हल्द्वानी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को किसकी लगी नजर, लीग के शुरू होने से पहले विवाद !

Haldwani: Cricket: League: Police: हल्द्वानी के इंटरनेशनल स्टेडियम में क्रिकेट देखने का इंतजार खेल प्रेमियों का बढ़ गया है। पिछले एक दशक से क्षेत्र के लोग क्रिकेट के मैदान पर बड़े खिलाड़ियों को देखने का इंतजार कर रहे हैं। वैसे तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में फुटबॉल के मुकाबले हो चुके हैं लेकिन जिसके लिए ये मैदान बनाया गया था वो देखने का मौका फिलहाल लोगों को नहीं मिला है।

क्रिकेट लीग ने दिखाए सपने

पिछले कुछ दिनों से शहर में evcl क्रिकेट लीग की चर्चा खूब हो रही थी। इसके लिए भारत के पूर्व तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार भी इंटरनेशनल स्टेडियम पहुंचे तो लोगों को लगा कि बड़े स्तर की क्रिकेट लीग देखने का इंतजार खत्म हो सकता है। आयोजक भी सारी तैयारियां पूरी होने की बातें मीडिया से कर रहे थे। हालांकि किसी को पता नहीं था कि लीग शुरू होने से पहले विवादों में आ जाएगी। सबसे पहले 3 फरवरी को मुकाबला को स्थगित किया गया और पांच को पुलिस ने एक नया खुलासा किया।

क्या क्रिकेट के नाम पर हुआ फर्जीवाड़ा

पुलिस के सामने क्रिकेट लीग को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। क्रिकेट टीम बेचने और मैच आयोजन के नाम पर लाखों रुपये की ठगी हुई है। जानकारी के अनुसार क्रिकेट लीग का आयोजक विकास ढाका ही इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड निकलाहै। आरोप है कि उसने पूर्व विधायक नारायण पाल सहित उत्तराखंड समेत कई अन्य राज्यों के लोगों से क्रिकेट टीम और मैच में भागीदारी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूल लिए।
बता दें कि 3 फरवरी से गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में क्रिकेट मैच आयोजित होने थे, लेकिन आयोजन से पहले ही ठगी की शिकायतें सामने आने लगीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आयोजक विकास ढाका को एक होटल से पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि ठगी की राशि कितनी है तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में कई पीड़ितों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है। इस ठगी ने खेल प्रेमियों को निराश किया तो वही दबी जुबान पर क्रिकेट प्रेमी ये भी कह रहे हैं कि पता नहीं हल्द्वानी के इंटरनेशनल स्टेडियम में क्रिकेट देखने का मौका कब मिलेगा।

हल्द्वानी: सुरेश चन्द्र तिवारी अचानक हुए लापता, परिवार ने मदद के हेल्पलाइन नंबर जारी किया

Uttarakhand News: Haldwani: Police: Missing: भगवानपुर क्षेत्र के निवारी गांव निवासी सुरेश चन्द्र तिवारी के अचानक लापता हो जाने से इलाके में चिंता का माहौल है। परिजनों के मुताबिक वे बीते दिन घर से बाहर गए थे, लेकिन उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है। जब देर रात तक वे वापस नहीं लौटे, तो परिवार ने आसपास के गांवों और संभावित स्थानों पर उनकी तलाश शुरू की।

परिजनों ने रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों को भी इस संबंध में सूचना दे दी है और हर संभावित जगह पर खोजबीन की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ पाई है। सुरेश चन्द्र तिवारी के न मिलने से परिवारजन बेहद परेशान हैं और समय बीतने के साथ उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही है।

परिवार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को भी सुरेश चन्द्र तिवारी के बारे में कोई जानकारी मिले या वे कहीं दिखाई दें, तो तत्काल मोबाइल नंबर 9917911989 पर संपर्क करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। परिजन और क्षेत्रवासी उनके सुरक्षित लौट आने की कामना कर रहे हैं।

उत्तराखंड: पहाड़ में गूंजती रही मां की चीखें, गुलदार ने छीना इकलौता सहारा

Rudraprayag Tragedy : Child Death Uttarakhand : Single Mother Struggle : Mountain Village Hardship : Uttarakhand News : अपने ही आंगन में खेलते बच्चे को हमेशा के लिए खो देना किसी भी मां के लिए सबसे बड़ा दुःस्वप्न होता है। जनपद रुद्रप्रयाग के एक छोटे से गांव में ऐसा ही दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है…जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।

तहसील रुद्रप्रयाग की न्याय पंचायत सारी के सिन्द्रवाणी गांव में रहने वाली बबीता की दुनिया एक पल में उजड़ गई। जिस आंगन में कुछ दिन पहले तक पांच साल के दक्ष की किलकारियां गूंजती थीं आज वहां सन्नाटा है। घर के बाहर लोगों की भीड़ है…लेकिन भीतर ऐसा दर्द पसरा है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

चार साल से लापता है पति

बबीता कहती हैं कि उनके पति चार साल पहले रोज़गार की तलाश में मुंबई गए थे…लेकिन फिर कभी लौटकर नहीं आए। न कोई खबर, न कोई सहारा। तब से वह अकेले ही अपने बूढ़े सास-ससुर और तीन बच्चों का सहारा बनी हुई थीं।उनकी बड़ी बेटी कीर्तिका नौ साल की है और छोटी काव्या छह साल की। दोनों अभी भी यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि घर में इतना सन्नाटा क्यों है और मां हर वक्त रो क्यों रही है।

गरीबी से जूझती जिंदगी

टूटा-फूटा घर, दीवारों में दरारें, गोशाला तक की छत नहीं। ऐसे हालात में भी बबीता हिम्मत नहीं हारीं। वह जंगल से घास काटकर लातीं, मजदूरी करतीं और जैसे-तैसे परिवार का पेट पाल रही थीं। बूढ़े सास-ससुर की सेवा, बच्चों की परवरिश सब जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी।

लेकिन अब पांच साल के बेटे दक्ष की मौत ने उनकी कमर ही तोड़ दी है। वह बार-बार रोते हुए भगवान से यही सवाल कर रही हैं…मैंने ऐसा कौन सा पाप किया था, जिसकी सजा मेरे मासूम को मिली?

मां की सबसे बड़ी चिंता बेटियों का भविष्य

बबीता अब अपने दुख से ज्यादा अपनी दो बेटियों के भविष्य को लेकर डरी हुई हैं। वह कहती हैं कि अब मेरी बच्चियों का क्या होगा? उनकी पढ़ाई कैसे होगी?” गांव में शोक जताने आने वाले लोग भी यह दर्द सुनकर खुद को संभाल नहीं पा रहे। यह सिर्फ एक बच्चे की मौत नहीं…बल्कि एक मां की पूरी दुनिया का उजड़ जाना है।

सरकार से मदद की आस

बबीता अब प्रशासन और सरकार से मदद की उम्मीद लगाए बैठी हैं…ताकि कम से कम उनकी बेटियों की पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित हो सके। पहाड़ के इस छोटे से गांव में पसरा सन्नाटा यह याद दिलाता है कि गरीबी, अकेलापन और बदकिस्मती जब एक साथ दस्तक देते हैं…तो इंसान अंदर तक टूट जाता है।

उत्तराखंड: मौत के मुहाने पर थी 23 साल की युवती, जटिल ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी

Srinagar Hospital : Life Saving Surgery : Intestinal Operation : Uttarakhand News : सही समय पर मिला इलाज किसी के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। ऐसा ही मामला श्रीनगर के बेस अस्पताल में सामने आया…जहां डॉक्टरों की टीम ने जटिल सर्जरी कर 23 वर्षीय युवती की जान बचा ली। युवती पौड़ी जिले की रहने वाली है।

दो दिन से थी तेज दर्द और उल्टी की शिकायत

जानकारी के अनुसार युवती पिछले दो दिनों से पेट में तेज दर्द और लगातार उल्टी से परेशान थी। हालत बिगड़ने पर परिजन 31 जनवरी को उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने तुरंत जांच शुरू की।

सीटी स्कैन में सामने आई गंभीर स्थिति

जांच के दौरान सीटी स्कैन रिपोर्ट में पता चला कि युवती की छोटी आंत आपस में उलझ गई थी। इस वजह से आंतों में रक्त प्रवाह रुक गया था। डॉक्टरों के मुताबिक यह स्थिति बेहद खतरनाक होती है और समय पर इलाज न मिले तो जान को खतरा हो सकता है।

3 घंटे चला जटिल ऑपरेशन

मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन का फैसला लिया। करीब तीन घंटे तक चली सर्जरी सफल रही। सर्जरी टीम में विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश रावत के नेतृत्व में डॉक्टरों ने ऑपरेशन पूरा किया।

अब हालत स्थिर, तेजी से हो रहा सुधार

डॉक्टरों के अनुसार ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा है। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में है। स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। यह एक गंभीर स्थिति होती है जिसमें आंत का एक हिस्सा दूसरे हिस्से के अंदर घुस जाता है। इससे आंतों में रुकावट और खून की सप्लाई बंद हो सकती है। समय पर इलाज न मिलने पर आंत खराब हो सकती है और ऑपरेशन जरूरी हो जाता है।

डॉक्टरों की सलाह

डॉक्टरों का कहना है कि अगर किसी को बार-बार पेट दर्द, उल्टी या पेट से जुड़ी गंभीर समस्या हो…तो तुरंत जांच करानी चाहिए। समय पर सीटी स्कैन जैसी जांच से बीमारी का पता लगाकर सही इलाज किया जा सकता है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बेस अस्पताल में अब जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं…जिससे दूर-दराज और पहाड़ी क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर इलाज मिल रहा है।

उत्तराखंड: अब कैमरा चलेगा, मोबाइल नहीं — कॉर्बेट के नए नियम जानिए…

Corbett Tiger Reserve : Mobile Ban Safari : Wildlife Protection India : Supreme Court Order : UttarakhandTourism : वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगल के प्राकृतिक माहौल को मानवीय हस्तक्षेप से बचाने के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बड़ा फैसला लागू किया गया है। अब सभी पर्यटन जोनों में सफारी के दौरान पर्यटक मोबाइल फोन साथ नहीं ले जा सकेंगे। यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के अनुपालन में लागू की गई है।

पार्क प्रशासन के अनुसार जंगल सफारी के दौरान स्मार्टफोन के उपयोग से शोर, फ्लैश और डिजिटल गतिविधियों का असर वन्यजीवों के व्यवहार पर पड़ता है। इसी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि पर्यटकों को डीएसएलआर या अन्य स्टिल कैमरे ले जाने की अनुमति रहेगी…लेकिन मोबाइल से फोटो या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।

पार्क वार्डन अमित ग्वासाकोटी ने कहा कि डे-सफारी पर जाने वाले पर्यटकों को प्रवेश द्वार पर ही अपने मोबाइल जमा कराने होंगे। नाइट स्टे करने वाले पर्यटकों के फोन जिप्सी में बने विशेष बॉक्स में रखे जाएंगे…जो गाइड और चालक की निगरानी में रहेगा। रेस्ट हाउस पहुंचने पर फोन लौटा दिए जाएंगे…लेकिन उनका उपयोग केवल आवास परिसर के भीतर ही किया जा सकेगा।

नियमों का उल्लंघन करने पर मोबाइल जब्त करने के साथ संबंधित गाइड और चालक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने पर्यटकों से नियमों का पालन करने की अपील की है…ताकि वन्यजीव संरक्षण के प्रयास सफल हो सकें।

उत्तराखंड: 23 करोड़ की लागत से बनेगा नया आस्था पथ, श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा

Rishikesh Aastha Path : Ganga Riverfront Development : Uttarakhand Pilgrimage : Irrigation Department Project : तीर्थनगरी में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ और बड़े धार्मिक आयोजनों की तैयारियों को देखते हुए गंगा किनारे नया आस्था पथ बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सिंचाई विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को शासन स्तर पर मंजूरी मिल गई है। करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह नया आस्था पथ बैराज पुल के पास गंगा के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में विकसित किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित आस्था पथ लगभग 600 मीटर लंबा होगा। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 66 मीटर के अंतराल पर तीन नए स्नान घाट बनाए जाएंगे। साथ ही आकर्षक लाइटिंग और सौंदर्यीकरण के कार्य भी किए जाएंगे, ताकि शाम के समय भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

परियोजना पूरी होने के बाद ऋषिकेश शहर के भीतर पड़ने वाले दबाव में कमी आने की उम्मीद है। नए आस्था पथ तक पहुंचने के लिए लोगों को भीड़भाड़ वाले शहरी मार्गों से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे यातायात और सुरक्षा दोनों दृष्टि से राहत मिलेगी।

गौरतलब है कि वर्तमान में त्रिवेणी घाट से बैराज तक गंगा किनारे पहले से आस्था पथ बना हुआ है…जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। नया आस्था पथ बनने से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

उत्तराखंड: बिजली गई तो मोबाइल भी बेकार, 30 गांवों में लोग लाचार

Ganai Gangoli Network Issue : BSNL Tower Problem : Uttarakhand Rural Connectivity : Pithoragarh Communication Crisis : सीमांत जिले पिथौरागढ़ के गणाई गंगोली क्षेत्र में बदहाल संचार व्यवस्था से लोग परेशान हैं। यह इलाका पिथौरागढ़, बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों की सीमाओं से जुड़ा है…जहां 30 से अधिक गांव मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं। क्षेत्र में संचार सुविधा मुख्य रूप से बीएसएनएल के एकमात्र टावर पर निर्भर है।

गणाई गंगोली कस्बे में लगा टावर बिजली जाते ही बंद हो जाता है। टावर के लिए जनरेटर तो लगाया गया है…लेकिन डीजल उपलब्ध न होने से वह भी बेकार पड़ा है। नतीजतन बिजली आपूर्ति बाधित होते ही मोबाइल सिग्नल और इंटरनेट सेवा ठप हो जाती है। करीब 15 हजार की आबादी इस समस्या से प्रभावित है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने ब्रॉडबैंड कनेक्शन भी लिए हैं…लेकिन बिजली कटते ही इंटरनेट भी बंद हो जाता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान न हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।

बीएसएनएल गणाई गंगोली एक्सचेंज प्रभारी प्रकाश सिंह ने कहा कि जनरेटर उपलब्ध है, लेकिन ईंधन की कमी के कारण उसे चलाया नहीं जा पा रहा। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि जहां शहरों में 5G सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, वहीं सीमांत क्षेत्र के लोग बुनियादी नेटवर्क सुविधा के लिए तरस रहे हैं। संचार सेवा ठप रहने से सरकारी कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।

उत्तराखंड: फाटक खुला, वाहन ट्रैक पर… तभी आ गई ट्रेन, बाल-बाल बचे लोग

Nakraunda Railway Crossing : Dehradun Train Incident : Mussoorie Express : Railway Gate Mishap : IndianRailway : डोईवाला और हर्रावाला के बीच नकरौंदा रेलवे फाटक पर मंगलवार सुबह एक बड़ी लापरवाही सामने आई…लेकिन लोको पायलट की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 8:45 बजे दिल्ली से देहरादून आ रही मसूरी एक्सप्रेस डोईवाला से रवाना होने के बाद नकरौंदा फाटक की ओर बढ़ रही थी।

बताया जा रहा है कि फाटक बंद होने का संकेत मिलने के बाद भी गेटमैन ने अचानक फाटक खोल दिया…जिससे दोनों ओर खड़े वाहन ट्रैक पार करने लगे। उस समय फाटक के पास 100 से अधिक वाहन और स्कूली बच्चे मौजूद थे। स्थिति भांपते ही लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन को फाटक से पहले ही रोक दिया…जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।

घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने गेटमैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस फाटक पर ऑटो सिग्नल की व्यवस्था नहीं है और संचालन मैन्युअल तरीके से होता है।

वहीं रेलवे इंजीनियरिंग स्टाफ ने आरोप लगाया है कि स्थानीय लोगों के दबाव में फाटक खोला गया। वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

दिल्ली के लिए चलने वाली संपर्क क्रांति ट्रेन के संचालन में बदलाव, एक और स्टेशन में रूकेगी

Uttarakhand: Haldwani: Kathgodam: Sampark Kranti Train:रेल मंत्रालय ने दिल्ली–रामनगर उत्तराखंड संपर्क क्रांति लिंक एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 25035/25036) का पिरुमदारा रेलवे स्टेशन पर ठहराव स्वीकृत कर दिया है। यह ठहराव प्रायोगिक आधार पर दिया गया है। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह ठहराव पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के प्रस्ताव पर मंजूर किया गया है और इसे शीघ्र सुविधाजनक तिथि (Early Convenient Date) से लागू किया जाएगा।

रेलवे बोर्ड ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्टेशन पर टिकटों की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए, निर्णय की समीक्षा की जाए और इस ठहराव की व्यापक सार्वजनिक जानकारी दी जाए। साथ ही, सभी संबंधित विभागों से अनुपालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। इस फैसले से पिरुमदारा और आसपास के क्षेत्र के यात्रियों को दिल्ली और रामनगर के बीच यात्रा में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

उत्तराखंड में एक आंकड़ा हुआ जारी, कितने युवाओं को मिला रोजगार !

Uttarakhand: Jobs: Pushkar Singh Dhami: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साढ़े चार साल के कार्यकाल में अब तक 28 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। इस हिसाब से देखा जाए तो हर महीने औसतन 518 युवाओं को रोजगार मिला है।

सरकार द्वारा सख्त नकल विरोधी कानून लागू किए जाने के बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता आई है। अब परीक्षाएं समय पर पूरी हो रही हैं और युवाओं का चयन एक से अधिक विभागों में भी हो रहा है। इसके साथ ही सरकार ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर विदेशों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं।

धामी सरकार के कार्यकाल में युवा सबसे ज्यादा लाभ पाने वाला वर्ग रहा है। 4 जुलाई 2021 को कार्यभार संभालने के बाद सरकार ने रोजगार और कौशल विकास पर खास ध्यान दिया। पहले और दूसरे कार्यकाल को मिलाकर मुख्यमंत्री का कार्यकाल अब 54 महीने पूरा हो चुका है।

इस दौरान लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और चिकित्सा सेवा चयन आयोग के माध्यम से 28 हजार से अधिक युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरी दी गई। पहले भर्ती प्रक्रिया में दो से तीन साल लग जाते थे, लेकिन अब औसतन एक साल के भीतर ही भर्ती पूरी हो रही है। इससे मेहनती और योग्य युवाओं को ज्यादा मौके मिल रहे हैं।

नकल पर रोक से बढ़े मौके


सरकारी भर्तियों में नकल रोकने के लिए फरवरी 2023 में सख्त कानून लागू किया गया। इसके बाद से राज्य में परीक्षाएं बिना रुकावट और साफ तरीके से कराई जा रही हैं। इसका फायदा यह हुआ कि कई युवा एक से ज्यादा परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं।

विदेश में भी मिल रहा रोजगार


सरकार ने 9 नवंबर 2022 से मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन और वैश्विक रोजगार योजना शुरू की। इसके तहत युवाओं को होटल प्रबंधन, नर्सिंग और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद जर्मनी और जापान जैसे देशों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।


अब तक इस योजना के तहत 154 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 37 युवाओं को जापान में नौकरी मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में भर्तियां की गई हैं, भर्ती प्रक्रिया को साफ बनाया गया है और कौशल विकास के जरिए भी युवाओं को आगे बढ़ने के मौके दिए जा रहे हैं।