मुंबई मेट्रो में निकली नौकरियां,34 हजार से 2.80 लाख तक वेतन

MMRCL Recruitment : Mumbai Metro Jobs : Government Engineering Jobs : Railway Sector Careers : MMRCL Vacancy:  सरकारी क्षेत्र में स्थिर और आकर्षक करियर की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) ने विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट recruitment.mmrcl.com के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि कुछ पदों पर 50 वर्ष से अधिक आयु के अनुभवी उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।

कुल 6 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 6 रिक्त पद भरे जाएंगे। इनमें शामिल हैं:

जनरल मैनेजर (रोलिंग स्टॉक)  – 1 पद

असिस्टेंट जनरल मैनेजर (PST) – 1 पद

डिप्टी इंजीनियर (सिविल) – 1 पद

डिप्टी इंजीनियर (S&T)  – 1 पद

जूनियर इंजीनियर-II (S&T)  –  1 पद

असिस्टेंट (IT)-I – 1 पद

वेतनमान पद के अनुसार अलग-अलग तय किया गया है…जो लगभग 34,020 से 2,80,000 प्रति माह तक है। कुछ पद नियमित या डेप्युटेशन आधार पर भरे जाएंगे…जबकि कुछ कॉन्ट्रैक्ट आधार पर नियुक्त होंगे।

योग्यता और अनुभव 

हर पद के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव अलग-अलग निर्धारित है।

जनरल मैनेजर (रोलिंग स्टॉक) पद के लिए इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में फुल टाइम डिग्री और लगभग 18 वर्ष का अनुभव आवश्यक है। अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष रखी गई है। असिस्टेंट जनरल मैनेजर (PST) के लिए इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डिग्री और 7–10 साल का अनुभव जरूरी है। डिप्टी इंजीनियर (सिविल) पद के लिए सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री और संबंधित अनुभव अनिवार्य है, जबकि आयु सीमा 35 वर्ष तक है। डिप्टी इंजीनियर (S&T) और जूनियर इंजीनियर-II (S&T) पदों के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार पात्र होंगे। असिस्टेंट (IT)-I पद के लिए आईटी, कंप्यूटर साइंस या संबंधित विषय में डिग्री के साथ हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और नेटवर्किंग का अनुभव जरूरी है।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को recruitment.mmrcl.com पर जाकर Careers सेक्शन में उपलब्ध भर्ती विज्ञापन लिंक खोलना होगा।

वैध ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन

आवेदन फॉर्म सावधानीपूर्वक भरना

पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करना

रिज्यूम और वर्तमान सैलरी स्लिप जमा करना

फॉर्म भरने के बाद ऑनलाइन सबमिट करना जरूरी है।

सरकारी विभाग में कार्यरत उम्मीदवारों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र और दस्तावेज संबंधित पते पर भेजने होंगे।

ढाई साल तक दर्द से जूझता रहा कुक, सरकारी अस्पताल की सर्जरी से फिर चला अपने पैरों पर

Pauri Garhwal : Orthopedic Surgery : Bone Fracture Treatment : Government Hospital Success : Atal Ayushman Yojana : पौड़ी गढ़वाल के थलीसैंण निवासी 40 वर्षीय रणवीर सिंह रावत के लिए बीते ढाई साल बेहद दर्दनाक रहे। पेशे से होटल में कुक रणवीर का पैर घोड़े की लात लगने से बुरी तरह चोटिल हो गया था। प्लास्टर के दौरान लापरवाही से चलने-फिरने के कारण उनकी टूटी हड्डी गलत तरीके से जुड़ गई। नतीजा यह हुआ कि एक पैर छोटा-बड़ा हो गया और लगातार दर्द के कारण उनका काम लगभग बंद हो गया।

परिवार की आजीविका पर संकट गहराने लगा तो वे इलाज के लिए जिला अस्पताल पौड़ी पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने कहा कि बिना सर्जरी सुधार संभव नहीं है। हड्डी गलत एंगल पर जुड़कर बाहर की ओर उभर आई थी, जिससे चलना बेहद मुश्किल हो गया था।

साढ़े चार घंटे चला जटिल ऑपरेशन

जिला अस्पताल पौड़ी के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अगम कांत और उनकी टीम ने मरीज व परिजनों की सहमति के बाद ऑपरेशन की तैयारी की। करीब 4 घंटे 30 मिनट चले जटिल ऑपरेशन में हड्डी को दोबारा सही स्थिति में स्थापित किया गया। सर्जरी सफल रही और ऑपरेशन के बाद रणवीर का पैर सीधा हो गया। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ समय की सावधानी और फिजियोथेरेपी के बाद वे सामान्य जीवन जी सकेंगे।

रणवीर सिंह रावत ने भावुक होकर कहा कि लंबे समय से दर्द के कारण वे काम नहीं कर पा रहे थे। अब दर्द से राहत मिली है और वे फिर से अपने काम पर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों का आभार जताया।

डॉ. अगम कांत ने लोगों से अपील की कि किसी भी हड्डी की चोट को हल्के में न लें। समय पर इलाज न मिलने या लापरवाही से भविष्य में गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं। उन्होंने कि यह केस जटिल था….लेकिन सही समय पर सर्जरी से सुधार संभव हो सका।

निशुल्क हुआ इलाज

जिला अस्पताल पौड़ी के सीएमएस डॉ. लोकेंद्र दत्त ने कहा कि रणवीर का पूरा इलाज अटल आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क किया गया। अस्पताल का प्रयास है कि दूर-दराज के मरीजों को भी बड़े शहरों जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलें।

इस सफल सर्जरी ने एक बार फिर साबित किया है कि पहाड़ों के सरकारी अस्पतालों में भी समर्पित डॉक्टरों की मेहनत से जटिल इलाज संभव है। रणवीर के स्वस्थ होकर घर लौटने से उनके परिवार में खुशी है और अस्पताल की टीम की सराहना पूरे क्षेत्र में हो रही है।

हल्द्वानी के लाल ने रचा इतिहास! भारतीय सेना का दल बना एवरेस्ट पर वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर

Mount Everest Expedition : Indian Army Adventure Wing : Guinness World Record : Haldwani : Lt Col Manoj Joshi : हल्द्वानी के लिए गर्व की खबर है। भारतीय सेना के एडवेंचर विंग के एक विशाल दल ने माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रच दिया है। इस अभियान का नेतृत्व हल्द्वानी के नैनी विहार निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज जोशी ने किया। इस उपलब्धि को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जिससे पर्वतारोहण जगत में खुशी की लहर है। लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज जोशी के अनुसार उनका दल अब तक एवरेस्ट शिखर पर पहुंचने वाला दुनिया का सबसे बड़ा अभियान दल बन गया है। यह रिकॉर्ड भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और अदम्य जज्बे का प्रतीक माना जा रहा है।

49 सदस्यीय दल ने फहराया तिरंगा

इस अभियान में कुल 49 सदस्य शामिल थे। इनमें 22 भारतीय सेना के पर्वतारोही और 27 नेपाली शेरपा शामिल रहे। यह आरोहण भारतीय सेना के सिल्वर जुबली एवरेस्ट अभियान के तहत किया गया। दल ने अप्रैल 2025 के मध्य भारत से प्रस्थान किया और 23 अप्रैल को एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचा। इसके बाद कैंप-1 से कैंप-4 तक कठिन मौसम, जमा देने वाली ठंड और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अनुकूलन की प्रक्रिया पूरी की गई। 27 मई की सुबह दल ने सफलतापूर्वक माउंट एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराया।

सेना की परंपरा और टीम भावना का उदाहरण

यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भारतीय सेना की साहसिक क्षमता, मजबूत टीम भावना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। इस उपलब्धि से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश को गर्व महसूस हो रहा है। हल्द्वानी के लोगों के लिए भी यह खास पल है कि उनके शहर के एक अधिकारी ने विश्व पटल पर भारत का नाम रोशन किया।

घुटने की चोट ने छीना टी20 वर्ल्ड कप का सपना,अगले मुकाबले से पहले आया हर्षित का बड़ा बयान

Harshit Rana: Cricket: World Cup 2026: Team India: टीम इंडिया को आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब युवा और तेज़ तर्रार पेसर हर्षित राणा गंभीर चोट के चलते टूर्नामेंट से बाहर हो गए. साउथ अफ्रीका के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में लगी चोट ने उनके वर्ल्ड कप सफर पर अचानक ब्रेक लगा दिया.

मेडिकल जांच में सामने आया कि हर्षित के दाएं घुटने में लेटरल मेनिस्कस इंजरी हुई है. हालात की गंभीरता को देखते हुए बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने तुरंत सर्जरी की सलाह दी, जिसके बाद हर्षित ने सफल ऑपरेशन करवाया.

सर्जरी सफल रही, अब फोकस सिर्फ वापसी पर”

सोमवार को हर्षित राणा ने इंस्टाग्राम पर सर्जरी के बाद की तस्वीर शेयर कर फैन्स को राहत दी. उन्होंने लिखा,
“सर्जरी सफलतापूर्वक हो गई है. अब मेरा पूरा ध्यान रिकवरी पर है और मैं जल्द ही उस काम में लौटना चाहता हूं, जिससे मुझे सबसे ज्यादा प्यार है.”

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https://www.instagram.com/p/DUhpbBzCe5p/?igsh=dGVsOGZzY24xdDBt

इस पोस्ट के बाद फैन्स और क्रिकेट जगत से उन्हें ढेरों शुभकामनाएं मिलीं.

इस पोस्ट में आप साफ देख सकते है कि एक खिलाड़ी का उस खेल के प्रति प्यार और समर्पण । उस खिलाड़ी पर क्या बिता होगा जब उसे पता चला होगा कि वो वर्ल्ड कप की टीम से चोट की वजह से बाहर हो गया है। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वो देश के लिए वर्ल्ड कप खेले और देश को चैंपियन बनाए। पर एक चोट उसके सपने को उससे दूर कर देती है। पर हर्षित ने जो मुस्कुराता हुआ चहरा पोस्ट के जरिये शेयर किया है वही एक खिलाड़ी की जिंदादिली दिखाती है।

साउथ अफ्रीका के खिलाफ वॉर्म अप मैच में हुए थे चोटिल

यह चोट साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए वॉर्म-अप मैच के दौरान लगी. हर्षित ने उस मुकाबले में सिर्फ एक ओवर ही फेंका, जिसमें 16 रन गए. ओवर खत्म होते-होते उनके घुटने में दर्द बढ़ गया और वह लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर चले गए. मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी माना था कि हर्षित की हालत चिंताजनक लग रही थी.

अब शुरू होगा रिहैब का इम्तिहान

सर्जरी के बाद हर्षित अब रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजरेंगे. उनकी रिकवरी बीसीसीआई की मेडिकल टीम की निगरानी में होगी. पूरी तरह फिट होने के बाद उन्हें बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में रिपोर्ट करना होगा, जहां उनकी वापसी का अगला रोडमैप तैयार किया जाएगा.

सिराज को मिली जिम्मेदारी

हर्षित राणा के बाहर होने के बाद टीम इंडिया ने अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया. आईसीसी ने भी आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि घुटने की चोट के कारण हर्षित टूर्नामेंट से बाहर हुए हैं.

टीम इंडिया को खलेगी कमी

पिछले कुछ महीनों में हर्षित राणा ने अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी और आक्रामक अंदाज़ से टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीता था. ऐसे अहम टूर्नामेंट में उनका बाहर होना टीम इंडिया के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है.

अब नजरें हर्षित की रिकवरी पर टिकी हैं. टीम और फैन्स को उम्मीद है कि यह युवा तेज गेंदबाज जल्द पूरी तरह फिट होकर मैदान पर उसी जुनून और रफ्तार के साथ वापसी करेगा, जिसके लिए वह जाना जाता है.

खेल से जुड़ी हर एक खबर हर एक खेल प्रेमी को हमारी devbhoomiheadlines.com/ की वेबसाइट पर पढ़ने को मिलती रहेगी।

हल्द्वानी में एसडीएम की तैनाती में देरी, पार्षद धरने में बैठा

Haldwani News: SDM: Uttarakhand: हल्द्वानी में एसडीएम राहुल शाह के स्थानांतरण के बाद अब तक नए उपजिलाधिकारी की नियुक्ति नहीं हो पाने से एसडीएम कार्यालय का न्यायिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात यह हैं कि कोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई पूरी तरह रुकी हुई है, जिससे आम लोगों को रोजमर्रा के जरूरी कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

एसडीएम कोर्ट में धारा 143 और 229-बी से जुड़े मामलों के साथ ही विवाह पंजीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी लंबे समय से अटके हुए हैं। इस स्थिति से नाराज नगर निगम के पार्षद रवि जोशी ने एसडीएम कोर्ट परिसर में प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।

धरने के समर्थन में हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल से फोन पर बातचीत कर जल्द से जल्द नए एसडीएम की नियुक्ति की मांग रखी। विधायक ने कहा कि एसडीएम की तैनाती शासन स्तर पर होनी है, लेकिन अनावश्यक देरी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, हल्द्वानी में शीघ्र ही नए एसडीएम की तैनाती की जा सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि नियुक्ति होते ही न्यायिक और प्रशासनिक कार्यों को फिर से रफ्तार मिलेगी और लोगों को राहत मिलेगी।

देहरादून: सिंचाई विभाग की नहर में गिरे बुजुर्ग, अब दर्ज होगा मुकदमा

Dehradun:  जनपद में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हो रही सड़क दुर्घटना संबंधी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन की क्यूआरटी  ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। लापरवाही पर सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

अपर तुनवाला प्रकरण के संबंध में  घटना कैनाल रोड, अपर तुनवाला क्षेत्र की  नहर की सफाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध न किए जाने एवं असुरक्षित स्थिति में कार्य किए जाने के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा सिंचाई विभाग के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार एक बुजुर्ग व्यक्ति मॉर्निंग वॉक के दौरान पूर्वनिर्मित सिंचाई नहर (कैनाल) के खुले भाग में गिर गए। यह नहर सिंचाई विभाग की पुरानी संरचना है, जो सड़क से लगभग डेढ़ फीट ऊंचाई पर पेवमेंट के रूप में स्थित है। नहर की नियमित सफाई के उद्देश्य से सिंचाई विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर स्लैब हटाए गए थे।

कोहरे की स्थिति के कारण बुजुर्ग व्यक्ति खुले स्लैब को देख नहीं पाए और नहर में गिर गए। प्रथम दृष्टया यह घटना सीवर निर्माण कार्य से संबंधित नहीं पाई गई है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने  समस्त कार्यवाही संस्थाओं एवं ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्यों के दौरान कटिंग की गई सड़कों अथवा कार्यस्थलों पर किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं/ठेकेदारों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज किये जाएंगे। सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्तर पर अनदेखी स्वीकार्य नहीं की जाएगी।

जिला प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार के निर्माण/सफाई कार्य के दौरान पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, रात्रिकालीन रिफ्लेक्टर एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

अवगत कराया गया है कि कैनाल रोड, अपर तुनवाला प्रकरण के संबंध में  घटना कैनाल रोड, अपर तुनवाला क्षेत्र की है, जहां सीवर पाइपलाइन डाले जाने के उपरांत मार्ग के रेस्टोरेशन का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में उक्त स्थल पर रोड कटिंग से संबंधित कोई कार्य संचालित नहीं हो रहा है तथा सड़क का प्राथमिक रेस्टोरेशन कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

नैनीताल की तीन खतरनाक डेंजर जोन पर 100 करोड़ खर्च की तैयारी, अब मिलेगा स्थायी समाधान?

Nainital Landslide Zones : Road Safety Uttarakhand : Chronic Slip Treatment : Disaster Management Act : Hill Road Protection : नैनीताल जिले में पहाड़ी सड़कों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठने जा रहा है। जिले की तीन अति महत्वपूर्ण सड़कों पर बने खतरनाक स्लाइड जोन के स्थायी ट्रीटमेंट के लिए करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की तैयारी है।

अब तक इन क्षेत्रों में घने जंगल होने के कारण वन भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव अटक गए थे, लेकिन लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अनुरोध पर जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत स्वीकृति प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। इसके लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित कर स्थलीय निरीक्षण की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलते ही इन डेंजर जोन के उपचार का रास्ता साफ हो सकता है।

काठगोदाम–हैड़ाखान और सिमलिया बैंड राज्य मार्ग पर करीब 280 मीटर का हिस्सा गंभीर भूस्खलन और भूधंसाव के कारण डेंजर जोन बन चुका है। इस मार्ग से भीमताल, ओखलकांडा और चंपावत क्षेत्र के लगभग 200 गांवों की आवाजाही जुड़ी है।

बरसात के मौसम में यहां लगातार सड़क बंद होने से चिकित्सा, राशन और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित होती हैं। फिलहाल अस्थायी मरम्मत से रास्ता चालू रखा जाता है, लेकिन मानसून में दोबारा बंद होने का खतरा बना रहता है।

इस मार्ग पर बवास क्षेत्र में करीब 358 मीटर लंबा क्रोनिक स्लिप जोन बना हुआ है। लगातार कटाव से सड़क कमजोर हो रही है और दुर्घटना का खतरा बढ़ रहा है। इस हिस्से के तकनीकी ट्रीटमेंट के लिए टीएचडीसी से सहयोग लिया जा रहा है।

बेतालघाट का शहीद बलवंत सिंह मार्ग हर मानसून में मलबा और भूस्खलन से बंद हो जाता है। यहां भी पहाड़ी धंसाव के कारण स्थायी ट्रीटमेंट की जरूरत चिन्हित की गई है।

लोनिवि ने तीनों सड़कों के ट्रीटमेंट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर स्वीकृति मांगी है। जिलाधिकारी ने एसडीएम, जिला खान अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी और वन विभाग के अधिकारियों की समिति बनाकर स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।

निरीक्षण रिपोर्ट के बाद इन खतरनाक पहाड़ी हिस्सों के स्थायी समाधान की दिशा में काम शुरू हो सकेगा…जिससे हजारों लोगों की आवाजाही सुरक्षित हो पाएगी।

सीधे लोगों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री धामी…समस्याएं सुनीं, समाधान के दिए निर्देश

Pushkar Singh Dhami : Khatima Visit : Public Grievances : Lohiahead Camp Office : Uttarakhand CM : Condolence Visit : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा दौरे के दूसरे दिन जनसंपर्क और संवेदनशील मुलाकातों के साथ अपना कार्यक्रम जारी रखा।

मुख्यमंत्री ने लोहियाहेड स्थित कैंप कार्यालय और हेलीपैड परिसर में जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। कई स्थानीय मुद्दों पर मौके पर ही अधिकारियों को कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

इसके बाद मुख्यमंत्री ग्राम भगचुरी पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय मलकीत सिंह राणा के निधन पर उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। साथ ही वीरेंद्र मौर्य की माता स्वर्गीय सुन्दरी देवी के निधन पर भी उनके आवास जाकर परिजनों को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना करते हुए परिवारजनों को ढांढस बंधाया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दायित्वधारी अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, नगर पालिका अध्यक्ष खटीमा रमेश चंद्र जोशी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में डीएम उधम सिंह नगर नितिन सिंह भदौरिया, डीएम चम्पावत मनीष कुमार, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, सीडीओ दिवेश शाशनी, एडीएम कौस्तुभ मिश्रा, एसपी नीहारिका तोमर और एसडीएम तुषार सैनी समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास, रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंची

Uttarakhand: Cricket: Ranji Trophy: Semi Final: Jharkhand: उत्तराखंड क्रिकेट फैंस के लिए 8 फरवरी का दिन बेहद खास हो गया है। रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में झारखंड को पारी और छह रन से हराकर उत्तराखंड ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। ये पहला मौका है जब उत्तराखंड क्रिकेट टीम रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंची है। आपको बता दें कि इससे पहले उत्तराखंड ने तीन बार क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था। साल 2026 में उत्तराखंड चौथी बार क्वार्टर फाइनल में खेली और जीत हासिल कर सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया।

मुकाबला की समरी पर गौर करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए झारखंड ने पहली पारी में 235 रन बनाए। उत्तराखंड के लिए पहली पारी में गेंदबाजी में जन्मेजय जोशी ने चार, आदित्य रावत ने तीन और मयंक मिश्रा ने तीन विकेट हासिल किए।

वही बल्लेबाजी में उत्तराखंड के लिए अवनीश सुधा ने 64, कुणाल चंदेला ने 68 और सूचित में 70 रनों की पारी खेली और उत्तराखंड को बड़ी लीड भी दिला दी। दूसरी पारी में भी उत्तराखंड के गेंदबाजों ने झारखंड के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और पूरी टीम को 130 रनों पर ऑल आउट कर दिया। एक बार फिर मयंक मिश्रा ने पांच विकेट हासिल किए। बता दे की मयंक इस साल रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।

उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, विभाग की ओर से आया नया अपडेट

Uttarakhand Weather Update : Dehradun Temperature : Dry Weather : Morning Fog Alert : Mountain Rain Snowt : Fog in Plains : देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में इन दिनों मौसम शुष्क बना हुआ है। दिन के समय तेज धूप निकलने से हल्की गर्माहट महसूस हो रही है, जबकि सुबह और शाम की ठंड अब भी बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार आज भी प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक दर्ज हो सकता है।

शनिवार को देहरादून में धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। यहां अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मैदानी इलाकों में दिन के समय मौसम सुहावना लग रहा है, लेकिन सुबह की ठंड लोगों को अभी भी महसूस हो रही है।

मैदानी जिले ऊधम सिंह नगर में अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री और न्यूनतम 7.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में सर्दी का असर ज्यादा बना हुआ है। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 18.2 डिग्री और न्यूनतम 3.5 डिग्री….जबकि नई टिहरी में अधिकतम 18.0 डिग्री और न्यूनतम 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज सुबह देहरादून और आसपास के मैदानी इलाकों में घना कोहरा छा सकता है…जिससे ठंड का असर कुछ ज्यादा महसूस होगा। हालांकि दिन चढ़ने के साथ धूप निकलने पर मौसम साफ हो जाएगा।

आने वाले दिनों की बात करें तो सोमवार से पहाड़ी जिलों के मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश हो सकती है। तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना है…जबकि प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क ही बना रहेगा।