उत्तराखंड कैबिनेट में लिए गए कई बड़े फैसले

Uttarakhand News: Cabinet Meeting: Cm Dhami: मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े छह अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर श्रमिकों, स्वास्थ्य सेवाओं, कानून-व्यवस्था, वन कर्मियों और कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले

मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना जारी रहेगी
कृषि विभाग के अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (2025-26 तक लागू) के साथ-साथ राज्य में चल रही मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट में संशोधन वापस
श्रम विभाग द्वारा कोविड-19 काल के दौरान केंद्र सरकार को भेजा गया पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट से संबंधित संशोधन प्रस्ताव वापस लेने का निर्णय लिया गया है।

ईएसआई डॉक्टरों की भर्ती का रास्ता साफ
लेबर मेडिकल सर्विस नियमावली 2006 में संशोधन कर ईएसआई अस्पतालों में डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। कुल 94 पदों पर नियुक्ति के साथ-साथ पदोन्नति का भी प्रावधान किया गया है।

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मंजूरी
गृह विभाग के अंतर्गत वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए राज्य स्तर पर 22 नए पदों के सृजन को कैबिनेट ने स्वीकृति दी। इससे नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूती मिलेगी।

कारागार एक्ट में संशोधन
कारागार अधिनियम में ‘हैबिचुअल ऑफेंडर’ (बार-बार अपराध करने वाले) की परिभाषा में संशोधन किया गया है। राज्य ने इस मामले में केंद्र सरकार की परिभाषा को अपनाने का निर्णय लिया है।

वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतन
वन विभाग में कार्यरत कुल 893 दैनिक श्रमिकों में से 314 को पहले से न्यूनतम वेतन मिल रहा था। अब शेष 579 श्रमिकों को भी न्यूनतम वेतनमान ₹18,000 प्रतिमाह देने की मंजूरी दी गई है।

सीएम धामी ने देखी ‘गोदान’, उत्तराखंड में फिल्म हुई टैक्स फ्री

Pushkar Singh Dhami : Godan film Uttarakhand : cow protection film India : tax free film Uttarakhand : Uttarakhand film policy : मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने देहरादून के सेंट्रियो मॉल में गौ संरक्षण पर आधारित फिल्म ‘गोदान’ देखी और इसे भारतीय संस्कृति व ग्राम्य जीवन से जुड़ा प्रेरणादायी प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि गाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फिल्म को उत्तराखंड में टैक्स फ्री किया गया है…ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देखें और गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण, निराश्रित गोवंश की देखभाल और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है।

फिल्म के निर्माता विनोद कुमार चौधरी और टीम को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रभावी फिल्म नीति लागू की गई है। राज्य में शूटिंग को आसान बनाया गया है…सब्सिडी और सिंगल विंडो क्लीयरेंस की सुविधा दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और संस्कृति फिल्मांकन के लिए उपयुक्त है…जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी और रेखा आर्य सहित कई लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड: रेलवे स्टेशनों के आसपास होगा बड़ा विकास, स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

Uttarakhand rail projects review : Rishikesh Karnaprayag railway update : Tanakpur Bageshwar rail line:  escape tunnel parallel road plan : railway station redevelopment Uttarakhand : मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सचिवालय में राज्य की प्रस्तावित और निर्माणाधीन रेल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन रेल परियोजनाओं में टनल के साथ एस्केप टनल बनाई जा रही हैं…उन्हें भविष्य में समानांतर सड़कों के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से Rishikesh–Karnaprayag रेल परियोजना के तहत बनी एस्केप टनल के भविष्य उपयोग पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही कर्णप्रयाग से Bageshwar तक रेल लाइन बढ़ाने की संभावनाओं पर भी अध्ययन करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने Tanakpur–Bageshwar रेल लाइन परियोजना पर तेजी से काम करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अलग-अलग वैकल्पिक मार्गों पर विचार किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों और लोगों को इसका लाभ मिल सके। अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्र को जोड़ने की संभावनाओं पर भी काम करने को कहा गया। इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह करने की भी बात कही गई…जिससे निर्माण कार्य को गति मिल सके।

रेलवे स्टेशनों के आसपास होगा विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों का समुचित पुनर्विकास किया जाए। हर स्टेशन के लिए इंटीग्रेटेड प्लान तैयार होगा…जिससे स्थानीय लोगों के लिए बाजार और रोजगार के अवसर बन सकें। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए स्टेशनों पर विशेष व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। लोगों को होमस्टे और स्वरोजगार योजनाओं के लिए अभी से प्रेरित करने को कहा गया।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर फोकस

रेलवे स्टेशनों के पास स्थित गांव, कस्बों और धार्मिक व पर्यटन स्थलों के विकास के लिए अलग रोडमैप बनाने के निर्देश दिए गए हैं…ताकि भविष्य में बढ़ने वाली पर्यटक संख्या को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

परियोजना प्रगति पर 

बैठक में कहा गया कि ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना का लगभग 72.5% काम पूरा हो चुका है जबकि टनल निर्माण का 95% से अधिक कार्य पूरा हो गया है। इस परियोजना में कुल 28 टनल बनाई जा रही हैं, जिनमें 16 मुख्य और 12 एस्केप टनल शामिल हैं। स्टेशनों का निर्माण अलग-अलग सांस्कृतिक और धार्मिक थीम पर किया जा रहा है….जिससे यात्रियों को उत्तराखंड की पहचान की झलक मिल सके। सरकार का कहना है कि इन रेल परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में कनेक्टिविटी बढ़ेगी…पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

उत्तराखंडवासियों के लिए जरूरी सूचना, दो वोटर लिस्ट में नाम है तो तुरंत हटा लीजिए

Uttarakhand voter list update : duplicate voter name rule : Form 7 voter deletion: Election Commission duplicate entry : voter list correction : उत्तराखण्ड के लोगों के लिए एक जरूरी और सतर्क करने वाली खबर सामने आई है। अगर किसी व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग जगहों की मतदाता सूची में दर्ज है…तो अब इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। Election Commission of India ने स्पष्ट कर दिया है कि दोहरी प्रविष्टि (डुप्लीकेट नाम) रखने वाले मतदाताओं पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

राज्य जैसे Uttarakhand में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है क्योंकि लोग पढ़ाई, नौकरी या अन्य कारणों से गांव से शहर या एक जिले से दूसरे जिले में शिफ्ट हो जाते हैं। कई बार नया वोटर कार्ड बनवाते समय पुरानी जगह से नाम कटवाना भूल जाते हैं…और यहीं से परेशानी शुरू होती है।

कानून क्या कहता है?

भारत के चुनाव कानून के अनुसार जानबूझकर गलत जानकारी देकर दो जगह नाम दर्ज कराना अपराध की श्रेणी में आता है। दोष साबित होने पर एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सज़ाएं हो सकती हैं। चुनाव विभाग का साफ कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अब तकनीक से पकड़ी जा रही है डुप्लीकेट एंट्री

चुनाव आयोग अब आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। आधार से जुड़ी जानकारी, फोटो और अन्य विवरणों का मिलान सॉफ्टवेयर के जरिए किया जा रहा है। अगर एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग जगह मिलता है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट देता है। इसके बाद जांच कर संबंधित नाम हटाने या कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होती है।

राहत की बात: नाम हटाने की प्रक्रिया आसान

अगर आपका नाम दो जगह दर्ज है तो घबराने की जरूरत नहीं आप खुद इसे ठीक कर सकते हैं। नाम हटवाने के लिए आपको फॉर्म-7 भरना होता है। यह काम आप घर बैठे ऑनलाइन कर सकते हैं,  वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए या National Voter Service Portal की वेबसाइट पर जाकर, ऑनलाइन आवेदन करने के बाद संबंधित विधानसभा क्षेत्र से आपका नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

अधिकारियों की अपील

सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी Mastu Das ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से आगे आकर केवल एक ही स्थान पर अपना नाम रखें। इससे न सिर्फ कानूनी परेशानी से बचाव होगा…बल्कि चुनाव प्रक्रिया भी निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगी।

उत्तराखंड घूमना हुआ महंगा, 11 एंट्री पर वाहनों से लिया जा रहा ग्रीन सेस

Uttarakhand Green Cess : ANPR Camera Toll : FASTag Green Tax : Border Vehicle Fee : उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर ग्रीन सेस की वसूली अब शुरू हो गई है। हरिद्वार के नारसन बॉर्डर पर सफल ट्रायल के बाद हरिद्वार, देहरादून और ऊधम सिंह नगर जिलों में कुल 11 स्थानों पर यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। जल्द ही तीन और चेक पोस्टों पर भी ग्रीन सेस वसूली शुरू करने की तैयारी है।

राज्य परिवहन विभाग के अनुसार उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जहां बॉर्डर पर वाहनों को रोके बिना ग्रीन सेस वसूला जा रहा है। इसके लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये कैमरे बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की नंबर प्लेट पढ़ते हैं और फास्टैग के माध्यम से स्वचालित रूप से ग्रीन सेस काट लिया जाता है।

राज्य में ऐसे कुल 37 एएनपीआर कैमरे लगाए गए हैं…जिनकी मदद से प्रतिदिन लगभग 18 लाख रुपये का राजस्व मिलने लगा है। इससे न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा…बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बनाए गए ग्रीन फंड को भी मजबूती मिलेगी।

इन स्थानों पर हो रही वसूली

फिलहाल दूसरे राज्यों के वाहनों से नारसन, श्यामपुर, भगवानपुर, इमलीखेड़ा, रुद्रपुर, नादेही, सुतैया, तिमली, कुल्हाल, आशारोड़ी और धरमपुर में ग्रीन सेस लिया जा रहा है।

परिवहन विभाग का कहना है कि इस तकनीक से पारदर्शिता बढ़ेगी और टोल प्लाजा जैसी लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य सरकार की यह पहल एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

एक विवाद और असर…जिस जिम में 150 लोग थे वहां अब 15 लोग बचे हैं

Deepak Kumar : Kotdwar : Gym Owner Controversy : Viral Video Uttarakhand: Local Business Impact : Mohammad Deepak : उत्तराखंड के कोटद्वार में जिम संचालक दीपक कुमार…जो खुद को मोहम्मद दीपक भी बताते हैं, इन दिनों आर्थिक और सामाजिक दबाव से जूझ रहे हैं। एक स्थानीय विवाद के बाद उनके जिम की सदस्य संख्या में भारी गिरावट आई है।

दीपक के अनुसार पहले उनके जिम में रोज करीब 150 सदस्य वर्कआउट के लिए आते थे…लेकिन अब यह संख्या घटकर 12 से 15 रह गई है। उनका जिम किराए की इमारत की दूसरी मंजिल पर संचालित होता है और मासिक किराया 40 हजार रुपये है। यही उनके परिवार की मुख्य आय का साधन है।

दीपक ने कहा कि 26 जनवरी को एक घटना के दौरान उन्होंने एक बुजुर्ग दुकानदार के समर्थन में आवाज उठाई थी। कथित तौर पर कुछ लोग उस दुकानदार पर दुकान के नाम से एक शब्द हटाने का दबाव बना रहे थे। इसी दौरान हुए विवाद में जब दीपक से उनका नाम पूछा गया तो उन्होंने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया…जिसके बाद वे अचानक चर्चा में आ गए।

उनका कहना है कि 31 जनवरी को कुछ संगठनों से जुड़े लोग उनके जिम के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे…हालांकि पुलिस ने स्थिति संभाल ली। दीपक का दावा है कि उसी दिन कुछ लोग जिम के अंदर भी घुस आए थे जिससे वहां मौजूद सदस्य घबरा गए। इसके बाद से लोगों ने आना कम कर दिया।

घटती सदस्यता ने दीपक की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में घर बनवाया है और हर महीने 16 हजार रुपये की लोन किश्त भी देनी पड़ रही है। लगातार तनाव के कारण उनकी तबीयत भी खराब हुई। परिवार पर भी असर पड़ा…उनकी बेटी ने कुछ समय के लिए स्कूल जाना बंद कर दिया था…हालांकि अब वह दोबारा जाने लगी है।

इन सबके बावजूद दीपक को उम्मीद है कि हालात धीरे-धीरे सामान्य होंगे और पुराने सदस्य फिर से जिम लौटेंगे। स्थानीय प्रशासन की ओर से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों से बचने की अपील की गई है।

उत्तराखंड के पांच जिलों में बर्फबारी का अलर्ट, पूरी लिस्ट देखें

Uttarakhand Weather Update : Snowfall Alert : Dense Fog Warning : उत्तराखंड में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है…लेकिन ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में आज मौसम करवट ले सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश या 3,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना है। इससे उच्च हिमालयी इलाकों में ठंड और बढ़ सकती है।

राज्य के अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। हालांकि मैदानी क्षेत्रों में सुबह-शाम ठंड का असर बना रहेगा।

इस बीच हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों में घने कोहरे की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। कोहरे के कारण दृश्यता कम हो सकती है…जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की संभावना है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में बदलाव के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है…जबकि मैदानी इलाकों में कोहरे के कारण ठंड का अहसास बढ़ेगा।

नोट: यह समाचार मौसम विभाग से प्राप्त शुरुआती जानकारी पर आधारित है। मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है। ताज़ा अपडेट के लिए जुड़े रहें।

वार्षिक खेल महोत्सव में वेंडी स्कूल के बच्चों का कमाल का प्रदर्शन

Gaulapar: Vendy School: Haldwani: Sports Day: गौलापार स्थित वेंडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वार्षिक खेल महोत्सव का शुभारंभ बड़े ही उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा की गई, जिन्होंने अपनी मासूम अदाओं और जोश से सभी का मन मोह लिया।


खेल महोत्सव के अंतर्गत छोटे बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार की रेस आयोजित की गईं, जिनमें फन रेस, बैलेंस रेस सहित अन्य मनोरंजक खेल शामिल रहे। बच्चों ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ खेलों में भाग लिया। विद्यालय परिसर तालियों, मुस्कान और बच्चों की खुशियों से गूंज उठा।


इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. विकल बवाड़ी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि खेलों से बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में खेलों का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है और आज अनेक विद्यार्थी खेलों के माध्यम से सरकारी नौकरियाँ एवं ऊँचे मुकाम हासिल कर रहे हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. भावना बवाड़ी ने अपने संबोधन में कहा कि खेल जीवन का एक अभिन्न अंग हैं।

खेलों से अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से विद्यार्थी अपने भविष्य को और अधिक सशक्त बना सकते हैं, तथा आज खेलों के जरिए लोग देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य विजय जोशी, स्कूल कोऑर्डिनेटर मंजू थापा सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय प्रशासन ने बताया कि ऐसे आयोजनों से बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलता है।

रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट, क्या उत्तराखंड के मयंक मिश्रा को मिलेगा बड़ा तोहफा

Uttarakhand News: Mayank Mishra: Ranji Trophy: उत्तराखंड क्रिकेट टीम ने रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। एक बार फिर जीत की स्क्रिप्ट मयंक मिश्रा ने ही तैयार की, बल्लेबाज बड़ा स्कोर तो बना देते हैं लेकिन टेस्ट मैच टीम को गेंदबाज ही जीताता है। 2025-2026 सीजन में मयंक ने उत्तराखंड के लिए कुछ ऐसा ही प्रदर्शन किया है।

मयंक के आंकड़े कमाल के हैं

उत्तराखंड के लिए क्वार्टर फाइनल मुकाबले के खत्म होने तक मयंक मिश्रा ने 2025-2026 सीजन में कुल 7 मुकाबले खेले और अब तक 52 विकेट हासिल कर चुके हैं। आम क्रिकेट फैंस की तरह हिसाब लगाए तो मयंक हर मैच में 7 विकेट से ज्यादा ले रहे हैं। ताजा आंकड़ों पर गौर करें तो रुद्रपुर निवासी और हल्द्वानी में अभ्यास करने वाले मयंक रणजी ट्रॉफी में विकेट लेने के मामले में सबसे आगे चल रहे हैं। मयंक का गेंदबाजी औसत 15.42 है। इस सीजन में वो एक पारी में 4 बार पंजा खोल चुके हैं।

उत्तराखंड के लिए मयंक और रिकॉर्ड

मयंक हमेशा से उत्तराखंड के ट्रंप कार्ड रहे हैं लेकिन कई मौके पर उन्हें बाहर भी बैठना पड़ा है। बता दें कि क्रिकेट एसोशिएशन ऑफ उत्तराखंड टीम में गेस्ट खिलाड़ियों को भी जगह देती रही है। पिछले कुछ वर्षों में उसी एक खिलाड़ी के चलते मयंक को बैंच पर बैठना भी पड़ा लेकिन इस खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और अब वो घरेलू क्रिकेट में उत्तराखंड के लिए 200 से ज्यादा विकेट ले चुका है। उत्तराखंड के लिए मयंक मिश्रा ने साल 2019-2020 सीजन में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में गोवा के खिलाफ हैट्रिक जमाई थी। साल 2021-2022 सीजन में भी उत्तराखंड ने नॉक आउट तक का सफर तय किया था और मयंक ने उस साल भी कमाल का प्रदर्शन किया था।

काउंटी में भी किया कमाल

घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन का फल मयंक को मिला। वो 2021 से लगातार इंग्लैंड में प्रोफेशनल क्रिकेट खेल रहे हैं और 300 से ज्यादा विकेट भी हासिल कर चुके हैं। मयंक कई बार बोल चुके हैं कि इंग्लैंड में खेलने के वजह से वो ऑफ सीजन का भी अच्छा इस्तेमाल कर पाते हैं।

क्या मिलेगी भारतीय टीम में एंट्री

रणजी ट्रॉफी को भारतीय टीम में एंट्री का दरवाजा कहा जाता है। मयंक अपने करियर के टॉप फॉर्म में हैं। वो अपनी टीम के लिए वो सब कर चुके हैं जो एक खिलाड़ी करता है और रिकॉर्ड इस बात का सबूत है। पर क्या ये प्रदर्शन नेशनल चयनकर्ताओं को अपनी ओर खींच सकता है या फिर नए राज्य व नई टीम की मोहर के वजह से मयंक को अभी इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इस परीपार्टी को बीसीसीआई ने तोड़ा है। उत्तराखंड के क्रिकेट फैंस को उम्मीद है कि बिहार के वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को मौका मिल सकता है तो मयंक भी ये सब डिजर्व करते हैं।

सेमीफाइनल पर सभी की नजर

उत्तराखंड को सेमीफाइनल कर्नाटक के खिलाफ खेलना है। कर्नाटक को रणजी ट्रॉफी की दिग्गज टीम कहा जाता है। कर्नाटक टीम उस बात सबूत है कि रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने से भारतीय टीम में एंट्री के मौके भी खुलते हैं। कर्नाटक के कई खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा हैं और पूर्व में भी रहे हैं। ऐसे में लखनऊ के मैदान पर उत्तराखंड टीम इतिहास रचने के साथ-साथ एक नया अध्याय शुरू करने की कोशिश भी करेगी। टीम खिताब से दो मैच दूर हैं। क्रिकेट में कुछ भी संभव है। अगर ये ट्रॉफी देवभूमि आती है तो यकीन मानिए… एक टीम की जीत से उत्तराखंड के कई युवाओं के लिए नीली जर्सी के दरवाजे खुल सकते हैं।

हल्द्वानी नगर निगम ने निजी बाजार चलाने के लिए बनाई SOP, सख्त नियम लागू

HaldwaniNews : NagarNigamUpdate : FoodCourtLicense : PrivateMarketRules : UrbanPlanning : UttarakhandNews : हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में अपनी निजी जमीन पर बाजार, फूड कोर्ट या चौपाटी जैसे व्यावसायिक स्थल संचालित करने के लिए अब नगर निगम की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए नगर निगम ने नई उपविधि तैयार कर ली है।

अब जो भी व्यक्ति अपनी निजी भूमि पर इस तरह की गतिविधि शुरू करना चाहता है उसे नगर निगम के मार्केटिंग अनुभाग में आवेदन कर लाइसेंस लेना होगा।

नगर निगम का कहना है कि निजी बाजार खुलने से रेहड़ी-पटरी पर काम करने वाले छोटे व्यापारियों को व्यवस्थित स्थान मिलेगा। इससे मुख्य सड़कों पर होने वाले अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम करने में मदद मिलेगी।

नई उपविधि के अनुसार निजी बाजार संचालक को पहले वर्ष में कुल स्थान का 25 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम के सिटी वेंडिंग कार्ड धारकों के लिए सुरक्षित रखना होगा। साथ ही हर वेंडर के पास नगर निगम का वैध ट्रेड लाइसेंस होना जरूरी होगा।

निजी बाजार या फूड प्लाजा संचालकों को अपने परिसर में आने वाले ग्राहकों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी….ताकि सड़क पर जाम की स्थिति न बने।

इसके अलावा बाजार स्थल पर पार्किंग, रोशनी, शौचालय, साफ-सफाई और सीसीटीवी कैमरे जैसी बुनियादी सुविधाएं भी संचालकों को अपने खर्च पर उपलब्ध करानी होंगी।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि उपविधियों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित निजी बाजार या फूड कोर्ट का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।