उत्तराखंड: राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 365 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर जल्द होगी भर्ती

Uttarakhand : MedicalColleges : AssistantProfessorRecruitment : HealthcareEducation : UMSSB : MedicalFaculty : JobAlert : Dehradun : Recruitment : राज्य के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में जल्द ही 365 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डिपार्टमेंटवार रोस्टर और भर्ती प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद यह भर्ती उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (UMSSB) के माध्यम से सीधी भर्ती के रूप में कराई जाएगी।

कुल 7 मेडिकल कॉलेजों में होगी भर्ती
यह भर्ती श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, अल्मोड़ा, हरिद्वार, रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में संचालित मेडिकल कॉलेजों के लिए है। विभागीय रोस्टर में अनुसूचित जाति 115, अनुसूचित जनजाति 10, अन्य पिछड़ा वर्ग 67, आर्थिक रूप से कमजोर 37 और अनारक्षित 136 पद शामिल हैं।

डिपार्टमेंटवार रिक्त पदों का विवरण:

एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री, ब्लड बैंक और फोरेंसिक मेडिसिन में 8-8 पद

फिजियोलॉजी 13, पैथोलॉजी 18, माइक्रोबायोलॉजी 6, डर्मेटोलॉजी 6

फार्माकोलाॅजी 12, कम्युनिटी मेडिसिन 21, जनरल मेडिसिन 49, टीबी एवं चेस्ट 5

ऑप्थल्मोलॉजी 5, साइकेट्री 3, डेंटिस्ट्री 3, पीडियाट्रिक्स 19

जनरल सर्जरी 44, ऑर्थोपेडिक्स 17, रेडियोडायग्नोसिस 17, ईएनटी 7

इमरजेंसी मेडिसिन 7, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैब्लिटेशन 7, वायरोलाॅजी 7

ऑब्स एंड गायनी 37, रेडियोथेरेपी 8, एनेस्थीसियोलाॅजी 20, स्टेटिशियन 2

कुल पद और वर्तमान स्थिति:
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कुल 567 असिस्टेंट प्रोफेसर पद स्वीकृत हैं….जिनमें से 202 पद फिलहाल भरे हुए हैं और 365 पद अभी खाली हैं। चयन बोर्ड इन खाली पदों पर जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा।

स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि नई नियुक्तियों से मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी दूर होगी। छात्रों को अनुभवी और योग्य शिक्षकों से पढ़ाई का लाभ मिलेगा…जिससे चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

हल्द्वानी में उत्तरायणी मेला शोभा यात्रा,घर से निकलने से पहले ट्रैफिक प्लान जरूर देखें

Uttarakhand News: Haldwani: Utrayani: Hera Nagar: हल्द्वानी शहर में उत्तरायणी मेला शोभा यात्रा के आयोजन को लेकर 14 जनवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे से शोभा यात्रा की समाप्ति तक विशेष यातायात डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

शोभा यात्रा उत्थान मंच हीरानगर से प्रारंभ होकर जेल रोड, कालाढूंगी तिराहा, रोडवेज चौराहा, तिकोनिया, वर्कशॉप लाइन, ताज चौराहा, मीरा मार्ग, सिंधी चौराहा होते हुए पुनः जेल रोड के रास्ते उत्थान मंच पर समाप्त होगी। यात्रा के दौरान कुछ हिस्सों में मुख्य मार्ग की एक दिशा का उपयोग किया जाएगा, जिससे सामान्य यातायात प्रभावित रहेगा।

उत्तराखंड रोडवेज, केमू और अन्य राज्यों से आने वाली बसों के लिए अलग-अलग चरणों में डायवर्जन व्यवस्था की गई है। रामपुर रोड, बरेली रोड और कालाढूंगी रोड से आने वाली बसों को शोभा यात्रा के दौरान टीपी नगर, होंडा शोरूम और लालडांठ तिराहे पर रोका जाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाली बसों को नारीमन तिराहा, तिकोनिया और गौलापार रोड के माध्यम से डायवर्ट किया जाएगा।

सिडकुल और वोल्वो बसों के लिए भी विशेष रूट निर्धारित किए गए हैं। रुद्रपुर, बरेली और चोरगलिया रोड से आने वाली सिडकुल बसें पंचायतघर तिराहा, आरटीओ रोड, तीनपानी फ्लाईओवर और गौलापार रोड का प्रयोग करेंगी। वहीं, वोल्वो बसों को गन्ना सेंटर, शीतल होटल तिराहा और गौलापार रोड से होकर शहर में प्रवेश दिया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शोभा यात्रा के दौरान छोटे-बड़े मालवाहक वाहन तथा आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन भी बायपास मार्ग का ही उपयोग करेंगे। इसके अलावा पंचायतघर, तीनपानी, लालडांठ और हाईडिल तिराहे से शहर की ओर सिडकुल और वोल्वो बसों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है ताकि उत्तरायणी मेला शोभा यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

व्लॉगर ज्योति अधिकारी को मिली जमानत

Uttarakhand News: Jyoti Adhikari: हल्द्वानी में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को मंगलवार को बड़ी कानूनी राहत मिली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। इस मामले को लेकर बीते कई दिनों से हल्द्वानी समेत पूरे प्रदेश में चर्चा बनी हुई थी।

कोर्ट में ज्योति अधिकारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र बिष्ट और गौरव कपूर ने पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने दलील दी कि ज्योति अधिकारी का किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने या उत्तराखंड की गरिमा को आहत करने का कोई इरादा नहीं था। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि भविष्य में उनके द्वारा कोई ऐसा कृत्य नहीं किया जाएगा जिससे अदालत या समाज की गरिमा पर प्रश्न उठे।

उल्लेखनीय है कि ज्योति अधिकारी के खिलाफ जूही चुफाल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। उन पर उत्तराखंड की महिलाओं और लोक देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने तथा एक कार्यक्रम के दौरान दराती लहराने जैसे आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने इस मामले में आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए 8 जनवरी को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा था।

इसके अलावा ज्योति अधिकारी पर प्रदेश के अलग-अलग थानों में तीन से चार अन्य मामलों के दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, वर्तमान मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।

जमानत की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में संतोष और राहत का माहौल देखा गया, जबकि प्रशासन और पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।

उत्तराखंड: 8 दिन की नवजात की मृत्यु के बाद माता-पिता ने शरीर चिकित्सा शिक्षा के लिए किया दान

Uttarakhand : Rishikesh : AIIMS : BodyDonation : Newborn : MedicalEducation : Humanity : LifeAfterDeath : Inspiration : Healthcare : ऋषिकेश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में मानवता की एक मिसाल पेश की गई। मात्र 8 दिन की नवजात बच्ची की मृत्यु के बाद उसके माता-पिता ने भारी मन के बावजूद उसका शरीर चिकित्सा शिक्षा के लिए दान कर दिया। उनका यह निर्णय सिर्फ इतना था कि उनकी बच्ची भविष्य के डॉक्टरों की पढ़ाई में सहायक बनकर किसी और के जीवन को नई उम्मीद दे सके।

बीते 2 जनवरी को चमोली निवासी हंसी देवी पत्नी संदीप राम ने मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में एक बेटी को जन्म दिया। शिशु की आंतों में तंत्रिका गुच्छों (गैंग्लिया) का अभाव था। परिजनों ने उपचार के लिए नवजात को 4 जनवरी को AIIMS ऋषिकेश पहुँचाया। नवजात का ऑपरेशन किया गया…लेकिन रविवार को रिफ्रैक्टरी सेप्टिक शॉक के कारण उसकी मृत्यु हो गई।

परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। AIIMS के नर्सिंग स्टाफ ने मृत नवजात के परिजनों का संपर्क मोहन फाउंडेशन, उत्तराखंड के प्रोजेक्ट लीडर संचित अरोड़ा से करवाया। अरोड़ा नेत्रदान कार्यकर्ता एवं लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग के साथ एम्स पहुंचे।

संचित अरोड़ा और गोपाल नारंग ने परिजनों को देहदान के लिए प्रेरित किया। परिजनों की सहमति मिलने पर औपचारिकताएं पूरी की गईं और नवजात की देह एम्स ऋषिकेश के एनाटॉमी विभाग को सौंप दी गई। अरोड़ा पहले भी दो देहदान करवा चुके हैं।

AIIMS के पीआरओ डॉ. श्रीलॉय मोहंती ने कहा कि नवजात के उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई और परिजनों ने चिकित्सा शिक्षा और मानव कल्याण के लिए शरीर दान करने का निर्णय लिया।

नवजात के पिता संदीप राम ने कहा कि हमारे बच्चे की जन्म से ही गंभीर बीमारी थी। तमाम प्रयासों के बावजूद हम उसे नहीं बचा पाए। यह हमारे जीवन का सबसे बड़ा दुख है। लेकिन जब हमें देहदान के बारे में बताया गया हमने सोचा कि भले ही हमारा बच्चा इस दुनिया में न रह सका…लेकिन उसका शरीर किसी और बच्चे की उम्मीद बन सकता है। यही सोचकर हमने अपने नवजात के शरीर को मेडिकल छात्रों के अध्ययन और मानव कल्याण के लिए समर्पित किया।

उत्तराखंड: दुबई में फंसे चार युवकों ने सोशल मीडिया पर लगाई मदद की गुहार, SSP ने लिया संज्ञान

Uttarakhand : Rudrapur : UAE : Dubai ; YouthFraud : JobScam : SSPAction : PoliceInvestigation : SafeReturn : EmploymentScam : उत्तराखंड के रुद्रपुर और खटीमा के चार युवाओं का सपना था विदेश में नौकरी करने का, लेकिन धोखाधड़ी ने उनकी जिंदगी मुश्किलों में बदल दी। हाल ही में दुबई से चार युवकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उधमसिंह नगर के SSP मणिकांत मिश्रा से मदद की गुहार लगाई।

वीडियो वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने मामले की जांच तुरंत खटीमा कोतवाली पुलिस को सौंप दी और रामपुर (यूपी) पुलिस को भी घटना की जानकारी दी।

पीड़ितों की पहचान इस प्रकार हुई है: जुगेश और लल्लन प्रसाद (खटीमा), विशाल शर्मा और रंजीत सिंह (रामपुर, यूपी)। उन्होंने आरोप लगाया कि खटीमा और रुद्रपुर के दो एजेंटों ने उन्हें दुबई में ‘पानी की टूटी पैकिंग’ का झांसा देकर भेजा और इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूली। दुबई पहुंचते ही एजेंटों ने उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए और अत्यधिक गर्म और प्रतिकूल परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया।

वीडियो में युवकों ने कहा कि विरोध करने पर उन्हें धमकियां भी दी गईं…जिससे वे भय और असहाय स्थिति में फंसे।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा कि पीड़ितों के स्वजनों से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही एजेंटों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस युवाओं को सुरक्षित भारत वापस लाने के प्रयास भी कर रही है।

उत्तराखंड: UKPSC ने सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा की तिथि घोषित की

Uttarakhand : Haridwar : UKPSC : ExamDate : AssistantReviewOfficer : StatePublicServiceCommission : : GovernmentJobs : उत्तराखंड में राज्य लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने महाधिवक्ता कार्यालय नैनीताल में समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है। परीक्षा का आयोजन 31 जनवरी को राज्य लोक सेवा आयोग के परीक्षा भवन हरिद्वार में किया जाएगा।

आयोग के सचिव अशोक कुमार पांडे ने कहा कि अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश पत्र 16 जनवरी को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ukpsc.gov.in पर जारी किए जाएंगे।

सचिव ने स्पष्ट किया कि डाक या अन्य माध्यमों से प्रवेश पत्र नहीं भेजे जाएंगे। सभी अभ्यर्थियों को अपने प्रवेश पत्र केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही डाउनलोड करना होगा।

इसके साथ ही अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया है कि प्रवेश पत्र में दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।

उत्तराखंड: बड़कोट-चिन्यालीसौड़ के लिए हेली सेवा से पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं में मिलेगी मदद

Uttarakhand : Dehradun : Uttarkashi : HeliService : BusService : TransportationUpdate : TourismBoost : उत्तरकाशी जिले में हेली सेवाओं और परिवहन के क्षेत्र में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र की जनता की मांग को मानते हुए बड़कोट-चिन्यालीसौड़ में हेली सेवा शुरू करने और उत्तरकाशी से चिन्यालीसौड़ होते हुए चंडीगढ़ तक नियमित रोडवेज बस सेवा चलाने के निर्देश दिए हैं।

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में सोमवार को यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इन दोनों मांगों का ज्ञापन सौंपा।

मुख्यमंत्री ने इस ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए नागरिक उड्डयन और परिवहन सचिव को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रतिनिधिमंडल ने बड़कोट हेलीपैड की चहारदीवारी और सड़क डामरीकरण के लिए 1.88 करोड़ रुपये की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि हेली सेवा शुरू होने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।

साथ ही यह सेवा किसी आपदा की स्थिति में या गंभीर मरीजों की आपातकालीन शिफ्टिंग के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगी।

प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान में बस सेवा के अभाव में पहाड़ी क्षेत्र के निवासियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, खासकर पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के लिए जाने वाले मरीजों को लंबा सफर तय करना पड़ता है।

बस सेवा शुरू होने से आमजन, प्रवासी उत्तराखंडियों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह सेवा चंडीगढ़ और उत्तरकाशी के बीच संपर्क को मजबूत करेगी और रिवर्स पलायन को भी प्रोत्साहित करेगी।

उत्तराखंड में PMAY से महिलाओं का सपना हुआ सच, जानें कब मिलेंगे नए घर

Uttarakhand : Dehradun : Haridwar : PMAY : HousingScheme : WomenEmpowerment : AffordableHomes : UrbanHousing : DreamHome : देहरादून और हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में रहने वाली रीना देवी के लिए घर अब तक सिर्फ चार दीवारों का सपना था। सालों तक किराए के छोटे कमरे में बच्चों के साथ जीवन बिताना पड़ा। हर साल बढ़ता किराया और बरसात में टपकती छत जैसी परेशानियाँ उनके लिए सामान्य बन गई थीं।

लेकिन अब प्रधानमंत्री आवास योजना से रीना जैसी हजारों महिलाओं का सपना सच होने के करीब है। राज्य में कुल 15 परियोजनाओं के तहत 12,856 पात्र लाभार्थियों को जल्द ही घर मुहैया कराया जाएगा।

सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि इन परियोजनाओं में खुदाई, फाउंडेशन, प्लिंथ और आरसीसी फ्रेम का काम पूरा हो चुका है। रूफ कास्टिंग भी लगभग पूर्ण हो चुकी है और अब परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं। लाभार्थियों को घर सौंपने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

मुख्य रूप से उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्र जैसे रुड़की, हरिद्वार, काशीपुर और देहरादून, इन परियोजनाओं के केंद्र हैं। यहां अधिकांश आवास लगभग तैयार हैं। अब तक 9,200 से अधिक घरों को पूरी तरह फिनिशिंग दी जा चुकी है, जबकि शेष घरों में फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है।

अपर आयुक्त आवास डी.पी. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भवनों को फाइनल टच दिया जा रहा है और एक महीने के अंदर लाभार्थियों को घर सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।

उत्तराखंड में ठंड बढ़ी, जानें कब से बदल सकता है मौसम और आएगी बारिश-बर्फबारी

Uttarakhand Weather : Cold Wave : Fog Alert : Dry Weather : Frost : Winter Update : उत्तराखंड में भले ही इन दिनों बारिश और बर्फबारी नहीं हो रही है…लेकिन ठंड का असर लगातार बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में पाला पड़ रहा है…वहीं मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर के कारण सूखी ठंड लोगों को परेशान कर रही है।

दिन के समय धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिल रही है…लेकिन सुबह और रात के वक्त ठंड काफी तेज महसूस की जा रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज 13 जनवरी को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि देहरादून समेत छह जिलों में कोहरा छाए रहने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मंगलवार को मैदानी जिले देहरादून ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार के साथ-साथ नैनीताल, चंपावत और पौड़ी जिलों में घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है। इससे सुबह के समय दृश्यता कम हो सकती है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

आगे के दिनों की बात करें तो 16 जनवरी तक प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं 17 और 18 जनवरी को पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

मौसम विभाग ने लोगों से ठंड और कोहरे को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।

पहली बार उत्तराखंड में मछलियों का बीमा, 120 मत्स्य पालकों को मिला सुरक्षा कवच

Pithoragarh News : Fish Insurance Scheme : Mukhyamantri Matsya Sampada Yojana : Fisheries Department Uttarakhand : Fish Farmers Relief : सीमांत जिले के मत्स्य पालकों के लिए यह खबर राहत और भरोसे की नई शुरुआत लेकर आई है। जिले में पहली बार मछलियों का बीमा किया गया है। केंद्र व राज्य सरकार की मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत शुरू हुई इस पहल से अब तक 120 मत्स्य पालक जुड़ चुके हैं।

बीमारी, तालाब टूटने या दैवीय आपदा के कारण मछलियों के मरने से होने वाला पूरा नुकसान मत्स्य पालकों को स्वयं उठाना पड़ता था। बीमा व्यवस्था लागू होने के बाद अब ऐसी स्थिति में बीमा राशि के माध्यम से क्षतिपूर्ति की जाएगी, जिससे उनकी आजीविका को मजबूत सहारा मिलेगा।

इस योजना की खास बात यह है कि अब केवल मत्स्य पालक का ही नहीं…बल्कि मछलियों के साथ-साथ तालाब का भी बीमा किया जा रहा है। मत्स्य विभाग ने इसके लिए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ अनुबंध किया है। सीमांत जिले में 200 से अधिक लोग मत्स्य पालन से जुड़े हैं और बीमा योजना को लेकर उनमें खासा उत्साह देखा जा रहा है।

मत्स्य विभाग के अनुसार बीमा की कुल राशि 13629 रुपये निर्धारित की गई है। इसमें से 90 प्रतिशत प्रीमियम मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सरकार वहन करेगी…जबकि मत्स्य पालकों को केवल 10 प्रतिशत यानी 1362 रुपये का भुगतान करना होगा।

पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य

मत्स्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मछली और तालाब का बीमा कराने के लिए राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) के पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। वर्तमान में बीमा आवेदन की प्रक्रिया जारी है।

उत्पादकों को मिला लाभ

योजना का लाभ मिलना शुरू हो चुका है। मुनस्यारी क्षेत्र के दो मत्स्य पालकों को कुल 4 लाख 18 हजार 900 रुपये की बीमा राशि प्रदान की गई है।

रूईस पाटा निवासी जगदीश मेहता को 21 हजार ट्राउट मछली बीज नष्ट होने पर उन्हें 3.17 लाख रुपये की भरपाई मिली।

जैती निवासी लक्ष्मण कुमार को 1450 ट्राउट मछलियों के नुकसान पर 1.18 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की गई।

जिला मत्स्य अधिकारी डॉ. रमेश चलाल ने कहा कि मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना मत्स्य पालकों के आर्थिक नुकसान को कम करने में सहायक है। विभाग में ही किस्त जमा कर बीमा कराया जा सकता है और अधिक से अधिक मत्स्य पालकों को इस योजना का लाभ उठाना चाहिए।