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Uttarakhand Weather | IMD Dehradun Forecast | Rain Alert Uttarakhand | Monsoon Update 2026 | Hill District Weather : उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 13 जून तक का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार राज्य के पर्वतीय जिलों में अगले 6 दिन तक और मैदानी जिलों में अगले 3 दिन तक बारिश होने की संभावना है। कहीं हल्की तो कहीं बहुत हल्की बारिश के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।
आज इन जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली (गढ़वाल मंडल) के साथ-साथ बागेश्वर और पिथौरागढ़ (कुमाऊं मंडल) में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
अगले दिनों का मौसम
मंगलवार को भी पर्वतीय जिलों में इसी तरह बारिश जारी रह सकती है। बुधवार को बारिश का दायरा बढ़ेगा और लगभग सभी पर्वतीय जिलों में वर्षा की संभावना रहेगी….जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम साफ रह सकता है।
गुरुवार को कुमाऊं क्षेत्र में बारिश अधिक सक्रिय रहेगी और बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
शुक्रवार और शनिवार को पूरे राज्य में बारिश का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज गर्जना के साथ बारिश देखने को मिल सकती है।
तापमान में बदलाव की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार अगले 2-3 दिनों में राज्य के मैदानी इलाकों में तापमान 4 से 6 डिग्री तक बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
CISF Recruitment 2026 | ASI Paramedical Vacancy | Government Job | Pharmacist Vacancy | Lab Technician Jobs | X Ray Technician | CISF Bharti | Sarkari Naukri | Job Alert | Recruitment News : सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने पैरामेडिकल स्टाफ के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इच्छुक उम्मीदवार 8 जून 2026 से 7 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
इस भर्ती अभियान के तहत असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) फार्मासिस्ट, एक्स-रे टेक्नीशियन और लैब टेक्नीशियन के कुल 24 पदों को भरा जाएगा। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
भर्ती में ASI फार्मासिस्ट के 20 पद, ASI एक्स-रे टेक्नीशियन का 1 पद और ASI लैब टेक्नीशियन के 3 पद शामिल हैं। विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण का लाभ भी दिया जाएगा।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो फार्मासिस्ट पद के लिए 12वीं के साथ फार्मेसी में डिप्लोमा या डिग्री तथा पंजीकृत फार्मासिस्ट होना जरूरी है। एक्स-रे टेक्नीशियन पद के लिए रेडियोग्राफी में दो वर्षीय डिप्लोमा और लैब टेक्नीशियन पद के लिए मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में दो वर्षीय डिप्लोमा मांगा गया है।
भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी।
चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट, दस्तावेज सत्यापन, व्यावसायिक योग्यता परीक्षण और मेडिकल जांच शामिल होगी। सभी चरणों में सफल अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया जाएगा।
चयनित उम्मीदवारों को सातवें वेतन आयोग के तहत पे लेवल-5 में 29,200 रुपये से 92,300 रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिलेगा। इसके अलावा अन्य सरकारी भत्तों का लाभ भी दिया जाएगा।
सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये रखा गया है…जबकि एससी, एसटी, महिला और भूतपूर्व सैनिक अभ्यर्थियों को शुल्क से छूट दी गई है।
इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तिथि के भीतर CISF की आधिकारिक भर्ती वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
Lieutenant Bireshwar Goswami | Indian Army | Rajouri Operation | Uttarakhand News | Almora News : जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में सेना के एक विशेष सर्च अभियान के दौरान अल्मोड़ा के युवा सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का निधन हो गया। उनके बलिदान की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार राजौरी के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में आतंकियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी दुर्घटनावश गहरी खाई में गिर गए। वह सेना की 5 असम रेजिमेंट में तैनात थे…और अभियान का नेतृत्व कर रहे थे।
रविवार को उनका पार्थिव शरीर सेना के विमान से पंतनगर लाया गया…जिसके बाद हेलीकॉप्टर के माध्यम से अल्मोड़ा पहुंचाया गया। सैन्य अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जब तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर उनके पांडेखोला स्थित आवास पहुंचा तो बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
अंतिम यात्रा के दौरान सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरे सैन्य सम्मान के साथ विश्वनाथ घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी ने वर्ष 2023 में संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा उत्तीर्ण की थी। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जून 2024 में उन्हें सेना में कमीशन मिला था। बताया जा रहा है कि उत्कृष्ट सेवाओं के चलते उन्हें जल्द ही कैप्टन पद पर पदोन्नत किया जाना था।
बीरेश्वर मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के बाड़ी गांव के निवासी थे। उनका परिवार वर्तमान में पांडेखोला में रहता है। उनके पिता प्रशासनिक सेवा में हैं…जबकि माता शिक्षिका हैं।
उनके बलिदान से पूरे उत्तराखंड और अल्मोड़ा क्षेत्र में शोक का माहौल है। लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए देश के लिए उनके योगदान को नमन किया।
BRICS DRR Meeting | Uttarakhand Disaster Management | SDRF Uttarakhand | Disaster Risk Reduction | Silkayara Rescue | Pushkar Singh Dhami | BRICS Summit | Early Warning System | Uttarakhand News | Disaster Management Model : आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्तराखंड ने एक बार फिर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। ओडिशा के पुरी में आयोजित BRICS Disaster Risk Reduction (DRR) Working Group की बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की जमकर सराहना की गई।
3 से 5 जून 2026 तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय बैठक में ब्रिक्स देशों और साझेदार देशों के वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य आपदा जोखिम कम करने, पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत बनाने और आपदा प्रबंधन के बेहतर तरीकों पर अनुभव साझा करना था।
उत्तराखंड की ओर से SDRF के कमांडेंट अर्पण यदुवंशी और ULMMC के निदेशक शांतनु सरकार ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने उत्तराखंड में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, तकनीकी नवाचार, पूर्व तैयारी, क्षमता विकास और त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
प्रस्तुति में राज्य की भौगोलिक चुनौतियों, भूस्खलन, अतिवृष्टि, ग्लेशियर झीलों, सड़क अवरोध और चारधाम यात्रा जैसे संवेदनशील विषयों को प्रमुखता से रखा गया। साथ ही बहु-एजेंसी समन्वय, पूर्व चेतावनी प्रणाली और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की जानकारी भी साझा की गई।
बैठक में विशेष रूप से सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन और धराली क्षेत्र में किए गए आपदा प्रबंधन कार्यों को सफल उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने इन अभियानों को कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट समन्वय, तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण बताया।
प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड की पूर्व चेतावनी प्रणाली, जोखिम न्यूनीकरण उपायों और SDRF की त्वरित कार्रवाई क्षमता की भी प्रशंसा की। अधिकारियों ने कहा कि राज्य में वैज्ञानिक योजना, आधुनिक तकनीक और विभिन्न एजेंसियों के बेहतर तालमेल के माध्यम से आपदाओं के प्रभाव को कम करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
यह उपलब्धि उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, SDRF और अन्य संबंधित एजेंसियों के निरंतर प्रयासों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान के रूप में देखी जा रही है।
Pushkar Singh Dhami | Keshav Negi | Malviya Nagar Fire Case | Rekha Gupta | Delhi News | Uttarakhand News | Kanishka Negi | Investigation | Migrant Uttarakhandi : दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड मामले में उत्तराखंड निवासी केशव नेगी की गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई किए जाने पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि किसी भी मामले में सत्य सामने आना जरूरी है…और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि संबंधित एजेंसियां सभी साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच करेंगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी आश्वासन दिया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा…तथा जांच पूरी निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने केशव नेगी की पुत्री कनिष्का नेगी से भी फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडियों की सुरक्षा, सम्मान और सहायता के लिए राज्य सरकार हमेशा तत्पर है। किसी भी परिस्थिति में प्रवासी उत्तराखंडियों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
SIR Program | Voter Verification | BLO App | Uttarakhand Election | Chief Electoral Officer | Voter List Update | ECI Net App | Electoral Roll | Uttarakhand News | Election Commission : उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत सोमवार से सभी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने प्रदेशवासियों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 11,733 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को गणना फॉर्म उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब BLO घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म देंगे और उन्हें डिजिटल रूप से अपडेट करने का कार्य करेंगे। यह प्रक्रिया 7 जुलाई 2026 तक चलेगी।
निर्वाचन विभाग ने कहा कि यदि कोई मतदाता नौकरी या अन्य कारणों से दिन में घर पर उपलब्ध नहीं रहता है, तो वह “बुक ए कॉल विद BLO” सुविधा का उपयोग कर सकता है। इसके माध्यम से मतदाता अपने BLO से संपर्क कर सुविधानुसार समय तय कर सकते हैं।
इसके अलावा यदि BLO के दौरे के दौरान कोई मतदाता घर पर नहीं मिलता है…तो BLO तीन बार घर पर जाने का प्रयास करेंगे। साथ ही घर पर एक सूचना स्टीकर भी लगाया जाएगा…जिसमें अगले दौरे की तारीख और संपर्क नंबर दर्ज होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो भी गणना फॉर्म के साथ उपलब्ध कराएं…ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि मतदाता ECI-Net मोबाइल एप के माध्यम से भी गणना फॉर्म डाउनलोड, भर और अपलोड कर सकते हैं। नए पात्र मतदाता अपना नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भी भर सकते हैं।
Haldwani: Kaichi Dham: Traffic: कैंची धाम में 15 जून को आयोजित होने वाले वार्षिक मेले को लेकर प्रशासन ने विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी के अनुसार 14 और 15 जून को कैंची धाम क्षेत्र में निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा 210 विशेष बसें संचालित की जाएंगी, जबकि पार्किंग स्थलों से कैंची धाम तक आने-जाने के लिए 250 शटल टैक्सियों की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन का उद्देश्य मेले के दौरान भारी भीड़ और यातायात दबाव को नियंत्रित करना है। श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े कर शटल सेवाओं का उपयोग करना होगा। इससे कैंची धाम मार्ग पर जाम की स्थिति से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और निर्धारित पार्किंग एवं शटल सेवाओं का ही उपयोग करें, ताकि मेले का आयोजन सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके।
Haldwani: Paint Shop: Action: : अमेज़न गोदाम में लगी भीषण आग और दो कर्मचारियों की मौत के बाद प्रशासन और फायर विभाग ने सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी के नेतृत्व में बरेली रोड स्थित एक बड़े पेंट गोदाम पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया गया। तहसील प्रशासन, फायर विभाग और विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि गोदाम में करीब 9 लाख लीटर पेंट का भंडारण किया गया था और यह पिछले लगभग एक वर्ष से बिना वैध फायर एनओसी के संचालित हो रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि गोदाम की फायर एनओसी अक्टूबर 2025 में ही समाप्त हो चुकी थी।
फायर विभाग द्वारा कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद संचालकों ने इसका नवीनीकरण नहीं कराया। निरीक्षण के दौरान आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं मिले और कई आवश्यक सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया। घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित इस गोदाम से किसी भी संभावित हादसे की स्थिति में बड़े नुकसान की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इसे सील कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने कहा कि शहर में संचालित सभी व्यावसायिक गोदामों, संस्थानों और भवनों की जांच की जाएगी तथा जिन प्रतिष्ठानों के पास वैध फायर एनओसी नहीं होगी या जो सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Rudrapur News | Factory Worker Death | Industrial Accident | SIDCUL Rudrapur | Workplace Accident | Uttarakhand News | Factory Employee | Transit Camp | Breaking News | Industrial Safety : सिडकुल क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में फैक्ट्री कर्मी युवती की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ड्यूटी खत्म होने के बाद घर लौटते समय उसका दुपट्टा एक चलती मोटर में फंस गया…जिससे वह गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई।
पुलिस के अनुसार ट्रांजिट कैंप निवासी 25 वर्षीय नीरजा एक ऑटोमोबाइल कंपनी में कार्यरत थी। शुक्रवार को वह रोज की तरह अपनी ड्यूटी पर गई थी। शाम को शिफ्ट समाप्त होने के बाद वह घर लौट रही थी।
बताया गया कि मुख्य मार्ग की बजाय वह एक संकरी गली से होकर जा रही थी। इसी दौरान उसका दुपट्टा वहां चल रही मोटर की चपेट में आ गया। अचानक संतुलन बिगड़ने से वह जमीन पर गिर गई और उसके सिर पर गंभीर चोट लग गई।
हादसे के बाद आसपास मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उसे निजी अस्पताल पहुंचाया…जहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया। हालांकि गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। युवती की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
Indian Rat Snake | Snake Rescue | Vikasnagar News | Dehradun News | Wildlife Rescue | Forest Department | Kalsi Forest Division | Snake Conservation | Uttarakhand News | Wildlife Protection : कालसी वन प्रभाग की चौहड़पुर रेंज में वन विभाग के संविदा कर्मी और सर्प मित्र आदिल मिर्जा ने चार इंडियन रैट स्नेक का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार डाकपत्थर की डांडा कॉलोनी में इंडियन रैट स्नेक का एक जोड़ा दिखाई देने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही आदिल मिर्जा मौके पर पहुंचे और दोनों सांपों को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद छरबा और विकासनगर की दुर्गा विहार कॉलोनी से भी दो अन्य इंडियन रैट स्नेक का रेस्क्यू किया गया।
रेस्क्यू के बाद सभी सांपों को आरक्षित वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया…ताकि वे प्राकृतिक वातावरण में रह सकें और किसी प्रकार के खतरे से दूर रहें।
आदिल मिर्जा ने कहा कि लोगों में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। अब लोग सांप दिखने पर उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय वन विभाग या सर्प मित्रों को सूचना दे रहे हैं…जिससे वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार इंडियन रैट स्नेक एक गैर-विषैला (बिना जहर वाला) सांप होता है। यह खेतों और आसपास के क्षेत्रों में चूहों तथा अन्य हानिकारक जीवों को खाकर फसलों की रक्षा करता है। इसी कारण इसे किसानों का मित्र भी कहा जाता है।