





Uttarakhand: India-Nepal Bus Service: नेपाल में जेन-जी आंदोलन के दौरान बिगड़े हालात के बाद बंद की गई भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा एक बार फिर से शुरू कर दी गई है। रविवार से बनबसा बॉर्डर से यह बस सेवा नियमित रूप से संचालित हो चुकी है । इसके साथ ही पिथौरागढ़ जिले में भारत-नेपाल सीमा पर काली नदी पर बने सभी नौ अंतरराष्ट्रीय पैदल झूला पुल भी खोल दिए गए हैं। इन पुलों से अब दोनों देशों के लोग सामान्य रूप से आवाजाही कर सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि आंदोलन के दौरान नेपाल में कई स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जिसके चलते सीमा पर सख्ती बढ़ा दी गई थी। इस दौरान नेपाल की जेलों से फरार होकर भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे चार अपराधियों को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने पकड़ लिया था। बाद में इन सभी को औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद नेपाल सशस्त्र बल के हवाले कर दिया गया।
इधर, आंदोलन के दौरान हिंसक झड़पों में घायल हुए नेपाल के बैतड़ी जिले के शिवनाथ गांवपालिका निवासी दीपक सिंह की इलाज के दौरान काठमांडू में शनिवार रात मौत हो गई। उनकी मृत्यु से स्थानीय लोगों में शोक की लहर है।
सीमा पर बस सेवा और पुलों के फिर से खुलने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियां और लोगों की आवाजाही सामान्य होने लगी है। स्थानीय प्रशासन और सीमा सुरक्षा बलों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और यात्रा पूरी तरह सुरक्षित है।
Uttarakhand: Volvo Bus Services: उत्तराखंड परिवहन निगम की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। खासकर सुपर डीलक्स वोल्वो सेवाओं को लेकर निगम का रुख लगातार यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। ताजा आदेश के तहत अब वही बसें निर्धारित मार्ग पर भेजी जाएंगी, जिनमें न्यूनतम 15 यात्री मौजूद होंगे। यदि संख्या इससे कम हुई, तो बस का संचालन रोक दिया जाएगा।
देहरादून आइएसबीटी पर इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है। रोजाना पांच से छह वोल्वो बसें अंतिम समय में निरस्त करनी पड़ रही हैं। इससे वे यात्री सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, जिन्होंने ऑनलाइन टिकट पहले से बुक कर यात्रा की योजना बनाई होती है। कई मामलों में यात्रियों को डेढ़ से दो घंटे इंतजार कराने के बाद दूसरी बस से भेजा जा रहा है। ऐसे हालात में आइएसबीटी पर यात्रियों और कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति भी बन रही है।
निगम फिलहाल दून-दिल्ली मार्ग पर 23 वोल्वो का संचालन करता है। लेकिन यात्री संख्या कम होने से आधा दर्जन बसें रोजाना निरस्त हो रही हैं। शनिवार को सुबह छह बजे से लेकर रात सात बजे तक कई बसें कैंसिल करनी पड़ीं। यहां तक कि दून-सहारनपुर-शामली-बागपत मार्ग से दिल्ली जाने वाली रात 11 बजे की बस का संचालन भी बंद कर दिया गया है। अब यह बस रुड़की-मुजफ्फरनगर होकर चलेगी।
यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि बसों को निरस्त करने के बावजूद टिकट बुकिंग पोर्टल से इन्हें हटाया नहीं गया है। ऐसे में लोग अनजाने में टिकट बुक कर लेते हैं और स्टेशन पर पहुंचकर उन्हें निराशा हाथ लगती है।
इधर, मानसून सीजन ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हल्द्वानी डिपो दिल्ली मार्ग पर पहले 18 वोल्वो चलाता था, लेकिन अब केवल नौ बसों का संचालन हो रहा है। काठगोदाम और अन्य डिपो की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। वरिष्ठ स्टेशन इंचार्ज इंदिरा भट्ट का कहना है कि चंडीगढ़ और जयपुर जैसे मार्गों पर भी सवारियों की कमी के कारण आए दिन बसों को रोकना पड़ रहा है। वहीं नेपाल में विवाद के चलते टनकपुर मार्ग की सवारियों में भी गिरावट देखी जा रही है।
Uttarakhand: Pushkar Singh Dhami: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह स्पष्ट किया है कि 16 सितम्बर को उनके जन्मदिवस पर किसी भी प्रकार का जश्न या औपचारिक आयोजन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह दिन पूरी तरह सादगी और सेवा को समर्पित रहेगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि जन्मदिन जैसे अवसरों का वास्तविक महत्व तभी है जब उसे समाज और जरूरतमंद लोगों की सेवा में लगाया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वे अपने जन्मदिवस पर आपदा प्रभावित परिवारों और आमजन की मदद के लिए समय निकालेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आपदा से जूझ रहे लोग बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में समाज का हर वर्ग आगे आकर सहयोग करे तो पीड़ित परिवारों के लिए यह बड़ी राहत और संबल साबित हो सकता है। धामी ने आह्वान किया कि हर छोटी-बड़ी कोशिश आपदा पीड़ितों के लिए आशा की किरण बन सकती है।
उन्होंने कहा कि सेवा का अर्थ केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले कार्य भी सेवा का हिस्सा हैं। स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा में सहयोग और आपदा राहत जैसी गतिविधियां समाज को नई दिशा दे सकती हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सेवा और त्याग की यही भावना उत्तराखंड की पहचान रही है और इसी पर राज्य की नींव मजबूत होती है।
धामी ने कहा कि यदि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक सेवा और समर्पण की भावना को अपनाए, तो उत्तराखंड हर क्षेत्र में प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू सकता है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने जीवन में भी अवसरों को सेवा और जनहित के लिए समर्पित करें।
Uttarakhand: Haldwani: हल्द्वानी शहर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने पड़ोस के युवक पर घर में घुसकर दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। घटना बरेली रोड क्षेत्र की बताई जा रही है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
25 वर्षीय पीड़िता, जो विवाहित है और अपनी चार वर्षीय बेटी के साथ घर पर रहती है, ने कोतवाली पुलिस को बताया कि उसका पति मजदूरी का काम करता है। कुछ दिन पहले जब वह घर पर अकेली थी, तभी वार्ड-27 नई बस्ती निवासी राहुल सागर नाम का युवक अचानक उसके घर में घुस आया। महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और इस दौरान उसकी अश्लील फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड कर ली।
शिकायत के अनुसार, युवक अब इन फोटो-वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दे रहा है। इतना ही नहीं, वह महिला पर लगातार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा है । पीड़िता ने बताया कि आरोपी पिछले तीन से चार साल से उसे परेशान कर रहा था, लेकिन हाल ही में यह घटना गंभीर रूप ले चुकी है।
मामले की पुष्टि करते हुए सीओ नितिन कुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी जल्द ही की जाएगी। फिलहाल पुलिस टीम उसे पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।
Rain: Uttarakhand: Alert: उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। देहरादून, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार ऊधमसिंह नगर, पौड़ी, पिथौरागढ़ और चमोली के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। विभाग ने स्थानीय प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारी बारिश के कारण पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं। नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन टीमें तैनात कर दी गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों तक यह असर देखने को मिल सकता है।
Uttarakhand: Nainital: Halduchaur: नैनीताल ज़िले के हल्दूचौड़ क्षेत्र से दुखद घटना सामने आई है। भारतीय सेना में शामिल होने का सपना संजोए एक युवा ने लंबे समय से लगातार मेहनत की, लेकिन सफलता न मिलने की निराशा ने उसकी जिंदगी छीन ली। शनिवार देर रात 24 वर्षीय करन कांडपाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, करन कांडपाल हल्दूचौड़ के जग्गी गांव के निवासी थे। वह पूर्व सैनिक नवीन चंद्र कांडपाल के इकलौते बेटे थे। घर में मां, पिता और एक छोटी बहन के साथ रहने वाले करन परिवार की उम्मीदों का केंद्र थे। हाल ही में उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई पूरी की थी और अच्छे अंकों से परीक्षा उत्तीर्ण की थी। पढ़ाई में रुचि रखने वाले करन का एक ही सपना था—पिता की तरह भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना।
ग्रामीणों और परिवार के मुताबिक, करन ने बीते कुछ वर्षों में कई बार सेना भर्ती परीक्षाओं में प्रयास किया, लेकिन हर बार असफल रहने के कारण वे गहरे तनाव में रहने लगे थे। कॉलेज प्रशासन ने उनकी स्थिति को देखते हुए काउंसलिंग भी करवाई थी, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉलेज आना-जाना छोड़ दिया था।
शनिवार को करन ने अचानक पेट में तेज दर्द की शिकायत की। परिजन उन्हें तत्काल सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी ले गए। देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला आत्महत्या से जुड़ा हो सकता है, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत के सही कारण का पता केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
देहरादून: क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया और पूर्व कोच वसीम जाफर प्रकरण को लेकर पहले से चर्चाओं में रहने वाला संघ अब वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर सुर्खियों में है। इस पूरे मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई भी जारी है। संघ के पूर्व कोषाध्यक्ष पृथ्वी सिंह नेगी ने पूर्व सचिव महिम वर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्रिकेट के नाम पर आने वाले बजट का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में 4.5 करोड़ रुपये बिना उनके हस्ताक्षर के ही पास कर दिए गए। इतना ही नहीं, 35 लाख रुपये केले खाने के नाम पर खर्च दिखाए गए। एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में पृथ्वी नेगी ने कई खुलासे किए और संघ पर गंभीर आरोप भी लगाए।
नेगी ने आरोप लगाया कि महिम वर्मा के घर पर ही संघ से जुड़े सभी बिल तैयार होते हैं और उनकी अनुमति के बिना कोई निर्णय नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि जो लोग विरोध करते हैं उन्हें लॉबी बनाकर धीरे-धीरे साइडलाइन कर दिया जाता है।
पूर्व कोषाध्यक्ष ने आगे कहा कि बीसीसीआई ने राज्य के युवाओं को बेहतर मंच देने के लिए मान्यता दी थी, लेकिन संघ गलत हाथों में चला गया। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन में बाहर के लोगों को भी सदस्य बनाया गया है। टिहरी क्रिकेट एसोसिएशन में सहारनपुर से लोगों को शामिल करने का उदाहरण भी उन्होंने दिया।
नेगी ने यहां तक आरोप लगाया कि खिलाड़ियों को खिलाने के लिए पैसों की मांग की जाती है। उनके मुताबिक, संघ के खिलाफ अब तक 10 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें गाजियाबाद और फरीदाबाद में दर्ज मामले भी शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इन मामलों को ‘मैनेज’ कर लिया गया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे विवाद का केंद्र महिम वर्मा और उनका परिवार है, जिन्होंने अपने घर के लोगों को सदस्य भी बना रखा है। पृथ्वी सिंह नेगी ने सीएयू के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि उत्तराखंड का खेल पहाड़ के बच्चों के लिए है, इसे किसी का निजी व्यवसाय नहीं बनने दिया जाएगा।
Uttarakhand: Haldwani: ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्राचीन श्री रामलीला संचालन समिति ने इस वर्ष की रामलीला के लिए तैयारियां तेज़ कर दी हैं। समिति के पदाधिकारी विवेक कश्यप ने जानकारी दी कि 18 सितंबर को गणेश पूजन के साथ दिन की लीला का शुभारंभ होगा, जबकि 22 सितंबर से रात्रि लीला का भव्य मंचन शुरू किया जाएगा।
मीडिया प्रभारी भवानी शंकर नीरज ने बताया कि दिन की लीला के लिए भव्य व्यास मंच तैयार कर लिया गया है। साथ ही दर्शकों के मनोरंजन और परंपरागत माहौल को जीवंत बनाने के लिए आकर्षक आतिशबाजी की भी व्यवस्था की जा रही है।
समिति के वरिष्ठ सदस्य तनुज गुप्ता ने बताया कि 22 सितंबर को नगर में श्री राम विवाह का आयोजन प्राचीन श्री शिव सेवा समिति द्वारा किया जाएगा। वहीं, रात्रि लीला का मंचन श्री राधा रानी आदर्श रामलीला मंडल बरसाना, मथुरा के कलाकारों द्वारा किया जाएगा, जो अपनी अनूठी प्रस्तुति के लिए विख्यात हैं।
दिन की लीला के निर्देशक अमित जोशी ने बताया कि सभी पात्रों के लिए नई पोशाकें, मुकुट और अन्य आभूषणों की खरीदारी की जा रही है। पात्रों के चयन की प्रक्रिया भी संचालन समिति के वरिष्ठ सदस्यों की देखरेख में जारी है।
इसके साथ ही, रामलीला के विशेष आकर्षण माने जाने वाले पुतलों का निर्माण शंभू बाबा के निर्देशन में किया जा रहा है। इनमें स्वर्ण लंका, स्वर्ण हिरण, जटायू, रावण, मेघनाथ, कुंभकर्ण, ताड़का और खरदूषण जैसे पुतले शामिल हैं।
Uttarakhand: Dehradun: देहरादून पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमि के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। दोनों महिलाएं बिना वैध दस्तावेजों के सीमा पार कर भारत में दाखिल हुई थीं और बीते छह माह से राजधानी में रह रही थीं। पुलिस की जांच में सामने आया कि इससे पहले वे कुछ समय तक दिल्ली में भी रह चुकी थीं।
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान यासमीन, निवासी सिलहट और राशिदा बेगम, निवासी चटग्राम (बांग्लादेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र और परिवार रजिस्टर भी बरामद किया है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे अवैध तरीके से पश्चिम बंगाल की सीमा पार कर भारत आई थीं।
पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र में एलआईयू और एसओजी के साथ संयुक्त अभियान के दौरान यह गिरफ्तारी हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि ऑपरेशन कालनेमि के तहत लगातार ऐसे लोगों की तलाश की जा रही है, जो फर्जी पहचान या बहकावे के जरिए लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि इससे पहले भी देहरादून में पांच बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा जा चुका है। अब तक कुल सात लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस ने साफ किया कि गिरफ्तार दोनों महिलाओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और उन्हें वापस भेजने (डिपोर्ट) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
CM Dhami: Uttarakhand: Survey: आपदा प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के कामकाज पर हुए एक ऑनलाइन सर्वे में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सबसे अधिक समर्थन हासिल किया है। नवभारत टाइम्स द्वारा आयोजित इस सर्वे में जनता से सवाल पूछा गया था – “आपदा प्रभावित राज्यों में सबसे बेहतर काम करने वाले मुख्यमंत्री कौन हैं?”
सर्वे में चार नेताओं के नाम शामिल किए गए थे – उमर अब्दुल्ला, सुखविंदर सिंह सुक्खू, पुष्कर सिंह धामी और भगवंत मान। नतीजों में मुख्यमंत्री धामी को जबरदस्त बढ़त मिली। उन्हें 78.5% वोट मिले, जबकि जम्मू-कश्मीर के उमर अब्दुल्ला को 20.4%, हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को 0.6% और पंजाब के सीएम भगवंत मान को 0.5% मत प्राप्त हुए।
जनता का यह रुझान साफ़ दर्शाता है कि आपदा के समय धामी ने त्वरित राहत और बचाव कार्यों को जिस कुशलता से अंजाम दिया, पुनर्वास योजनाओं को ज़मीन पर उतारा और प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा कर लोगों से संवाद बनाए रखा, उसने उन्हें अन्य मुख्यमंत्रियों से अलग पहचान दिलाई।
सिर्फ नवभारत टाइम्स का सर्वे ही नहीं, बल्कि टाइम्स ऑफ इंडिया की WhatsApp कम्युनिटी पर भी लोगों ने धामी को “पहली पसंद” बताया। यहाँ भी यूज़र्स ने उनकी नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता और तेज़ निर्णय लेने की शैली की सराहना की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नतीजे इस बात का प्रमाण हैं कि आपदा जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मज़बूत और संवेदनशील नेतृत्व ही जनता का विश्वास जीत पाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बढ़ती लोकप्रियता उनके त्वरित फैसलों, प्रशासनिक सक्रियता और ज़मीनी जुड़ाव को दर्शाती है।