बारिश भी नहीं रोक पाई आस्था का सैलाब, चारधाम यात्रा में रोज उमड़ रहे 40 हजार श्रद्धालु

CharDhamYatra | HemkundSahibYatra | UttarakhandTourism : उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है। प्री-मानसून बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में कोई खास कमी नहीं आई है। प्रतिदिन 40 हजार से अधिक यात्री विभिन्न धामों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

यात्रा से जुड़े आंकड़ों के अनुसार जून के चौथे सप्ताह तक कुल पंजीकरण की संख्या 52 लाख से अधिक हो चुकी है…जबकि 40 लाख से ज्यादा श्रद्धालु अब तक दर्शन कर चुके हैं। इससे साफ है कि इस वर्ष यात्रा में लोगों की रुचि लगातार बनी हुई है।

पिछले एक सप्ताह के दौरान यमुनोत्री में प्रतिदिन औसतन 3,500, गंगोत्री में 4,000, केदारनाथ में 12,000, बद्रीनाथ में 18,000 और हेमकुंड साहिब में 4,500 से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे हैं।

यात्रा मार्ग पर हो रही बारिश के बावजूद किसी भी बड़े व्यवधान की सूचना नहीं है। सड़क मार्ग और यात्रा व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं…जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा मिल रही है।

यात्रा मार्ग के व्यापारियों का कहना है कि इस वर्ष शुरुआती दो महीनों में यात्रा बिना किसी बड़ी बाधा के संचालित हुई है…जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को लाभ मिला है। कारोबारियों को उम्मीद है कि इस साल यात्रा पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर साबित होगी।

व्यापारिक संगठनों और होटल कारोबारियों ने भी यात्रा को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार और प्रशासन के प्रयासों की सराहना की है। उनका कहना है कि समय पर किए गए प्रबंधन और व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं का विश्वास बना हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। सरकार यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए लगातार काम कर रही है और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

बिना परीक्षा सरकारी नौकरी का मौका? RCFL भर्ती 2026 की पूरी जानकारी यहां पढ़ें

RCFLVacancy2026 | GovernmentJobs | EngineeringJobs : सरकारी क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। भारत सरकार के नवरत्न उपक्रम राष्ट्रीय रसायन एवं उर्वरक लिमिटेड (RCFL) ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती अभियान के तहत अधिकारी, अभियंता, वरिष्ठ अभियंता, उप प्रबंधक और वरिष्ठ प्रबंधक समेत कुल 32 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 जून 2026 से शुरू होगी। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 13 जुलाई 2026 शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकेंगे। भर्ती से संबंधित आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की गणना 1 मार्च 2026 को आधार तिथि मानकर की जाएगी।

भर्ती में वित्त, मानव संसाधन, चिकित्सा, कानून, इलेक्ट्रिकल और सिविल इंजीनियरिंग समेत कई क्षेत्रों के पद शामिल हैं। अलग-अलग पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की शर्तें तय की गई हैं। उम्मीदवारों को आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी गई है।

आवेदन शुल्क

सामान्य, ओबीसी (एनसीएल) और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 1000 रुपये आवेदन शुल्क के साथ बैंक शुल्क और जीएसटी का भुगतान करना होगा। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग, पूर्व सैनिक और महिला उम्मीदवारों के लिए आवेदन निशुल्क रखा गया है।

वेतन और सुविधाएं

चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार आकर्षक वेतन दिया जाएगा। विभिन्न पदों के लिए वेतनमान 30,000 रुपये से शुरू होकर 2.20 लाख रुपये प्रतिमाह तक निर्धारित किया गया है। इसके अलावा अन्य सरकारी भत्तों और सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

कैसे करें आवेदन?

उम्मीदवार सबसे पहले आरसीएफएल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद Career/Recruitment सेक्शन में जाकर भर्ती से संबंधित लिंक खोलें। नए उम्मीदवार पहले रजिस्ट्रेशन करें और फिर लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और शुल्क जमा करने के बाद फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट कर दें।

सरकारी उपक्रम में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले योग्य उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती एक अच्छा अवसर मानी जा रही है।

बिना देर किए करें आवेदन! CCRUM में निकली शानदार भर्ती, मिलेगी मोटी सैलरी और सरकारी सुविधाएं

CCRUMRecruitment2026 | GovernmentJobs | SarkariNaukri : सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। यूनानी चिकित्सा अनुसंधान के लिए केंद्रीय परिषद (CCRUM) ने ग्रुप-ए, ग्रुप-बी और ग्रुप-सी के कुल 179 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। भर्ती के तहत रिसर्च ऑफिसर, स्टाफ नर्स, अकाउंट्स ऑफिसर, क्लर्क और मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) समेत कई पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 1 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया परिषद की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूरी की जाएगी।

भर्ती में अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा निर्धारित की गई है। रिसर्च ऑफिसर पदों के लिए संबंधित विषय में एमडी, एमएस, पीजी डिग्री या पीएचडी मांगी गई है…जबकि स्टाफ नर्स के लिए बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग या जीएनएम डिप्लोमा आवश्यक है। वहीं अन्य पदों के लिए भी निर्धारित योग्यता के अनुसार आवेदन किया जा सकेगा।

मिलेगा आकर्षक वेतन

रिसर्च ऑफिसर (यूनानी), रिसर्च ऑफिसर (पैथोलॉजी) और रिसर्च ऑफिसर (फिजियोलॉजी) पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को 7वें वेतन आयोग के तहत पे लेवल-10 में 56,100 से 1,77,500 प्रतिमाह तक वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य सरकारी भत्तों और सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

कैसे करें आवेदन?

उम्मीदवार सबसे पहले CCRUM की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद “CCRUM Recruitment 2026” या “Apply Online” लिंक पर क्लिक करें। नए अभ्यर्थियों को पहले पंजीकरण करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगिन कर आवेदन फॉर्म भरें, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और निर्धारित शुल्क जमा कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारियों की एक बार जांच अवश्य कर लें।

उत्तराखंड: प्यार, शादी और फिर धर्म बदलने का दबाव! युवक बोला- बच्चे का भी कराया दिया खतना

PithoragarhNews | Gangolihat | Uttarakhand | ReligiousConversion : गंगोलीहाट क्षेत्र के एक युवक ने एक महिला और उसके परिजनों पर प्रेम संबंध के बहाने धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ग्राम बोकटा, पोस्ट चौनाला निवासी विवेक सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कुछ वर्ष पहले उसकी पहचान यास्मीन नाम की एक युवती से हुई थी। युवक का कहना है कि युवती खुद को हिंदू परंपराओं और सनातन धर्म में आस्था रखने वाली बताती थी…जिससे उसने उस पर भरोसा किया। बाद में उसे युवती के मुस्लिम समुदाय से होने की जानकारी मिली…जिसके बाद उसने विवाह करने से इनकार कर दिया।

शिकायत में कहा गया है कि इसके बाद युवती के परिजनों ने उसे भरोसा दिलाया कि विवाह हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार होगा और उस पर किसी प्रकार का धार्मिक दबाव नहीं बनाया जाएगा। युवक का आरोप है कि बाद में उसके नाम से निकाहनामा तैयार किया गया और उसकी पहचान से जुड़े दस्तावेजों में बदलाव करने का प्रयास किया गया।

युवक ने आरोप लगाया कि उसे दिल्ली में परिवार से दूर रखकर मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया। साथ ही उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं।

शिकायत के अनुसार उसके बच्चे से जुड़े कुछ दस्तावेज भी उसकी जानकारी के बिना तैयार किए गए। युवक ने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की गई और लगातार धमकियां दी जाती रहीं। बढ़ते दबाव के चलते वह अपने बच्चे के साथ दिल्ली से निकलकर गंगोलीहाट पहुंच गया।

युवक का कहना है कि इसके बाद भी आरोपितों द्वारा उसका पीछा नहीं छोड़ा गया। उसने स्वयं, अपने बच्चे और परिवार की सुरक्षा की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

गंगोलीहाट पुलिस ने तहरीर के आधार पर दिल्ली निवासी साकिर अली, यास्मीन, सज्जो बानो, परवेज और फिरोज के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कोतवाल कैलाश जोशी ने कहा कि मामले में प्राप्त शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर: स्मार्ट मीटर से इनकार किया तो कटेगा कनेक्शन

HaldwaniNews | SmartMeter | UttarakhandElectricity : कुमाऊं क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेज किया जा रहा है। केंद्र सरकार की योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं…लेकिन कई जगहों पर विरोध के कारण यह काम निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो सका। अब ऊर्जा निगम ने उपभोक्ताओं की शंकाओं को दूर करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है।

जानकारी के अनुसार कुमाऊं में कुल 6.55 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। यह कार्य जून तक पूरा होना था…लेकिन विरोध के चलते अब तक केवल 3.62 लाख मीटर ही बदले जा सके हैं…जो कुल लक्ष्य का लगभग 55 प्रतिशत है। इस बीच स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और कुछ मामलों में बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जा रही है।

उपभोक्ताओं की सुविधा और विश्वास बढ़ाने के लिए ऊर्जा निगम ने फैसला किया है कि फिलहाल पुराने मीटर को हटाए बिना ही स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा। दोनों मीटर करीब 25 से 30 दिनों तक एक साथ संचालित रहेंगे।

इस दौरान उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से बने बिल और पुराने मीटर की रीडिंग का आपस में मिलान कर सकेंगे। यदि दोनों मीटरों की रीडिंग सही पाई जाती है और उपभोक्ता संतुष्ट होते हैं, तब पुराने मीटर को हटाया जाएगा।

ऊर्जा निगम का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करना है। साथ ही उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के फायदे भी बताए जा रहे हैं…जिससे योजना को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।

ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता रवि कुमार राजौरा ने कहा कि उपभोक्ताओं के सहयोग से ही यह अभियान सफल होगा। उन्होंने बताया कि लोगों की संतुष्टि के लिए पुराने मीटर को तुरंत नहीं हटाया जा रहा है…ताकि वे दोनों मीटरों की रीडिंग की तुलना कर सकें और किसी भी तरह का भ्रम न रहे।

उम्र 61 साल, बाइक 38 साल पुरानी…फिर भी दुनिया की सबसे ऊंची सड़क फतह कर दी

UTTARAKHAND : RISHIKESH : YOGESH SHARMA : मजबूत इरादे और जुनून हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती। उत्तराखंड के ऋषिकेश निवासी योगेश शर्मा ने इसे सच साबित कर दिखाया है। 61 साल की उम्र में उन्होंने अपनी 38 साल पुरानी बाइक से दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़कों में शामिल उमलिंग ला पास तक का सफर तय कर नई मिसाल कायम की है।

योगेश शर्मा ने अपनी 1988 मॉडल की 98.6 सीसी बाइक के साथ यह चुनौतीपूर्ण यात्रा पूरी की। जिस बाइक को कई लोग पुरानी समझकर छोड़ देते हैं, उसी बाइक ने कठिन पहाड़ी रास्तों पर उनका पूरा साथ निभाया।

योगेश शर्मा ने कहा कि इससे पहले वह वर्ष 2023 में भी इसी बाइक से उमलिंग ला पास की यात्रा कर चुके हैं। साल 2026 में उन्होंने दूसरी बार इस चुनौतीपूर्ण सफर को सफलतापूर्वक पूरा किया।

उमलिंग ला पास समुद्र तल से करीब 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़कों में से एक माना जाता है। यहां ऑक्सीजन की कमी, कड़ाके की ठंड और कठिन मौसम जैसी परिस्थितियां हर यात्री के लिए बड़ी चुनौती बनती हैं।

योगेश शर्मा का कहना है कि उन्हें बचपन से ही पहाड़ों और एडवेंचर का शौक रहा है। यही जुनून उन्हें लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करता है।

वह अपनी इसी बाइक से अब तक तीन बार लद्दाख की यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा चारधाम, आदि कैलाश, गढ़वाल, कुमाऊं और हिमाचल के कई कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में भी बाइक से सफर कर चुके हैं।

इसी साल उन्होंने खारदुंगला, सियाचिन बेस कैंप, थांग विलेज और डेमचोक जैसे कठिन इलाकों में भी अपनी इसी बाइक से यात्रा पूरी की है।

योगेश शर्मा अपनी बाइक को सिर्फ एक वाहन नहीं…बल्कि परिवार के सदस्य की तरह मानते हैं। वह नियमित रूप से उसकी देखभाल करते हैं और हर सफर से पहले पूरी तैयारी करते हैं।

आज जब लंबी यात्राओं के लिए लोग हाई-पावर और महंगी बाइकों को जरूरी मानते हैं…वहीं योगेश शर्मा ने साबित कर दिया कि सफलता साधनों से ज्यादा आत्मविश्वास, तैयारी और मजबूत इच्छाशक्ति पर निर्भर करती है।

योगेश शर्मा का कहना है कि जीवन में सपने देखना कभी नहीं छोड़ना चाहिए। अगर लक्ष्य साफ हो और मन में जुनून हो…तो उम्र चाहे कितनी भी हो…कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।

धमकी भरे ईमेल पर बोले CM धामी, शांति बिगाड़ने वालों को नहीं छोड़ेंगे

Uttarakhand : Bomb Threat : Pushkar Singh Dhami : उत्तराखंड में कई सरकारी संस्थानों और धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।

हाल ही में प्रदेश के कई सरकारी संस्थानों, नगर निकायों और धार्मिक स्थलों को धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। इन ईमेल के बाद प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। संबंधित एजेंसियों को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं…और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड की शांति, कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार मसूरी नगर पालिका, हरिद्वार नगर निगम और कुछ अन्य संस्थानों को भी धमकी भरे ईमेल मिले थे। इन ईमेल में हरिद्वार, ऋषिकेश, केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों का जिक्र किया गया था।

बताया जा रहा है कि कई ईमेल पंजाबी भाषा में लिखे गए थे। इसी वजह से जांच एजेंसियां मामले के हर पहलू को ध्यान से जांच रही हैं। ईमेल के स्रोत और इनके पीछे की मंशा का पता लगाने की कोशिश जारी है।

धमकियों के बाद पुलिस, साइबर टीम और खुफिया एजेंसियों को तुरंत सक्रिय कर दिया गया। संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है।

चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार सभी यात्राओं को सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सरकार ने साफ किया है कि उत्तराखंड की शांति, सुरक्षा और धार्मिक सौहार्द से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। दोषियों को हर हाल में कानून के दायरे में लाया जाएगा।

तिरंगे में घर पहुंचे SI विनोद शर्मा, पार्थिव शरीर देखते ही बिलख उठीं पत्नी और बेटियां

RishikeshNews | Uttarakhand | VinodKumarSharma : उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक विनोद कुमार शर्मा को मंगलवार को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन की खबर से परिवार, पुलिस विभाग और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

विनोद कुमार शर्मा पहले भारतीय सेना की 10 गढ़वाल राइफल्स में करीब 15 वर्षों तक सेवा दे चुके थे। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्ष 2016 में वह सीधे भर्ती के माध्यम से उत्तराखंड पुलिस में उपनिरीक्षक बने। वर्ष 2017 से उन्होंने टिहरी जिले के विभिन्न थानों और चौकियों में अपनी सेवाएं दीं। पिछले करीब छह माह से वह शिवपुरी चौकी प्रभारी के रूप में तैनात थे।

उनका पार्थिव शरीर जब रानीपोखरी स्थित उनके घर पहुंचा तो परिवार में मातम छा गया। पत्नी, दोनों बेटियां, माता-पिता और अन्य परिजन उन्हें अंतिम बार देखकर भावुक हो गए। उनकी बड़ी बेटी 15 वर्ष और छोटी बेटी 13 वर्ष की है।

छोटे भाई ने दी मुखाग्नि, हर आंख हुई नम

विनोद कुमार शर्मा के छोटे भाई आशीष शर्मा भी उत्तराखंड पुलिस में उपनिरीक्षक हैं और वर्तमान में कैलाश गेट चौकी प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। दोनों भाइयों ने एक ही बैच में उपनिरीक्षक की ट्रेनिंग पूरी की थी। अंतिम संस्कार के दौरान जब छोटे भाई ने बड़े भाई की चिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

सेना और पुलिस दोनों वर्दियों में निभाई सेवा

विनोद कुमार शर्मा ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा देश और समाज की सेवा में बिताया। पहले सेना की वर्दी में देश की सीमाओं की रक्षा की और बाद में पुलिस की खाकी पहनकर कानून व्यवस्था बनाए रखने में योगदान दिया। उन्हें वर्ष 2023 में सराहनीय सेवा पदक से भी सम्मानित किया गया था।

ड्यूटी के दौरान निभाई जिम्मेदारी

जानकारी के अनुसार हाल के दिनों में क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां थीं। वह लगातार अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे और आम लोगों के बीच उनकी छवि एक कर्मठ और मिलनसार अधिकारी की थी।

अंतिम संस्कार में पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पुलिस विभाग ने उन्हें अंतिम सलामी देकर भावभीनी विदाई दी।

हल्द्वानी : स्कूल के बाद अब मुख्य बाजार में लगी भीषण आग, लोगों ने देखा धुआं तो मच गई भगदड़

HaldwaniNews | FireIncident | UttarakhandNews : शहर में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्कूल में आग लगने की घटना के बाद अब मुख्य बाजार स्थित मीरा मार्ग की एक जूते की दुकान में आग लगने का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार दुकान बंद थी। इसी दौरान लोगों ने दुकान के अंदर से धुआं निकलता देखा। धुआं उठता देख आसपास के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग को दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया। दमकल कर्मी काफी देर तक आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटे रहे।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच के बाद ही आग लगने की वजह स्पष्ट हो सकेगी। राहत की बात यह रही कि घटना के समय दुकान बंद थी…जिससे किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।

पुलिस और अग्निशमन विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं बाजार क्षेत्र में लगातार आग की घटनाओं को लेकर व्यापारियों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।

मानसून से पहले उत्तराखंड में बड़ा अलर्ट! मुसीबत में फंसे तो बस एक कॉल करें, मिनटों में पहुंचेगी मदद

UttarakhandNews | MonsoonAlert | SEOC |DisasterManagement | RainAlert : उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले ही आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया है। राज्य सरकार ने 15 जून से मानसून सीजन मानते हुए स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) को 24 घंटे के लिए सक्रिय कर दिया है। यह कंट्रोल रूम आने वाले महीनों में प्रदेशभर की आपदा संबंधी गतिविधियों पर नजर रखेगा।

देहरादून के आईटी पार्क स्थित यह केंद्र राज्य का मुख्य आपदा नियंत्रण केंद्र है। यहां से मौसम की स्थिति, भूस्खलन, सड़क बंद होने, बाढ़, अतिवृष्टि, बिजली और पेयजल जैसी आपात परिस्थितियों की लगातार निगरानी की जाती है। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों को तुरंत अलर्ट जारी किया जाता है।

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार मानसून के दौरान 20 से अधिक विभाग सीधे इस व्यवस्था से जुड़े रहते हैं। विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी तीन शिफ्टों में चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहते हैं…ताकि किसी भी आपदा की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी जिले से आपदा की सूचना मिलने पर कुछ ही मिनटों में पूरा सिस्टम सक्रिय हो जाता है। सूचना मिलते ही संबंधित विभागों, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों को अलर्ट कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए जाते हैं।

कंट्रोल रूम में प्रतिदिन आने वाली सूचनाओं और उनके निस्तारण का रिकॉर्ड भी रखा जाता है। यदि कहीं सड़क बाधित होती है तो लोक निर्माण विभाग को, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने पर ऊर्जा विभाग को और राहत-बचाव की जरूरत होने पर संबंधित एजेंसियों को तत्काल सक्रिय किया जाता है।

मानसून के दौरान मौसम विभाग की चेतावनियों पर भी विशेष नजर रखी जाती है। संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में समय रहते अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क किया जाता है…ताकि नुकसान को कम किया जा सके।

उत्तराखंड भूस्खलन, बाढ़, बादल फटने और सड़क अवरोध जैसी आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील राज्य माना जाता है। ऐसे में आगामी तीन महीनों तक SEOC प्रदेश के आपदा प्रबंधन का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बना रहेगा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे तैयार रहेगा।