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Uttarakhand: Haldwani: Medical Camp: Media Centre: पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे पत्रकारों की जीवन शैली और कार्य की अधिकता एवं अनियमित दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पत्रकारों हेतु विशेष चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कैंप आयोजित किए जाने के निर्देशों के क्रम में गुरुवार को हल्द्वानी मीडिया सेंटर में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के सहयोग से एक दिवसीय चिकित्सा शिविर का आयोजन कराया गया।
शिविर में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल,मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल एवं संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय ने सामिल होकर उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वस्थ पत्रकारिता ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला है, क्योंकि स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक मीडिया शासन-प्रशासन को जवाबदेह बनाते हुए समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मीडिया प्रतिनिधियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति संवेदनशील है और उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनकल्याणकारी दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित इस शिविर में एक्स-रे, ईसीजी, बीपी, शुगर, थायराइड एवं विभिन्न रक्त जांच सहित आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में हृदय रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक एवं फिजिशियन द्वारा लाभार्थियों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के उपरांत आवश्यक औषधियों का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
शिविर में जनपद के हल्द्वानी, रामनगर, लालकुआं, कालाढूंगी सहित विभिन्न क्षेत्रों से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया प्रतिनिधियों तथा उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लगभग 100 से अधिक पत्रकारों एवं उनके परिजनों ने शिविर का लाभ उठाया।
शिविर में उपस्थित संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर समय समय पर सभी क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक मीडिया कर्मियों एवं आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
यह शिविर राज्य सरकार की उस दूरदर्शी सोच का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसके अंतर्गत “सबका स्वास्थ्य, सबका विकास” की भावना के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
इससे पूर्व प्रातः जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरीश चन्द्र पंत एवं संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय द्वारा संयुक्त रूप से चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया गया।
शिविर में डॉ0 आर एस कुॅवर फिजीशियन, डॉ0 सुधांशु सिंह हद्दय रोग विशेषज्ञ, डॉ0 पीएस खोलिया, हड्डी रोग विशेषज्ञ, डॉ0 अनीता पवार, स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ0 विजय नेत्र रोग विशेषज्ञ,डॉ0 दीप्ति, दंतरोग विशेषज्ञ तथा दीपा सुनारी फार्मेसिस्ट के साथ ही मेडिकल टीम , जिला सूचना अधिकारी गिरिजा जोशी, सूचना अधिकारी अहमद नदीम सहित विभिन्न मीडिया प्रतिनिधि व अन्य लोग मौजूद रहे।
Uttarakhand News: Dehradun: 20 Acre Land: Trust: देहरादून में स्थित देश के प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण संस्थान इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) के समीप करीब 20 एकड़ भूमि का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। जमीन के ट्रांसफर और उसके मौजूदा उपयोग को लेकर न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर हलचल मची है, बल्कि यह विषय अब राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार यह भूमि लगभग दो दशक पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में एक इस्लामिक शैक्षणिक संस्था शेखुल हिंद ट्रस्ट को आवंटित की गई थी। उद्देश्य शैक्षणिक गतिविधियों का बताया गया था, लेकिन अब जांच में सामने आया है कि जमीन का उपयोग तय मकसद से अलग किया जा रहा है।
जांच में सामने आई अवैध प्लॉटिंग
विकासनगर के उप-जिलाधिकारी विनोद कुमार द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि धौलास क्षेत्र में स्थित इस जमीन पर आवासीय प्लॉट काटे जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कृषि भूमि को नियमों के विपरीत छोटे-छोटे भूखंडों में बदलकर बेचा जा रहा है। इससे न केवल भूमि कानूनों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि आसपास की सैन्य गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
IMA की सुरक्षा को लेकर चिंता
सरकारी सूत्रों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील सैन्य संस्थान के आसपास अनियंत्रित बसावट कई तरह के जोखिम पैदा कर सकती है। इसमें संदिग्ध गतिविधियों की संभावना, निगरानी व्यवस्था में बाधा और गोपनीय सैन्य प्रशिक्षण से जुड़ी सूचनाओं के लीक होने का खतरा शामिल है। इसी वजह से प्रशासन इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है।
मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
इस प्रकरण पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है और सुरक्षा से समझौता किया गया है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
जमीन विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। विपक्ष इसे पुराना मामला बताकर तूल देने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार इसे गंभीर सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ा विषय मान रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।
फिलहाल प्रशासन द्वारा विस्तृत जांच जारी है और सरकार ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
Uttarakhand: Chota Kailash: Mela: Nainital: Shivratri: भगवान शिव के प्रसिद्ध धाम आदि छोटा कैलाश में इस वर्ष से श्रद्धा और भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा। मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, मंदिर समिति, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और आवश्यक सुविधाओं को लेकर गहन मंथन किया गया।
सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम
प्रशासन ने इस बार मेले को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष योजना तैयार की है। पहली बार मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे पूरे मेले पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस बल के साथ एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमें भी तैनात रहेंगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल सक्रिय रहेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर जोर
मेले में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए मार्गों पर पर्याप्त विद्युत व्यवस्था की जाएगी। स्वच्छता बनाए रखने के लिए मोबाइल शौचालय लगाए जाएंगे, जबकि पेयजल की आपूर्ति जल निगम द्वारा सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी को परेशानी न हो।
पार्किंग और यातायात व्यवस्था तय
यातायात को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने पार्किंग स्थलों का निर्धारण कर दिया है। भीमताल की ओर से आने वाले चार पहिया वाहन बानना स्थित ओपन थिएटर में खड़े किए जाएंगे, जबकि दोपहिया वाहनों के लिए भटेलिया क्षेत्र में निजी पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें।
जनप्रतिनिधियों ने रखे सुझाव
ज्येष्ठ प्रमुख उमेश पलड़िया और पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनिल चनौतिया ने कहा कि महाशिवरात्रि मेला क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया।
प्रशासन को व्यवस्था पूरी होने का भरोसा
एसडीएम नवाजिश खलीक और एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्रा ने कहा कि मेले से जुड़ी सभी तैयारियां तय समय में पूरी कर ली जाएंगी और आयोजन को शांतिपूर्ण तथा सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाएगा।
बैठक में त्रिलोचन पलड़िया, खष्टी राघव, कोतवाल राजेश यादव, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महेश कुमार, कमलेश भट्ट, जीत सिंह सम्मल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Uttarakhand: RIMC: Admission: देहरादून स्थित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) में कक्षा 8 में प्रवेश के लिए जनवरी 2027 सत्र की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इसके तहत प्रवेश परीक्षा का आयोजन 7 जून 2026 को किया जाएगा, जबकि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 5 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है।
प्रवेश परीक्षा में अभ्यर्थियों को अंग्रेजी, गणित और सामान्य विज्ञान विषयों की लिखित परीक्षा देनी होगी। लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को अगले चरण में बौद्धिक क्षमता एवं व्यक्तित्व परीक्षण के लिए साक्षात्कार हेतु आमंत्रित किया जाएगा। साक्षात्कार की तिथि और स्थान की सूचना बाद में दी जाएगी।
उत्तराखंड राज्य से आवेदन करने वाले केवल वही छात्र-छात्राएं पात्र होंगे, जिनके माता-पिता सामान्य रूप से राज्य के निवासी हों। आवेदन के साथ आधार कार्ड जमा करना अनिवार्य किया गया है, आधार कार्ड न होने की स्थिति में आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
प्रदेश में परीक्षा का आयोजन राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजपुर रोड, देहरादून में किया जाएगा। आवेदन पत्र RIMC की आधिकारिक वेबसाइट www.rimc.gov.in से ऑनलाइन भुगतान कर प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके अलावा आवेदन पत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी मंगाए जा सकते हैं, जिसके लिए कमांडेंट, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज, देहरादून के नाम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (तेल भवन शाखा, बैंक कोड 01576) का बैंक ड्राफ्ट बनाना होगा।
आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के लिए 600 रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 555 रुपये निर्धारित किया गया है। एससी/एसटी अभ्यर्थियों को जाति प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदक को अपना पूरा पत्राचार पता हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में, पिनकोड और मोबाइल नंबर सहित स्पष्ट रूप से लिखकर भेजना होगा। आवेदन पत्र मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सहस्रधारा रोड, मयूर विहार, देहरादून के पते पर 5 अप्रैल 2026 की शाम 5 बजे तक केवल पंजीकृत डाक से पहुंच जाना चाहिए। कोरियर या व्यक्तिगत रूप से जमा किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
लिफाफे के ऊपर स्पष्ट रूप से “RIMC प्रवेश परीक्षा सत्र जनवरी-2027” लिखना अनिवार्य है। साथ ही आवेदन पत्र के साथ स्वयं का पता लिखा हुआ 9×4 इंच का लिफाफा, जिस पर 60 रुपये का डाक टिकट लगा हो, संलग्न करना आवश्यक है।
अभ्यर्थी की आयु 1 जनवरी 2027 को 11 वर्ष 6 माह से कम तथा 13 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। अर्थात उम्मीदवार का जन्म 2 जनवरी 2014 से पहले और 1 जुलाई 2015 के बाद का नहीं होना चाहिए। प्रवेश के समय अभ्यर्थी किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 7 में अध्ययनरत हो या कक्षा 7 उत्तीर्ण कर चुका हो।
आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेज
पासपोर्ट साइज की दो फोटो
जन्म प्रमाण पत्र (नगर निगम/ग्राम पंचायत द्वारा जारी)
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
प्रधानाचार्य द्वारा प्रमाणित वर्तमान कक्षा में अध्ययन का प्रमाण पत्र
मूल निवास प्रमाण पत्र
आधार कार्ड
आरआईएमसी में प्रवेश पाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए यह सुनहरा अवसर है, ऐसे में समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
Uttarakhand: Schools: Timing: NEP: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों से जुड़ा एक अहम बदलाव सामने आया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत अब प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में गर्मी और सर्दी की छुट्टियां एक समान होंगी। अब तक छुट्टियों की अवधि भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार तय की जाती थी, लेकिन नई व्यवस्था में यह फर्क समाप्त कर दिया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां 15 जून से 30 जून तक और सर्दी की छुट्टियां 1 जनवरी से 16 जनवरी तक होंगी। यानी गर्मी और सर्दी दोनों में 16-16 दिन का अवकाश मिलेगा। इससे पहले ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दियों की छुट्टियां अधिक और गर्मियों की कम होती थीं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में इसके उलट व्यवस्था थी।
इस बदलाव के बाद स्कूलों में दीर्घकालीन अवकाश की कुल अवधि घट जाएगी। पहले जहां कुल 48 दिन की लंबी छुट्टियां होती थीं, अब यह घटकर 32 दिन रह जाएंगी। यानी छात्रों और शिक्षकों को 16 दिन कम अवकाश मिलेगा, लेकिन इसके बदले पढ़ाई के दिन बढ़ जाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत नई समय-सारिणी तैयार की जा रही है, जिसमें सालभर में 200 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। फिलहाल स्कूलों में औसतन 184 दिन ही पढ़ाई हो पा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों से सुझाव मांगे गए हैं, जिनके आधार पर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी वार्षिक कैलेंडर के मुताबिक कुल 251 कार्य दिवस निर्धारित हैं। इनमें से परीक्षा और मूल्यांकन के लिए 30 दिन, बस्ता रहित दिवस के 10 दिन और आपदा, कांवड़ मेला जैसी परिस्थितियों के लिए 11 दिन आरक्षित रहते हैं। इन सबको निकालने के बाद स्कूलों में वास्तविक पढ़ाई के लिए 200 दिन उपलब्ध होंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से विद्यार्थियों को अधिक पढ़ाई का समय मिलेगा और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों से जुड़ा एक अहम बदलाव सामने आया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत अब प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में गर्मी और सर्दी की छुट्टियां एक समान होंगी। अब तक छुट्टियों की अवधि भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार तय की जाती थी, लेकिन नई व्यवस्था में यह फर्क समाप्त कर दिया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां 15 जून से 30 जून तक और सर्दी की छुट्टियां 1 जनवरी से 16 जनवरी तक होंगी। यानी गर्मी और सर्दी दोनों में 16-16 दिन का अवकाश मिलेगा। इससे पहले ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दियों की छुट्टियां अधिक और गर्मियों की कम होती थीं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में इसके उलट व्यवस्था थी।
इस बदलाव के बाद स्कूलों में दीर्घकालीन अवकाश की कुल अवधि घट जाएगी। पहले जहां कुल 48 दिन की लंबी छुट्टियां होती थीं, अब यह घटकर 32 दिन रह जाएंगी। यानी छात्रों और शिक्षकों को 16 दिन कम अवकाश मिलेगा, लेकिन इसके बदले पढ़ाई के दिन बढ़ जाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत नई समय-सारिणी तैयार की जा रही है, जिसमें सालभर में 200 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। फिलहाल स्कूलों में औसतन 184 दिन ही पढ़ाई हो पा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों से सुझाव मांगे गए हैं, जिनके आधार पर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी वार्षिक कैलेंडर के मुताबिक कुल 251 कार्य दिवस निर्धारित हैं। इनमें से परीक्षा और मूल्यांकन के लिए 30 दिन, बस्ता रहित दिवस के 10 दिन और आपदा, कांवड़ मेला जैसी परिस्थितियों के लिए 11 दिन आरक्षित रहते हैं। इन सबको निकालने के बाद स्कूलों में वास्तविक पढ़ाई के लिए 200 दिन उपलब्ध होंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से विद्यार्थियों को अधिक पढ़ाई का समय मिलेगा और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
Double Murder : Haldwani Crime : Galla Mandi Case : Uttarakhand Police Investigation : मंडी चौकी क्षेत्र स्थित गल्ला मंडी में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर के बाद गुरुवार को मृतक युवक और युवती के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और पुलिस से मामले का जल्द खुलासा करने की मांग की। फिलहाल दोनों मृतकों के बीच संबंध और हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है…जिससे मामला और भी रहस्यमय बन गया है।
मृतक 31 वर्षीय शुभम टम्टा के ताऊ और उत्तराखंड पुलिस से सेवानिवृत्त एसआई हरीश लाल ने कहा कि शुभम छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था और पहले नशे का आदी रहा था। करीब पांच साल पहले उसे हल्द्वानी के कटघरिया स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था….जहां इलाज के बाद वह वहीं कर्मचारी बन गया। बाद में नौकरी छोड़कर वह दूसरे नशा मुक्ति केंद्र में काउंसलर के रूप में काम करने लगा। शुभम के पिता किशोरी लाल अल्मोड़ा डाक विभाग में वरिष्ठ पद पर कार्यरत थे, जिनका दो वर्ष पहले निधन हो चुका है….जबकि उनकी मां भागीरथी देवी जो पूर्व ग्राम प्रधान थीं ओए बीमारी के चलते गुजर चुकी हैं।
वहीं 19 वर्षीय मृतका लक्ष्मी के भाई सुरेश पोखरिया ने कहा कि वह आठ भाई-बहनों में सातवें नंबर पर थी। उनके पिता हेमचंद्र पोखरिया नैनीताल के मल्ली पोखरी गांव में पुरोहित हैं। लक्ष्मी पढ़ाई के लिए हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र में रह रही थी और एमबीपीजी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। पढ़ाई का खर्च चलाने के लिए वह मेडिकल स्टोर में काम भी करती थी और पढ़ाई में काफी मेधावी थी। परिवार को यह जानकारी नहीं है कि शुभम और लक्ष्मी के बीच कोई परिचय या संबंध था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि दोनों देर रात गल्ला मंडी क्षेत्र में क्यों पहुंचे और वहां क्या हुआ।
Rajasthan Budget 2026 : Full Budget Report : Mega Announcements : Jobs, Farmers : Health : Digital Rajasthan : राजस्थान विधानसभा में वित्त मंत्री दिया कुमारी ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया…जिसे राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट बताया गया। करीब 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये के इस बजट को पिछले साल से लगभग 41 प्रतिशत ज्यादा बताया गया है। बजट पेश होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म रहा और विपक्ष ने सरकार पर अधूरी घोषणाओं और कर्ज बढ़ाने के आरोप लगाए, जबकि सरकार ने इसे विकास और राहत का बजट बताया।
युवाओं के लिए 1 लाख सरकारी भर्तियों की घोषणा की गई है और परीक्षा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी बनाई जाएगी। मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट या लैपटॉप खरीदने के लिए 20 हजार रुपये का ई-वाउचर मिलेगा तथा 500 नए सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू होगी। युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देकर अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसर दिलाने की योजना भी घोषित की गई है।
किसानों के लिए बजट में कई राहतें शामिल हैं। 35 लाख किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है। 2.5 लाख किसानों को उन्नत बीज मुफ्त मिलेंगे, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जाएगी और 500 कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जाएंगे। नहरी क्षेत्र के किसानों के लिए एकमुश्त समाधान योजना के तहत तय समय में भुगतान करने पर पूरा ब्याज माफ होगा। फसल सुरक्षा के लिए सामुदायिक तारबंदी अनुदान बढ़ाया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने घोषणा की है कि पात्र परिवारों को दस्तावेज न होने पर भी मुफ्त इलाज से मना नहीं किया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों में परिजनों के लिए शेल्टर होम और सस्ते भोजन की सुविधा बनेगी। मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष फोकस के तहत राज-ममता कार्यक्रम शुरू होगा और स्कूलों में मासिक काउंसलिंग सत्र अनिवार्य होंगे। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा।
सड़क सुरक्षा के लिए ड्राइविंग लाइसेंस से पहले CPR प्रशिक्षण अनिवार्य होगा और हाईवे रेस्ट एरिया में एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी। 2000 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और दुर्घटनाओं में कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में 15 नए रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनेंगे तथा खराब सड़कों की मरम्मत के लिए अलग बजट रखा गया है।
डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देते हुए ई-मित्र की 100 सेवाएं अब व्हाट्सऐप पर उपलब्ध होंगी। प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के नियम बदलकर ई-रजिस्ट्रेशन और एनीव्हेयर रजिस्ट्रेशन सुविधा शुरू की जाएगी। सभी 106 सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को हाई-टेक मॉडल ऑफिस बनाया जाएगा और अपीलों का निपटारा 60 दिन में अनिवार्य होगा।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लखपति दीदी योजना में ऋण सीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दी गई है और ग्रामीण महिलाओं के लिए जिला स्तर पर बीपीओ सेंटर खोले जाएंगे। जनजातीय परिवारों की महिला मुखिया के खाते में सीधे आर्थिक सहायता ट्रांसफर करने की योजना भी शामिल है। मजदूरों के लिए श्रम सेतु ऐप लॉन्च होगा…जिससे वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम पा सकेंगे।
ऊर्जा क्षेत्र में 2 लाख करोड़ रुपये निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। सौर ऊर्जा विस्तार के तहत 1400 मेगावाट प्लांट और 1.30 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने की योजना है। पानी की समस्या दूर करने के लिए नई पाइपलाइन परियोजनाएं, नई जल नीति और तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण के तहत अरावली की लगभग 4 हजार हेक्टेयर क्षतिग्रस्त भूमि को फिर से विकसित किया जाएगा और अवैध गतिविधियों पर रोक के लिए सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। पर्यटन बढ़ाने के लिए शेखावाटी की हवेलियों को विश्व विरासत सूची में शामिल कराने का प्रयास होगा। खेलों के लिए ब्लॉक स्तर पर प्रतियोगिताएं शुरू होंगी और राज्य में खेल ढांचे पर बड़ा निवेश प्रस्तावित है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन विसंगतियों की समीक्षा हेतु हाई पावर कमेटी बनेगी और सैलरी अकाउंट पैकेज में सस्ती दरों पर लोन व बीमा सुविधा मिलेगी। राज्य में साइबर अपराध रोकने के लिए नया साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर बनेगा और चार शहरों में आधुनिक सेंट्रल जेल बनाने की योजना है।
वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह बजट राजस्थान को रोजगार, तकनीक, कृषि और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाई देने वाला संतुलित विकास खाका है।
Google Jobs For Students : OPT Visa USA : Google ASAP Program : Account Manager Associate : Analytical Lead Associate : Study in USA : International Students Jobs : अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने वाले विदेशी छात्रों के लिए बड़ी खबर है। ‘ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग’ (OPT) के तहत जॉब करने वाले स्टूडेंट्स अब गूगल जैसी दिग्गज कंपनी में करियर शुरू कर सकते हैं। गूगल ने अपने ‘अमेरिका सेल्स एसोसिएट प्रोग्राम’ (ASAP) के तहत नई भर्तियां निकाली हैं…जिनके लिए OPT स्टूडेंट्स भी आवेदन कर सकते हैं।
ASAP प्रोग्राम का मकसद नए ग्रेजुएट युवाओं को सेल्स और एनालिटिक्स क्षेत्र में प्रोफेशनल बनाना है। इस प्रोग्राम के जरिए उम्मीदवार गूगल की कस्टमर सेल्स टीम के साथ काम करते हुए सेल्स, लीडरशिप और समस्या समाधान जैसी अहम स्किल्स सीखेंगे।
किन पदों पर भर्ती?
इस प्रोग्राम के तहत दो पदों पर वैकेंसी निकली है:
Account Manager Associate को अटलांटा, शिकागो, न्यूयॉर्क सिटी, सैन फ्रांसिस्को और प्लाया विस्टा समेत अन्य लोकेशन पर काम करने का मौका मिलेगा। इनकी जिम्मेदारी क्लाइंट्स और टीम के साथ मिलकर विज्ञापन रणनीति तैयार करना होगी।
वहीं Analytical Lead Associate की पोस्टिंग शिकागो में होगी। इस भूमिका में उम्मीदवार सेल्स टीम को डेटा और विश्लेषण के आधार पर सपोर्ट करेंगे। दो रोटेशन पूरे करने के बाद फुल-टाइम जॉब का अवसर भी मिल सकता है।
क्या हैं जरूरी शर्तें?
इन पदों के लिए वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं…जिन्हें अमेरिका में कानूनी रूप से काम करने की अनुमति हो। OPT स्टूडेंट्स को EAD (Employment Authorization Document) के जरिए काम करने की अनुमति मिलती है। गूगल ने स्पष्ट किया है कि आवेदन के लिए अमेरिकी नागरिक होना जरूरी नहीं है। हालांकि उम्मीदवारों को बताई गई लोकेशन पर काम करने के लिए तैयार रहना होगा। चयनित उम्मीदवारों को मेंटरशिप और ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक उम्मीदवार गूगल की आधिकारिक करियर वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहां दोनों पदों से जुड़ी पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया उपलब्ध है।
यह अवसर खास तौर पर उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है…जो अमेरिका में अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और अब टेक व कॉर्पोरेट सेक्टर में मजबूत शुरुआत करना चाहते हैं।
Haldwani: Mandi: Police: शहर के व्यस्ततम व्यापारिक इलाकों में शामिल गल्ला मंडी क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक युवक और एक युवती के शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए। मंडी खुलने के समय वहां पहुंचे श्रमिकों और व्यापारियों ने दोनों को जमीन पर पड़े देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सार्वजनिक स्थान पर दो शव मिलने की खबर तेजी से फैल गई, जिससे मौके पर लोगों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंची और पूरे इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित कर लिया गया। साक्ष्यों के संकलन के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक दोनों मृतकों की पहचान नहीं हो सकी थी।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक और युवती मंडी परिसर में कब पहुंचे और उनके साथ क्या घटनाक्रम हुआ। इसके साथ ही नजदीकी थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों से भी जानकारी का मिलान किया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।
Uttarakhand: CM Dhami: Police: प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराध के मामलों में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आपराधिक घटनाओं में तुरंत मुकदमा दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से संगठित और आदतन अपराध में शामिल लोगों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे तत्वों की पहचान कर कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि समाज में कानून का डर बना रहे और आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
उन्होंने पुलिस को सक्रिय और जवाबदेह तरीके से काम करने की हिदायत देते हुए थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। शहरी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुधारने और सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात भी कही गई।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों और शांति भंग करने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परिणाम जमीन पर दिखाई देने चाहिए और जनता को सुरक्षा का वास्तविक अनुभव होना चाहिए।
सरकार “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के संकल्प के साथ काम कर रही है। प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था की नियमित समीक्षा और हर स्तर पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।