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Haldwani: Roadways: Uttarakhand: Jaipur: उत्तराखंड परिवहन निगम यात्रियों को बेहतर और आरामदायक यात्रा सुविधा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में निगम अब हल्द्वानी से जयपुर के बीच पहली बार एसी स्लीपर बस सेवा शुरू करने जा रहा है। यह सेवा आने वाले महीने से शुरू होगी। निगम ने बताया कि नई स्लीपर बसों की तकनीकी जांच पूरी कर ली गई है और वाहनों को ‘ओके रिपोर्ट’ भी मिल चुकी है।
इस नई सेवा की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड रोडवेज प्रदेश के 16 नए रूटों पर बीएस-6 मॉडल की बसें चलाने जा रहा है। इनमें से कुछ रूटों पर स्लीपर बसें तो कुछ पर सामान्य एसी बसें संचालित होंगी। शुरूआती चरण में हल्द्वानी से जयपुर मार्ग पर दो स्लीपर बसें चलाई जाएंगी। हर स्लीपर कोच में 38 यात्री सफर के दौरान आराम से लेटकर यात्रा का आनंद ले सकेंगे।
इसी तरह हल्द्वानी-दिल्ली रूट पर दो बसें, ऋषिकेश-दिल्ली रूट पर दो बसें और देहरादून-दिल्ली मार्ग पर छह नई एसी बसें सेवा में शामिल की जाएंगी। निगम ने बताया कि 15 नवंबर तक सभी 16 नई बसें सड़कों पर उतर जाएंगी। इसके बाद यात्रियों को बाकी 12 रूटों पर भी आधुनिक बीएस-6 मॉडल बसों की सुविधा मिलने लगेगी।
उत्तराखंड परिवहन निगम मैदान क्षेत्रों के लिए 100 नई बसों की खरीद प्रक्रिया भी पूरी कर चुका है। महाप्रबंधक कांति सिंह ने बताया कि नई एसी स्लीपर बसों के शुरू होने से लंबी दूरी की यात्रा अब और अधिक आरामदायक, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। इससे यात्रियों को रात्रि यात्राओं के दौरान होटल जैसी सुविधा मिलेगी और राज्य के परिवहन तंत्र में आधुनिकता की नई शुरुआत होगी।
Lalkuan: Train: Prayagraj: Uttarakhand: रेल बोर्ड के निर्देशानुसार तथा मंडल रेल प्रबंधक, इज्जतनगर सुश्री वीणा सिन्हा के मार्ग दर्शन में त्यौहारी सीजन एवं छठ महापर्व पर यात्रियों की मांग को ध्यान में रखते हुये पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से देश के महानगरों एवं प्रमुख नगरों के लिये पूजा विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या के अनुरूप 101 जोड़ी गाड़ियों में से 26 जोड़ी विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। जिसमें अधिकांश गाड़ियों में कोचों की संख्या भी वृद्धि की गई है।
इस मंडल द्वारा 24 अक्टूबर 2025 को यानि सप्ताह के प्रत्येक शुक्रवार को इज्जतनगर मंडल पर चलने वाली विशेष गाड़ी 04118 लालकुआँ-प्रयागराज, 05401 बरेली सिटी-काशीपुर एवं 05402 काशीपुर-बरेली सिटी विशेष गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है तथा 09084 बनारस-मुम्बई सेन्ट्रल विशेष गाड़ी प्रत्येक शुक्रवार को इज्जतनगर मंडल के स्टेशनों से होकर गुजरती है।
जबकि 25 अक्टूबर, 2025 को यानि सप्ताह के प्रत्येक शनिवार को संचलित होने वाली विशेष गाड़ी 05074 लालकुआं-बेंगलुरु सिटी, 05059 कोलकता-लालकुआं, 05401 बरेली सिटी-काशीपुर एवं 05402 काशीपुर-बरेली सिटी विशेष गाड़ियों को शनिवार को संचालन किया जायेगा तथा 09112 बड़ोदरा-गोरखपुर विशेष गाड़ी शनिवार को इस मंडल के स्टेशनों से होकर गुजरेगी।
इन पूजा विशेष ट्रेनों के माध्यम से त्यौहारी सीजन एवं छठ महापर्व पर यात्रियों की यात्रा सुगम हो इसके लिए 24*7 रेलवे अधिकारियों द्वारा वार रुम से निरंतर निगरानी की जा रही है। स्टेशनों पर पीने का पानी की विशेष व्यवस्था के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल के जवान भी तैनात किये गये हैं।
Uttarakhand News: Weather: Updates: उत्तराखंड में इस समय पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम शुष्क बना हुआ है। दिनभर चटख धूप खिलने के कारण अधिकतर इलाकों में तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में भी ठंड ने पूरी तरह दस्तक नहीं दी है, जिससे लोगों को दिन में हल्की तपिश महसूस हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल राज्य के ज्यादातर हिस्सों में आज मौसम शुष्क रहने का अनुमान है और तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है। हालांकि, 27 अक्टूबर से ताजा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते सोमवार के बाद पर्वतीय इलाकों में आंशिक बादल छाने और बूंदाबांदी के आसार बन सकते हैं।
शनिवार को देहरादून समेत आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही तेज धूप खिली रही। सुबह-शाम हल्की ठंडक जरूर महसूस हो रही है, लेकिन दिन के समय गर्मी बनी हुई है। वहीं, ऊधमसिंह नगर में तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पर्वतीय इलाकों में भी सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ने लगी है, लेकिन कुल मिलाकर ठंड अभी सामान्य से कम है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर की शुरुआत में जहां सामान्य से अधिक वर्षा हुई थी, वहीं महीने के अंतिम सप्ताह में सूखा और गर्मी का दौर जारी है। फिलहाल अगले 24 घंटे तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले हफ्ते तापमान में गिरावट और ठंड बढ़ने की उम्मीद है।
देहरादून: उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में प्रशासकीय और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर वित्त विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने सचिव आयुष को पत्र जारी कर विश्वविद्यालय से एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मांगने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की नियम-विरुद्ध पदोन्नति और अन्य वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में विभाग ने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और नियम-विरुद्ध दिए गए वित्तीय लाभ की वसूली करने की शर्त पर विश्वविद्यालय को 125 करोड़ रुपये जारी किए थे।
लेकिन धनराशि मिलने के बावजूद विश्वविद्यालय ने शासन को कार्रवाई की रिपोर्ट नहीं दी। इस पर अपर सचिव वित्त डॉ. अहमद इकबाल की ओर से पत्र जारी कर सचिव आयुष से कहा गया है कि नियम-विरुद्ध वित्तीय लाभ प्राप्त करने वाले कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी, साथ ही वसूली की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
देहरादून: शहर में यातायात नियमों की अनदेखी और जाम की समस्या को कम करने के लिए देहरादून ट्रैफिक पुलिस ने एक अनोखी पहल शुरू की है। अब नियम तोड़ने वालों को डांटा नहीं जा रहा…बल्कि प्यार से समझाया जा रहा है।
एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर एसपी ट्रैफिक ने ट्रिपल ई (Education, Engineering, Enforcement) मॉडल के तहत यह अभियान शुरू किया है। पुलिसकर्मी सड़क पर उतरकर गलत लेन या ज़ेब्रा क्रॉसिंग पार करने वालों को रोकते हैं और मुस्कुराकर कहते हैं “सर, जय हिंद! आप ट्रैफिक रूल्स ब्रेक कर रहे हैं, कृपया नियमों का पालन करें।
पुलिस के इस अनोखे अंदाज से लोग अपनी गलती मान रहे हैं और भविष्य में नियमों का पालन करने का वादा कर रहे हैं।
त्योहारी सीजन में भी ट्रैफिक पुलिस ने बेहतर काम किया है। एसएसपी ने यातायात कर्मियों और रिक्रूट आरक्षियों की सराहना की है, जिन्होंने मेहनत से भीड़ के बीच भी ट्रैफिक को संभाले रखा। देहरादून पुलिस की यह पहल अब लोगों को सख्ती नहीं बल्कि मुस्कान के साथ नियम मानना सिखा रही है।
देहरादून: नेहरू कालोनी के धर्मपुर इलाके में एक बिल्ली और उसके बच्चों को लेकर विवाद सामने आया। रश्मि नाम की युवती ने अपने चाचा-चाची और तीन भाइयों पर आरोप लगाया कि उन्होंने घर में घुसकर उन्हें मारपीट की धमकी दी। मामले की शिकायत पर नेहरू कालोनी थाना पुलिस ने पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शिकायत में रश्मि ने बताया कि 12 मार्च को एक बिल्ली अपने दो बच्चों के साथ उनके घर आ गई थी और बच्चों को छोड़कर चली गई। रश्मि उनकी देखभाल कर रही थी…लेकिन चाचा उमेश और चाची सुमन, जो उसी घर में रहते हैं, बिल्ली के बच्चों से परेशान थे। आरोप है कि चाचा ने बच्चों को स्कूटी की डिग्गी में बंद करके कहीं छोड़ दिया।
जब रश्मि ने इसका विरोध किया तो उनके चाचा-चाची और तीन बेटे घर में घुसकर धमकी देने लगे। थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रुड़की: मंगलौर कस्बे के मोहल्ला पठानपुरा में एक महिला करीब 13 साल से अकेले रह रही थी। महिला मानसिक रूप से कमजोर है और लंबे समय से किसी पर निर्भर होकर जीवन यापन कर रही थी।
मोहल्लेवालों ने हाल ही में महिला को हटाया तो उसके पास रखे एक प्लास्टिक थैले में भारी मात्रा में नकदी मिली। जब कुछ लोग पैसों को गिनने लगे तो करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद कुल 53,186 रुपये और 17 किलो सिक्के पाए गए। यह देखकर लोग हैरान रह गए।
कोतवाल अमरजीत सिंह ने बताया कि महिला को सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए भरतपुर और दिल्ली की सामाजिक संस्था “अपना घर” से संपर्क किया जा रहा है। पुलिस जल्द ही महिला को संरक्षित वातावरण में भेजने की तैयारी कर रही है।
पुलिस ने मोहल्लेवालों से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें…ताकि महिला और आसपास के लोग सुरक्षित रह सकें।
देहरादून: उत्तराखंड में जमीनों का भू-उपयोग परिवर्तन (Change in Land Use – CLU) अब पहले से कहीं ज्यादा आसान, पारदर्शी और समयबद्ध होगा। राज्य सरकार ने इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया है…जिससे इस प्रक्रिया में आम लोगों को लंबी प्रतीक्षा या दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया अब 18 चरणों में पूरी की जाएगी। आवास विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार जमीनों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। 4000-10,000 वर्ग मीटर तक के भू-उपयोग परिवर्तन के लिए प्राधिकरण स्तर पर प्रक्रिया पूरी होगी…जबकि 10,000-50,000 वर्ग मीटर के लिए उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण की स्वीकृति आवश्यक होगी। 50,000 वर्ग मीटर से अधिक के मामलों में प्राधिकरण और शासन समिति की प्रक्रिया भी शामिल होगी।
अधिकारियों का कहना है कि सभी चरणों को मिलाकर यह प्रक्रिया लगभग छह से 12 माह में पूरी हो जाएगी। ऑनलाइन पोर्टल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी…बल्कि फाइलें लंबित नहीं रहेंगी और आम नागरिकों को अब भू-उपयोग परिवर्तन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
आवास विभाग के सूत्रों ने बताया कि इस पहल से निवेशकों और भूमि मालिकों के लिए भू-उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया अब सरल और समयबद्ध होगी, जिससे उत्तराखंड में आवासीय और औद्योगिक परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
रामनगर : कुमाऊं क्षेत्र के क्रिकेट प्रेमियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बैनर तले क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) पहली बार कुमाऊं क्षेत्र में रणजी ट्रॉफी मैच का आयोजन कर रहा है। यह मुकाबला कॉर्बेट नगरी रामनगर के कौशिकी क्रिकेट अकादमी मैदान में खेला जा रहा है।
यह आयोजन न केवल उत्तराखंड क्रिकेट के लिए बल्कि पूरे कुमाऊं क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। बीसीसीआई की गाइडलाइन के तहत मैदान की पिच से लेकर सुरक्षा और सुविधाओं तक सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
चार दिवसीय यह रणजी मुकाबला शनिवार से मंगलवार तक खेला जाएगा, जिसमें उत्तराखंड टीम का सामना ऑल इंडिया रेलवे की मजबूत टीम से होगा। रेलवे टीम में आईपीएल फ्रेंचाइज़ी मुंबई इंडियंस से खेलने वाले करन शर्मा, हिमांशु सांगवान, उपेंद्र यादव और जे. सुचिथ जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं।
वहीं, उत्तराखंड टीम में राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित प्रतिभाशाली खिलाड़ी मैदान में उतर रहे हैं। खिलाड़ियों और स्थानीय दर्शकों में इस ऐतिहासिक मुकाबले को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष दीपक मेहरा ने इस आयोजन को “राज्य के क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अध्याय” करार दिया। उन्होंने कहा, “रामनगर में रणजी ट्रॉफी का आयोजन न केवल कुमाऊं क्षेत्र को राष्ट्रीय क्रिकेट मानचित्र पर नई पहचान देगा, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी प्रदान करेगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि मैदान की पिच, खिलाड़ियों की सुविधाएं और दर्शकों की सुरक्षा बीसीसीआई की तकनीकी टीम की देखरेख में सुनिश्चित की गई हैं। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि इस आयोजन से न केवल क्षेत्र में क्रिकेट के विकास को नई दिशा मिलेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। रणजी जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से बाहर से आने वाले खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों की आमद क्षेत्र के लिए आर्थिक दृष्टि से भी लाभदायक होगी।
कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के प्रवेश द्वार पर बसे रामनगर में रणजी ट्रॉफी का आयोजन कुमाऊं की खेल संस्कृति के लिए ऐतिहासिक क्षण है। इस मैच के साथ कौशिकी क्रिकेट अकादमी ग्राउंड का नाम अब आधिकारिक तौर पर भारत की क्रिकेट डायरी में दर्ज हो गया है।
Army Success Story: Kashish Methwani From Glamour World to Olive Green Uniform: ग्लैमर वर्ल्ड की चमक-दमक से आर्मी की ऑलिव ग्रीन वर्दी तक का सफर तय करने वाली कशिश मेथवानी (Kashish Methwani) आज लाखों युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं। 9 जनवरी 2001 को एक सिंधी परिवार में जन्मीं कशिश ने बचपन से ही अनुशासन (Discipline) और शिक्षा (Education) के मूल्यों को अपनाया। उनके पिता एक साइंटिस्ट (Scientist) हैं और रक्षा मंत्रालय (Defence Ministry) के क्वॉलिटी एश्योरेंस विभाग (Quality Assurance Department) से डायरेक्टर जनरल के पद से रिटायर हुए। मां शोभा मेथवानी (Shobha Methwani) पुणे के आर्मी पब्लिक स्कूल (Army Public School) में शिक्षिका रही हैं।
कशिश मेथवानी की लाइफ स्टोरी (Life Story) बेहद रोचक है। उन्होंने मिस इंटरनेशनल इंडिया 2023 (Miss International India 2023) का ताज पहनकर साबित किया कि सौंदर्य (Beauty) सिर्फ चेहरा नहीं बल्कि कॉन्फिडेंस (Confidence) और इंटेलिजेंस (Intelligence) का कॉम्बिनेशन है। यह खिताब उनके लिए सिर्फ एक ‘बकेट लिस्ट’ (Bucket List) आइटम था। एनसीसी (NCC) के जरिए उन्हें सेना (Army) का सपना देखने का मौका मिला। गणतंत्र दिवस परेड (Republic Day Parade) में भाग लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से ऑल इंडिया बेस्ट कैडेट (All India Best Cadet Award) भी हासिल किया।
कशिश बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थीं। आर्मी पब्लिक स्कूल से 12वीं पास करने के बाद उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी (Savitribai Phule Pune University) से बायोटेक्नोलॉजी (Biotechnology) में इंटीग्रेटेड मास्टर्स डिग्री हासिल की। फिर बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (Indian Institute of Science, IISc) में न्यूरोसाइंस (Neuroscience) पर रिसर्च की। उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) से PhD का ऑफर मिला…लेकिन कशिश ने सेना में करियर (Career) को प्राथमिकता दी।
कॉलेज के दौरान उनका रुझान ब्यूटी प्रतियोगिताओं (Beauty Pageants) की तरफ हुआ और साल 2023 में उन्होंने मिस इंटरनेशनल इंडिया का खिताब जीता। हालांकि उन्हें मॉडलिंग (Modeling) और एक्टिंग (Acting) के ऑफर्स मिले…पर उन्होंने इन्हें ठुकरा दिया। एनसीसी एयर विंग (NCC Air Wing) जॉइन करना उनका जीवन का टर्निंग पॉइंट (Turning Point) साबित हुआ।
2021 में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व (Representing Maharashtra) करते हुए गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया और प्रधानमंत्री से ऑल इंडिया बेस्ट कैडेट ट्रॉफी (All India Best Cadet Trophy) प्राप्त की। एनसीसी ने उन्हें लीडरशिप (Leadership) मोटिवेशन (Motivation) और सहनशक्ति (Endurance) सिखाई…जिससे सेना जॉइन करने का फैसला मजबूत हुआ।
कशिश ने UPSC CDS 2024 (UPSC CDS Exam 2024) में ऑल इंडिया रैंक 2 (All India Rank 2) हासिल की। CDS पास करने के बाद उन्हें ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA, Chennai) में एंट्री मिली। 11 महीने की कठिन ट्रेनिंग (Tough Training) के बाद 6 सितंबर 2025 को उन्हें लेफ्टिनेंट (Lieutenant) के रूप में कमीशन किया गया और वे आर्मी एयर डिफेंस रेजिमेंट (Army Air Defence Regiment) में शामिल हुईं।
ट्रेनिंग (Training) के दौरान कशिश ने AAD Medal (Highest Merit), Sikh LI Regiment Medal (March & Shoot), Drill & Discipline Badge और शूटिंग (Shooting) में गोल्ड (Gold) जीते। उन्होंने बास्केटबॉल (Basketball), वॉलीबॉल (Volleyball) और हैंडबॉल (Handball) में अकादमी (Academy) का प्रतिनिधित्व भी किया।
कशिश मेथवानी नेशनल लेवल पिस्टल शूटर (National Level Pistol Shooter), बास्केटबॉल प्लेयर (Basketball Player), तबला वादक (Tabla Player), भरतनाट्यम डांसर (Bharatanatyam Dancer), क्विजर (Quizzer) और डिबेटर (Debater) भी हैं। उन्होंने ‘क्रिटिकल कॉज’ NGO (Critical Cause NGO) की स्थापना की…जो प्लाज्मा (Plasma) और ऑर्गन डोनेशन (Organ Donation) की जागरूकता फैलाता है।
कशिश की सफलता (Success Story) साबित करती है कि सौंदर्य और ताकत (Beauty & Strength) साथ चल सकते हैं। उनका जीवन युवाओं को प्रेरित करता है कि सही माइंडसेट (Mindset) और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।