देहरादून में सरकारी जमीन पर चली JCB, अवैध मकान और धार्मिक संचरनाएं गिराई गई !

देहरादून: पछुवा दून क्षेत्र में शक्ति नगर किनारे ऊर्जा विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने रविवार को व्यापक अभियान चलाया। धामी सरकार के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में करीब 11 हेक्टेयर सरकारी भूमि खाली कराई गई, जिस पर 111 परिवारों ने अवैध कब्जा कर रखा था।

ऊर्जा विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया और रविवार को 60 भवनों को ध्वस्त कर दिया। इसी दौरान सरकारी जमीन पर बने एक बड़े मदरसे को भी गिराया गया। प्रशासन के अनुसार, दो वर्ष पूर्व इसे स्वेच्छा से हटाने के लिए नोटिस और समय दिया गया था, लेकिन बाद में वहां मीनारें बनाकर उसे मस्जिद का रूप देने की कोशिश की गई।

कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और विरोध की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस बल ने हालात को नियंत्रित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि नोटिस जारी कर पर्याप्त समय दिया गया था, इसके बाद ही ध्वस्तीकरण किया गया।

एसडीएम विनोद कुमार ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी है और जहां भी सरकारी भूमि पर कब्जा है, उसे खाली कराया जाएगा। इससे पहले भी ढकरानी से डाक पत्थर तक शक्ति नहर के दोनों ओर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हटाए गए थे। सरकार इस क्षेत्र में निवेशकों के लिए सोलर प्लांट परियोजनाओं पर काम कर रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा।

उत्तराखंड में सोमवार को जारी हुई सरकारी छुट्टी अब मान्य नहीं होगी !

देहरादून: सरकारी दफ्तरों में काम करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है।

24 नवंबर को तय की गई सरकारी छुट्टी अब मान्य नहीं होगी। यानी सभी कर्मचारियों को 24 नवंबर को सामान्य रूप से ऑफिस पहुंचना होगा।

दरअसल, श्री गुरु तेगबहादुर जी के शहीदी दिवस पर घोषित अवकाश की तिथि में परिवर्तन किया गया है।

सरकार ने छुट्टी को 24 नवंबर की जगह अब 25 नवंबर को स्थानांतरित कर दिया है।

इस बदलाव के बाद स्पष्ट है कि सभी सरकारी दफ्तर 24 नवंबर को खुले रहेंगे, जबकि 25 नवंबर को अवकाश रहेगा।

कर्मचारियों से अपील है कि वे इस संशोधित आदेश का पालन करें और अपनी कार्य योजना उसी अनुसार तय करें।

सरकारी स्तर पर आदेश जारी हो चुका है, इसलिए किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रखें।

हल्द्वानी के रक्षित डालाकोटी ने कूच बिहार ट्रॉफी में जड़ा दोहरा शतक

Rakshit Dalakoti: Uttarakhand: Under-19: COOCH BEHAR TROPHY: क्रिकेट के मैदान से उत्तराखंड के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है। कूच बिहार ट्रॉफी में हल्द्वानी निवासी रक्षित डालाकोटी ने महाराष्ट्र के खिलाफ दोहरा शतक जमाया है। घरेलू क्रिकेट में रक्षित के बल्ले से निकाला ये पहला शतक है, जो उन्होंने दूसरे शतक में तब्दील किया। रक्षित इस साल शानदार फार्म नजर आ रहे हैं और पहले मुकाबले में भी उन्होंने शानदार 88 रनों की जूझारू पारी खेली थी।

काशीपुर में उत्तराखंड और महाराष्ट्र के बीच मुकाबला खेला जा रहा है। पहला दिन उत्तराखंड के बल्लेबाजों के नाम रहा। उत्तराखंड ने पहला दिन खेल खत्म होने तक एक विकेट के नुकसान पर 382 रन बना लिए हैं। रक्षित डालाकोटी नाबाद 210 नाबाद और आदित्य नैथानी नाबाद 156 रन पर क्रीज पर मौजूद हैं। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 369 रनों की पार्टनरशिप हो चुकी है। रक्षित ने अब तक 273 गेंदों का सामना किया है। उनके बल्ले से 31 चौके और तीन छक्के निकले। दूसरी तरफ आदित्य ने 249 गेदों में 156 रन बना लिए हैं। उन्होंने 249 गेंदों में 3 छक्के और 21 चौके जड़े हैं।

रक्षित डालाकोटी ने 273 गेंदों में नाबाद 210 रन बनाए। उनके बल्ले से तीन छक्के और 31 चौक निकले। बता दें इससे पहले साल 2022 में रक्षित उत्तराखंड अंडर- 16 टीम के लिए भी कमाल का प्रदर्शन कर चुके हैं। वहीं वो राज्य के उन युवा खिलाड़ियों में शामिल है जिन्होंने अपने प्रदर्शन से अपना नाम कमाया है।

कोच दान सिंह कन्याल रक्षित के प्रदर्शन से संतुष्ट नजर आए। हालांकि उन्होंने रक्षित के पिछले मैच में 88 रनों की पारी की ज्यादा तारीफ की। कोच का कहना है कि पिछले मैच जो संयम रक्षित ने दिखाया उसका फायदा इस मैच में मिला है। रक्षित ने कर्नाटक के खिलाफ 185 गेंदों में 88 रनों की पारी खेली थी।

दुखद ख़बर: जम्मू–कश्मीर मे उत्तराखंड का जवान हुआ शहीद

Agneeveer Deepak Singh : Uttarakhand Soldier Death :  Poonch LOC Incident : Suspicious Death Army ;  Champawat News : Uttarakhand New : चंपावत जिले के पाटी ब्लॉक के खरही गांव के 23 वर्षीय अग्निवीर दीपक सिंह जम्मू–कश्मीर के पुंछ जिले में संदिग्ध परिस्थितियों में शहीद हो गए। दीपक एलओसी के पास अग्रिम चौकी पर तैनात थे…जहां शनिवार दोपहर गोली चलने की आवाज सुनकर साथी जवान मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल दीपक को तुरंत मेडिकल कैंप ले जाया गया…जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सेना ने मामले की संदिग्ध स्थिति को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली दुर्घटनावश चली या यह आत्महत्या का मामला है।

दीपक सिंह दो साल पहले अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती हुए थे। वह हाल ही में दस दिन की छुट्टी लेकर ड्यूटी पर लौटे थे और परिवार उनकी शादी की तैयारियों में व्यस्त था। अचानक मिली इस दुखद खबर ने पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है परिवार और गांववासी गहरे सदमे में हैं। शहीद जवान का पार्थिव शरीर सोमवार तक पैतृक गांव खरही पहुंचे की संभावना है।

बागेश्वर के कैप्टन नारायण सिंह की मेहनत रंग लाई, अग्निवीर भर्ती में 55 से अधिक युवाओं का चयन

Bageshwar: Agniveer: Captain Narayan Singh: जिले की प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण संस्था यूथ इंडिया अकादमी ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट सफलता से क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सेवानिवृत्त कैप्टन नारायण सिंह के मार्गदर्शन में संचालित यह निश्शुल्क अकादमी वर्ष 2017 से निरंतर युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। इस वर्ष आर्मी अग्निवीर भर्ती में अकादमी के 55 से अधिक प्रशिक्षुओं का फाइनल चयन हुआ है, जिसे पूरे जिले में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

शनिवार को चयनित युवा जब अकादमी लौटे, तो मैदान उत्साह, जोश और गर्व से गूंज उठा। सफल अभ्यर्थियों ने अपनी उपलब्धि कैप्टन नारायण सिंह के साथ साझा की। कैप्टन सिंह ने कहा कि यह सफलता युवाओं की लगन, अनुशासन और कठिन परिश्रम का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्र के युवाओं में क्षमता की कोई कमी नहीं होती, उन्हें बस सही दिशा और अवसर की जरूरत है।

ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए चयनित युवाओं ने बताया कि अकादमी में सुबह से देर शाम तक चलने वाली दौड़, शारीरिक अभ्यास, लिखित परीक्षा की तैयारी और मानसिक प्रशिक्षण ने उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करने में सक्षम बनाया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कैप्टन सिंह और संस्थान के कठोर लेकिन सार्थक प्रशिक्षण को दिया।

स्थानीय लोगों और परिजनों ने भी इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि सीमित संसाधनों वाले पहाड़ी क्षेत्र से इतने बड़े पैमाने पर चयन होना प्रेरणादायक है। यह उपलब्धि न केवल जिले, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं में नई ऊर्जा और उम्मीद जगाने वाली है।

हल्द्वानी में नया फर्जीवाड़ा सामने आया, 2007 से जारी किया जा रहा था अवैध प्रमाणपत्र

Haldwani : UttarakhandNews : FakeCertificates : SDMHaldwani : AdministrativeAction : हल्द्वानी में स्थाई प्रमाणपत्रों के सत्यापन अभियान के दौरान एक आवेदन में अंजुमन मोमिन अंसार, आज़ाद नगर, नैनीताल द्वारा प्रस्तुत कथित प्रमाणपत्र संदिग्ध पाया गया।

तत्काल कार्रवाई करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी, एस.डी.एम. हल्द्वानी और तहसीलदार हल्द्वानी की संयुक्त टीम ने सोसाइटी के पते का सत्यापन किया। जांच में सामने आया कि सोसाइटी अपने पंजीकृत पते पर मौजूद नहीं थी।

स्थानीय जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि रईस अहमद अंसारी, जो साहूकर लाइन में दुकान चलाते हैं, उन्होंने अवैध रूप से सोसाइटी के नाम पर प्रमाणपत्र जारी किए। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि यह कार्य वे साल 2007 से कर रहे हैं। रिकॉर्ड सत्यापन में पाया गया कि सोसाइटी वर्ष 2007 से नवीनीकृत नहीं हुई थी अध्यक्ष और महासचिव का निधन हो चुका था और सोसाइटी पूरी तरह से निष्क्रिय/अवैध स्थिति में थी।

इसके बावजूद एक अनधिकृत व्यक्ति द्वारा सोसाइटी का संचालन कर अवैध प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे थे। इन प्रमाणपत्रों का उपयोग कई व्यक्तियों द्वारा जाति, जन्म और निवास प्रमाण के रूप में किया जा रहा था….जबकि सोसाइटी को इसका कानूनी अधिकार नहीं था।

एस.डी.एम. हल्द्वानी ने तहसीलदार को निर्देश दिए कि ऐसे प्रमाणपत्रों के आधार पर जारी सभी जाति प्रमाणपत्रों की जांच तत्काल की जाए। टीम ने संबंधित दस्तावेज सीज़ कर लिए हैं और अवैध प्रमाणपत्र जारी करने में संलिप्त व्यक्ति के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अवैध प्रमाणपत्र जारी करने और उपयोग करने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी प्रमाणपत्रों को चिन्हित किया जा रहा है और प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।

हल्द्वानी में बिना डॉक्टर हो रहा था अल्ट्रासाउंड, डायग्नोस्टिक सेंटर को प्रशासन ने किया सील

Haldwani : UttarakhandNews : UltrasoundCenterInspection : PCPNDTAct : HealthSafety : MedicalIrregularities :  कुमाऊं के मुख्य प्रवेश द्वार हल्द्वानी में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत दो प्रमुख अल्ट्रासाउंड केंद्रों……राघव पैथ लेब मुखानी और सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर हीरा नगर का औचक निरीक्षण किया गया।

हीरा नगर स्थित सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच के दौरान टीम ने कई अनियमितताएं पाई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में 26 मरीजों के अल्ट्रासाउंड की पर्चियां काटी गईं….यानी बिना डॉक्टर के ही अल्ट्रासाउंड किए जा रहे थे….जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। एएनसी रजिस्टर और फॉर्म पर रेडियोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर भी नहीं मिले।

स्थिति और गंभीर तब हुई जब अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज देखने की मांग की….तो स्टाफ ने बताया कि कैमरा खराब है। इस पर निरीक्षण टीम ने प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई और मौके पर ही अल्ट्रासाउंड कक्ष को सील कर दिया। कक्ष की चाबी प्रशासन ने अपने कब्जे में ले ली है। साथ ही केंद्र को तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश भी दिए गए।

निरीक्षण टीम में सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, एसीएमओ डॉ. स्वेता भंडारी, ललित ढोंडियाल और जगदीश चंद्र शामिल थे।

हल्द्वानी अब बदला-बदला नजर आएगा, पार्किंग,मीट मार्केट और वेन्डिंग ज़ोन को मंजूरी 

Haldwani : MunicipalCorporation : UrbanDevelopment : HaldwaniUpdates : UttarakhandNews : नगर निगम हल्द्वानी–काठगोदाम की बोर्ड बैठक शुक्रवार को महापौर गजराज सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में नगर विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी।

बैठक में नव-सम्मिलित क्षेत्रों के व्यावसायिक भवनों पर कर जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक बढ़ाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके अलावा नगर निगम कार्यालय के विस्तार कार्य हेतु 6.94 करोड़ रुपये और एस.टी.पी. प्लांट से पाइपलाइन डालने के कार्य के लिए 1.10 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई।

बैठक में निगम की दुकानों के प्रथम तल के आवंटन कृष्णा कत्था फैक्ट्री परिसर में कैंप कार्यालय स्थापित करने और वहां रह रहे लोगों के पुनर्वास एसडीएम कार्यालय के नमो भवन में शिफ्ट होने के बाद भवन को निगम को हस्तांतरित करने जैसे प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। निगम की भूमि पर निजी पार्किंग निर्माण की अनुमति, दुकानों के किराये में दो माह की छूट और अनुबंध नवीनीकरण पर भी सहमति बनी।

इसके अतिरिक्त खोड़ क्षेत्र में मीट मार्केट, मंगल पड़ाव में वेन्डिंग ज़ोन, वर्कशॉप लाइन और अन्य क्षेत्रों में दुकानों के निर्माण के प्रस्ताव अनुमोदित किए गए। छतरी चौराहे पर पुस्तकालय निर्माण और बरेली रोड नई मंडी के सामने दुकान निर्माण की स्वीकृति भी बैठक में दी गई।

नगर में ई-वी वाहनों के लिए तीन चार्जिंग स्टेशन, शनि बाजार स्टेशन पर चबूतरा, कटघरिया चौराहे पर लेबर शेड और दुकानों के निर्माण को भी हरी झंडी मिली। कर्मचारियों की 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक मशीन, निगम कर्मचारियों के लिए गोल्डन कार्ड और निगम प्रमाणपत्रों में यूजर चार्ज रसीद अनिवार्य करने का निर्णय भी लिया गया।

इसके अलावा जज कोर्ट के पास आंचल मिल्क कैफे निर्माण, कैनाल रोड का नामकरण ‘जगत सिंह पांगी’ करने का प्रस्ताव और रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत किए गए कार्यों की समीक्षा भी बैठक में शामिल रही। बोर्ड ने निगम पार्षदों के लिए अन्य राज्यों में शैक्षिक भ्रमण कराने और निगम द्वारा बनाई गई उपविधियों को सर्वसम्मति से स्वीकृत किया।

उत्तराखंड में UPCL के 24 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत, एक बार फिर हुआ बड़ा फैसला

UttarakhandNews : Dehradun : UPCL : ElectricityBillRelief : URC : FPPCARelief : PowerConsumers : उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (URC) ने राज्य के 24 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की घोषणा की है। आयोग ने फ्यूल एंड पावर परचेज कास्ट एडजस्टमेंट (FPPCए) के तहत 50.28 करोड़ रुपए का समायोजन बिलों में करने का निर्देश दिया है। यह राहत जनवरी के बिलों में उपभोक्ताओं को दिखाई देगी।

मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल से जून की तिमाही में यूपीसीएल ने FPPCए की गणना के आधार पर नियामक आयोग में पिटीशन दायर की थी। आयोग ने बिजली खरीद लागत में कमी को ध्यान में रखते हुए 50.28 करोड़ रुपए का नकारात्मक FPPCए स्वीकृत किया। इसका लाभ सीधे उपभोक्ताओं को मिलेगा। आयोग ने स्पष्ट किया कि यूपीसीएल दो महीने बाद उपभोक्ताओं से FPPCए वसूलेगा। उदाहरण के तौर पर अप्रैल महीने का FPPCए जून की खपत पर लागू होगा….जिसकी बिलिंग जुलाई में होगी।

उपभोक्ताओं की मांग पर आयोग ने यूपीसीएल को निर्देश दिए हैं कि हर महीने लागू होने वाला FPPCए पिछले महीने की 28 तारीख तक वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाए। आयोग ने औसत बिजली खरीद दर 5.39 रुपये प्रति यूनिट को स्वीकार किया है।

यूपीसीएल ने बताया कि इस तिमाही में उनसे 27.28 करोड़ रुपए की अधिक वसूली हुई है। ऑडिटेड रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण आयोग ने इस राशि को अस्थाई रूप से आगे समायोजित करने की अनुमति दी है। गणना के अनुसार जनवरी के बिलों में 50 करोड़ रुपए की छूट दिखाई देगी…जिससे उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।

इसके अलावा यूपीसीएल ने हर साल 200 करोड़ रुपए से अधिक के जुर्माने से बचने के लिए एक समाधान तैयार किया है। आईआईटी के विशेषज्ञों की मदद से एक ऑटोमेटिक डिमांड रिस्पांस सिस्टम विकसित किया गया है। इस सिस्टम के जरिए राज्य के भीतर और बाहर जाने वाली बिजली का हिसाब रोजाना, अनुमानित मांग के अनुसार किया जा सकेगा।

ऊर्जा निगम ने आईआईटी के युवाओं की मदद से सॉफ्टवेयर तैयार किया है जो राज्य के भीतर बिजली के सभी बिंदुओं की लाइव रीडिंग देता है। इस सॉफ्टवेयर के जरिए अचानक मांग बढ़ने पर मुख्यालय से बिजली को समायोजित या काटा जा सकता है, जिससे राज्य में बिजली की आपूर्ति अधिक सुरक्षित और संतुलित तरीके से हो सकेगी।

यूट्यूबर सौरभ जोशी ने अपने विवाह के लिए मांगी पुलिस सुरक्षा, पत्नी का भी हुआ खुलासा !

HaldiwaniNews : SouravJoshi : AvantikaBhatt : youTuberWedding : HighSecurity : UttarakhandNews : उत्तराखंड और देश के जाने-माने यूट्यूबर और ब्लॉगर सौरव जोशी जल्द ही अवंतिका भट्ट के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। शादी से पहले सौरव और उनके परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।

सूत्रों के अनुसार नैनीताल जिले के हल्द्वानी के रामपुर रोड निवासी सौरव जोशी की शादी में सुरक्षा को लेकर पूरी तैयारी की जा रही है। पुलिस ने खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया है और विवाह स्थल के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विवाह समारोह की सारी तैयारियों को गोपनीय रखा गया है ताकि सुरक्षा में कोई कमी न रहे।

जानकारी के अनुसार सौरव जोशी की शादी में सिर्फ 20 लोगों को ही आमंत्रित किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने भी बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से समारोह और कई अन्य विवरण सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।

बता दें सौरव जोशी के लिए पहले भी सुरक्षा एक चिंता का विषय रही है। बीते सितंबर में उनसे रंगदारी मांगी गई थी…जिसमें गैंगस्टर हिमांशु भाऊ का नाम चर्चा में आया था। इसके बावजूद सौरव ने लगातार अपने यूट्यूब और ब्लॉगर करियर में सफलता हासिल की है।

पुलिस प्रशासन इस बार यह सुनिश्चित कर रहा है कि शादी समारोह सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो…ताकि सौरव और अवंतिका के परिवार के अलावा आम जनता को भी किसी तरह की परेशानी न हो।