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UKPSC2024 | PCSResult | Berinag | RajkumarDasila | VinodSinghBohra | DeputyEducationOfficer | StateTaxOfficer | Pithoragarh | UttarakhandNews | SuccessStory | CivilServices | GovernmentJob | YouthInspiration | EducationSuccess | CompetitiveExam | Achievement | RuralTalent | UttarakhandPCS | CareerSuccess : उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) की पीसीएस-2024 परीक्षा के परिणामों में बेरीनाग क्षेत्र के दो युवाओं ने शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सुकल्याड़ी निवासी राजकुमार डसीला का चयन उप शिक्षा अधिकारी पद पर हुआ है…जबकि रीठा रैतौली निवासी विनोद सिंह बोहरा राज्य कर अधिकारी बनने में सफल रहे हैं।
राजकुमार डसीला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुकल्याड़ी से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज बेरीनाग से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेरीनाग से बीएससी की पढ़ाई पूरी की। पिछले पांच वर्षों से दिल्ली में रहकर तैयारी कर रहे राजकुमार ने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है।
राजकुमार के पिता जगत सिंह डसीला हाल ही में प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं…जबकि उनकी माता गीता डसीला गृहिणी हैं। राजकुमार ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और अपने शिक्षकों को दिया है।
वहीं बेरीनाग विकासखंड के रीठा रैतौली गांव निवासी विनोद सिंह बोहरा का चयन राज्य कर अधिकारी पद पर हुआ है। विनोद ने हाईस्कूल की शिक्षा रीठा रैतौली और इंटरमीडिएट की पढ़ाई जीआईसी मुवानी से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक किया।
दिल्ली में रहकर तैयारी कर रहे विनोद ने बिना किसी कोचिंग के यह परीक्षा पास की। उन्होंने बताया कि यूट्यूब और अन्य ऑनलाइन माध्यमों की मदद से उन्होंने अपनी तैयारी की। विनोद ने भी अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुओं को दिया है।
दोनों युवाओं की सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनके घरों में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दोनों युवाओं की उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
KajalSaini | SDM | PCS2024 | Jhabrera | Roorkee | Haridwar | SuccessStory | WomenEmpowerment | UttarakhandPCS | RuralInspiration | GovernmentJob | ReviewOfficer | Achievement | Motivation | UttarakhandNews : हरिद्वार जिले के झबरेड़ा क्षेत्र के सढौली गांव की रहने वाली काजल सैनी ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद उनका चयन एसडीएम पद के लिए हुआ है।
काजल की इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सफलता की खबर मिलते ही उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। लोग उन्हें शुभकामनाएं देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।
साधारण ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी काजल ने बड़े सपने देखे और उन्हें साकार करने के लिए लगातार मेहनत की। उन्होंने बीएमएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद उत्तराखंड सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर सेवाएं दीं। हालांकि उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना था…जिसके लिए उन्होंने लगातार तैयारी जारी रखी।
कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर काजल ने आखिरकार अपना सपना पूरा कर लिया और एसडीएम पद हासिल कर लिया। उनकी सफलता आज क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
काजल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई और दोस्तों को दिया है…जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया। वहीं उनकी सफलता पर उत्तराखंड सरकार में राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी भी उनके घर पहुंचे और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि काजल सैनी की सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं…इसका उदाहरण काजल ने पेश किया है।
आज सढौली गांव की बेटी की इस उपलब्धि पर पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है और उनकी सफलता की चर्चा हर ओर हो रही है।
UKPSC2024 | FarazMiyan | DeputyCollector | Sitarganj | UdhamSinghNagar | UttarakhandPCS | SuccessStory | ReviewOfficer | TourismDepartment | GovernmentJob | CompetitiveExams | CivilServices | Motivation | Inspiration | CareerSuccess | UKSSSC | LowerPCS | MBA | UttarakhandNews : उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज निवासी फराज मियां ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) की अपर पीसीएस-2024 परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में छठी रैंक हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उनका चयन डिप्टी कलेक्टर पद के लिए हुआ है। उनकी सफलता से परिवार, क्षेत्र और पूरे जिले में खुशी का माहौल है।
फराज मियां वर्तमान में उत्तराखंड सचिवालय के पर्यटन विभाग में समीक्षा अधिकारी (रिव्यू ऑफिसर) के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी और अपने लक्ष्य को हासिल किया।
फराज का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन और सही रणनीति को अपनी सफलता का आधार बताया। उन्होंने कई किताबें पढ़ने के बजाय चुनिंदा पुस्तकों का बार-बार अध्ययन किया और उत्तराखंड सामान्य ज्ञान तथा समसामयिक घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य से जुड़े विषयों की बेहतर समझ के लिए वह नियमित रूप से स्थानीय हिंदी समाचार पत्र पढ़ते थे। उनके अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं में स्थानीय मुद्दों और समसामयिक घटनाओं की जानकारी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
फराज मियां इससे पहले भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुके हैं। उन्होंने यूकेएसएसएससी की कनिष्ठ सहायक परीक्षा पास की थी। वर्ष 2024 में आयोजित सचिवालय समीक्षा अधिकारी परीक्षा में उन्होंने प्रदेश स्तर पर चौथी रैंक प्राप्त की। वहीं वर्ष 2025 में निर्वाचन आयोग की समीक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। इसके अलावा वह यूकेपीएससी की लोअर पीसीएस परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुके हैं…जिसका साक्षात्कार जल्द प्रस्तावित है।
फराज ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय इंटर कॉलेज, सितारगंज से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने राजकीय पीजी कॉलेज, खटीमा से बीएससी और लखनऊ विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री हासिल की।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग और मार्गदर्शन को दिया। उनकी बहन वर्तमान में जीआईसी नैनीताल में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। फराज की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है और यह संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और सही दिशा में प्रयास करने से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
UKPSC | PCS2024 | MeenakshiBhatia | Rishikesh | DeputyCollector | SuccessStory | UttarakhandNews | WomenEmpowerment | Inspiration | Education : उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) की पीसीएस परीक्षा-2024 के अंतिम परिणाम में ऋषिकेश की बेटी मीनाक्षी भाटिया ने शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मीनाक्षी ने सामान्य वर्ग में पांचवीं रैंक प्राप्त की है और उनका चयन डिप्टी कलेक्टर पद के लिए हुआ है।
परिणाम घोषित होते ही मीनाक्षी के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों, मित्रों और स्थानीय लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर और मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर भी उन्हें लगातार बधाई संदेश मिल रहे हैं।
मीनाक्षी की सफलता की कहानी संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपनी मां नीलम भाटिया, बहन शिल्पा भाटिया जोशी और बहनोई विनय जोशी को दिया है।
मीनाक्षी ने कहा कि वर्ष 2003 में उनके पिता का निधन हो गया था…जिसके बाद परिवार आर्थिक कठिनाइयों से गुजरने लगा। ऐसे समय में उनकी मां ने परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए टिफिन सर्विस का काम शुरू किया। मीनाक्षी भी अपनी मां का सहयोग करती थीं और घरों व कार्यालयों में टिफिन पहुंचाने का काम करती थीं।
इसी दौरान उन्हें कई सरकारी कार्यालयों में जाने का अवसर मिला। वहां अधिकारियों को जनता की समस्याओं का समाधान करते और जनहित में कार्य करते देखकर उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा। इसके बाद उन्होंने पूरी लगन और अनुशासन के साथ तैयारी शुरू की।
मीनाक्षी ने कहा कि वह प्रतिदिन करीब 10 घंटे पढ़ाई करती थीं। उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य अनावश्यक गतिविधियों से दूरी बनाकर अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखा। उनकी मेहनत और समर्पण का परिणाम आज सभी के सामने है।
मीनाक्षी शुरू से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट रही हैं। उन्होंने 10वीं और 12वीं कक्षा में ऋषिकेश सिटी टॉपर बनने का गौरव हासिल किया था। अब पीसीएस परीक्षा में पांचवीं रैंक प्राप्त कर उन्होंने एक बार फिर अपनी प्रतिभा साबित की है।
मीनाक्षी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में रहते हुए वह समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहती हैं। विशेष रूप से वे उन लोगों की मदद करना चाहती हैं जो आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
उनकी सफलता आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत, अनुशासन और मजबूत इरादों के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
Nainital | PCS Success | Pawan Kumar | Assistant Commissioner State Tax | UKPSC Result | Success Story : उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (पीसीएस) परीक्षा में नैनीताल के युवा पवन कुमार ने शानदार सफलता हासिल करते हुए सहायक आयुक्त राज्य कर पद पर चयन प्राप्त किया है। सामान्य परिवार से आने वाले पवन की यह सफलता मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।
पवन कुमार मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के मटकन्या गांव के निवासी हैं। उनके पिता राजेंद्र प्रसाद रोजगार की तलाश में वर्षों पहले नैनीताल आए थे। उन्होंने होटल में एक साधारण कर्मचारी के रूप में काम शुरू किया और अपनी मेहनत व लगन के दम पर प्रबंधक पद तक पहुंचे। परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित थी…लेकिन राजेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी तारा देवी ने हमेशा अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य देने का सपना देखा।
चार संतानों वाले इस परिवार की इच्छा थी कि कोई एक संतान अधिकारी बनकर परिवार और गांव का नाम रोशन करे। पवन कुमार ने अपने माता-पिता के इस सपने को साकार कर दिखाया।
पवन की सफलता इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान की सहायता के पहले ही प्रयास में पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण की है। इससे पहले उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयास किए…लेकिन सफलता नहीं मिली। लगातार चुनौतियों और असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे।
पवन बताते हैं कि उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। वह प्रतिदिन लगभग आठ घंटे नियमित अध्ययन करते थे। पुस्तकों के साथ-साथ उपन्यास पढ़ना भी उनकी रुचि का हिस्सा रहा…जिससे उन्हें एकाग्रता और समझ विकसित करने में मदद मिली।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने स्वर्गीय दादा दुर्गा राम, माता-पिता और गुरुजनों के मार्गदर्शन व आशीर्वाद को दिया है। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी लगातार जारी रखी और कभी अपने लक्ष्य से भटके नहीं।
पीसीएस परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद जब पवन ने चयन सूची में अपना नाम देखा तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पिता और पुत्र की आंखें खुशी से भर आईं। यह उपलब्धि केवल परिवार के लिए ही नहीं…बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव के कई युवा विभिन्न सेवाओं में कार्यरत हैं, लेकिन अधिकारी बनने वाले पवन पहले युवा हैं। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधन भी बड़े सपनों की राह नहीं रोक सकते।
पवन कुमार की उपलब्धि आज पहाड़ के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, धैर्य और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
Bageshwar | PCS Result | Finance Officer | Babita Lobiyal | Uttarakhand News | Success Story : जिले की होनहार बेटी बबिता लोबियाल ने पीसीएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए वित्त अधिकारी पद पर चयन प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
बबिता मूल रूप से खरेईपट्टी क्षेत्र की रहने वाली हैं। उनके पिता दिनेश चंद लोबियाल की पुत्री बबिता की सफलता की खबर मिलते ही गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी व्यक्त की और उनकी उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया।
बबिता ने अपनी शुरुआती शिक्षा क्षेत्र के विद्यालयों से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने विवेकानंद इंटर कॉलेज, बागेश्वर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर से बीटेक की डिग्री हासिल की। लगातार मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने पीसीएस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर वित्त अधिकारी बनने का सपना साकार किया।
बबिता के पिता वर्तमान में नैनीताल जिले के एक राजकीय इंटर कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं…जबकि उनकी माता रजनी देवी गृहिणी हैं। परिवार में सबसे छोटी बबिता की तीन बहनें और दो भाई हैं।
उनकी सफलता पर ग्राम प्रधान सहित क्षेत्र के कई लोगों ने परिवार को बधाई दी। चाची बीना देवी, संतोष कुमार, मनोज कुमार, शेखर चंद समेत अनेक ग्रामीणों ने गांव में मिष्ठान वितरण कर खुशी मनाई। ग्रामीणों का कहना है कि बबिता की उपलब्धि क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
Aditi Punetha | UKPSC Result | Deputy SP | Lohaghat News | Champawat News | Uttarakhand PCS : उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) परीक्षा में लोहाघाट की बेटी अदिति पुनेठा ने शानदार सफलता हासिल करते हुए डिप्टी एसपी रैंक में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
अदिति पुनेठा मूल रूप से लोहाघाट के भुमलाई गांव की रहने वाली हैं और वर्तमान में ठाडा ढूंगा, लोहाघाट में निवास करती हैं। उनके पिता दीपक पुनेठा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं…जबकि उनकी माता भावना पुनेठा शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं।
अदिति इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षा में 45वीं रैंक हासिल की थी। वर्तमान में वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की तैयारी कर रही हैं।
उनकी शुरुआती शिक्षा ओकलैंड पब्लिक स्कूल, लोहाघाट में हुई। अदिति ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और इष्ट देवता के आशीर्वाद को दिया है।
अदिति की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने खुशी जताई है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है।
अदिति की सफलता से न केवल उनके परिवार का बल्कि पूरे चंपावत जिले का नाम भी गौरवान्वित हुआ है। उनकी उपलब्धि युवाओं को मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।
Uttarakhand PCS Result | Anjali Chand | Assistant Municipal Commissioner | Khatima News | PCS Success Story | Champawat : उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा 2024 के परिणाम में टनकपुर की अंजली चंद ने शानदार सफलता हासिल करते हुए सहायक नगर आयुक्त पद पर चयन प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, मित्रों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
अंजली चंद वर्तमान में अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा क्षेत्र में खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। पीसीएस परीक्षा में सफलता मिलने के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का लगातार आना-जाना लगा हुआ है।
अंजली ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा टनकपुर से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई खटीमा से पूरी की और एप्लाइड मैथ्स में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान उन्होंने लगातार मेहनत और अनुशासन बनाए रखा…जिसका परिणाम उन्हें इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता के रूप में मिला।
अंजली ने अपनी उपलब्धि का श्रेय परिवार के सहयोग, सकारात्मक सोच और लगातार किए गए प्रयासों को दिया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से कहा कि सीमित संसाधनों में भी सफलता प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए नियमित अध्ययन, बार-बार रिवीजन और समसामयिक घटनाओं की जानकारी पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
उनकी सफलता पर क्षेत्र के लोगों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने खुशी जताते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। अंजली की उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं को भी प्रेरणा मिली है।
Nainital: Agniveer: Kunal Singh Bohra: जनपद नैनीताल के ओखलकांडा विकासखंड के ग्राम तल्ला ओखलकांडा (नौलिगाड़) निवासी कुणाल सिंह बोहरा ने भारतीय सेना की अग्निवीर योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। कुणाल को महार रेजीमेंट के प्रशिक्षण केंद्र, सागर (मध्य प्रदेश) में आयोजित पासिंग आउट समारोह के दौरान प्रतिष्ठित “ओवरऑल बेस्ट कैडेट” मेडल से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन्हें प्रशिक्षण केंद्र में शामिल 909 अग्निवीर कैडेट्स के बीच शारीरिक दक्षता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा समग्र प्रदर्शन के आधार पर सर्वश्रेष्ठ साबित होने पर प्रदान किया गया। इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे ओखलकांडा क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल पैदा कर दिया है।
कुणाल सिंह बोहरा सैन्य परंपरा वाले परिवार से आते हैं। वे स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह बोहरा, पूर्व ग्राम प्रधान, एवं श्रीमती देवकी देवी के पौत्र हैं। उनके पिता तारा सिंह बोहरा भारतीय सेना की ईएमई रेजीमेंट से सेवानिवृत्त सैनिक हैं, जबकि माता श्रीमती गीता बोहरा गृहिणी हैं। अपने परिवार की देशसेवा की विरासत को आगे बढ़ाते हुए कुणाल ने यह विशिष्ट सम्मान हासिल किया है।
कुणाल पूर्व में एनसीसी कैडेट भी रह चुके हैं, जहां से उन्हें अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिली। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।
कुणाल की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के पूर्व सैनिक संगठनों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। क्षेत्रवासियों ने इसे ओखलकांडा, नैनीताल जनपद और उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि ऐसे युवा देश के भविष्य की सच्ची ताकत हैं।
Uttarakhand: Bageshwar: Kapkot: Agniveer: उत्तराखंड के युवाओं के लिए 30 मई का दिन गर्व और सम्मान का अवसर बन गया। रानीखेत स्थित सोमनाथ ग्राउंड में अग्निवीर भर्ती के जवानों की भव्य कसम परेड (पासिंग आउट परेड) आयोजित की गई, जिसमें प्रशिक्षण पूरा कर चुके जवानों ने देश सेवा और राष्ट्र रक्षा की शपथ ली। परेड में शामिल जवानों के परिजनों की मौजूदगी ने इस अवसर को और भावुक बना दिया।
इस दौरान बागेश्वर जिले के कपकोट विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लीती के जुड़वां भाइयों राहुल कोरंगा और रोशन कोरंगा ने विशेष उपलब्धि हासिल कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया। खुशाल सिंह कोरंगा के दोनों पुत्र एक साथ अग्निवीर भर्ती में चयनित हुए और सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। दोनों भाइयों ने एक साथ कसम परेड में हिस्सा लेकर देश सेवा का संकल्प लिया।
जुड़वां भाइयों के एक साथ सेना में भर्ती होने की खबर से कपकोट क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने इसे गांव, क्षेत्र और जिले के लिए गौरव का क्षण बताया है। लोगों का कहना है कि सीमांत क्षेत्रों के युवाओं में देशभक्ति और सेना के प्रति समर्पण की भावना सदैव मजबूत रही है और राहुल व रोशन ने नई पीढ़ी के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कसम परेड के बाद जब दोनों जवान अपने परिजनों से मिले तो माहौल भावुक हो उठा। परिवार के सदस्यों ने इसे अपने जीवन का सबसे सम्मानजनक और यादगार पल बताया। वहीं क्षेत्र के लोगों ने दोनों जवानों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल सैन्य सेवा की कामना की।
ग्राम लीती के इन दोनों जुड़वां भाइयों की सफलता आज पूरे बागेश्वर जिले के लिए गर्व का विषय बनी हुई है और उनकी उपलब्धि युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित कर रही है।