विश्वकप के लिए भारतीय महिला टीम में बागेश्वर की प्रेमा रावत का स्टैंड बाय खिलाड़ी के रूप में चयन

Bageshwar: Cricket: World Cup: Prema Rawat: उत्तराखंड की बेटियों ने खेल जगत में एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। खासकर क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल में प्रदेश की कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इन्हीं में से एक नाम है बागेश्वर जिले की प्रेमा रावत, जिनका चयन महिला क्रिकेट विश्व कप के लिए भारतीय टीम में स्टैंडबाय खिलाड़ी के रूप में हुआ है।

बागेश्वर की कपकोट तहसील के दूरस्थ गांव सुमटी से ताल्लुक रखने वाली प्रेमा ने कड़ी मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। वह स्पिन गेंदबाज होने के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी माहिर हैं, जिससे टीम को मजबूती मिलती है। हाल ही में उन्हें इंडिया-ए टीम में जगह मिली थी, जहां ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने तीन मुकाबलों में सात विकेट लेकर सभी को प्रभावित किया। इसी प्रदर्शन ने उन्हें विश्व कप टीम तक पहुंचने का रास्ता दिया।

प्रेमा की शुरुआती पढ़ाई उनके गांव से हुई, जबकि वर्तमान में उनका परिवार बरेली में रहता है। उनके पिता केदार सिंह रावत भारतीय वायु सेना में सेवाएं दे रहे हैं और मां बसंती देवी गृहिणी हैं। बचपन से ही प्रेमा को क्रिकेट का जुनून था। गांव में अक्सर वह बच्चों के साथ बल्ला उठाकर मैदान में उतर जाती थीं। उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है। बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है और प्रेमा उत्तराखंड की उन बेटियों में शामिल हो गई हैं जो अपने हौसले और हुनर से नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

नैनीताल जिले में बड़े पैमाने पर निरीक्षकों और उप निरीक्षकों के हुए तबादले

Nainital: Police: Transfer:नैनीताल जिले में पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने बड़े पैमाने पर निरीक्षकों और उप निरीक्षकों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल के तहत कई थानों और चौकियों के प्रभारी बदले गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार, निरीक्षक हरपाल सिंह को एसओजी/एएनटीएफ/साइबर सेल से हटाकर थाना चोरगलिया का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, निरीक्षक विजय मेहता को कालाढूंगी से एएनटीएफ का प्रभारी नियुक्त किया गया है। निरीक्षक अरुण कुमार सैनी को रामनगर से कालाढूंगी और निरीक्षक राजेश कुमार यादव को हल्द्वानी से शिकायत प्रकोष्ठ भेजा गया है। इसके अलावा निरीक्षक अमरचंद शर्मा को पुलिस लाइन से हल्द्वानी थाने की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी तरह निरीक्षक दिनेश सिंह फर्त्याल को लालकुआं से डीसीआरबी, ब्रजमोहन सिंह राणा को सम्मन सेल से लालकुआं, और राजेंद्र सिंह रावत को पुलिस लाइन से सम्मन सेल प्रभारी बनाया गया है।

उप निरीक्षक स्तर पर भी कई बदलाव किए गए हैं। उप निरीक्षक महेंद्र प्रसाद को कोतवाली हल्द्वानी से रामनगर, सोमेंद्र सिंह को बिंदुखत्ता चौकी से रामनगर, वीरेंद्र बिष्ट को मुखानी से तल्लीताल, विजय कुमार को धानाचूली से बेतालघाट और हरिराम को बेतालघाट से धानाचूली चौकी प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में कई अन्य उप निरीक्षकों और अपर उप निरीक्षकों का भी स्थानांतरण किया गया है।

यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। निरीक्षक महेश चंद्रा को भवाली से हल्द्वानी और निरीक्षक शिवराज सिंह बिष्ट को हल्द्वानी से भवाली यातायात प्रभारी बनाया गया है।

उत्तराखंड के चिमल्यूं गांव में पहुंची एयर एंबुलेंस, सविता और विपिन को मिली खुशी !

Uttarakhand: Air Ambulance: पौड़ी गढ़वाल के चिमल्यूं गांव की 28 वर्षीय गर्भवती महिला सविता की जान एयर एंबुलेंस सेवा से बचाई गई। महिला की हालत गंभीर होने पर उन्हें पहले पौड़ी अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर बेस अस्पताल श्रीनगर लाया गया। यहां चिकित्सकों ने उनकी स्थिति नाजुक बताते हुए एम्स ऋषिकेश रेफर किया।

मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने तत्काल एयर एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। इसके जरिये सविता को सुरक्षित एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार जारी है। समय पर मिली इस सुविधा से मां और बच्चे दोनों की जान बच सकी।

महिला के पति विपिन सिंह ने भावुक होते हुए प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अगर एयर एंबुलेंस समय पर न मिलती तो उनकी पत्नी और बच्चे की जान पर गंभीर खतरा हो सकता था।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश रावत ने बताया कि सविता का बीपी और शुगर लेवल सामान्य से अधिक था और चूंकि यह उनका पहला प्रसव था, स्थिति जटिल हो गई थी। ऐसे में मंत्री के निर्देश पर तुरंत एयर एंबुलेंस से एम्स भेजा गया।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर मरीज को समय पर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराना है, चाहे वह कितना भी दूरस्थ क्षेत्र क्यों न हो। यह एयर एंबुलेंस सेवा राज्य सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने दूर-दराज के इलाकों के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधा देने के लिए एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की है।

उत्तराखंड में धामी का मॉडल, दंगाई बख्शे नहीं जाएंगे और नुकसान की वसूली सीधे उनसे की जाएगी

Uttarakhand:Kashipur: काशीपुर के अल्ली खां मोहल्ले में रविवार रात ‘आई लव मोहम्मद’ जुलूस के दौरान हुई हिंसा ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। पुलिस कर्मियों से मारपीट और वाहनों को नुकसान पहुंचाने के मामले में उत्तराखंड सरकार ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ शब्दों में कहा कि दंगाई बख्शे नहीं जाएंगे और हुए नुकसान की वसूली सीधे उनसे की जाएगी।

पुलिस ने इस मामले में अब तक 500 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्रवाई में समाजवादी पार्टी के नेता नदीम अख्तर समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है…जबकि दो अन्य सपा नेता हनीफ गांधी और दानिश चौधरी अभी फरार हैं। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राजपुर रोड पर जीएसटी जागरूकता अभियान के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि दंगारोधी कानून के तहत सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से ही कराई जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में इस तरह की घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। काशीपुर में बिना अनुमति के निकाले जा रहे जुलूस को रोकने पर हंगामा हुआ था…जिसमें कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला कर कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया था।

घटना के दूसरे दिन से ही प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। अल्ली खां मोहल्ले में करीब 200 घरों और दुकानों को तोड़ा गया है। यह कार्रवाई आज भी जारी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

नकल जिहादियों को मिट्टी में मिलाकर रहेगी सरकार: सीएम धामी

Uttarakhand: CM Pushkar Singh Dhami: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद कोचिंग माफिया और नकल माफिया एक होकर नकल जिहाद छेड़ने का प्रयास कर रहा है। लेकिन सरकार नकल जिहादियों को हर हाल में मिट्टी में मिलाकर रहेगी।

बुधवार को भाजपा पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, राज्य सरकार ने नकल माफिया पर अंकुश लगाने के लिए देश का सर्वश्रेष्ठ नकल विरोधी कानून लागू किया। इसके बाद से 100 से अधिक नकल माफिया को जेल भेजा गया। सरकार के प्रयासों से विगत चार वर्षों में पारदर्शिता के साथ
25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली है। अब युवा अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर कई- कई परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं।

परंतु, कुछ लोगों को युवाओं की यह प्रगति रास नहीं आ रहा है। इसलिए ऐसे शरारती तत्व संगठित हो युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सख्ती से बौखलाया नकल और कोचिंग माफिया एक होकर देवभूमि में नकल जिहाद छेड़ने का का प्रयास कर रहा है। इसके जरिए जांच पूरी होने से पहले ही, प्रदेश में अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ऐसे तत्वों के इरादों को सफल नहीं होने देगी, राज्य सरकार हर हाल में परीक्षा माफिया और नकल जिहादियों को मिट्टी में मिलाने के लिए कृतसंकल्प है। सरकार नकल जिहाद की किसी भी कोशिश को पूरा नहीं होने देगी।

उत्तराखंड: प्रियांशु पांडेय को दीजिए बधाई, UKPSC में मिला चौथा स्थान

Uttarakhand: UKPSC: Priyanshu Pandey: ऋषिकेश के युवा प्रियांशु पांडेय ने अपने परिश्रम और संकल्प से वह मुकाम हासिल किया है, जो न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व का विषय है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त कर प्रियांशु ने यह साबित किया है कि समर्पण और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

प्रियांशु, जिन्होंने NDS स्कूल से वर्ष 2015 में अपनी पढ़ाई पूरी की थी, बचपन से ही दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रकृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता रखते थे। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने कठिन परिश्रम और निरंतर तैयारी के बल पर यह परीक्षा उत्तीर्ण की। 18 माह का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अब वे उत्तराखंड वन विभाग में वन क्षेत्र अधिकारी (Forest Range Officer – Gazetted) के पद पर कार्यभार संभाल रहे हैं।

उनकी इस सफलता ने ऋषिकेश के शैक्षिक परिदृश्य में एक नई ऊर्जा भर दी है। शहर के युवा उन्हें एक आदर्श के रूप में देख रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि सही दिशा में प्रयास करने से हर सपना साकार हो सकता है। प्रियांशु की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत विजय नहीं, बल्कि ऋषिकेश की सामूहिक पहचान और गौरव को नई ऊँचाई देती है।

हल्द्वानी तहसील में कुमाऊं कमिश्नर का छापा,सवालों के जवाब नहीं दे पाए तहसीलदार और पटवारी?

हल्द्वानी: कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के मंगलवार को हल्द्वानी तहसील कार्यालय में किए गए औचक निरीक्षण ने प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार से लेकर पटवारी और अमीन तक किसी भी अधिकारी के पास लंबित मामलों की सटीक जानकारी नहीं थी। कमिश्नर के सवालों पर सभी एक-दूसरे का चेहरा देखते रह गए।

गंदगी और अव्यवस्था पर नाराजगी

तहसील परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग, फैली गंदगी और खराब शौचालय देखकर कमिश्नर ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने तुरंत व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।

लंबित मामलों पर सख्त चेतावनी

कोर्ट रूम पहुंचने पर जब कमिश्नर ने लंबित मामलों, धारा 143 के प्रकरणों और बकाएदारों की सूची चस्पा करने से संबंधित जानकारी मांगी तो अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर कमिश्नर ने पत्रावलियों के रखरखाव को असंतोषजनक बताते हुए कड़ी फटकार लगाई।

कमिश्नर रावत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तीन माह के भीतर तहसील में लंबित सभी मामलों का निस्तारण किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सीएम धामी का बड़ा बयान, नकल विरोधी कानून से जिनकी दुकान बंद हुई है वो परेशान हैं !

Uttarakhand: CM DHAMI: Nakal Virodhi Law: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कुछ लोग परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार नकल माफिया को किसी भी कीमत पर बख्शेगी नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड का आने वाला समय स्थिरता और विकास का होगा।

सोमवार को स्थानीय होटल में साप्ताहिक समाचार पत्र अड्डा इनसाइडर के विमोचन समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 4 जुलाई 2021 को जब उन्होंने प्रदेश की कमान संभाली थी, उस समय विभिन्न विभागों में लगभग 22 हजार पद खाली थे। सरकार के प्रयासों से अब तक 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है और किसी भी परीक्षा में नकल का मामला सामने नहीं आया। सीएम ने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया, जिससे नकल माफिया और कोचिंग माफिया बौखला गए हैं और सरकार को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही ऐसे षड्यंत्रों का खुलासा होगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

जनता ने चुना विकास और स्थिरता
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने उन्हें राजनीतिक स्थिरता और विकास के लिए समर्थन दिया है। आने वाला समय निश्चित रूप से प्रदेश में प्रगति और स्थिरता का होगा।

आपदा प्रबंधन पर बोले सीएम
आपदा से जुड़े प्रश्न पर सीएम धामी ने कहा कि इस बार पूरा हिमालयी क्षेत्र आपदा की चपेट में आया है। उनकी प्राथमिकता रहती है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का दुख-दर्द बांटें और राहत-बचाव कार्यों को तेज करें। उन्होंने बताया कि सरकार वैज्ञानिक संस्थानों की मदद से आपदा के कारणों का अध्ययन कर रही है, ताकि समय रहते चेतावनी दी जा सके और नुकसान को कम किया जा सके।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो. दुर्गेश पंत और वरिष्ठ पत्रकार पवन लालचंद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में फिर बदलेगा मौसम, बारिश को लेकर आया नया अपडेट

Uttarakhand: Weather: Alert: उत्तराखंड में इस बार सामान्य से अधिक हुई बारिश ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। राज्य के कई जिलों में आई आपदाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में भारी क्षति हुई है, जहां कई लोगों के घर टूट गए और वे बेघर हो गए। दुखद रूप से कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, तो कुछ की रोज़ी-रोटी भी पूरी तरह छिन गई। प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

बीते दो दिनों से बारिश में थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अपने घर-आशियाने खो चुके लोग अब राहत शिविरों में गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। न उनके पास रहने को घर बचा है और न ही कोई साधन। शायद ही उन्होंने कभी सोचा होगा कि ऐसा वक्त भी देखना पड़ेगा।

हालांकि, 23 सितंबर तक राज्य में मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन 24 सितंबर से एक बार फिर पहाड़ी जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान जताया गया है। इस चेतावनी से लोग एक बार फिर सहम गए हैं और मानसून की विदाई का इंतजार कर रहे हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज (मंगलवार) उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं हल्की से बहुत हल्की बारिश के साथ गर्जन-तड़ित की संभावना है। वहीं, प्रदेश के बाकी जिलों में मौसम शुष्क बना रहने की उम्मीद है।

काशीपुर : आई लव मोहम्मद जुलूस के नाम पर बिगाड़ी गई शहर की हवा !

Uttarakhand: Kashipur:Police अल्ली खां क्षेत्र में रविवार देर रात बिना अनुमति निकाले गए “आई लव मोहम्मद” जुलूस ने शहर में बवाल खड़ा कर दिया। पुलिस द्वारा जुलूस रोकने का प्रयास किया गया तो भीड़ ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया और पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ने पर एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने काशीपुर में डेरा डाल दिया है और पीएसी की तैनाती कर दी गई है।

पुलिस पर हमला, सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़

जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर की रात करीब 9:40 बजे पुलिस को सूचना मिली कि अल्ली खां इलाके में बड़ी संख्या में लोग बिना अनुमति जुलूस निकाल रहे हैं। जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो भीड़ ने उन्हें घेरकर धक्का-मुक्की, गाली-गलौच और लात-घूंसे बरसाने शुरू कर दिए। इस दौरान डायल-112 वाहन (UK 01 GA-0336) और थाना वाहन (UK 07 GA-4524) के शीशे और बोनट तोड़ दिए गए। यहां तक कि पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फाड़ दी गई।

400–500 अज्ञात समेत कई पर केस दर्ज

पुलिसकर्मियों से मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में कोतवाली एसएसआई अनिल जोशी की तहरीर पर नदीम अख्तर, हनीफ गांधी, दानिश चौधरी सहित 400–500 अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 191(2), 191(3), 121(1), 132, 221, 352, 351(2), 324(3), 190 में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है और घर-घर तलाशी अभियान चल रहा है। मामले की जांच टांडा चौकी इंचार्ज एसआई सुनील सुतेड़ी को सौंपी गई है।

दंगा निरोधी धाराओं में कार्रवाई

एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पुलिस पर हमला और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ करने वालों की पहचान की जा रही है। इनके खिलाफ दंगा निरोधी धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, खबर है कि कुछ आरोपी नैनीताल हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत लेने की कोशिश कर रहे हैं।

सीएम धामी का सख्त रुख

काशीपुर की घटना की जानकारी मेयर दीपक बाली सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दी। सीएम धामी ने स्पष्ट कहा कि अराजकता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरोपियों पर सख्त धाराओं में मुकदमे दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।