
TRENDING NEWS










Uttarakhand: CM Dhami: Fraud : CSC:उत्तराखंड में जनसेवा केंद्रों के माध्यम से फर्जी दस्तावेज़ बनाए जाने की घटनाओं पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रकार के मामलों पर गंभीरता दिखाते हुए प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए हैं। सीएम धामी ने स्पष्ट कहा है कि फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर और देहरादून जिलों से ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने गृह सचिव शैलेश बगौली को जांच तेज करने और दोषियों पर सख्त कदम उठाने को कहा है।
बीती शाम नैनीताल जिले के हल्द्वानी बनभूलपुरा क्षेत्र में कुमायूं आयुक्त की छापेमारी में एक जनसेवा केंद्र से फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाए जाने का मामला पकड़ा गया। जांच में जनसेवा केंद्र संचालक फैजान मिकरानी की भूमिका सामने आई, जिसके खिलाफ तहसीलदार ने पुलिस में तहरीर दी है।
इस घटना के बाद डीएम नैनीताल ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी एसडीएम को निर्देशित किया है कि संबंधित जनसेवा केंद्र और अर्जिनविस के माध्यम से बनाए गए सभी पूर्व दस्तावेज़ों की जांच की जाए। जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि पूरे जिले के अन्य जनसेवा केंद्रों की भी गहन जांच की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में डेमोग्राफी परिवर्तन को लेकर लगातार चिंताएं जताई जाती रही हैं। कई शिकायतें सामने आई हैं कि यूपी के कुछ लोग जनसेवा केंद्रों के नेटवर्क के जरिए उत्तराखंड के स्थायी निवास प्रमाण पत्र प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे मामले उधम सिंह नगर और हरिद्वार में पहले भी दर्ज हो चुके हैं, जबकि देहरादून में परिवार रजिस्टर के आधार पर दस्तावेजों में हेरफेर का मामला उजागर हुआ था।
अब इन सभी घटनाओं के बाद धामी सरकार ने पूरी सख्ती से कार्रवाई करने का संकेत दिया है।
Business:Bihar:Startup: FoodProcessing: Makhanas:ShheFoods: PMFME: Entrepreneurs: SuccessStory: सैयद फराज जो पहले बेंगलुरु में इंजीनियर थे…उन्होंने नौकरी छोड़कर बिहार लौटने का फैसला किया। उन्होंने अपने साथी शिशिर शुभम के साथ 2021 में Shhe Foods नाम से स्टार्टअप शुरू किया…जो बिहार की पारंपरिक फसल मखाना को वैश्विक ब्रांड बनाने के मिशन पर काम कर रहा है।
सिर्फ 3 लाख की पूंजी से शुरू हुआ यह वेंचर आज करोड़ों के कारोबार में बदल चुका है। फराज और शिशिर ने 2,500 से ज्यादा किसानों से सीधा जुड़ाव बनाया और बिचौलियों को हटाकर भरोसे का नया मॉडल खड़ा किया।
2022 में इन्हें PMFME योजना के तहत 10 लाख का लोन और 15 लाख की फंडिंग मिली..जिससे 10,000 वर्ग फीट की यूनिट स्थापित हुई। कंपनी का रेवेन्यू 2022-23 में 8.3 लाख से बढ़कर 2024-25 में 2.4 करोड़ हो गया है…और लक्ष्य अगले दो साल में 200 करोड़ का है।
अब Shhe Foods के प्रोडक्ट 11 राज्यों के अलावा यूएई और अमेरिका तक पहुंच चुके हैं…बिहार से निकली यह कहानी अब देश की नई सफलता की गाथा बन चुकी है।
Dehradun:PushkarSinghDhami:HealthDepartment: MedicalCollege: UttarakhandNews: Healthcare: MedicalHub: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड का स्वास्थ्य विभाग लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। राज्य अब मेडिकल एजुकेशन हब के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री धामी के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि जल्द ही रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में भी मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे। सरकार का फोकस स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने के साथ-साथ मेडिकल एजुकेशन को सुदृढ़ बनाना है।
राज्य गठन के समय उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा में पिछड़ा था….लेकिन अब यहां 5 सरकारी और 4 निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, अल्मोड़ा और हरिद्वार के कॉलेज हर साल 625 एमबीबीएस और 238 पीजी सीटों के साथ चिकित्सा शिक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
वर्तमान में 1325 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं…जो राज्य गठन के समय शून्य थीं। सरकारी कॉलेजों के साथ हिमालयन, श्री गुरु राम राय, ग्राफिक एरा और गौतम बुद्ध मेडिकल कॉलेज जैसे निजी संस्थानों ने भी तेजी से विस्तार किया है।
सरकार ने मानव संसाधन को भी मजबूत किया है। हाल ही में 1,232 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्त किया गया…जबकि 22,000 से अधिक नई नौकरियाँ सृजित की गईं। साथ ही, प्रदेश में 12 सरकारी और 80 निजी नर्सिंग संस्थान हैं, जिनमें 4,700 बीएससी और 463 एमएससी नर्सिंग सीटें उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में हेली-एंबुलेंस सेवा जैसी पहलें दुर्गम इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचा रही हैं। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर में नए कॉलेजों के निर्माण से हर जिले में मेडिकल कॉलेज का सपना साकार हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनाना है। हम चाहते हैं कि युवाओं को बाहर न जाना पड़े और राज्य आत्मनिर्भर बने। आने वाले समय में उत्तराखंड पूरे उत्तर भारत को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ देने वाला अग्रणी राज्य बनेगा।
Haldwani News: PushkarSinghDhami: JournalistSafety: BulldozerAction: UttarakhandNews: PressFreedom: DeepakAdhikariCase: हल्द्वानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर पत्रकार दीपक अधिकारी पर हमले के आरोपियों के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई और बुलडोजर एक्शन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को बुके भेंट कर धन्यवाद दिया और आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों…इसके लिए सरकार ठोस कदम उठाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिखाए गए त्वरित एक्शन से न केवल पत्रकार समुदाय को न्याय मिला है…बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास भी और मजबूत हुआ है।
इस मौके पर श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महानगर अध्यक्ष योगेश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र नेगी, दिनेश पांडे, हर्ष रावत, महेंद्र सिंह नेगी, रक्षित टंडन और वंदना आर्य समेत कई पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान की भावना पहले से अधिक सुदृढ़ हुई है।
कार्यक्रम में पत्रकारों ने उम्मीद जताई कि सरकार आगे भी मीडिया जगत की सुरक्षा और स्वतंत्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी..ताकि प्रदेश में निष्पक्ष पत्रकारिता का वातावरण कायम रहे।
Dehradun:UttarakhandWeather:ColdWave:Fog: SnowfallAlert:Mussoorie: Nainital: Chamoli: Pithoragarh: UttarakhandNews: उत्तराखंड में सर्दी ने दस्तक दे दी है। राज्य के ज्यादातर जिलों में ठंडी हवाएँ चलने लगी हैं और आने वाले दिनों में ठिठुरन बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार इस समय राज्यभर में मौसम शुष्क बना रहेगा…लेकिन पर्वतीय इलाकों में पाला और मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा देखने को मिल रहा है।
सुबह और शाम के तापमान में गिरावट के चलते लोग अब स्वेटर, जैकेट और गर्म कपड़ों का सहारा लेने लगे हैं। दिन में हल्की धूप राहत देती है…लेकिन रात में शीतलहर के कारण ठंड का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। बदलते मौसम ने पर्वतीय और मैदानी दोनों इलाकों में असुविधाएँ बढ़ा दी हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि यदि हल्की बारिश होती है तो ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है…जिससे ठंड और तेज हो सकती है। अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, मसूरी और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में शीतलहर का असर बढ़ने के संकेत हैं। वहीं मैदानी इलाकों में सुबह-शाम घने कोहरे ने तापमान को और नीचे गिरा दिया है।
ठंड बढ़ने के साथ ही वायरल बीमारियों के मामलों में भी इज़ाफा देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि ठंड और धुंध से बचाव के उपाय करें। खासकर बुजुर्गों और छोटे बच्चों की विशेष देखभाल जरूरी है।
पर्यटन स्थलों पर मौसम का अलग ही रंग दिखाई दे रहा है। मसूरी और नैनीताल में इन दिनों मौसम सुहावना बना हुआ है…जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है। दिन के समय सैलानी धूप का आनंद ले रहे हैं…जबकि शाम होते ही ठंड में लिपटे नज़र आ रहे हैं।
फिलहाल मौसम विभाग ने अधिकारी ने कहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक राज्य के सभी जिलों में शुष्क मौसम बना रहेगा…लेकिन उच्च पर्वतीय इलाकों में संभावित बर्फबारी के संकेतों पर सतर्क निगाह रखने की आवश्यकता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि मौसम से जुड़ी आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान दें और जरूरी सावधानियाँ अपनाएँ।
Pithoragarh Shaheed:ITBP Inspector: Vineet Chand Rajwar: Ladakh: Uttarakhand News: देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र का एक और वीर सपूत देश की सेवा करते हुए अमर हो गया। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) में तैनात निरीक्षक (मेडिकल) विनीत चंद रजवार लद्दाख में ड्यूटी के दौरान चीन सीमा पर देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। उनके बलिदान की खबर से पूरे पिथौरागढ़ जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।
आईटीबीपी की 16वीं बटालियन में तैनात शहीद विनीत चंद रजवार मूल रूप से सेरी सुवालेख (पिथौरागढ़) के निवासी थे। वर्तमान में वे जगदंबा कॉलोनी पिथौरागढ़ नगर में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से उनका निधन हो गया।
शहीद का पार्थिव शरीर लद्दाख से विशेष विमान द्वारा दिल्ली लाया गया…जहां से सड़क मार्ग द्वारा पिथौरागढ़ स्थित उनके घर पहुंचाया गया। घर पहुंचते ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया। परिवार,रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों की आंखें नम हो उठीं।
क्षेत्र के लोगों ने स्वजनों को सांत्वना दी और पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन के अध्यक्ष छवि वर्मा, संरक्षक जगत सिंह सौन, और सीनियर सिटिजन वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य सहित बड़ी संख्या में लोगों ने अंतिम दर्शन किए।
बलिदानी विनीत चंद रजवार सैन्य परंपरा वाले परिवार से थे। उनके बड़े दादा स्व. सूबेदार चंद्री चंद वीर चक्र विजेता रह चुके हैं…जबकि दादा स्व. नायब सूबेदार भानी चंद को सेना मेडल प्राप्त हुआ था। उनके पिता इंद्र चंद रजवार भी सेवानिवृत्त डिप्टी कमांडेंट हैं।
रामेश्वर घाट (सरयू-रामगंगा संगम) पर शहीद को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पिता इंद्र चंद रजवार और चाचा सूबेदार महेंद्र चंद ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा के दौरान सब इंस्पेक्टर कुंवर सिंह के नेतृत्व में पार्थिव शरीर को घर से घाट तक ले जाया गया…जबकि 14वीं बटालियन आईटीबीपी के निरीक्षक गिरीश चंद के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
Ias Deepak Rawat: Fraud: Banbhulpura: तहसील हल्द्वानी में फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए जाने की शिकायत पर कुमाऊँ आयुक्त एवं मुख्यमंत्री सचिव दीपक रावत ने बड़ी कार्रवाई की है। बरेली निवासी रईस अहमद द्वारा की गई शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए आयुक्त ने देर शाम बनभूलपुरा क्षेत्र में छापा मारकर अराजनबीस (दस्तावेज़ लेखक) फैजान मिकरानी के घर पर दबिश दी, जहाँ से फर्जी दस्तावेज़, पुराने बिजली के बिल और अन्य कागजात बरामद किए गए। वहीं क्षेत्र में संचालित दूसरा सीएससी सेंटर भी बंद पाया गया।
आयुक्त को जनता दरबार में मिली शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता रईस अहमद के नाम का स्थायी निवास प्रमाणपत्र किसी और व्यक्ति के लिए जारी कर लिया गया था। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह प्रमाणपत्र फैजान मिकरानी द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाया गया था।
कैंप कार्यालय में आयुक्त रावत ने फैजान मिकरानी, शिकायतकर्ता रईस अहमद, देवेन्द्र पांडे और उनकी पत्नी नंदी पांडे सहित अन्य संबंधित लोगों से गहन पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि आवेदकों के दस्तावेज़ों का दुरुपयोग करते हुए नकली ईमेल आईडी बनाई जाती थीं और उन्हीं के आधार पर फर्जी प्रमाणपत्र तैयार किए जाते थे।
अभियान के दौरान पुलिस और प्रशासन को सैकड़ों पुराने बिजली बिल मिले, जो फर्जी दस्तावेज़ों में प्रमाण के रूप में उपयोग किए जा रहे थे। इससे विद्युत विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हुए हैं। आयुक्त ने तत्काल संबंधित कर्मचारी को बुलाकर पूछताछ की। साथ ही पटवारी स्तर पर होने वाले सत्यापन की भी जांच के निर्देश एसडीएम हल्द्वानी को दिए।
जांच में यह भी पता चला कि फर्जी दस्तावेज़ तैयार करते समय कई व्यक्तियों के मोबाइल नंबरों का गलत तरीके से उपयोग किया गया था। आयुक्त ने इसे गंभीर साइबर दुरुपयोग मानते हुए कठोर कार्रवाई के संकेत दिए।
पूरे मामले में आयुक्त रावत ने उप जिलाधिकारी हल्द्वानी को तुरंत मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तहसील परिसर में बिना लाइसेंस कोई भी अराजनबीस व पत्र लेखन का कार्य न करे, यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अब तक बनाए गए सभी प्रमाणपत्रों और मामलों की व्यापक जांच की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम राहुल शाह, पुलिस क्षेत्राधिकारी नितिन लोहनी, तहसीलदार कुलदीप पांडे सहित पुलिस व प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
Rishikesh: Bungee Jumping: Uttarakhand: साहसिक खेलों का हब बनते जा रहे शिवपुरी क्षेत्र में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। थ्रिल फैक्ट्री एडवेंचर पार्क में बंजी जंपिंग के दौरान रस्सी टूटने से गुड़गांव निवासी 24 वर्षीय युवक सोनू कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंप के समय सुरक्षा नियमों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया था। जंप करते ही रस्सी अचानक टूट गई और युवक नीचे स्थित टिन की छत पर जा गिरा। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हादसे का पूरा दृश्य कैद है। घायल युवक एक यूट्यूब व्लॉगर बताया जा रहा है, जो प्रमोशनल वीडियो शूट करने आया था।
मुनि की रेती थाना प्रभारी प्रदीप चौहान ने बताया कि घटना के तुरंत बाद घायल को एम्स ऋषिकेश ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल पीड़ित पक्ष से कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। “अगर शिकायत मिलती है, तो कंपनी के खिलाफ नियम अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी,” चौहान ने कहा।
इधर, स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमियों ने बंजी जंपिंग कंपनी की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की कमी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा इन कंपनियों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं की जा रही, जिससे हादसों का खतरा बढ़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, बंजी जंपिंग कंपनी के जनरल मैनेजर राजेश ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि सभी व्यवस्थाएँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार की गई थीं। “यह एक एडवेंचर स्पोर्ट है, जिसमें 1 प्रतिशत जोखिम बना रहता है। फिर भी हमारे यहां सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाता है,” उन्होंने कहा।
फिलहाल, घटना की जांच जारी है और प्रशासन की ओर से सुरक्षा मानकों को लेकर और कड़े कदम उठाने की उम्मीद की जा रही है।
Uttarakhand: Weather: Record: उत्तराखंड में जलवायु परिवर्तन का असर एक बार फिर साफ दिखाई दे रहा है। जहाँ एक ओर मानसून और पोस्ट-मानसून के दौरान सामान्य से अधिक हुई बारिश ने कई इलाकों में तबाही मचाई, वहीं अब सर्दियों की दस्तक के बावजूद नवंबर के दिनों में असामान्य गर्मी लोगों को परेशान कर रही है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष नवंबर का दूसरा सप्ताह पिछले दस वर्षों में सबसे अधिक गर्म रहा है। आमतौर पर नवंबर के शुरुआती दिनों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, जबकि दूसरे सप्ताह तक इसमें गिरावट आने लगती है। लेकिन इस बार 12 दिन बीत जाने के बाद भी तापमान 30 डिग्री के आस-पास बना हुआ है, जो सामान्य मौसम चक्र से अलग स्थिति को दर्शाता है।
बुधवार को दून का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि रात का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पोस्ट-मानसून सीजन की बारिश पूरी होने के बाद ही दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलेगी।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार से अगले छह दिनों तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। दिनभर धूप खिलने के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में दिन की ठंड में थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन मैदानी इलाकों में सर्दी का एहसास कम होगा। इसके बावजूद सुबह और शाम के समय धुंध और कोहरे के कारण मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है, जबकि पहाड़ों में शीतलहर चलने से लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ेगा।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है, जो आने वाले समय में और चुनौतियाँ खड़ी कर सकता है।
UttarakhandNews:Nainital:India:BhuvneshwarKumar :TeamIndia:KainchiDham: NeemKaroliBaba: भारतीय टीम के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार मंगलवार को कैंची धाम पहुंचे..जहां उन्होंने बाबा नीम करौरी महाराज के दरबार में मत्था टेका और देश-प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
भुवनेश्वर ने मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया और कुछ समय ध्यान में बिताया। उन्होंने मंदिर प्रबंधन से बाबा की लीलाओं की जानकारी भी ली। उनके आगमन की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में प्रशंसक मंदिर गेट पर जुट गए।
क्रिकेटर ने भी अपने चाहने वालों को निराश नहीं किया..उन्होंने सभी से मुस्कुराते हुए मुलाकात की, ऑटोग्राफ दिए और सेल्फी खिंचवाई। लगभग एक घंटे तक मंदिर में रुकने के बाद भुवनेश्वर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
बाबा नीम करौरी के भक्तों में अब एक और नाम जुड़ गया है…टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का।