सीएम धामी ने परीक्षा पे चर्चा संवाद को राष्ट्रीय आंदोलन करार दिया

Uttarakhand: Pariksha Par Charcha: CM Dhami: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेशविला रोड स्थित सेंट एग्नेस स्कूल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री के परीक्षा पे चर्चा के नौवें संस्करण से जुड़ा है और यह कार्यक्रम अब केवल संवाद नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश विद्यार्थियों को यह सिखाता है कि परीक्षा जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण हो सकती है, लेकिन सम्पूर्ण जीवन नहीं। उन्होंने अपने स्कूली जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि विद्यालय का समय अमूल्य होता है, जो दोबारा लौटकर नहीं आता, इसलिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि परीक्षा एक अवसर है, जिसमें छात्र एक योद्धा की तरह आत्मविश्वास, धैर्य और शांति के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना ही काबिलियत नहीं, बल्कि जीवन में अनेक अन्य लक्ष्य भी होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ने और परीक्षा के दबाव से मुक्त रहकर सकारात्मक सोच के साथ सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालने और उनकी तुलना दूसरों से न करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि परीक्षा पे चर्चा 2026 के अंतर्गत देशभर में चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने पंजीकरण कराया है, जिससे पूर्व का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी टूटने जा रहा है। उत्तराखंड से इस वर्ष लगभग 7 लाख विद्यार्थी, 53 हजार से अधिक शिक्षक एवं 14 हजार से अधिक अभिभावक कार्यक्रम से जुड़े हैं, जबकि गत वर्ष यह संख्या 2 लाख 98 हजार विद्यार्थियों तक सीमित थी।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि राज्य के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए 10 प्रेरक वीडियो में से एक वीडियो राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुआ है। यह वीडियो राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाला कुराली, विकासखंड जखोली, जनपद रुद्रप्रयाग के छात्र रोहन सिंह राणा द्वारा तैयार किया गया है। रोहन सिंह राणा को प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम में दिल्ली आमंत्रित किया गया है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

कार्यक्रम के दौरान महानिदेशक शिक्षा दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

पहाड़ फिर होंगे सफेद, उत्तराखंड में इस दिन से बदलने जा रहा है मौसम का मिजाज

Uttarakhand Snowfall Alert : Weather Update : Western Disturbance : Dehradun Forecast : उत्तराखंड की वादियों में एक बार फिर बर्फ की सफेद चादर बिछने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 9 फरवरी से राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। अगर यह पूर्वानुमान सही साबित होता है…तो पहाड़ दोबारा बर्फ से ढके नज़र आएंगे और ठंड का असर बढ़ेगा।

राज्य में बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर भी दिख रहा है। दिन में तेज धूप और सुबह-शाम कड़ाके की ठंड के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान में अचानक बदलाव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर रहा है।

मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले दो-तीन दिन मौसम शुष्क बना रहेगा। इसके बाद 9 से 11 फरवरी के बीच एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है…जबकि 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने कहा कि फरवरी के पहले हफ्ते में बड़े बदलाव के आसार नहीं थे…लेकिन 9 फरवरी से मौसम करवट ले सकता है।

वहीं मैदानी जिलों, खासकर हरिद्वार और उधम सिंह नगर में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इससे दृश्यता कम हो सकती है और यातायात प्रभावित हो सकता है।

अगर हल्की बारिश होती है तो यह रबी फसलों और फल उत्पादन के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। लंबे समय से सूखे हालात झेल रहे किसानों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है।

हल्द्वानी में होने वाली क्रिकेट लीग निकली फर्जी, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

Uttarakhand News: T20 League: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम गौलापार में आयोजित की जाने वाली कथित t20 क्रिकेट लीग के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में काठगोदाम पुलिस ने लीग के आयोजक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के लेन-देन से जुड़े दो बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है।

पुलिस के अनुसार, दिनांक 05 फरवरी 2026 को वादी हेमंत शर्मा निवासी इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, झज्जर (हरियाणा) और नारायण पाल निवासी अभिवाका विहार, हल्द्वानी (जनपद नैनीताल) ने थाना काठगोदाम में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी विकास ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लीग आयोजित करने के नाम पर उनसे क्रमशः 23 लाख और 9 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।

शिकायत के आधार पर थाना काठगोदाम में एफआईआर बीएनएस में अभियोग पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सेनी के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष काठगोदाम विपिन मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दिनांक 06 फरवरी 2026 को मल्ला काठगोदाम क्षेत्र से आरोपी विकास को गिरफ्तार कर लिया।


पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विकास डाका ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जैसे हरभजन सिंह, इरफान पठान, प्रवीण कुमार, मनप्रीत गोनी आदि के नाम पर टीम मालिकों को झांसे में लिया। हेमंत शर्मा को टीम 50 लाख की फ्रेंचाइज़ी फीस बताकर 30 लाख रुपये में बेचने का लालच दिया गया, जिसमें से 23 लाख रुपये आरोपी ने वसूल लिए।

वहीं नारायण पाल से “उत्तराखंड सोल्जर्स” टीम के नाम पर 50 लाख की फ्रेंचाइज़ी फीस बताकर 10 लाख रुपये में सौदा तय किया गया। प्रचार-प्रसार व अन्य खर्चों के नाम पर कुल 9 लाख रुपये लिए गए।

टूर्नामेंट की शुरुआत 01 फरवरी 2026 निर्धारित की गई थी, लेकिन तय तारीख बीत जाने के बाद भी न तो कोई आयोजन शुरू हुआ और न ही अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के आने की कोई पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि आयोजन स्थल पर किसी प्रकार की तैयारी या बुकिंग नहीं की गई थी।

उत्तराखंड समेत सभी राज्यों में PNB अप्रेंटिस वैकेंसी, जानें पूरी डिटेल

PNB Apprentice Recruitment 2026 : Bank Apprentice Jobs : Graduate Jobs India : BFSI SSC Portal : Banking Career Opportunity : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अप्रेंटिस भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। पात्र उम्मीदवार 8 फरवरी से 24 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया BFSI SSC पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी। किसी भी विषय में स्नातक डिग्री प्राप्त अभ्यर्थी इस अवसर के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कुल पद: 5138

देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 5138 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती की जाएगी। सबसे अधिक पद उत्तर प्रदेश (814), पश्चिम बंगाल (532), पंजाब (462), दिल्ली (417) और राजस्थान (363) में हैं। उत्तराखंड में भी 152 पद निर्धारित किए गए हैं।

शैक्षणिक योग्यता

किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री अनिवार्य

परिणाम 31 दिसंबर 2025 तक घोषित होना चाहिए

NATS पंजीकृत उम्मीदवारों के लिए डिग्री 1 जनवरी 2026 से 4 वर्ष से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए

आयु सीमा (01 जनवरी 2026 )

न्यूनतम: 20 वर्ष

अधिकतम: 28 वर्ष
(आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी)

NAPS के तहत आवेदन करने वालों की अधिकतम आयु 34 वर्ष

 स्टाइपेंड (वजीफा)

चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान मासिक वजीफा मिलेगा…

ग्रामीण/अर्ध-शहरी/शहरी शाखा: 12,300 प्रति माह

मेट्रो शाखा: 15,000 प्रति माह
कोई अतिरिक्त भत्ता नहीं दिया जाएगा।

प्रशिक्षण अवधि

कुल अवधि 12 महीने होगी

2 सप्ताह बेसिक ट्रेनिंग

50 सप्ताह ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण

आवेदन शुल्क (GST सहित)

वर्ग कुल शुल्क
सामान्य/ओबीसी पुरुष 944
सामान्य/ओबीसी/EWS महिला 708
एससी/एसटी/PwBD/ट्रांसजेंडर 236

आवेदन प्रक्रिया

आवेदन और परीक्षा शुल्क ऑनलाइन जमा करें

NAPS पोर्टल पर पंजीकरण करें

NATS पोर्टल पर भी रजिस्ट्रेशन करें

NAPS कोड और NATS नामांकन संख्या BFSI SSC पोर्टल पर अपडेट करें

आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट सुरक्षित रखें

यह भर्ती उन युवाओं के लिए शानदार मौका है जो बैंकिंग क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव हासिल कर स्थायी करियर की दिशा में कदम बढ़ाना चाहते हैं।

उत्तराखंड: रिटायर्ड कर्मचारी ले रहे थे दो पेंशन, समाज कल्याण विभाग ने शुरू की पड़ताल

Double Pension Case : Social Welfare Department : Uttarakhand Pension : Dehradun News : Pension Verification Drive : उत्तराखंड में दोहरी पेंशन लेने के मामलों ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। सामने आया है कि कुछ सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी अपने मूल विभाग से रिटायरमेंट पेंशन लेने के साथ-साथ समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था या विधवा पेंशन का लाभ भी ले रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

समाज कल्याण विभाग उत्तराखंड के निदेशक के निर्देश पर सभी जिलों में सत्यापन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। देहरादून के जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर कल्याण ने कहा कि शुरुआती जांच में देहरादून जिले में 126 ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लाभार्थी रिटायरमेंट पेंशन के साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी ले रहे हैं।

इनमें 93 वृद्धावस्था पेंशनधारक और 33 विधवा पेंशनधारक शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार निदेशालय से प्राप्त सूची पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जल्द ही मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय की टीम घर-घर जाकर सत्यापन करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि समाज कल्याण पेंशन के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार लाभार्थी की प्रमाणित मासिक आय 4000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होती है, जहां दस्तावेज़ों की जांच के बाद पेंशन स्वीकृत की जाती है।

राज्य स्तर पर समाज कल्याण विभाग ने 1377 ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सूची तैयार की है, जो सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रहे थे। इस संबंध में विभाग के निदेशक डॉ. संदीप तिवारी ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बताया गया है कि सूची में शामिल 314 लोगों की पेंशन पहले ही रोकी जा चुकी है…जबकि 970 अन्य मामलों में पेंशन भुगतान रोककर जांच की जा रही है।

यह मामला तब सामने आया जब महालेखाकार (लेखा परीक्षा) ने राज्य के पेंशन रिकॉर्ड की ऑडिट जांच की। समीक्षा के दौरान पाया गया कि बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भी लाभ ले रहे हैं। इसके बाद इस विषय पर राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिसके बाद अब विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है।

जांच पूरी होने के बाद अपात्र पाए जाने वाले मामलों में पेंशन निरस्त करने और वसूली जैसी कार्रवाई भी संभव मानी जा रही है।

उत्तराखंड में जल्द शुरू होगी सहकारिता आधारित भारत टैक्सी सेवा

Cooperative Taxi Service : Bharat Taxi : Uttarakhand Tourism : Driver Ownership Model : Dehradun News : उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य में जल्द ही सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा शुरू की जाएगी। यह पहल केंद्र स्तर पर शुरू की गई भारत टैक्सी सेवा के मॉडल पर आधारित होगी…जिसका शुभारंभ हाल ही में अमित शाह ने नई दिल्ली में किया।

यह पहल सहकारिता मंत्रालय भारत की ओर से शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है जिसका उद्देश्य टैक्सी चालकों को सिर्फ ड्राइवर नहीं…बल्कि वाहन और सेवा का वास्तविक स्वामी बनाना है। इस सहकारी मॉडल में मुनाफे का सीधा लाभ चालकों को मिलेगा जिससे उनकी आय, सुरक्षा और सम्मान में वृद्धि होगी।

राज्य के सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड अब केवल देवभूमि ही नहीं…बल्कि तेजी से उभरता पर्यटन, तीर्थाटन और वेडिंग डेस्टिनेशन भी बन चुका है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व और शांत वातावरण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आते हैं…जबकि बीते वर्ष करोड़ों पर्यटक राज्य पहुंचे…जो एक रिकॉर्ड संख्या मानी जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका सीधा असर पर्यटन, तीर्थाटन और डेस्टिनेशन वेडिंग सेक्टर की तेज़ी से बढ़ती गतिविधियों में देखा जा रहा है।

ऐसे समय में सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा राज्य के लिए आर्थिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण साबित होगी। इस योजना का फोकस स्वामित्व सुरक्षा सामाजिक कवच और सम्मान पर रहेगा। अधिकारियों को प्रारंभिक निर्देश दिए जा चुके हैं और जल्द ही विस्तृत रोडमैप तैयार कर योजना को जमीन पर उतारा जाएगा।

यह सेवा चार पहिया, तीन पहिया और दो पहिया टैक्सी वाहनों से जुड़ी होगी….जिससे शहरी इलाकों के साथ-साथ पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थानीय युवाओं और चालकों को सीधा लाभ मिलेगा।

सहकारिता आधारित यह टैक्सी सेवा न केवल चालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी…बल्कि उत्तराखंड में बढ़ते पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को भी एक सुरक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर परिवहन ढांचे से जोड़ेगी।

मोबाइल गेम्स बना रहे बच्चों को मानसिक रूप से कमजोर, जानिए पेरेंट्स क्या करें

Dehradun, : Screen Time : Online Gaming Addiction : Child Mental Health : Parenting Awareness : तकनीक ने बच्चों के लिए सीखने के नए रास्ते खोले हैं…लेकिन उसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल अब गंभीर चिंता का कारण बनता जा रहा है। किताबों, खेल के मैदानों और दोस्तों के साथ बिताए जाने वाले समय की जगह अब मोबाइल स्क्रीन ने ले ली है। खासतौर पर ऑनलाइन गेम्स की लत बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है।

हाल ही में गाजियाबाद में एक ऑनलाइन गेम की लत से जुड़ी दर्दनाक घटना ने अभिभावकों, शिक्षकों और काउंसलरों को झकझोर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता स्क्रीन टाइम बच्चों के व्यवहार और मानसिक विकास को प्रभावित कर रहा है।

डा. मुकुल शर्मा, अध्यक्ष, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोमेट्रिक काउंसलिंग ने कहा कि बच्चे चिड़चिड़े, जिद्दी और गुस्सैल होते जा रहे हैं। उनकी एकाग्रता घट रही है और मोबाइल पाने की चाहत में वे आक्रामक व्यवहार तक करने लगते हैं। उनका मानना है कि अभिभावकों का बच्चों को पर्याप्त समय न देना और उन पर निगरानी न रखना भी इस समस्या की बड़ी वजह है। माता-पिता ही बच्चों के पहले काउंसलर होते हैं।

डा. सोना कौशल गुप्ता, न्यूरो साइकोलोजिस्ट और सीबीएसई काउंसलर ने कहा कि कई बच्चे स्कूल जाने से कतराने लगे हैं….दोस्तों से मिलना-जुलना कम कर दिया है और अकेले रहना पसंद करने लगे हैं। ऐसे बच्चों के लिए मोबाइल ही भावनात्मक सहारा बनता जा रहा है। गेम्स के अलग-अलग स्तर पार करने की धुन में वे वास्तविक दुनिया से कटते चले जाते हैं…जो मानसिक रूप से नुकसानदेह स्थिति है।

अभिभावक इन बातों का रखें ध्यान

बच्चों के सामने मोबाइल का उपयोग कम से कम करें।

दो से तीन वर्ष तक के बच्चों को स्क्रीन से दूर रखें।

बच्चों से दोस्त की तरह व्यवहार करें, ताकि वे खुलकर अपनी बात कह सकें।

बच्चों को संस्कार, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ें।

बच्चों के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखें और यह जरूर देखें कि वे मोबाइल पर क्या और कितनी देर देख रहे हैं।

विशेषज्ञों का साफ कहना है कि बच्चों को समय दीजिए…..क्योंकि वही आपका भविष्य हैं।

उत्तराखंड: सरकारी स्कूलों की खाली होती कक्षाएं भरने की तैयारी, आंगनबाड़ी केंद्र अब स्कूल परिसर मे खुलेंगे

Uttarakhand : Nainital : Education Reform : Anganwadi Integration : Antibiotic Control : District Review : नैनीताल में सरकारी प्राथमिक स्कूलों में घटती छात्र संख्या और आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत तीन से छह वर्ष के बच्चों के निजी स्कूलों की ओर रुख करने से शासन की चिंता बढ़ गई है। इस स्थिति को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि अब नए आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय परिसरों में ही खोले जाएंगे। साथ ही यह भी तय किया गया है कि जब तक किसी प्रस्तावित प्राथमिक विद्यालय परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्था नहीं होगी तब तक नए प्राथमिक स्कूल को स्वीकृति नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि आंगनबाड़ी में पंजीकृत बच्चों का छह वर्ष की आयु के बाद सीधे प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित हो सके। विद्यालय परिसरों में बच्चों के लिए खेल मैदान भी विकसित किए जाएंगे।

जिले में बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोरों द्वारा एंटीबायोटिक दवाएं दिए जाने के मामलों पर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रभारी सचिव ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को निर्देश दिए हैं कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक की बिक्री न हो। फार्मासिस्टों को भी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे। यह कदम एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की बढ़ती समस्या को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नैनीताल क्लब में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद प्रभारी सचिव चंद्रेश यादव ने कहा कि जिला योजना, राज्य योजना और केंद्र पोषित योजनाओं के क्रियान्वयन में नैनीताल जिला प्रदेश में अग्रणी रहा है…लेकिन योजनाओं का भौतिक सत्यापन जरूरी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पलायन रोकने के लिए चलाई जा रही रोजगारपरक योजनाओं, सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य विकास कार्यों का जमीनी स्तर पर सत्यापन किया जाए।

शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हरिनगर ऑटोमेटेड पार्किंग परियोजना की कार्यदायी संस्था का चयन जल्द किया जाएगा, जबकि मेट्रोपोल पार्किंग के लिए नई निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। सीवरेज परियोजना के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पटुवाडांगर स्थित जैव प्रौद्योगिकी विभाग की भूमि की एनओसी जल्द मिलने की उम्मीद है।

प्रभारी सचिव ने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लेने और उनका प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचे…यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

भवाली की घटना का डेमोग्राफिक बदलाव से संबंध, सांसद ने डीएम को किया फोन !

Uttarakhand News: Bhowali: Police: Ajay Bhatt: क्षेत्र में कथित डेमोग्राफी परिवर्तन और पीड़ित परिवार की बच्ची के साथ हुई घटना को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल से फोन पर बातचीत कर पूरे मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

सांसद अजय भट्ट ने जिलाधिकारी से भवाली के रेहड़ और टमट्यूड़ा क्षेत्र में विस्तृत जांच कराने को कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि बाहरी लोग किस प्रकार अवैध रूप से सरकारी जमीन पर आवास बना रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों को निर्माण के लिए नक्शा पास कराना अनिवार्य होता है।उन्होंने प्रशासन से इस मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा।

सांसद भट्ट ने पीड़ित परिवार की बच्ची के साथ हुई घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे हर परिस्थिति में परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने बताया कि मामले में पुलिस को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा सांसद ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा आदेशित किया है।

केंद्रीय बजट को धामी ने क्यों बताया स्पेशल, इन आंकड़ों पर आप भी डाले नजर

Haldwani News: Cm Pushkar Singh Dhami: Budget: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की हल्द्वानी में हुई प्रेस वर्ता में बजट चर्चा का केंद्र रहा। सीएम ने केन्द्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल वर्तमान की आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले दशकों के लिए देश की आर्थिक, सामाजिक और रणनीतिक नींव को मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय में की गई उल्लेखनीय वृद्धि से दीर्घकालिक विकास की मजबूत आधारशिला रखी गई है। उन्होंने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के साथ-साथ देश की रणनीतिक स्वायत्तता और संप्रभुता को भी सुदृढ़ करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की सरकार के लिए विकास केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव का माध्यम है। यह बजट मध्यम वर्ग, करदाताओं और श्रमिकों के लिए राहत और सम्मान का प्रतीक है। नवाचार, विनिर्माण और रोजगार को केंद्र में रखकर तैयार किया गया यह बजट देश की उत्पादकता क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ स्थायी रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा, जो दीर्घकालीन आर्थिक मजबूती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय यह दर्शाता है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की शक्ति मानती है। सात नए आर्थिक कॉरिडोर, आधुनिक परिवहन नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स ढांचे का विस्तार निवेश, उद्योग और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूती देगा। वाराणसी-हल्दिया जलमार्ग, दिल्ली-वाराणसी एवं वाराणसी-सिलीगुड़ी उच्च-गति रेल कॉरिडोर न केवल कनेक्टिविटी परियोजनाएं हैं, बल्कि ये व्यापार, पर्यटन, रोजगार और राष्ट्रीय एकता के नए द्वार खोलने वाले कदम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट से उत्तराखंड के समावेशी विकास को सीधा लाभ मिलेगा। पर्वतीय, सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के लिए केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा ₹17,414.57 करोड़ निर्धारित किया गया है, जिससे प्रदेश को इस वर्ष ₹1,841.16 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट’ के विस्तार का जो अनुरोध किया गया था, उसे इस बजट में न केवल स्वीकार किया गया है, बल्कि इसके प्रावधान भी बढ़ाए गए हैं। यह राशि संशोधित अनुमान ₹1,44,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,85,000 करोड़ कर दी गई है, जो ₹41,000 करोड़ की अतिरिक्त वृद्धि को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना की सफलता को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका से उद्यमिता की ओर प्रेरित करने की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी। रेलवे क्षेत्र में उत्तराखंड को ₹4,769 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन मिला है, जो 2009-2014 की तुलना में 26 गुना अधिक है। राज्य में ₹39,491 करोड़ की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अंतिम चरण की ओर अग्रसर है। 11 रेलवे स्टेशन अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित किए जा रहे हैं, 100 प्रतिशत रेल विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है, 54 कवच सिस्टम और 106 फ्लाईओवर/अंडरपास के साथ-साथ 3 वंदे भारत और एक अमृत भारत एक्सप्रेस से राज्य की कनेक्टिविटी सुदृढ़ हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को बजट में विशेष प्रोत्साहन मिला है, जिससे राज्य में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। ग्रीन एनर्जी और सतत विकास के लिए हरित ऊर्जा और ग्रीन इकोनॉमी पर विशेष बल दिया गया है, जिससे उत्तराखंड को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। आयुष, फार्मा, खादी, हथकरघा तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक ढांचे को मजबूती देने की दिशा में बजट अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक जनपद में महिला छात्रावासों की व्यवस्था से महिला सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘विश्वास आधारित शासन’ से निवेश, रोजगार और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 किसानों को सशक्त करता है, युवाओं को अवसर देता है, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाता है, पर्वतीय राज्यों को नई पहचान देता है और देश को आत्मनिर्भरता से विकसित राष्ट्र की ओर मजबूती से आगे ले जाता है। बजट के तीन प्रमुख स्तंभ—संतुलित एवं समावेशी विकास, वंचित वर्गों का क्षमता निर्माण और सबका साथ-सबका विकास—सीमांत क्षेत्रों, गांवों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों के समग्र उत्थान का स्पष्ट मार्ग प्रशस्त करते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास से उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे शहरों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप राज्य के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है तथा राज्य सरकार द्वारा केंद्र को दिए गए प्रस्तावों को बजट में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित किया गया है, जो सहकारी संघवाद का सशक्त उदाहरण है।

अंत में मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 उत्तराखंड को रोजगार, निवेश, निर्यात, कौशल विकास और शहरी अवसंरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला सिद्ध होगा और राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास में मील का पत्थर बनेगा।