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UttarakhandNews:RoadSafetyAward: AlmoraPolice: TrafficManagement: ExcellenceAward: CMDhami: TrafficAwareness: PublicSafety: अल्मोड़ा से गर्व की खबर है। राज्य में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए अल्मोड़ा जनपद के दो पुलिसकर्मियों को सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 18 नवंबर 2025 को देहरादून में आयोजित समारोह में उप निरीक्षक आनन्द बल्लभ कश्मीरा और आरक्षी विनोद कुंवर को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। दोनों अधिकारी लंबे समय से सड़क सुरक्षा, यातायात जागरूकता और दुर्घटना नियंत्रण के क्षेत्र में असाधारण कार्य कर रहे हैं।
उप निरीक्षक आनन्द बल्लभ कश्मीरा ने अपने क्षेत्र में लगातार ट्रैफिक चेकिंग, स्कूली बच्चों को यातायात शिक्षा, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में निगरानी और आधुनिक यातायात प्रबंधन तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया। वहीं आरक्षी विनोद कुंवर ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण पहल करते हुए समय-समय पर जागरूकता अभियानों का संचालन किया।
एसएसपी देवेन्द्र पींचा ने दोनों पुलिसकर्मियों को बधाई दी और कहा कि अल्मोड़ा पुलिस निरंतर जनता की सुरक्षा, सुव्यवस्थित यातायात और दुर्घटनारहित यात्रा की दिशा में कार्यरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सम्मान अन्य पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और भविष्य में जनपद सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में और अधिक प्रगति करेगा।
UttarakhandNews: LandRegistry: RegistrationFees: UttarakhandGovernment: PropertyRates: StampDepartment: RealEstate: Dehradun: उत्तराखंड में भूमि और अन्य अचल संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने पर अब पहले से अधिक शुल्क देना होगा। राज्य सरकार ने सोमवार से रजिस्ट्रेशन शुल्क की अधिकतम सीमा 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है। यह लगभग 10 वर्षों बाद रजिस्ट्री शुल्क में की गई पहली बड़ी बढ़ोतरी है।
राज्य में पिछले महीने ही सर्किल रेट में वृद्धि की गई थी…जिससे भूमि और संपत्ति खरीद की कुल लागत पहले ही बढ़ चुकी थी। अब रजिस्ट्रेशन शुल्क में यह वृद्धि खरीदारों के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार लेकर आई है। वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि यह बढ़ोतरी राज्य के विभिन्न रजिस्ट्री कार्यालयों के बुनियादी ढांचे में सुधार और उन्हें आधुनिक तकनीक से लैस करने के उद्देश्य से लागू की गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष 2015 में अधिकतम रजिस्ट्रेशन शुल्क 25 हजार रुपये निर्धारित किया गया था।
खरीदारों पर प्रभाव:
इस नई व्यवस्था के अनुसार, किसी भी भूमि या अचल संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर अब खरीदारों को अधिक राशि खर्च करनी होगी। हालांकि सरकार ने रजिस्ट्री शुल्क को संपत्ति मूल्य के प्रतिशत के हिसाब से लागू नहीं किया। स्टांप एवं रजिस्ट्री विभाग ने यह सुझाव दिया था कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की तर्ज पर शुल्क संपत्ति मूल्य का 1% रखा जाए, लेकिन सरकार ने इसे अस्वीकार कर केवल अधिकतम सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया।सरकार के अनुसार इस निर्णय से आम खरीदारों पर अत्यधिक वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा…जबकि विभागीय सुधार और आवश्यक तकनीकी निवेश के लिए पर्याप्त राजस्व प्राप्त होगा।
UttarakhandNews: NursingOfficers: MedicalCollege: UMSB: HealthDepartment: OnlineApplication: Haridwar: Pithoragarh: Dehradun: देहरादून से राहत की खबर सामने आई है। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (UMSB) ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 587 नए नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऑनलाइन आवेदन 27 नवंबर से शुरू होंगे और आवेदन की अंतिम तिथि 17 दिसंबर निर्धारित की गई है।
इस भर्ती से मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग अधिकारियों की कमी पूरी होगी और मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर सुविधा मिल सकेगी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि सरकार आम जनता को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए न केवल आधुनिक संसाधन उपलब्ध करा रही है…बल्कि आवश्यक पदों की भर्ती भी कर रही है।
बीते एक सप्ताह के भीतर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत 287 चिकित्सकों और 180 एएनएम के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार और पिथौरागढ़ में कुल 480 पद और बैकलॉग के 107 पद शामिल हैं। पदों का वितरण इस प्रकार है….
नर्सिंग अधिकारी महिला डिप्लोमाधारक: 336 पद
नर्सिंग अधिकारी महिला डिग्रीधारक: 144 पद
नर्सिंग अधिकारी पुरुष डिप्लोमाधारक: 32 पद
नर्सिंग अधिकारी पुलिस डिप्लोमाधारक: 75 पद
UttarakhandNews: RationSalt: IodizedSalt: Adulteration: RudrapurLab: FoodSafety: SandInSalt: UdhamsinghNagar: उधम सिंह नगर में राशन की दुकानों पर मिलने वाले आयोडाइज्ड नमक में मिलावट की खबरें तेजी से फैल रही थीं। कई लोगों ने बताया कि राशन में मिलने वाले नमक को पानी में घोलने पर अघुलनशील रेत जैसे तत्व दिखाई दे रहे थे।
इस विवाद के बीच नमक के नमूने रुद्रपुर लैब में जांच के लिए भेजे गए…जहाँ रिपोर्ट में आयोडाइज्ड नमक में सूक्ष्म रेत जैसी अघुलनशील मिलावट का खुलासा हुआ। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य आयुक्त रणवीर सिंह चौहान ने उत्तराखंड के सभी जिलों में इस नमक के वितरण पर तुरंत रोक लगा दी।
प्रदेश में नमक पोषण योजना के तहत प्रतिमाह 1400 मीट्रिक टन आयोडाइज्ड नमक 8 प्रति किलोग्राम के हिसाब से वितरित किया जाता था। अब वितरण रोकने के बाद लोगों को यह नमक नहीं मिलेगा।
राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड को नमक में मिलावट के मामले में नोटिस भी भेजा गया है। सितंबर में पहला मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने निर्माता के कारखाने का निरीक्षण करने और नमूनों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए थे। पहले लॉट में मिलावट नहीं पाई गई थी…लेकिन दूसरी जांच में रेत जैसी अघुलनशील मिलावट पकड़ी गई। इसके बाद निर्माता पर नोटिस जारी कर जुर्माना भी लगाया गया।
UttarakhandNews: RoadSafety: CMDhami: CashlessTreatment: AccidentRelief: UttarakhandHealth: TrafficManagement: MountainSafety: उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों ने राज्यवासियों की चिंता बढ़ा दी है। कई बार दुर्घटना के तुरंत बाद प्रभावित लोगों को सही उपचार नहीं मिल पाने के कारण जान भी चली जाती है। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सड़क हादसों को रोकने और घायलों को तत्काल राहत देने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सड़क हादसों के प्रभावितों को आयुष्मान योजना के अलावा निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए परिवहन और स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं…ताकि दुर्घटना के बाद रिस्पांस टाइम कम से कम रखा जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने वाहन ओवरलोडिंग रोकने और यातायात नियमों के पालन के लिए जनता को जागरूक करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के बाद प्रभावितों को जल्दी अस्पताल पहुंचाने के लिए रिस्पांस टाइम कम से कम रखा जाए।
इसके अलावा उन्होंने निर्देश दिए कि भीड़भाड़ और आवागमन वाली जगहों पर सड़क मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए और ब्लैक स्पॉट्स पर सड़क चौड़ीकरण और क्रैश बैरियर की स्थापना पर ध्यान दिया जाए। ट्रैफिक सिस्टम को AI और तकनीक आधारित ऑटोमेटेड मोड में संचालित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा और फर्स्ट रिस्पॉन्डर ट्रेनिंग प्रोग्राम लगातार आयोजित किए जाएंगे। पर्वतीय मार्गों पर सुरक्षित रुकने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए परिवहन और पर्यटन विभाग को योजना बनाकर समन्वय बनाए रखना होगा।
शीतकालीन यात्रा 2025 और आगामी चारधाम 2026 एवं नंदा राजजात यात्रा के मद्देनजर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी अधिकारियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
Uttarakhand News: Haldwani: Haldwani Chess Prodigy Tejas Tiwari Secures Third Place in Malaysia Commonwealth Championship: उत्तराखंड के नौनिहाल आज पढ़ाई के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। इतना ही नहीं प्रदेश के कई नौनिहाल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेहनत के बलबूते पर राज्य और देश का मान बढ़ा चुके हैं। हम आए दिन ऐसे ही होनहार नौनिहालों की खबरें लेकर आते रहते हैं…जिन्होंने किसी विशिष्ट क्षेत्र में सफलता हासिल की है।
आज हम आपको दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल, हल्द्वानी के तेजस तिवारी से रूबरू करवाने जा रहे हैं…जिन्होंने हाल ही में मलेशिया में आयोजित कॉमनवेल्थ अंतरराष्ट्रीय शतरंज चैंपियनशिप में उत्तराखंड का नाम रोशन किया। तेजस तिवारी जो अभी कक्षा 2 में पढ़ते हैं और केवल 8 वर्ष के हैं उन्होंने 8 से 17 नवंबर तक कुआलालंपुर, मलेशिया में खेले गए टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। उनके इस प्रदर्शन से न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का मान बढ़ा।
तेजस ने क्लासिकल फॉर्मेट में खेले गए 9 राउंड में 5.5 अंक अर्जित किए और अपनी स्टैंडर्ड फीडे रेटिंग में 42 पॉइंट की बढ़त की। हालांकि अंतिम मैच में मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनका खेल बेहद प्रभावशाली रहा। वहीं कॉमनवेल्थ ब्लिट्ज इवेंट में तेजस ने अंडर–8 आयु वर्ग में तीसरा स्थान हासिल किया और अपनी ब्लिट्ज रेटिंग में 48 पॉइंट की बढ़त दर्ज की।
तेजस ने 9 दिनों तक चले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को करारी शिकस्त दी, जबकि बांग्लादेश, न्यूज़ीलैंड और सिंगापुर के खिलाड़ियों से हार का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके, उनका खेल और उनका साहस हर किसी के दिल में जगह बनाने में सफल रहा।
Champawat News: Schools: Election: Closed: जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत)/जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अवगत कराया कि मा० राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रमानुसार त्रिस्तरीय पंचायत उप-निर्वाचन–2025 के अंतर्गत जनपद चम्पावत के विकासखण्ड लोहाघाट स्थित ग्राम पंचायत सैलपेडू के वार्ड संख्या-07 में 20 नवम्बर 2025 को मतदान सम्पन्न कराया जाना निर्धारित है।
निर्वाचन कार्य को सुव्यवस्थित रूप से संपादित किए जाने हेतु प्रा० पा० चैकुनी (सैलपेड) को मतदान केन्द्र के रूप में अधिसूचित किया गया है। अतः निर्वाचन कार्य हेतु 20.11.2025 को उक्त विद्यालय में एक दिवस का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि मतदान केंद्र पर शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक समस्त व्यवस्थाएँ—मतदान दल के आवास, बैठने, सामग्री प्रबंधन एवं अन्य सभी व्यवस्थाएँ—समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली जाएँ।
PregnantWomanDeath: UttarakhandHealthCrisis: ReferralIssue: Tehri: Uttarakhand News: उत्तराखंड में लचर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण एक और गर्भवती महिला की मौत हो गई, जिसने भिलंगना ब्लॉक में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। जानकारी के अनुसार गर्भवती महिला को सीएचसी बेलेश्वर से हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया था। परिजन उन्हें निजी वाहन से ले जा रहे थे, लेकिन ढाई घंटे की यात्रा के दौरान फकोट के पास उनकी मौत हो गई।
भिलंगना ब्लॉक के चमियाला क्षेत्र के श्रीकोट गांव निवासी नीतू पंवार (24 वर्ष) आठ माह की गर्भवती थीं। उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई। सुबह करीब 9 बजे परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बेलेश्वर ले गए। डॉक्टरों ने उनकी जांच के बाद बताया कि नियमित जांच न होने के कारण नीतू के शरीर में गंभीर सूजन (एडिमा) और ब्लड प्रेशर में वृद्धि हो गई थी। सुरक्षा को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।
परिजनों का कहना है कि CHC में दिए गए उपचार और इंजेक्शन के बावजूद उन्हें कहा गया कि रास्ते में किसी भी अस्पताल पर दिखा लें। इसी कारण उन्होंने निजी वाहन से नीतू को ले जाने का निर्णय लिया। फकोट के पास यात्रा के दौरान नीतू की मौत हो गई। उनके पति दीपक पंवार बहरीन में नौकरी करते हैं।
रेफर के दौरान हुई तीसरी मौत
स्थानीय लोग और परिजन बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों में इसी क्षेत्र से रेफर के दौरान तीन प्रसूताओं की जान जा चुकी हैं…..
सितंबर में अनीशा रावत की मौत
अक्टूबर में रवीना कठैत की मौत
अब 18 नवंबर को नीतू पंवार की मौत
चिकित्सा प्रभारी CHC बेलेश्वर डॉ. शिव प्रसाद भट्ट ने कहा कि नीतू की नियमित जांच नहीं हुई थी…जिसके कारण शरीर में सूजन और बीपी वृद्धि हुई। इन्हीं कारणों से सुरक्षा के दृष्टिगत हायर सेंटर भेजा गया था।
तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
गर्भवती महिला की मौत के बाद सीएमओ डॉ. श्याम विजय ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम में शामिल हैं…..
एसीएमओ डॉ. जितेंद्र भंडारी
जिला अस्पताल बौराड़ी के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. एस मोहन सती
गायनोलॉजिस्ट डॉ. पूर्वी भट्ट
टीम को एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में प्रसव-पूर्व इतिहास किए गए परीक्षण, CHC में दिए गए उपचार और रेफर प्रक्रिया सहित सभी पहलुओं का विश्लेषण किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार रेफर और लंबी दूरी के कारण समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका। पिछले कुछ महीनों में इसी क्षेत्र से तीन प्रसूताओं की मौत रेफर के दौरान हो चुकी है।
Rudraprayag: Shekha Mehra: first female NIC Kabaddi coach: women in sports: NIC training: Kabaddi coach:Uttarakhand News: रुद्रप्रयाग जिले की शेखा मेहरा ने उत्तराखंड की पहली महिला एनआईएस (National Institute of Sports) कबड्डी कोच बनने का गौरवपूर्ण सम्मान हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिजनों, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का मान बढ़ाया है।
शेखा मेहरा रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लॉक के लुठियाग (चिरबिटिया) गांव की मूल निवासी हैं। सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी शेखा ने अपनी मेहनत, लगन और जुझारू स्वभाव के दम पर खेल जगत में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने नेताजी सुभाष राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्थान, बेंगलुरु से कबड्डी में एनआईएस प्रशिक्षण पूरा कर यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की। शेखा ने उत्तराखंड की ओर से जूनियर अंडर-20 बालिका वर्ग और दो बार सीनियर महिला वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनके शानदार खेल ने उन्हें राज्य की शीर्ष महिला कबड्डी खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।
वर्तमान में शेखा हरिद्वार स्थित नेशनल कैंप में उत्तराखंड महिला कबड्डी टीम को प्रशिक्षण दे रही हैं। उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर से बीएससी और बीपीएड की पढ़ाई प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। उनके पिता शैलेंद्र मेहरा चिरबिटिया डाकघर में पोस्टमास्टर हैं….जबकि माता मुन्नी देवी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। माता-पिता के समर्थन ने उन्हें चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास दिया।
शेखा मेहरा का कहना है कि यदि मन में उद्देश्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो पहाड़ की बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेंगी। उनका मानना है कि संघर्ष की निरंतर यात्रा ही सफलता तक पहुँचाती है और अवसरों की कमी कभी भी प्रतिभा के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती।
कबड्डी एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह रौथाण और रुद्रप्रयाग जिला कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष हरेंद्र बर्त्वाल ने शेखा मेहरा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
Uttarakhand News: Mining: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय सुधारों और पारदर्शी नीतियों के चलते उत्तराखंड को एक बार फिर केंद्र सरकार से बड़ी प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। केंद्र के खान मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 की स्पेशल असिस्टेंस स्कीम फॉर कैपिटल इंसेंटिव (SASCI) के तहत राज्य को माइनर मिनरल रिफॉर्म्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता स्वीकृत की है।
इससे पहले अक्टूबर 2025 में एसएमआरआई रैंकिंग में दूसरा स्थान हासिल करने पर उत्तराखंड को 100 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी गई थी। इस प्रकार अब तक राज्य को खनन सुधारों के आधार पर कुल 200 करोड़ रुपये की सहायता मिल चुकी है।
18 नवंबर 2025 को जारी केंद्र सरकार के ताज़ा कार्यालय ज्ञापन में बताया गया है कि उत्तराखंड ने खनन क्षेत्र से जुड़े अधिकांश सुधार समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू किए हैं। माइनर मिनरल रिफॉर्म्स के तहत निर्धारित 7 सुधारों में से 6 सुधारों को पूरा करते हुए राज्य ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
खनन क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी और व्यवसाय-हितैषी नीतियों ने राज्य की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। ई-निलामी प्रणाली, सैटेलाइट आधारित निगरानी, कड़े पर्यावरणीय मानक और अवैध खनन पर शिकंजा कसने जैसे कदमों ने खनन व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाया है।
इन सुधारों से:
अपनी रैंकिंग में शामिल राज्यों—नागालैंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल—की तुलना में उत्तराखंड का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा है। बेहतर नीतिगत मॉडल के चलते उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य भी उत्तराखंड की खनन नीतियों का अनुसरण कर रहे हैं।
लगातार सुधारों और बढ़ती पारदर्शिता के कारण उत्तराखंड आज देश के खनन परिदृश्य में एक विश्वसनीय और मजबूत पहचान बनाता जा रहा है। केंद्र सरकार की समीक्षा रिपोर्ट में भी राज्य के इस प्रदर्शन की सराहना की गई है।
उत्तराखंड में खनन क्षेत्र अब राज्य सरकार के लिए प्रमुख राजस्व स्रोतों में से एक बनकर उभरा है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।