स्पिनरों ने बुना जाल… उत्तराखंड ने रणजी ट्रॉफी में हरियाणा को बुरी तरह से हराया

Uttarakhand: Haryana: Ranji Trophy: गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर उत्तराखंड ने रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में एक और यादगार जीत दर्ज की है। देहरादून में खेले गए मुकाबले में उत्तराखंड ने हरियाणा को एक पारी और 28 रनों से मात देकर प्वाइंट्स टेबल में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है।

मुकाबले की शुरुआत हरियाणा के लिए निराशाजनक रही। पहले बल्लेबाजी करते हुए हरियाणा की पूरी टीम मात्र 112 रनों पर सिमट गई। उत्तराखंड की ओर से सूचित ने घातक गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके, जबकि मयंक मिश्रा ने 4 विकेट हासिल किए। इसके जवाब में उत्तराखंड ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और 278 रन बनाकर मजबूत बढ़त हासिल की। टीम की ओर से युवराज ने 60 रन की शानदार पारी खेली, जबकि ऑलराउंडर सूचित ने 50 रनों का अहम योगदान दिया।

पहली पारी में 166 रनों की लीड से दबाव में आई हरियाणा की टीम दूसरी पारी में भी संभल नहीं पाई। उत्तराखंड के गेंदबाजों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया और हरियाणा को 148 रनों पर ढेर कर दिया। इस बार भी सूचित ने 6 विकेट लेकर विरोधी बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया। उनके अलावा मयंक मिश्रा ने 2 और युवराज ने 1 विकेट झटका।

इस जीत के साथ उत्तराखंड की टीम रणजी ट्रॉफी के प्वाइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। वहीं, पूरे सीजन में अब तक सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में उत्तराखंड के मयंक मिश्रा छठे स्थान पर हैं। उन्होंने अब तक तीन मुकाबलों में 21 विकेट अपने नाम किए हैं।

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास जोरदार धमाका

Blast in Delhi: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार को एक कार में जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास खड़ी दो से तीन गाड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं।

घटना लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ब्लास्ट के कुछ ही मिनटों में कार में भीषण आग लग गई और आसपास धुएं का गुबार फैल गया।

धमाके में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग झुलसने से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर मौजूद हैं। दमकल विभाग की 7 गाड़ियां आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और फोरेंसिक टीमें भी मौके पर पहुंच चुकी हैं।

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, धमाका “बहुत तेज और संदिग्ध प्रकृति का” था। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि यह आतंकी साजिश थी या कोई तकनीकी खराबी।

स्पेशल सेल यूनिट और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ब्लास्ट के सैंपल जुटा रहे हैं ताकि पता लगाया जा सके कि धमाके में किस प्रकार के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया।

दिल्ली पुलिस के DCP और अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और पूरे इलाके को घेर लिया गया है। आसपास के मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और इलाके से दूर रहें।

उत्तराखंड की प्रज्ञा जोशी ने वर्ल्ड जुजित्सु चैंपियनशिप 2025 में जीता पदक

Dehradun|Uttarakhand News|Pragnya Joshi Wins Bronze at World Jujitsu Championship : थाईलैंड में आयोजित वर्ल्ड जुजित्सु चैंपियनशिप 2025 में उत्तराखंड की बेटी प्रज्ञा जोशी ने देश का नाम गर्व से ऊँचा किया। प्रज्ञा ने कांस्य पदक जीतकर भारत और उत्तराखंड का परचम लहराया। देहरादून में उनका भव्य स्वागत किया गया।

उत्तराखंड के रानीखेत में जन्मी प्रज्ञा जोशी अब ऋषिकेश में अपनी अकादमी चला रही हैं। खेल के प्रति उनके जुनून ने उन्हें सरकारी नौकरी छोड़ने तक मजबूर किया। यही समर्पण उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिला रहा है।

प्रज्ञा ने कहा कि वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतना उनके 20 साल के कठिन परिश्रम का नतीजा है। उनका लक्ष्य गोल्ड मेडल था…लेकिन फाइनल में वियतनाम की खिलाड़ी से मुकाबले के दौरान आंख पर चोट लगने की वजह से कुछ पॉइंट्स लूज हो गए। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और भारत का नाम 77 देशों के बीच रोशन किया।

प्रज्ञा ने कराटे से अपने खेल की शुरुआत की। 10 बार स्टेट चैंपियन और कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतने के बाद उन्होंने उत्तराखंड पुलिस में नौकरी की। पुलिस में रहते हुए उन्हें विशेष सेवा मेडल से भी सम्मानित किया गया। लेकिन अपने खेल के प्रति प्रतिबद्धता के कारण उन्होंने पुलिस की नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली।

आज प्रज्ञा महिलाओं को सेल्फ डिफेंस और कॉम्बैट गेम्स सिखाती हैं। उन्होंने अपनी अकादमी में ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों की लड़कियों को निशुल्क प्रशिक्षण देना शुरू किया। उनका मानना है कि लड़कियों को खुद की सुरक्षा के लिए मजबूत बनाना बेहद जरूरी है।

प्रज्ञा ने याद किया कि उन्होंने अपने पिता से पहली मार्शल आर्ट ड्रेस पाई थी। उस दिन से ही उन्होंने खेल के प्रति जुनून और लगन दिखाई…जिससे उनके कोच ने उनमें भविष्य देखा। आज उनका सपना लड़कियों को सशक्त बनाना और अपने ब्रॉन्ज मेडल को भविष्य में सिल्वर और गोल्ड में बदलना है।

हल्द्वानी: पति टिकट लेने गया और पत्नी प्रेमी के साथ भाग गई

Haldwani|Uttarakhand News: शहर के गौरापड़ाव क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है…जिसे सुनकर लोग हैरान हैं। यहां एक पति टिकट लेने काउंटर पर गया, और इसी बीच उसकी पत्नी प्रेमी के साथ रफूचक्कर हो गई यह पूरा वाकया किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लग रहा।

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद निवासी बबलू कश्यप अपनी पत्नी को लेने के लिए गौरापड़ाव स्थित अपने ससुराल आया था। बताया जा रहा है कि 8 नवंबर को दोनों लालकुआं रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। जब बबलू टिकट लेने के लिए काउंटर पर गया…उसी समय उसकी पत्नी मौका देखकर पड़ोसी महेश आर्य के साथ फरार हो गई।

पति ने पहले अपनी पत्नी की काफी तलाश की…लेकिन जब कुछ पता नहीं चला तो उसने रविवार को जीआरपी काठगोदाम थाने में शिकायत दर्ज कराई। बबलू ने आरोप लगाया है कि ससुराल के पड़ोसी महेश आर्य ने उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा लिया।

इस बीच जीआरपी थानाध्यक्ष ने कहा कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी फिलहाल घर से लापता है और उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ मिल रहा है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।

मोदी ने उत्तराखंड में फिर बोली पहाड़ी…ये राज्य देश का प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र बनेगा

Uttarakhand: Modi: Dehradun: Pahadi Culture: उत्तराखंड की रजत जयंती के मुख्य समारोह में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंदाज पूरी तरह पहाड़ी रंग में रंगा नजर आया। सिर पर पारंपरिक पहाड़ी टोपी और भाषण में जगह-जगह गढ़वाली-कुमाऊनी बोली का प्रयोग करते हुए प्रधानमंत्री ने देवभूमि के लोगों का दिल जीत लिया। उनके हर शब्द में उत्तराखंड की संस्कृति और पहाड़ की खुशबू झलक रही थी।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत अपने चिर-परिचित अंदाज में की—“देवभूमि उत्तराखंड का मेरा भै बंधु, दीदी, भुलियों, दाना सयानो, आप सबू तई म्यारू नमस्कार। पैलाग, सैंवा सौंली।” जैसे ही प्रधानमंत्री ने यह कहा, पूरा पंडाल तालियों की गूंज से भर उठा। भाषण के दौरान उन्होंने कई बार गढ़वाली और कुमाऊनी वाक्य दोहराए, जिससे जनसमूह में उत्साह की लहर दौड़ गई।

उन्होंने कहा, “पैली पहाडू कू चढ़ाई, विकास की बाट कैल रोक दी छै। अब वखि बटि नई बाट खुलण लग ली।” यह सुनकर लोगों में जोश और गर्व दोनों देखने को मिला। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यह राज्य आने वाले वर्षों में देश का प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र बनेगा।

अपने भाषण में उन्होंने उत्तराखंड की लोक परंपराओं और त्यौहारों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने हरेला, फुलदेई, भिटोली, नंदा देवी, जौलजीबी और देवीधुरा मेले के साथ-साथ दयारा बुग्याल के प्रसिद्ध बटर फेस्टिवल का जिक्र करते हुए कहा कि यह पर्व उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और पर्यावरण प्रेम का प्रतीक हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के इस पहाड़ी अंदाज ने उत्तराखंड की जनता के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव और मजबूत कर दिया। रजत जयंती का यह समारोह केवल राज्य के विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि पहाड़ की आत्मा और संस्कृति के सम्मान का उत्सव बन गया।

देहरादून में मोदी, उत्तराखंड को पीएम के इस दौरे से क्या-क्या मिला

PM MODI: UTTARAKHAND: DEHRADUN: ANNOUNCEMENT: उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश को बड़ी सौगात दी। उन्होंने कुल ₹8260.72 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें ₹7329.06 करोड़ की 19 योजनाओं का शिलान्यास और ₹931.65 करोड़ की 12 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। ये योजनाएं राज्य के पेयजल, सिंचाई, ऊर्जा, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, खेल और शहरी विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों को सशक्त बनाएंगी।

शिलान्यास की गई प्रमुख योजनाओं में देहरादून और टिहरी जिलों के लिए सौंग बांध पेयजल परियोजना शामिल है, जिसकी लागत ₹2491.96 करोड़ है। इस परियोजना से देहरादून को 150 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति होगी और 130 मीटर ऊंचा बांध बनाया जाएगा। इसके साथ ही नैनीताल जिले की जमरानी बांध परियोजना का भी शिलान्यास किया गया, जिसकी लागत ₹2584.10 करोड़ है। यह बहुउद्देशीय परियोजना पेयजल, सिंचाई और बिजली उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण होगी। इससे 57,065 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी और 14 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा।

इसी प्रकार, ऊर्जा क्षेत्र में कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनमें चमोली जिले के पीपलकोटी में 400 केवी स्विचिंग उपसंस्थान (₹340.29 करोड़), टिहरी के घनसाली में 220 केवी उपसंस्थान (₹277.23 करोड़) और चम्पावत के बनबसा में 220 केवी उपसंस्थान (₹223.71 करोड़) शामिल हैं। इसके अलावा, समस्त जिलों के सरकारी भवनों में सोलर पावर प्लांट स्थापना कार्य के लिए ₹129.37 करोड़ की परियोजना शुरू की गई है।

खेल क्षेत्र में चम्पावत जिले के लोहाघाट में महिला खिलाड़ियों के लिए महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिसकी लागत ₹256.96 करोड़ है। लोक निर्माण विभाग के तहत सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए ₹127.43 करोड़ की योजनाएं स्वीकृत की गईं। वन विभाग के अंतर्गत राजाजी टाइगर रिजर्व में चौरासी कुटिया पुनरोद्धार कार्य पर ₹100.89 करोड़ खर्च किए जाएंगे। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई योजनाएं शामिल हैं, जैसे विभिन्न राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेजों में भवन निर्माण (₹100.67 करोड़), देहरादून और हल्द्वानी में मरीजों के तीमारदारों के लिए रैन बसेरा (₹55 करोड़), और खानपुर में उप जिला चिकित्सालय का भवन निर्माण (₹39.42 करोड़)।

लोकार्पण की गई परियोजनाओं में प्रमुख हैं — पिथौरागढ़ के धारचूला में 220/33 केवी उपसंस्थान और ट्रांसमिशन लाइन (₹161.98 करोड़), देहरादून के धर्मपुर, रायपुर, मसूरी और कैंट क्षेत्रों में अमृत योजना के अंतर्गत जलापूर्ति योजना (₹128.56 करोड़), तथा विभिन्न पॉलीटेक्निक संस्थानों में नए भवनों का निर्माण (₹126.27 करोड़)। इसके अतिरिक्त, पिथौरागढ़, बागेश्वर, पौड़ी और श्रीनगर में पम्पिंग पेयजल योजनाओं पर ₹80.81 करोड़ खर्च किए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये परियोजनाएं उत्तराखंड के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड आत्मनिर्भरता और विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री ने रजत जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 2047 तक एक विकसित भारत और समृद्ध, आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण करना है।

देहरादून में डेढ़ लाख से अधिक लोग राज्य स्थापना के जश्न में हुए शामिल

Uttarakhand: Foundation Day: Crowd: Dehradun: PM Narendra Modi: उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष पर एफ.आर.आई, देहरादून में आयोजित मुख्य समारोह में राज्य भर से आए करीब 1 लाख 50 हज़ार से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुना। करीब 1 कि.मी तक कार्यक्रम स्थल में पंडाल की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त एक किलोमीटर क्षेत्र में लगाए गए एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी लोग इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी बने। उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार किसी कार्यक्रम में करीब डेढ़ लाख से अधिक लोगों ने एक साथ प्रतिभाग किया।

राज्य के इतिहास में किसी कार्यक्रम में पहली बार डेढ़ लाख से अधिक लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। राज्य भर से आए लोगों में रजत जयंती वर्ष के मुख्य कार्यक्रम के लेकर खासा उत्साह नजर आया। इसके साथ यह आयोजन राज्य की 25 वर्ष की यात्रा को नई दिशा देने वाला , उत्तराखंड की एकता, जनसहभागिता का प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री के आग्रह पर डेढ़ लाख से अधिक लोगों का एक स्थान पर एकत्र होना जनता का सरकार के प्रति विश्वास को दिखाता है।

कोहरे के चलते कई दिन ट्रेन रहेगी रद्द, देहरादून के लिए रेलवे ने जारी किया नया शेड्यूल

Dehradun|Uttarakhand News|Janata & Upasana Express; flights delayed: सर्दियों में घने कोहरे के चलते रेलवे ने जनता एक्सप्रेस और उपासना एक्सप्रेस ट्रेनों को कुछ दिनों के लिए रद्द करने का फैसला किया है। दिसंबर से फरवरी तक इन ट्रेनों को कुछ निश्चित तारीखों में नहीं चलाया जाएगा। रेलवे ने इसका पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। हर साल सर्दियों में कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो जाती है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से बंद कर देता है।

जनता एक्सप्रेस (वाराणसी से देहरादून)

दिसंबर – 1, 4, 6, 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29
जनवरी – 1, 3, 5, 8, 17, 19, 22, 24, 29, 31

जनता एक्सप्रेस (देहरादून से वाराणसी)

दिसंबर – 2, 5, 7, 9, 12, 14, 16, 19, 21, 23, 26, 28, 30
जनवरी – 2, 4, 6, 9, 11, 13, 16, 18, 20, 23, 25, 27, 30

उपासना एक्सप्रेस (हावड़ा से देहरादून)

दिसंबर – 2, 5, 9, 12, 16, 19, 23, 26, 30
जनवरी – 2, 6, 9, 13, 16, 20, 23, 27, 30
फरवरी – 3, 6, 10, 13, 17, 20, 24, 27

उपासना एक्सप्रेस (देहरादून से हावड़ा)

दिसंबर – 3, 6, 10, 13, 17, 20, 24, 27, 31
जनवरी – 3, 7, 10, 17, 21, 24, 27, 31
फरवरी – 4, 7, 11, 14, 18, 21, 25, 28

यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले रेलवे की वेबसाइट या ऐप पर ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें।

देहरादून एयरपोर्ट पर सात उड़ानें देर से पहुँचीं

शनिवार को देहरादून एयरपोर्ट पर सात फ्लाइटें अपने तय समय से देर से पहुंचीं। यह देरी दिल्ली एयरपोर्ट के ऑटोमेशन सिस्टम में आई खराबी की वजह से हुई। एयरपोर्ट निदेशक भूपेश नेगी ने कहा कि यह देरी शुक्रवार के बैकलॉग के कारण हुई।

अलायंस एयर की दिल्ली से उड़ान 51 मिनट लेट हुई।

इंडिगो की दिल्ली से फ्लाइट 1 घंटा 33 मिनट लेट पहुँची।

हैदराबाद से इंडिगो की फ्लाइट 34 मिनट देरी से आई।

मुंबई से एयर इंडिया की फ्लाइट 45 मिनट लेट हुई।

दिल्ली से आने वाली बाकी तीन फ्लाइटें भी 15 से 40 मिनट तक देर से पहुँचीं।

एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि उड़ान से पहले अपने एयरलाइन से जानकारी जरूर ले लें।

हल्द्वानी के संदीप का एक और पहाड़ी गाना रिलीज, पिछले ने तोड़े थे कई रिकॉर्ड

HaldwaniNew|Emotional Song “Sadni Tyara” Released: हल्द्वानी में झंकार म्यूज़िक ने उत्तराखंड के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर नया भावनात्मक गीत “सदनी त्यारा” रिलीज कर दिया है। गीत की विशेष स्क्रीनिंग कल शाम मिजाज रेस्टोरेंट में रखी गई…जिसमें गीत से जुड़े सभी कलाकार मौजूद रहे।

गीत के सिंगर संदीप सोनू ने कहा कि यह गीत दर्शकों के दिलों को छू जाएगा। संदीप ने अपनी सुरीली आवाज़ से इसे और भी जीवंत बनाया है। स्क्रीन पर राहुल भट्ट और भावना छुफ़ाल के शानदार अभिनय ने कहानी को और प्रभावशाली रूप दिया है।

गीत के लिरिक्स, कंपोज़िशन और म्यूज़िक की रचना अमन उनियाल ने की है…जिनकी रचनात्मकता ने इस ट्रैक को एक अलग पहचान दी है। वीडियो को खूबसूरती से फिल्माया है DOP क्रैब बावा, एडिटिंग संभाली है राहुल बौरियान और पूरे गीत का निर्देशन व कॉन्सेप्ट तैयार किया है रोहित नेगी ने….

सदनी त्यारा की थीम पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते पर आधारित है। कहानी में दिखाया गया है कि कैसे एक पत्नी अपने बीमार पति की पूरी निष्ठा, प्रेम और सम्मान के साथ देखभाल करती है। दिन-रात दुआ करने वाली पत्नी की यह भावनात्मक यात्रा गीत का मुख्य हृदय है। गीत में लगाव, समर्पण और रिश्तों में छिपी सच्ची भावना को बेहद संवेदनशील तरीके से पेश किया गया है।

स्क्रीनिंग के मौके पर राधा द्विवेदी, अजय प्रसाद, मदन गौनिया, हिमांशु आर्या, हर्षिता कोहली, अंजलि पाण्डेय, ममता महरा, हर्षिता परगाई, राहुल वर्मा, मुकेश कोहली, मनोज वर्मा, सोनिया और कुमकुम सहित कई कलाकार और व्लॉगर मौजूद थे।

उत्तराखंड: करोड़ों खर्च कर बना रोडवेज बस स्टेशन लेकिन फिर भी टैक्सी का सहारा !

pithauragarh|UttarakhandNews|Gangolihat roadways station ready, but no buses operate: पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्र गंगोलीहाट में करोड़ों रुपये खर्च कर बना रोडवेज बस स्टेशन आज भी यात्रियों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है। करीब 3.10 करोड़ रुपये की लागत से मुख्य बाजार से एक किलोमीटर दूर इस स्टेशन का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन यहां से अब तक एक भी बस सेवा शुरू नहीं की गई है।

गंगोलीहाट क्षेत्र को राज्य की लाइफ लाइन कही जाने वाली रोडवेज बस सेवा से जोड़ने के उद्देश्य से यह स्टेशन बनाया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि यहां से दिल्ली, देहरादून, हल्द्वानी, टनकपुर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के लिए सीधी बसें चलेंगी…लेकिन स्टेशन के तैयार होने के महीनों बाद भी सिर्फ उम्मीदें ही बाकी हैं।

वर्तमान में केवल काठगोदाम डिपो की एक बस गंगोलीहाट पहुंचती है…जो रात में यहां रुककर अगले दिन काठगोदाम लौट जाती है। बाकी रूटों पर कोई सीधी बस सेवा नहीं है। ऐसे में यात्रियों को बाजार से गुजरने वाली कुछ रोडवेज बसों या फिर निजी टैक्सियों के सहारे ही सफर करना पड़ रहा है।

पिथौरागढ़ डिपो के एआरएम रवि शेखर कापड़ी ने कहा कि गंगोलीहाट बस स्टेशन को अभी तक डिपो को हस्तांतरित नहीं किया गया है। विभिन्न रूटों पर सीधी बस सेवाएं शुरू करने पर विचार चल रहा है और यात्रियों की संख्या के आधार पर आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।

गौरतलब है कि उत्तराखंड के गठन को 25 वर्ष पूरे हो गए हैं…लेकिन बेरीनाग और गंगोलीहाट क्षेत्र के हजारों लोगों को अब तक जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ या राजधानी देहरादून के लिए सीधी रोडवेज बस सेवा का लाभ नहीं मिल पाया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने कार्यकाल में इन क्षेत्रों से सीधी बस सेवा शुरू करने की घोषणा की थी…लेकिन सरकार बदलने के बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। आज भी लोग उसी वादे के पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं।