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TehriGarhwal : Nainbagh : UttarakhandNews : SimpleMarriage : SocialReform : VillageDecision : NoMehndi : HillCulture : CommunityDecision : उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सादगी और सामूहिक सोच की एक मिसाल फिर सामने आई है। टिहरी गढ़वाल जिले के नैनबाग क्षेत्र के सिलवाड़ पट्टी के 11 गांवों ने शादी-ब्याह में बढ़ते दिखावे और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए मेहंदी समारोह पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
यह निर्णय हाल ही में लोक निर्माण विभाग नैनबाग परिसर में आयोजित महापंचायत में सर्वसम्मति से लिया गया। पंचायत की अध्यक्षता जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत और नैनबाग क्रीड़ा समिति के अध्यक्ष डॉ. बिरेंद्र सिंह रावत ने की।
महापंचायत में ग्रामीणों ने साफ कहा कि आजकल शादी समारोह आम लोगों के लिए सामाजिक और आर्थिक बोझ बनते जा रहे हैं। दिखावे की होड़ में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार कर्ज में डूब रहे हैं, जिसे रोकना बेहद जरूरी है।
क्या-क्या तय हुआ पंचायत में
पंचायत के फैसले के अनुसार अब सिलवाड़ क्षेत्र के गांवों में होने वाली शादियों में:
मेहंदी की रस्म पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी
मामा पक्ष की ओर से केवल एक बकरा और सामूहिक पिठाई की परंपरा मान्य होगी
किसी भी प्रकार की फिजूलखर्ची और दिखावटी रस्मों को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा
ग्रामीणों ने यह भी तय किया कि अप्रैल के बाद शादी सीजन समाप्त होने पर फिर से बैठक होगी, जिसमें अन्य खर्चीली रस्मों पर भी रोक लगाने की रणनीति बनाई जाएगी।
इन गांवों ने लिया फैसला
इस महापंचायत में टटोर, चिलामू, फफरोग, कोटीपाब, जयद्वार तल्ला, जयद्वार मल्ला, मसोन, सड़ब तल्ला, सड़ब मल्ला, मौगी, मसरास और थुरेटी गांवों के ग्रामीण शामिल हुए और फैसले का समर्थन किया।
ग्रामीणों ने चिंता जताई कि दिखावटी शादियों और प्रतिस्पर्धा की भावना से समाज में कुरीतियां बढ़ रही हैं। इसका असर युवाओं पर भी पड़ रहा है, जहां नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है और लोग अपनी मूल संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं।
महापंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिनमें कई सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व जनप्रतिनिधि भी शामिल थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह फैसला सिर्फ एक रस्म पर रोक नहीं, बल्कि सादगी, समानता और सामाजिक जिम्मेदारी की ओर बढ़ता मजबूत कदम है।
नैनबाग के सिलवाड़ गांवों का यह निर्णय यह संदेश देता है कि समाज में बदलाव लाने के लिए कानून से पहले सामूहिक चेतना और सामाजिक सहमति सबसे जरूरी होती है।
Nainital: School: Haldwani: Winter: Cold: नैनीताल जिले में लगातार बने घने कोहरे और शीतलहर को देखते हुए प्रशासन ने छोटे बच्चों की सुरक्षा के मद्देनज़र महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खराब मौसम से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए भाबर क्षेत्र के मैदानी इलाकों में प्राथमिक स्तर के विद्यालयों को दो दिनों के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।

इस निर्णय के तहत तहसील हल्द्वानी, लालकुआ, कालाढुंगी और रामनगर क्षेत्र में संचालित कक्षा 1 से 5 तक के सभी सरकारी, अर्द्धशासकीय और निजी प्राथमिक विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में 16 और 17 जनवरी 2026 को अवकाश रहेगा।
जिला प्रशासन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि इस अवकाश की सूचना समय रहते सभी संबंधित विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभिभावकों तक पहुंचाई जाए। आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेने की चेतावनी भी दी गई है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
Uttarakhand Weather : Update : Snowfall Alert : Fog in Plains : Western Disturbance : Cold Wave : उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पहाड़ से लेकर मैदान तक इसके असर साफ नजर आ सकते हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक प्रदेश में अभी दो दिन तक मौसम शुष्क बना रहेगा….लेकिन इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही हालात बदल सकते हैं। इसका सीधा असर पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी के रूप में देखने को मिल सकता है।
लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। बुधवार को पहाड़ी क्षेत्रों में दिनभर धूप और बादलों के बीच आंख-मिचौली चलती रही। सर्द हवाओं के चलते ठंड में इजाफा हुआ। शाम होते-होते आसमान तो साफ हो गया…लेकिन ठिठुरन बरकरार रही।
पर्वतीय इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ पाला पड़ने की आशंका है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल सभी जिलों में मौसम शुष्क रहेगा…लेकिन ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है।
मैदानी जिलों की बात करें तो हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। इससे सुबह और देर रात के समय दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
मौसम विभाग ने ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार में शीत दिवस को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं शुक्रवार को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं।
कुल मिलाकर आने वाले दिनों में उत्तराखंड में ठंड का असर बना रहेगा और इसके बाद मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने लोगों से ठंड और कोहरे को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
नैनीताल: जनपद नैनीताल के धारी, ओखलकांडा एवं रामगढ़ विकासखंडों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को तीन दिनों के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया है।
जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नैनीताल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, क्षेत्र में जंगली जानवरों की सक्रियता में वृद्धि तथा दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बच्चों का विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुँचना असुरक्षित हो गया है। इससे छात्रों एवं छोटे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के अंतर्गत धारी, ओखलकांडा और रामगढ़ विकासखंडों में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालय (कक्षा 1 से 12 तक) तथा आंगनबाड़ी केंद्र 15 जनवरी से 17 जनवरी 2026 तक (तीन दिवस) बंद रहेंगे।
आदेश छात्रों, आंगनबाड़ी बच्चों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इस अवधि में किसी भी बच्चे को विद्यालय या आंगनबाड़ी केंद्र न बुलाया जाए। साथ ही वन विभाग, पुलिस विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थिति की सतत निगरानी की जाएगी।
Uttarakhand : Khatima : CM PushkarSinghDhami : Politics : CulturalProtection : SanatanDharma : DevelopmentProjects : Bhajpa : PoliticalSpeech : OperationKalanemi : खटीमा में कार्यक्रम सिर्फ विकास परियोजनाओं का नहीं था…बल्कि मंच बन गया सियासी संदेश, सांस्कृतिक चेतावनी और सनातन धर्म की रक्षा के संकल्प का। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप बस स्टेशन सहित कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया…लेकिन उनके भाषण ने राजनीतिक माहौल की दिशा तय कर दी।
सीएम धामी ने जनता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच शुरू से ही सनातन विरोधी रही है और सत्ता की राजनीति में उसने समाज को बांटने का काम किया। उनका कहना था कि वोट बैंक की राजनीति और अवैध रूप से बाहरी तत्वों को बसाने की कोशिश उत्तराखंड की संस्कृति और देवभूमि की पहचान के खिलाफ थी।
मुख्यमंत्री ने मंच से अधिकारियों को भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के अनुयायी नागरिकों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और कानून को चुनौती देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सीएम ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने लैंड जिहाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए हैं। 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई है….अवैध मजारों पर बुलडोजर चला और धार्मिक स्थलों पर साजिश करने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने केवल संस्कृति ही नहीं…बल्कि युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित किया है। नकल विरोधी कानून लागू कर शिक्षा में ईमानदारी कायम की गई और समान नागरिक संहिता के जरिए मातृशक्ति के सम्मान और अधिकारों की कानूनी गारंटी दी गई।
अपने संबोधन के अंत में सीएम धामी ने साफ कहा कि कांग्रेस जान चुकी है कि भाजपा 2027 में फिर से सत्ता में आने जा रही है। खटीमा की सभा से स्पष्ट संकेत मिला कि मुख्यमंत्री खुद को केवल प्रशासक नहीं…बल्कि देवभूमि के धर्म रक्षक के रूप में स्थापित कर रहे हैं और कांग्रेस के पुराने शासनकाल को भी बेनकाब कर रहे हैं।
Dehradun : POCSO : ChildAbuse : JusticeServed : AirForce : CriminalCase : ChildProtection : LegalNews : CourtVerdict : SafetyForChildren : विशेष पॉक्सो अदालत ने बुधवार को एक नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म के दोषी वायु सेना कर्मी को 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया और पीड़िता को 3 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
विशेष न्यायाधीश (POCSO) अर्चना सागर ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस पिता की जिम्मेदारी अपनी बेटी की रक्षा करना थी उसी ने मासूम के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को तहस-नहस कर दिया। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जा सकती।
पीड़िता ने अदालत में कहा कि आरोपी ने उसका शोषण तब से शुरू किया था जब वह केवल 5-6 साल की थी। उसे चुप रखने के लिए उसकी गुड़िया के हाथ-पैर तोड़े जाते थे और धमकाया जाता था कि अगर किसी को बताया तो उसके साथ भी यही किया जाएगा। आरोपी ने उसे यह कहकर गुमराह किया कि हर पिता अपनी बेटी से ऐसा प्यार करता है।
कई सालों तक अत्याचार सहने के बाद पीड़िता ने नवंबर 2023 में अपनी मां को पूरी सच्चाई बताई। 20 नवंबर को जब आरोपी ने फिर से गलत हरकत की…तो मां ने रायपुर पुलिस को सूचना दी। आरोपी गिरफ्तारी के डर से भाग गया था…लेकिन बाद में पकड़ में आ गया।
Uttarakhand : ExportPreparedness : EPI2024 : EconomicGrowth : SmallStates Trade : IndustryDevelopment : GlobalMarkets : InvestmentOpportunities : CMDhami : नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक (Export Preparedness Index – EPI) 2024 में उत्तराखंड ने छोटे राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि राज्य की निर्यातोन्मुख नीतियों, बेहतर कारोबारी माहौल और मजबूत बुनियादी ढांचे का परिणाम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रदेशवासियों को बधाई दी और कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात को बढ़ावा देने की निरंतर कोशिशों का ही नतीजा है। उनका उद्देश्य है कि उत्तराखंड के हर जिले के विशिष्ट उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले…जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
नीति आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्यात आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन है। इससे न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित होती है…बल्कि वैश्विक बाजारों में भागीदारी बढ़ती है और व्यापार घाटा कम करने में मदद मिलती है।
उत्तराखंड का यह शीर्ष स्थान राज्य को निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसरों की ओर ले जाने वाला कदम है। इससे न केवल स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा…बल्कि राज्य में रोजगार और आर्थिक समृद्धि भी बढ़ेगी।
Dehradun : MunicipalCorporation : DroneMonitoring : PublicSafety : CleanCity : StrayDogs : WasteManagement : AnimalControl : CivicNews : शहर की स्वच्छता और नागरिक सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने ड्रोन निगरानी का दायरा बढ़ा दिया है। अब ड्रोन के माध्यम से न केवल खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर नजर रखी जाएगी…बल्कि आवारा कुत्तों के झुंड, आक्रामक कुत्तों और निर्धारित स्थानों के अलावा अन्य जगहों पर कुत्तों को खाना खिलाने वालों पर भी निगरानी होगी।
करीब एक महीने पहले नगर निगम ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए शहर के विभिन्न वार्डों में ड्रोन निगरानी शुरू की थी। वर्तमान में 15 ड्रोन प्रमुख सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रहे हैं। खुले में कूड़ा फेंकने पर तुरंत सफाई टीम को भेजकर कचरा उठवाया जा रहा है…जबकि उल्लंघन करने वालों पर चालान और दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। महापौर सौरभ थपलियाल ने सभी अधिकारियों को नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अब इस ड्रोन निगरानी प्रणाली को नगर निगम के पशु चिकित्सा और पशु नियंत्रण अनुभाग से भी जोड़ दिया गया है। इसके तहत मीट की दुकानों की निगरानी बढ़ाई गई है और मीट कचरे को सामान्य कूड़े के साथ निस्तारित करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा गली-मोहल्लों में आवारा कुत्तों के झुंड या आक्रामक गतिविधियों की सूचना मिलने पर तुरंत टीम भेजी जाएगी। निर्धारित फीडिंग पॉइंट के अलावा अन्य स्थानों पर कुत्तों को खाना खिलाने पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।
ड्रोन सूचना पर त्वरित कार्रवाई
बुधवार सुबह ड्रोन निगरानी टीम की सूचना पर नगर निगम के पशु चिकित्सा अनुभाग ने सुभाषनगर के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में एक मीट की दुकान का निरीक्षण किया। वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि खुले में मीट प्रदर्शित करने और दुकान के बाहर मुर्गी बाड़ा रखने पर हाजी मकबूल मीट शाप के खिलाफ चालान किया गया। नगर निगम का कहना है कि ड्रोन से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर स्वच्छता, पशु नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
Uttarakhand : GPF Interest Rate : State Employees : Financial Relief : उत्तराखंड सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए राहत का फैसला किया है। सरकार ने सामान्य भविष्य निधि (GPF) और इसी तरह की अन्य निधियों पर 7.1 प्रतिशत ब्याज दर लागू करने का निर्णय लिया है। यह ब्याज दर 1 अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक के लिए तय की गई है।
फाइनेंस सेक्रेटरी वी. षणमुगम ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि सामान्य भविष्य निधि में जमा राशि पर तय अवधि के लिए 7.1 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। यह ब्याज सीधे खातों में जोड़ा जाएगा और समान प्रकार की अन्य भविष्य निधियों पर भी यही दर लागू होगी।
सामान्य भविष्य निधि राज्य कर्मचारियों की लंबी अवधि की बचत का महत्वपूर्ण साधन है। यह सेवा के दौरान जमा होकर, सेवानिवृत्ति या अन्य जरूरी समय पर आर्थिक मदद प्रदान करती है। ब्याज दर को तय करना कर्मचारियों को उनकी भविष्य की वित्तीय योजनाओं में सहारा देगा।
Purnagiri Mela : Uttarakhand News : Champawat : District Administration : Temple Fair Preparation : Pilgrims Safety : उत्तर भारत के विश्वप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। मेले से पहले जिलाधिकारी मनीष कुमार ने पूर्णागिरि मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी सभी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने मेला क्षेत्र में बिजली आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं और आपदा प्रबंधन को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
विद्युत विभाग को मेला क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और आपात स्थिति के लिए बैकअप व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए। वहीं स्वच्छता को लेकर जिला पंचायत और नगर पालिका को विशेष सफाई अभियान चलाने और कचरा प्रबंधन की ठोस योजना बनाने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग को मेला क्षेत्र में मेडिकल कैंप, पर्याप्त दवाइयों और एम्बुलेंस सेवाओं की व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए। आपदा प्रबंधन के तहत एसडीआरएफ सहित सभी एजेंसियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्णागिरि मेला उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान है…जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। सभी विभाग आपसी समन्वय से समय पर व्यवस्थाएं पूरी करें…ताकि मेला सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।