान कार्ड और गैस कनेक्शन की आपसी लिंकिंग की गहन जांच कर पूरे नेटवर्क को खत्म करने की तैयारी में है।

प्रमुख सचिव एल. फैनई द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि विशेष टीम बनाकर सत्यापन अभियान को प्राथमिकता से चलाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।