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हल्द्वानी: हल्दूचौड़ के मुख्य बाजार क्षेत्र एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। स्थानीय व्यापारी रमेश दुम्का (65) और उनकी पत्नी कमला दुम्का (50) अपने घर की पहली मंजिल पर मृत पाए गए। बुधवार सुबह जब परिजनों ने कमरों के दरवाज़े खोले, तो दंपत्ति अलग-अलग कमरों में पंखों से लटके मिले, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, रमेश दुम्का पिछले कुछ समय से व्यापार में हो रहे नुकसान और बढ़ते आर्थिक दबाव से परेशान थे। इससे उनके मानसिक तनाव में निरंतर बढ़ोतरी हो रही थी। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से मिले प्रारंभिक साक्ष्य मामले को संदिग्ध बनाते हैं, और सभी संभावित पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
दंपत्ति की अचानक मौत से स्थानीय व्यापारी समुदाय और निवासियों में गहरा शोक है। दुम्का परिवार अपनी विनम्रता और सरल स्वभाव के कारण इलाके में विशेष पहचान रखता था। घटना की जानकारी मिलते ही घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है, और पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
UttarakhandNews : Haldwani : Bhimtal : TrafficAdvisory : TrafficUpdate : हल्द्वानी से बड़ी ट्रैफिक अपडेट….नैनीताल पुलिस ने राज्य मार्ग संख्या 10 पर यात्रा करने वालों के लिए आवश्यक सूचना जारी की है। भीमताल प्रभाग में किलोमीटर 13, 14 और 15 यानी बोहराकून के पास 3 दिसंबर से 15 दिसंबर तक सड़क पर डामरीकरण का कार्य चल रहा है। इसी वजह से प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक भीमताल और रानीबाग के बीच सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
पुलिस ने स्थानीय निवासियों वाहन चालकों और पर्यटकों से अपील की है कि यदि इस अवधि में सुबह 7:30 से 12:30 बजे के बीच हल्द्वानी–भीमताल की यात्रा करनी हो…तो असुविधा से बचने के लिए वाया भवाली–ज्योलिकोट मार्ग का उपयोग करें।
नैनीताल पुलिस का कहना है कि यह व्यवस्था सड़क निर्माण कार्य को सुरक्षित और समय पर पूरा करने के लिए की जा रही है। जनता से सहयोग की अपील की गई है।
Uttarakhand News : Anti-Drugs Drive : Dehradun : Graphic Era University : देहरादून में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर सख्ती के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक ड्रग्स चेकिंग अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर एसडीएम हरिगिर की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम सोमवार सुबह ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी पहुँची…जहाँ बड़ी संख्या में छात्र–छात्राओं की ड्रग टेस्टिंग की गई। प्रशासन का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में सुरक्षित, नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्कूल या कॉलेज में ड्रग टेस्टिंग के दौरान कोई छात्र पॉजिटिव पाया गया, तो संबंधित डीन या कॉलेज स्वामी पर आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। यह पूरा अभियान जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत चल रहा है।
यहाँ विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों, मानसिक स्वास्थ्य पर असर और करियर पर पड़ने वाले खतरे के बारे में भी जागरूक किया गया। प्रशासन की ओर से रायवाला में 30-बैडेड नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित किया जा रहा है…जबकि एआईIMS में 10 बेड इंटेंसिव थेरेपी के लिए रिज़र्व हैं।
एंटी-ड्रग्स हेल्पलाइन 9625777399 हेल्पलाइन 1933 और एनसीवी पोर्टल की जानकारी संस्थानों में चस्पा की गई है…ताकि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो सके।
UttarakhandNews : PriyankaMeher : ChamoliControversy : GarhwaliSongDispute : उत्तराखण्ड की चर्चित युवा गायिका प्रियंका मेहर अपने गीतों से लोगों को झूमने पर मजबूर करती रही हैं…लेकिन इस बार वह अपने एक नए गीत को लेकर विवादों में आ गई हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर 28 अक्टूबर 2025 को रिलीज हुए गीत “स्वामी जी प्लीज़” ने चमोली जिले की उर्गम घाटी में तीखी प्रतिक्रियाएँ पैदा कर दी हैं।
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि गीत की कुछ पंक्तियाँ क्षेत्र की सांस्कृतिक मर्यादा को ठेस पहुँचाती हैं। खासकर पंक्ति….“उर्गम के कस्से में दगड़ियों के साथ फुल नशे में”
को आपत्तिजनक बताते हुए कहा गया है कि इससे उर्गम घाटी को नकारात्मक रूप में दर्शाया गया है….जो सामुदायिक मानहानि की श्रेणी में आता है।
इसी आधार पर गांव की ओर से अधिवक्ता सुरभि शाह के माध्यम से प्रियंका मेहर को औपचारिक कानूनी नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस जोशीमठ के ब्लॉक प्रमुख अनुप सिंह नेगी की ओर से जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि गीत की उक्त पंक्तियों ने न सिर्फ स्थानीय लोगों की भावनाएँ आहत की हैं….बल्कि ध्यान बद्री और कल्पेश्वर महादेव जैसे पवित्र स्थलों वाली उर्गम घाटी की प्रतिष्ठा और सांस्कृतिक पहचान को भी नुकसान पहुँचाया है।
नोटिस में तीन मांगें की गई हैं….
गीत को सभी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स से तुरंत हटाया जाए।
उर्गम गांव और स्थानीय समुदाय से लिखित और वीडियो के माध्यम से सार्वजनिक माफ़ी दी जाए।
क्षेत्र की गरिमा को हुए नुकसान की भरपाई हेतु उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई न होने पर ग्राम सभा मानहानि सहित अन्य कानूनी धाराओं में मुकदमा दायर करेगी…जिसके सभी दुष्परिणाम और खर्च प्रियंका मेहर को वहन करने होंगे।
उधर विवाद पर प्रियंका मेहर का कोई आधिकारिक बयान फिलहाल सामने नहीं आया है। हालांकि उनके एक साथी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में आपत्ति जताई है कि किसी का व्यक्तिगत पता और मोबाइल नंबर सार्वजनिक करना निजता का उल्लंघन है। उन्होंने ब्लॉक प्रमुख द्वारा नोटिस और व्यक्तिगत विवरण वायरल किए जाने पर नाराजगी जताई और कुछ सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स द्वारा इसे आगे फैलाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
UttarakhandNews : Chamoli : Crime : EducationFraud : चमोली जिले में छात्राओं के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार अतिथि शिक्षक यूनुस अंसारी पर अब एक और बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। वर्ष 2015 में उसे मिली अतिथि शिक्षक की नौकरी चमोली जिले के स्थाई निवास प्रमाण पत्र के आधार पर दी गई थी…लेकिन अब उसके नजीबाबाद (उत्तर प्रदेश) का मूल निवासी होने की बात सामने आने पर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने उसके स्थाई निवास प्रमाण पत्र की जांच के आदेश जारी किए हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार यूनुस ने अतिथि शिक्षक नियुक्ति के दौरान 2010 में जारी चमोली गढ़वाल का स्थाई निवास प्रमाण पत्र लगाया था। इसकी पुष्टि दशोली ब्लॉक के रखंड शिक्षा अधिकारी पंकज उप्रेती ने भी की है। ज्ञात हो कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति स्थानीय स्तर पर की जाती है। यूनुस को राजनीति विज्ञान विषय में 2015 में दशोली ब्लॉक के एक इंटर कॉलेज में अतिथि प्रवक्ता पद पर तैनाती मिली थी…जहां वह 2018 तक रहा। बाद में 2022 में उसे फिर से दूसरे इंटर कॉलेज में अतिथि प्रवक्ता की नियुक्ति मिल गई। इसी कॉलेज में वह छात्राओं के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार हुआ।
शिक्षा विभाग की जानकारी के अनुसार अभिभावक संघ की बैठक में इस मामले की शिकायत आई थी जिसके बाद विभागीय डाक से इसे रखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजा गया। सवाल यह भी उठ रहा है कि स्कूल स्तर पर ही कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए थी…जो नहीं की गई।
अब यह बड़ा मुद्दा बन गया है कि यूनुस अंसारी वास्तव में किस जिले का निवासी है। यदि वह नजीबाबाद का मूल निवासी है…तो उसने चमोली का स्थाई निवास बनाकर न केवल स्थानीय युवाओं का रोजगार छीना…बल्कि शिक्षक जैसी जिम्मेदार पद पर रहते हुए छात्राओं की अस्मिता से भी खिलवाड़ किया।
उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों में स्थायी निवास प्रमाण पत्र को लेकर पहले भी कई सवाल उठते रहे हैं। नैनीताल और ऊधमसिंहनगर में ऐसे शिक्षकों की जांच जारी है….जिन्होंने यूपी का डोमिसाइल दिखाकर डीएलएड किया और नौकरी के समय उत्तराखंड का स्थाई निवास बनाकर नियुक्ति ले ली। यह मामला भी उसी गंभीरता की ओर इशारा कर रहा है।
Deepak Kandpal: NDA: Passing Out Parade: देश की प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) की 149वीं पासिंग आउट परेड में उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के छोटे कस्बे गरुड़ से निकले दीपक कांडपाल ने ऐसा कारनामा किया है, जिसने पूरे प्रदेश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया। तीन साल की कठिन ट्रेनिंग के दौरान शैक्षणिक क्षमता, शारीरिक दक्षता और नेतृत्व कौशल—तीनों मोर्चों पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उन्होंने राष्ट्रपति गोल्ड मेडल हासिल किया, जो एनडीए का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।
यह प्रतिष्ठित मेडल उन्हें परेड के दौरान चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने प्रदान किया।
दीपक कांडपाल की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। गरुड़ कस्बे के एक साधारण किराये के कमरे में रहने वाले दीपक ने अपनी उपलब्धियों से यह सिद्ध कर दिया कि आर्थिक हालात कभी भी किसी सपने की ऊँचाई को तय नहीं करते। उनके पिता जीवन चंद्र कांडपाल, जो टैक्सी चलाकर परिवार का गुज़ारा करते हैं, बेटे की सफलता पर अपार गर्व महसूस कर रहे हैं।
सीमित संसाधनों और संघर्षों के बीच पली-बढ़ी इस युवा प्रतिभा ने न सिर्फ पढ़ाई में निरंतर उत्कृष्टता हासिल की, बल्कि अपने अनुशासन और नेतृत्व क्षमता से भी सबको प्रभावित किया।
Dharmendra : Haridwar : VipGhats : DeolFamily : AshthiVisarjan : BollywoodLegend : Uttarakhand News : बॉलीवुड के महान अभिनेता धर्मेंद्र की अस्थियां उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंच चुकी हैं…जहाँ उनके अस्थि विसर्जन के लिए विशेष रूप से वीआईपी घाट चुना गया है। घाट पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं….ताकि यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम पूर्ण शांति और गरिमा के साथ संपन्न हो सके।
देओल परिवार ने स्पष्ट रूप से अनुरोध किया है कि यह एक व्यक्तिगत और भावनात्मक क्षण है। इसलिए अस्थि विसर्जन परिवार के सीमित दायरे में….बिना किसी भीड़भाड़ या मीडिया की मौजूदगी के आयोजित किया जाएगा।
देओल परिवार हरिद्वार में मौजूद
धर्मेंद्र के बेटे और अभिनेता सनी देओल, छोटे बेटे बॉबी देओल और परिवार के अन्य सदस्य बीती रात ही हरिद्वार पहुँच गए। धर्मेंद्र की अस्थियां फिलहाल पीलीभीत होटल में सुरक्षित रखी गई हैं, जहाँ परिवार ठहरा हुआ है। परिवार ने मीडिया से दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया और कहा कि यह समय उनके लिए अत्यंत व्यक्तिगत है।
हरिद्वार प्रशासन ने वीआईपी घाट पर सुरक्षा बढ़ा दी है। उम्मीद है कि धार्मिक अनुष्ठान जल्द ही शुरू होंगे। स्थानीय पुरोहितों को भी घाट पर बुला लिया गया है। परिवार की ओर से बार-बार अपील की जा रही है कि इस कठिन समय में गोपनीयता और शांति बनाए रखी जाए।
Rishikesh : UKPSC : AssistantStatisticalOfficer : KiranNegi : CivilServices : SuccessStory : Uttarakhand News : यदि लक्ष्य पाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण हो…तो असंभव कुछ भी नहीं….इस कथन को भानियावाला निवासी किरन नेगी ने साकार कर दिखाया। किरन नेगी पहले उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल कर सहायक लेखाकार बनीं। अब उन्होंने सहायक सांख्यिकी अधिकारी की परीक्षा में भी सफलता हासिल कर एक नई उपलब्धि दर्ज की है।
किरन नेगी ने कहा कि डेढ़ वर्ष पहले कृषि विभाग में सहायक लेखाकार बनने के बाद भी वे लगातार उच्च परीक्षाओं की तैयारी में जुटी रहीं। विवाहित होने के बावजूद नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने हर अवसर पर अध्ययन के लिए समय निकाला और पूरी लगन के साथ तैयारी की।
हाल ही में आयोजित परीक्षा में किरन नेगी का चयन सहायक सांख्यिकी अधिकारी पद पर हुआ। इस सफलता ने उनकी मेहनत और समर्पण को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।
मुख्यमंत्री ने की सराहना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में किरन नेगी को नियुक्ति-पत्र सौंपकर उनके प्रयासों की सराहना की। उनके इस उपलब्धि पर पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है। किरन के पति देहरादून स्थित ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय में पीएफ अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
Indian Navy : Sub Lieutenant : NDA : Pithoragarh : Achievement : Passing Out Parade : Himalayan Inter College : Uttarakhand News : बेरीनाग तहसील मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर उडियारी गांव निवासी सूरज महरा ने भारतीय नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट बनकर जिले का नाम रोशन किया है। केरल के कन्नूर में तीन वर्ष की कठिन प्रशिक्षण अवधि पूरी करने के बाद उनकी पासिंग आउट परेड (POP) संपन्न हुई…जिसमें उन्हें परेड कमांडर और बेस्ट स्टूडेंट पुरस्कार से नवाजा गया।
सूरज के माता-पिता पूर्व सैनिक नारायण सिंह महरा और विमला देवी पासिंग आउट परेड में उपस्थित रहे और अपने बेटे की इस बड़ी उपलब्धि पर गर्व किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और तैयारी
सूरज महरा ने हिमालया इंटर कॉलेज, चौकोड़ी, पिथौरागढ़ से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने एनडीए (National Defence Academy) की परीक्षा पहले ही प्रयास में पास कर ली थी। हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में उन्होंने मेरिट स्थान प्राप्त किया। प्रधानाचार्य देवबाला बिष्ट ने कहा कि सूरज शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। कोविड काल में बिना कोचिंग के उन्होंने स्वाध्याय कर एनडीए की परीक्षा पहली बार ही पास कर ली। अब उनकी यह उपलब्धि हमारे कॉलेज और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
सूरज महरा ने कहा कि मुझे बचपन से कॉलेज के संरक्षक चन्द्र सिंह कार्की और प्रधानाचार्य देवबाला बिष्ट ने एनडीए में जाने की प्रेरणा दी। मेरे दादा जीत सिंह महरा भी पूर्व सैनिक हैं। इनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद से मैं यह मुकाम हासिल कर पाया।
सूरज महरा के सब-लेफ्टिनेंट बनने पर प्रधानाचार्य देवबाला बिष्ट, प्रबंधक प्रकाश कार्की, उप प्रधानाचार्य भूपेंद्र पपोला, पार्वती कार्की, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक फकीर राम टम्टा, ब्लॉक प्रमुख संगीता चन्याल, ज्येष्ठ प्रमुख धीरेज बिष्ट, नगरपालिका अध्यक्ष हेमा पंत सहित अन्य
UttarakhandNews : ChiefMinister : PushkarSinghDhami : Farmers : SugarcanePrice : KisanPutra : Haridwar : गुरुकुल कांगड़ी हेलिपैड पर आज उत्तराखंड के किसानों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जोरदार स्वागत किया। किसानों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उन्हें फूलों की माला पहनाकर, पुष्पवर्षा कर और गन्ना भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री को “किसान पुत्र” की उपाधि से नवाज़ा, जिसे देखकर धामी ने सभी का धन्यवाद किया और किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हित में पूरी तरह समर्पित है और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने ऐतिहासिक रूप से गन्ने का समर्थन मूल्य 405 प्रति क्विंटल तय करने की जानकारी दी…जो पिछले मूल्य से 30 अधिक है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में चीनी मिलों द्वारा किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना प्राथमिकता है और किसी भी कमी या विलंब को तुरंत दूर किया जाएगा।
धामी ने केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से किसानों की आय बढ़ाने के लिए लागू नीतियों, जैसे किसान सम्मान निधि और समय पर भुगतान, की अहमियत बताई। इसके साथ ही उन्होंने लक्सर क्षेत्र के गंगदासपुर की सड़क ऊँची करने की घोषणा की और बंद चीनी मिलों के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार के प्रयासों की जानकारी दी।
इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में किसानों के हित में उठाए गए कदम सराहनीय हैं और गन्ने के भाव में हुई यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी किसानों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय है।