
TRENDING NEWS










Uttarakhand News: Bhimtal: भीमताल क्षेत्र में मानसखंड योजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। रानीबाग से मोतियापाथर तक प्रस्तावित 60 किलोमीटर लंबी सड़क को टूलेन बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने परिसंपत्तियों का चिह्नीकरण शुरू कर दिया है। इस दौरान बुधवार को तल्लीताल इलाके में विभागीय टीम ने सड़क किनारे स्थित लगभग 100 भवनों, जिनमें दुकानें और मकान शामिल हैं । ऐसे मे उनको लाल निशान लगाकर उन्हें अतिक्रमण की श्रेणी में दर्ज किया।
विभाग का कहना है कि इस सड़क को 12 मीटर चौड़ा किया जाएगा ताकि यातायात सुचारु हो सके और जाम की समस्या से राहत मिले। इसके तहत रानीबाग, भीमताल, खुटानी, चांफी, धारी, धानाचूली, पहाड़पानी, शहरफाटक और मोतियापाथर तक सभी प्रभावित परिसंपत्तियों को क्रमवार चिह्नित किया जा रहा है।
अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार ने जानकारी दी कि यह सड़क मूल रूप से 1980 से पहले बनी थी और उस समय कुछ संपत्ति मालिकों को मुआवजा भी दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने मुआवजा लेने के बाद भी सड़क पर निर्माण कार्य किया है, उनकी संपत्तियां अतिक्रमण की श्रेणी में आएंगी। वहीं, जो वास्तविक रूप से वंचित हैं, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
विभाग की इस कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों और मकान मालिकों में चिंता का माहौल है। कई लोग अपने व्यवसाय और आवासीय भवनों पर खतरे की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल परिसंपत्तियों की जांच की प्रक्रिया जारी है और विभाग का कहना है कि अंतिम निर्णय नियमानुसार ही लिया जाएगा।
Uttarakhand: Homestay: Registration: उत्तराखंड सरकार ने होमस्टे योजना को अब केवल राज्य के स्थायी निवासियों तक सीमित करने की तैयारी शुरू कर दी है। पर्यटन विभाग का कहना है कि अन्य राज्यों के लोग इस योजना का दुरुपयोग कर व्यावसायिक गतिविधियाँ चला रहे हैं, जबकि इसका उद्देश्य स्थानीय परिवारों को सहयोग देना और उत्तराखंड की संस्कृति व खानपान को बढ़ावा देना था।
सोमवार को पर्यटन सचिव धीरज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में होमस्टे ऑपरेटरों, टूर ऑपरेटरों, होटल एसोसिएशन और अधिकारियों के साथ बैठक हुई। गर्ब्याल ने बताया कि बाहरी लोग अपने घरों को होमस्टे के रूप में पंजीकृत कर लेते हैं, घरेलू बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल करते हैं और खुद वहां रहने के बजाय स्टाफ रखकर इसे व्यावसायिक रूप दे देते हैं। यह योजना के मूल उद्देश्य के विपरीत है।
ऐसे ऑपरेटर अब बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत पंजीकरण करा सकेंगे, जो शहरी क्षेत्रों के लिए है और इसमें 1 से 6 कमरे की अनुमति दी जाती है। पर्यटन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जो होमस्टे अभी तक पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें 60 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, अन्यथा 1 लाख रुपये का जुर्माना और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गर्ब्याल ने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन एवं ट्रैवल बिजनेस पंजीकरण विनियम 2014 (संशोधित 2016) में बदलाव की प्रक्रिया जारी है। प्रमुख प्रस्तावों में होमस्टे को गैर-व्यावसायिक मानते हुए बिजली और पानी कर से छूट देना, पंजीकरण अवधि को पाँच वर्ष करना और निगरानी व्यवस्था को सख्त बनाना शामिल है। वर्तमान में राज्य में 5,000 से अधिक होमस्टे पंजीकृत हैं।
उन्होंने बताया कि हितधारकों से सुझाव ले लिए गए हैं और जल्द ही संशोधित प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
Uttarakhand News: Dehradun: PM Modi Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को उत्तराखंड की आपदा प्रभावित वादियों का हवाई निरीक्षण करेंगे। राज्य में इस वर्ष लगातार प्राकृतिक आपदाओं ने बड़ी तबाही मचाई है। आंकड़ों के अनुसार केवल सरकारी संस्थानों की संपत्तियों को ही लगभग 1900 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अलावा कई गांवों में मकानों, खेतों और बुनियादी ढांचे को गहरी क्षति पहुंची है। आपदा के दौरान लोगों की जानें गईं और पशुधन की हानि भी दर्ज की गई है। लगातार बारिश और भू-धंसाव से कई क्षेत्रों में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं।
राज्य सरकार ने आपदा राहत और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र से 5702 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद की मांग की है। प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने के लिए केंद्र की एक उच्च स्तरीय टीम पहले ही स्थलीय निरीक्षण कर चुकी है।
प्रधानमंत्री मोदी दोपहर बाद लगभग 4:15 बजे देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हेलीकॉप्टर द्वारा आपदा प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इस निरीक्षण का उद्देश्य नुकसान का वास्तविक आकलन करना और राहत कार्यों की गति को समझना है।
इसके बाद शाम करीब पांच बजे देहरादून में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में आपदा से संबंधित सभी पहलुओं पर चर्चा होगी, जिसमें राहत, पुनर्वास और भविष्य की तैयारी पर विशेष जोर दिया जाएगा। बैठक में वरिष्ठ अधिकारी और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे।
प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास बहाल करने के लिए अहम है, बल्कि इससे राज्य में चल रहे राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है। बैठक के बाद प्रधानमंत्री दिल्ली लौट जाएंगे।
हल्द्वानी:कौशल एकेडमी इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ होटल मैनेजमेंट हल्द्वानी द्वारा उत्तराखंड एजुकेशन समिट में प्रदेश भर के टॉप 100 उत्कृष्ट संस्थानों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। शिक्षक दिवस पर होटलियर काउंसिल ऑफ़ इंडिया की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में खेल, राजनीति, समाज सेवा, स्वास्थ्य सेवा, पुलिस सेवा आदि से जुड़े कई महानुभावों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने कई अहम विषयों पर चर्चा की। जिसमें राम गोपाल काका, डॉ पी एस भंडारी, सूचना विभाग से प्रियंका जोशी, सीओ सिटी हल्द्वानी, रवि शंकर शर्मा शामिल रहे।
संस्था द्वारा शिक्षकों को अक्टूबर माह में राष्ट्रपति भवन यात्रा पर ले जाया जाएगा। जिसके लिए चयन समिति द्वारा लिस्ट जल्द ही तैयार की जाएगी। संस्थान से इंटरनेशनल इंटर्नशिप के लिए सुमित गुसाईं, यशपाल रावत को दुबई व हिमांशु, सागर भंडारी को रूस का वीजा अतिथियों द्वारा प्रदान किया गया।
Uttarakhand News: Dehradun: देहरादून की नेहरू कॉलोनी क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ रोजगार का झांसा देकर युवतियों का शोषण किया जा रहा था। मामला तब उजागर हुआ जब एक पीड़िता ने साहस दिखाते हुए मीडिया से अपनी आपबीती साझा की।
जानकारी के मुताबिक, आरोप है कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से युवतियों को नौकरी का लालच देकर बुलाया जाता था। भर्ती के नाम पर पहले उनसे रकम वसूली जाती, इसके बाद रात दस बजे के बाद उन्हें सोशल मीडिया के जरिए अश्लील वीडियो कॉल कराने के लिए मजबूर किया जाता था।
पीड़िता ने बताया कि उसे कंपनी में बिलिंग काउंटर पर सिस्टम ऑपरेटर की नौकरी का ऑफर दिया गया था और 20 हजार रुपये मासिक वेतन का वादा किया गया था। लेकिन जब वह वहां पहुंची तो असली सच सामने आया। युवती ने किरण टम्टा और बबीता जोशी नामक दो महिलाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उसका कहना है कि कंपनी में युवतियों से पुरुषों के साथ ऑनलाइन बातचीत कराई जाती थी और उन पर अनुचित दबाव भी डाला जाता था। पीड़िता का दावा है कि उन पर शारीरिक संबंध बनाने और पुरुषों से पैसे वसूलने तक का दबाव बनाया जाता था। हालात बिगड़ते देख वह मौका पाकर वहां से भाग निकली और अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचाई।
इस प्रकरण में थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुछ संदिग्ध कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
घटना के उजागर होने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने भी कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और युवतियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
Uttarakhand: Pithoragarh: Passport Seva Kendra: पिथौरागढ़ जनपद में लंबे समय से लंबित पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) की स्थापना को लेकर अब ठोस कदम उठाए जाने शुरू हो गए हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने डाक विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया और कार्यवाही आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, अस्थायी पासपोर्ट सेवा केंद्र कलेक्ट्रेट परिसर के पीछे स्थापित किया जाएगा। यह वही स्थान है जहाँ वर्तमान में सहायक निदेशक (बचत कार्यालय) और जिला होमगार्ड कमांडेंट का कार्यालय संचालित होता है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ केंद्र की स्थापना के लिए जरूरी तकनीकी और आधारभूत सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की।
जिलाधिकारी गोस्वामी ने बताया कि इस केंद्र के शुरू होने से न केवल पिथौरागढ़ बल्कि चंपावत और बागेश्वर जिलों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अभी तक इन जिलों के नागरिकों को पासपोर्ट बनाने के लिए हल्द्वानी या अन्य शहरों की लंबी यात्राएं करनी पड़ती थीं, लेकिन नई सुविधा से उन्हें अपने ही क्षेत्र में त्वरित और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक स्थायी पासपोर्ट सेवा केंद्र की स्थापना नहीं हो जाती, तब तक कलेक्ट्रेट परिसर में अस्थायी केंद्र को शीघ्र शुरू किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक कक्षों की पहचान कर ली गई है। वहीं स्थायी केंद्र के लिए प्रधान डाकघर परिसर के पास दो संभावित स्थानों को चिन्हित किया गया है—पहला वर्तमान पार्किंग स्थल को व्यवस्थित कर उपयोग में लाना और दूसरा किसी नए स्थान का चयन कर स्थायी भवन का निर्माण करना।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि हाल ही में प्राप्त आधिकारिक ईमेल में स्पष्ट किया गया है कि यदि जिला प्रशासन भवन और तकनीकी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करता है, तो पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करने के लिए संबंधित विभाग की ओर से पूर्ण सहमति दी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कोषागार परिसर का भी जायजा लिया और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था तथा पेयजल हेतु आरओ लगाने के निर्देश दिए। यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन न केवल नई सेवाओं को बढ़ावा देने में जुटा है, बल्कि मौजूदा व्यवस्थाओं को भी नागरिकों की सुविधा के अनुरूप बेहतर बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रहा है।
Kathgodam : Train: Kanpur Central: कानपुर सेंट्रल और बरेली के बीच सफर करने वाले यात्रियों को एक महीने काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। परिचालन कारणों से रेलवे ने कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया है। इसमें सबसे बड़ा असर 12210/12209 काठगोदाम-कानपुर सेंट्रल गरीब रथ एक्सप्रेस पर पड़ा है, जिसे 30 सितंबर तक के लिए निरस्त कर दिया गया है। यह ट्रेन सप्ताह में तय दिनों पर चलती थी और बड़ी संख्या में यात्रियों को सुविधा प्रदान करती थी।
रेलवे के अनुसार, 12210 काठगोदाम से कानपुर सेंट्रल जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस 8, 15, 22 और 29 सितंबर को नहीं चलेगी। इसी तरह, 12209 कानपुर सेंट्रल से काठगोदाम के लिए निर्धारित ट्रेन 9, 16, 23 और 30 सितंबर को रद्द रहेगी। इसके अलावा, जम्मू क्षेत्र में हाल ही में हुए भूस्खलन के चलते 12470/12469 जम्मूतवी-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस पहले से ही स्थगित है।
इन दोनों ट्रेनों के रद्द होने के बाद बरेली और कानपुर सेंट्रल के बीच केवल एक नियमित विकल्प बचा है—22446/22445 अमृतसर-कानपुर सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस। यह ट्रेन सप्ताह में केवल सोमवार और मंगलवार को ही संचालित होती है। ट्रेनों की संख्या कम होने से इस रूट पर यात्रियों का दबाव काफी बढ़ गया है और सुपरफास्ट एक्सप्रेस में टिकट बुकिंग तेज़ी से भर रही है।
इधर, पूर्वोत्तर रेलवे की कुछ अन्य गाड़ियों को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया है। 22 सितंबर को गोरखपुर से रवाना होने वाली 12587 गोरखपुर-जम्मूतवी अमरनाथ एक्सप्रेस, 27 सितंबर को जम्मूतवी से गोरखपुर जाने वाली 12588 अमरनाथ एक्सप्रेस और 23 सितंबर को जम्मूतवी से चलने वाली 15098 जम्मूतवी-भागलपुर एक्सप्रेस भी निरस्त की गई हैं।
इस तरह, सितंबर महीने में यात्रियों को विशेष रूप से कानपुर-बरेली और उत्तर भारत से जम्मू की ओर यात्रा करने के लिए सीमित विकल्प मिलेंगे। रेलवे ने फिलहाल यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले ट्रेन की स्थिति और बुकिंग की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि किसी असुविधा से बचा जा सके।
Vice President Of India: एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन देश के नए उपराष्ट्रपति चुने गए हैं। सोमवार को हुए मतदान में उन्हें कुल 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी गठबंधन इंडिया के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट प्राप्त हुए। इस तरह राधाकृष्णन ने 152 मतों के अंतर से जीत हासिल की।
इस उपराष्ट्रपति चुनाव में 767 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 752 वोट वैध और 15 अमान्य घोषित हुए। मतदान का प्रतिशत लगभग 98% रहा। मतदान शाम 5 बजे समाप्त हुआ और मतगणना 6 बजे से शुरू होकर देर शाम नतीजों के साथ पूरी हुई।
हार के बाद बी. सुदर्शन रेड्डी ने राधाकृष्णन को उनके कार्यकाल की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि परिणाम भले ही उनके पक्ष में नहीं आया, लेकिन वैचारिक लड़ाई उत्साह और जोश के साथ जारी रहेगी।
चुनाव में कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार के पक्ष में 315 सांसदों के मतदान का दावा किया। वहीं, बीआरएस और बीजेडी ने चुनाव में भाग नहीं लिया, जबकि अकाली दल का एक सांसद बाढ़ के कारण मतदान नहीं कर पाया। राज्यसभा में बीआरएस के चार और बीजेडी के सात सांसद शामिल हैं। यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद आयोजित किया गया।
Uttarakhand: UPCL: उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPCL) में कार्यरत उपनल कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें 50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और उपनल के बीच हुए समझौते के तहत लागू की गई है।
जानकारी के अनुसार, पिछले साल सितंबर में दोनों संस्थाओं के बीच अनुबंध हुआ था। इसके तहत उपनल कर्मचारियों के मानदेय खाते पीएनबी में खोले जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें न केवल बीमा सुरक्षा मिलेगी, बल्कि बैंक की अन्य विशेष सुविधाओं का भी लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।
बीमा और बैंकिंग सुविधाएं
अगर किसी कर्मचारी की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो उसके आश्रितों को एकमुश्त 50 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। इसके अलावा कर्मचारियों को सालाना 40 से 100 चेक बुक पन्ने मुफ्त मिलेंगे। वे अपने खाते से दो से पांच लेन-देन जैसे RTGS, NEFT और डिमांड ड्राफ्ट भी बिना किसी शुल्क के कर सकेंगे।
ऋण सुविधाओं पर भी कर्मचारियों को राहत दी गई है। घर, गाड़ी या पर्सनल लोन लेने पर प्रोसेसिंग शुल्क में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। वहीं, विशेष ऑफर्स के दौरान यह छूट 100 प्रतिशत तक हो सकती है।
वेतन और पेंशन खातों पर नियम
खाते खुलने के बाद उपनल कर्मचारियों का वेतन सीधे पीएनबी में जमा किया जाएगा। हालांकि, यदि लगातार दो महीने तक वेतन इस खाते में नहीं आता है, तो तीसरे महीने से बीमा जैसी सुविधाएं बंद हो सकती हैं।
पूर्व सैनिक जो उपनल के माध्यम से कार्यरत हैं और अपनी पेंशन खाता पीएनबी में स्थानांतरित करते हैं, उन्हें ‘रक्षक प्लस’ पेंशन बीमा योजना का भी लाभ दिया जाएगा।
यूपीसीएल प्रबंधन का बयान
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि उपनल की अनुशंसा पर यह पहल शुरू की गई है, जिससे कर्मचारियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। वहीं, मानव संसाधन विभाग के अधिशासी निदेशक डॉ. आरजे मलिक ने भी सभी अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
वेतन के आधार पर कर्मचारियों की श्रेणियां
Uttarakhand: Dehradun: देहरादून में सोमवार सुबह एक बड़ी दुर्घटना टल गई। मोहब्बेवाला क्षेत्र में एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गया और कार शोरूम की दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। इस हादसे में शोरूम परिसर में खड़ी कई नई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।
घटना सुबह उस समय हुई जब शोरूम बंद था और कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। यही वजह रही कि एक बड़ा हादसा टल गया, अन्यथा जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था। दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि ट्रक चालक तेज गति से वाहन चला रहा था और अचानक नियंत्रण खो बैठा। फिलहाल पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा लापरवाही का नतीजा है या किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ। सौभाग्य से इस घटना में कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ, लेकिन संपत्ति को नुकसान जरूर हुआ है।