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UttarakhandNews : Cricket : BCCI : Level1Coach : Dehradun : Khatima : SportsUpdate : क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। BCCI (Board of Control for Cricket in India) ने उत्तराखंड के पांच क्रिकेट कोचों को लेवल-1 कोच सर्टिफिकेट दिया है। उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन ने अमित लारा, राहुल पंवार, सुनीता मधवाल, आशीष भंडारी और भगवान बोरा को यह सम्मान प्रदान किया।
भगवान बोरा की उपलब्धि:
उधम सिंह नगर के खटीमा के चटिया फार्म गांव निवासी भगवान सिंह बोरा ने BCCI लेवल-1 क्रिकेट कोच परीक्षा पास की और अब वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को कोचिंग देने में सक्षम हो गए हैं। रुद्रपुर में उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के उपसचिव नूर आलम ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा।
भगवान बोरा का क्रिकेट सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। बचपन से ही वे मेधावी क्रिकेट खिलाड़ी रहे और स्कूली दिनों में सीमांत क्षेत्र के क्रिकेट क्लब में खेल का अभ्यास किया। इसके बाद उन्होंने कुमाऊँ विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगिता में 1996, 1997 और 1998 में शानदार प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चुने गए।
भगवान ने फरीदाबाद में कोच सरकार तलवार से प्रशिक्षण लिया और 2011-12 में बड़ोदरा के हिंदू जिमखाना क्रिकेट क्लब में 5 साल तक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने सीमांत क्षेत्र के विद्यालयों और चंपावत जिले में क्रिकेट कोच के रूप में सेवाएं दी।
BCCI लेवल-1 कोच कैसे बनते हैं:
BCCI भारत में क्रिकेट को संचालित करने वाली स्वायत्त संस्था है और ICC के नियमों के तहत काम करती है। लेवल-1 कोच बनने के लिए उम्मीदवार को अपने राज्य क्रिकेट संघ से रजिस्ट्रेशन और सिफारिश लेना अनिवार्य है। इसके बाद National Cricket Academy (NCA) बैंगलुरू में प्रशिक्षण और परीक्षा होती है। परीक्षा में ऑनलाइन लर्निंग, प्रैक्टिकल और थ्योरी शामिल होती है। इसमें खेल के नियम कोचिंग तकनीक और मैदान पर प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है। कंप्यूटर ज्ञान और आयु सीमा (18-55) जैसी शर्तें भी होती हैं। चयन प्रदर्शन के आधार पर होता है और सफल उम्मीदवार को BCCI लेवल-1 कोच प्रमाण पत्र मिलता है।
भगवान बोरा और अन्य चार कोचों की यह उपलब्धि उत्तराखंड के क्रिकेट प्रेमियों के लिए गर्व की बात है और राज्य में खेल विकास को नया उत्साह देगी।
Uttarakhand News : Tourism, Homestay : Travel Registration : उत्तराखंड एक प्रमुख पर्यटन प्रदेश है, जहां हर साल लाखों पर्यटक और तीर्थ यात्री आते हैं। चारधाम यात्रा और विभिन्न स्नान पर्वों के समय प्रदेश में पर्यटन का रुझान और बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए पर्यटन विभाग ने होटल और होमस्टे व्यवसायियों के लिए रजिस्ट्रेशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
होटल और होमस्टे व्यवसायियों के लिए नए नियम:
उत्तराखंड पर्यटन यात्रा व्यवसाय नियमावली 2014 (Uttarakhand tour and travels business policy) में अब होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम को भी शामिल किया गया है। इसका मतलब यह है कि अब पर्यटन से जुड़े हर व्यवसाय को ट्रैवल एंड ट्रेड रजिस्ट्रेशन में अनिवार्य रूप से रजिस्टर करना होगा।
पहले होमस्टे योजना इस नियम से बाहर थी…लेकिन अब इसे भी शामिल कर लिया गया है। अब होटल, मोटल, एडवेंचर एक्टिविटी, टेंट कॉलोनी, स्पा, हेल्थ रिजॉर्ट जैसी सभी गतिविधियों के लिए केवल वन टाइम रजिस्ट्रेशन ही नहीं, बल्कि हर 5 साल में रिन्यू करना भी अनिवार्य होगा।
होमस्टे योजना का नया स्वरूप:
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की अपर निदेशक पूनम चंद के अनुसार प्रदेश में अब तक 6000 होमस्टे रजिस्टर्ड हैं। नैनीताल में सबसे ज्यादा होमस्टे हैं…उसके बाद देहरादून और पिथौरागढ़ का नंबर आता है।
होमस्टे योजना अब मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय संस्कृति व जीवनशैली को पर्यटकों तक पहुँचाना है। पहले योजना का फायदा बाहर के लोग उठा रहे थे…लेकिन अब यह केवल राज्य के स्थाई ग्रामीण निवासियों के लिए उपलब्ध होगी।
बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना:
शहरी और व्यावसायिक पर्यटन गतिविधियों के लिए केंद्र सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना को उत्तराखंड में लागू किया गया है। अब अगर कोई होमस्टे किसी केयरटेकर के माध्यम से चलता है…तो उसे होमस्टे योजना का लाभ नहीं मिलेगा और इसे बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम के तहत रजिस्टर्ड करना होगा।
रजिस्ट्रेशन रिन्यू की अनिवार्यता:
अब तक होटल और होमस्टे का रजिस्ट्रेशन केवल वन टाइम होता था। नई नीति के तहत सभी को हर 5 साल में रिन्यू कराना होगा। यह नियम पहले से रजिस्टर्ड होटलों और नए खोलने वाले होटलों दोनों पर लागू होगा।
पूनम चंद ने कहा कि यह बदलाव अब कैबिनेट से मंजूर हो चुका है और सख्ती से पालन कराया जाएगा।
Haldwani: Licence :Ias Lalit Mohan Rayal: जनपद नैनीताल के थाना बनभूलपुरा क्षेत्र में पंजीकृत आपराधिक मुकदमों के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल द्वारा पाँच व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं।
यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा जनसुरक्षा के हित में की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार साजिद नबी पुत्र रहमत नबी, निवासी आज़ाद नगर, थाना बनभूलपुरा के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत तीन मुकदमे पंजीकृत हैं।
इसी प्रकार मो. उस्मान पुत्र इश्तियाक अहमद, निवासी लाइन नंबर 18, थाना बनभूलपुरा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता एवं लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत तीन मुकदमे दर्ज हैं।
मो. गुफरान पुत्र मो. हाजी, निवासी लाइन नंबर 6, आज़ाद नगर, थाना बनभूलपुरा के विरुद्ध भी भारतीय दंड संहिता तथा लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के अंतर्गत तीन मुकदमे पंजीकृत पाए गए हैं। वहीं शाकिर हुसैन पुत्र साबिर हुसैन, निवासी लाइन नंबर 10, आज़ाद नगर, थाना बनभूलपुरा के खिलाफ भी भारतीय दंड संहिता एवं लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के अंतर्गत तीन मुकदमे दर्ज हैं।
इसके अतिरिक्त मो. जहीर पुत्र खालिद हुसैन, निवासी लाइन नंबर 5, बनभूलपुरा के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता, लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट, विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम तथा आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज होने की पुष्टि हुई है।
उक्त तथ्यों के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल द्वारा जनहित एवं सार्वजनिक शांति को ध्यान में रखते हुए संबंधित व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के आदेश पारित किए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
Uttarakhand News: Rain: Snowfall: नकल माफिया के रूप में चर्चित हाकम सिंह को उत्तराखंड उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने बुधवार को उसकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली। इससे पहले इसी मामले में हाकम सिंह के सहयोगी पंकज गौड़ को 14 जनवरी को जमानत दी जा चुकी है।
न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ नकल कराने से जुड़े ठोस साक्ष्य स्पष्ट नहीं हैं। सुनवाई के दौरान हाकम सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत ने दलील दी कि आरोपी की गिरफ्तारी पूर्व मामलों के रिकॉर्ड के आधार पर की गई है, जबकि वर्तमान प्रकरण में प्रत्यक्ष प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा, इसी मामले के एक अन्य आरोपी को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने हाकम सिंह को जमानत प्रदान करने का आदेश दिया। बता दें कि पटवारी भर्ती परीक्षा से एक दिन पहले, 20 सितंबर 2025 को देहरादून पुलिस और एसटीएफ उत्तराखंड ने संयुक्त अभियान के तहत हाकम सिंह और पंकज गौड़ को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि दोनों आरोपी अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफल कराने का दावा कर उनसे 12 से 15 लाख रुपये तक की रकम की मांग कर रहे थे। मामले की जांच अभी भी जारी है।
Almora: Sports: Gaurav: Vaishnavi:School Nationals: खेल के मैदान में राज्य के युवा कुछ ना कुछ ऐसा जरूर कर रहे हैं जिससे देवभूमि का नाम रौशन हो रहा है। देवभूमि को खेलभूमि में कहना गलत नहीं होगा। इसी क्रम में अब 69 वें नेशनल स्कूल गेम्स 2025 -26 में चयनित खिलाड़ियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। ऐसा शायद ही कभी हुआ होगा कि बड़े लेवल की कोई सूची हो और उत्तराखंड के बच्चों के नाम उसमें ना हो।
अल्मोड़ा जिले के गौरव सिंह और वैष्णवी जोशी का 69 वें नेशनल स्कूल गेम्स 2025 -26 के लिए चयन हुआ है। दोनों ही ।अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज कुलसीबी के विद्यार्थी हैं।
बता दें कि इन खेलों का आयोजन 27 जनवरी से 31 जनवरी तक झारखंड के रांची में होगा। गौरव सिंह और वैष्णवी जोशी बालक एवं बालिका हॉकी अंडर 17 प्रतियोगिता में नजर आएंगे। स्कूल के बच्चों के चयन के बाद क्षेत्र वासियों ने बधाई प्रेषित की है। सभी को विश्वास है कि दोनों रांची में कमाल का प्रदर्शन करेंगे और राज्य का नाम रौशन करेंगे।
Supreme Court Recruitment : Law Clerk Jobs 2026 : SCI Vacancy : Legal Career India : भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने लॉ क्लर्क-कम-रिसर्च एसोसिएट भर्ती 2026 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। यह भर्ती सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया (SCI) द्वारा की जा रही है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 20 जनवरी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट www.sci.gov.in पर शुरू हो चुकी है।
कौन कर सकता है आवेदन
इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से एलएलबी (LLB) होना जरूरी है। अभ्यर्थी का बार काउंसिल ऑफ इंडिया में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण होना अनिवार्य है।
इसके अलावा, पांच वर्षीय लॉ कोर्स के अंतिम वर्ष या तीन वर्षीय एलएलबी के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। चयन होने की स्थिति में नियुक्ति से पहले डिग्री पूरी करना अनिवार्य होगा। उम्मीदवार को कंप्यूटर का सामान्य ज्ञान भी होना चाहिए।
आयु सीमा
आवेदन करने वाले उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना 7 फरवरी 2026 को आधार मानकर की जाएगी। आयु में छूट से जुड़ी जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन देखने की सलाह दी गई है।
चयन प्रक्रिया
लॉ क्लर्क भर्ती की चयन प्रक्रिया तीन चरणों में होगी। पहले चरण में MCQ आधारित परीक्षा, दूसरे चरण में लिखित परीक्षा, और अंतिम चरण में साक्षात्कार (इंटरव्यू) लिया जाएगा। परीक्षा पैटर्न और अन्य शर्तों की पूरी जानकारी सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
आवेदन शुल्क
उम्मीदवारों को 750 रुपये का आवेदन शुल्क देना होगा। यह शुल्क वापस नहीं किया जाएगा और केवल ऑनलाइन मोड में यूको बैंक के पेमेंट गेटवे के जरिए ही स्वीकार किया जाएगा।
वेतन और नियुक्ति
यह नियुक्ति संविदा आधार पर होगी। चयनित उम्मीदवारों को ₹1 लाख रुपये प्रति माह का समेकित वेतन दिया जाएगा। यह नियुक्ति वर्ष 2026-27 के लिए होगी।
आवेदन कैसे करें
उम्मीदवार सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें, आवेदन फॉर्म भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और शुल्क जमा कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी जानकारियों की जांच अवश्य करे।
Uttarakhand : Budget Session : Gairsain Bhararisain : Budget 2026 : उत्तराखंड में बजट सत्र 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार विधानसभा बजट सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में ही सत्र आहूत होगा…हालांकि तारीखों का ऐलान अभी नहीं किया गया है।
वित्त विभाग ने सभी विभागों से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट मांगें मंगा ली हैं और उन पर मंथन जारी है। केंद्र सरकार के आम बजट के बाद राज्य के बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस बार बजट सत्र के लिए पहले से पूरी तैयारी की जा रही है, ताकि सत्र गैरसैंण में सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके।
Uttarakhand Consumer Scam : Holiday Package Fraud : Free Dinner Trap : Legal Action : Dehradun : उत्तराखंड में लोगों को फ्री डिनर और सस्ते हॉलिडे पैकेज के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने वाली एक कंपनी अब कानूनी शिकंजे में फंस गई है। जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह धोखाधड़ी का शिकार हुए ग्राहक को 1.40 लाख रुपये ब्याज सहित वापस करे। इसके अलावा ग्राहक को मानसिक कष्ट के लिए 20 हजार रुपये और कानूनी खर्च के लिए 5 हजार रुपये अलग से देने का निर्देश भी दिया गया।
देहरादून निवासी जितेंद्र कुमार को जनवरी 2022 में कंपनी ने एक होटल में फ्री डिनर पर आमंत्रित किया। वहां कंपनी के सेल्स प्रतिनिधियों ने उन्हें 10 साल की हॉलिडे मेंबरशिप स्कीम बेच दी। मौखिक वादे किए गए कि इसमें कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा….पीक सीजन में भी होटल मिलेगा और खाने-पीने पर 30% छूट मिलेगी।
भरोसा करके जितेंद्र ने अपने क्रेडिट कार्ड से 1.40 लाख रुपये का भुगतान किया। भुगतान के तुरंत बाद उनसे एग्रीमेंट पर बिना पढ़े हस्ताक्षर करवा लिए गए। घर जाकर पढ़ने पर पता चला कि मौखिक वादों और लिखित शर्तों में जमीन-आसमान का अंतर है। एग्रीमेंट में हर साल 9,500 रुपये का एक्स्ट्रा मेंटेनेंस चार्ज अनिवार्य था और खाने पर कोई छूट नहीं थी।
जब ग्राहक ने उसी रात पैसे वापस मांगे…तो कंपनी ने नो-रिफंड पॉलिसी का हवाला देकर इनकार कर दिया। मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा….जहां अध्यक्ष पुष्पेन्द्र खरे और सदस्य अल्का नेगी की पीठ ने पाया कि कंपनी ने भ्रामक जानकारी देकर हस्ताक्षर कराए थे। आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसी अनुचित शर्तें कानूनन वैध नहीं हैं।
कंपनी को 45 दिनों के भीतर 1.40 लाख रुपये वापस करने के साथ-साथ मुआवजा और मुकदमे के खर्च देने का आदेश दिया गया है। इस राशि पर नवंबर 2023 से भुगतान की तारीख तक 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
Threat Calls : International Dispute : Sitarganj : Dubai, Pakistan : Transport Business : Uttarakhand : दुबई और अबूधाबी में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े विवाद के चलते सितारगंज निवासी गुरदेव सिंह और उनके परिवार को पाकिस्तान से जान से मारने की धमकी मिलने का गंभीर मामला सामने आया है।
पीड़ित ने कोतवाली पुलिस में तहरीर देकर कहा कि वह और उसका भाई जसबीर सिंह दुबई में ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े हैं। व्यवसाय में ट्रकों के लेन-देन को लेकर उनका विवाद अबूधाबी में अवतार सिंह नामक व्यक्ति से चल रहा है…जो मूल रूप से पंजाब का निवासी है।
गुरदेव सिंह का आरोप है कि अवतार सिंह ने अपने परिवार को छोड़कर पाकिस्तानी महिला से विवाह किया….जिससे पाकिस्तान से भी संपर्क स्थापित हो गए। इसी नेटवर्क के जरिए गुरदेव और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं।
पीड़ित ने कहा कि गुरुवार दोपहर 2:42 बजे उसके मोबाइल नंबर पर पाकिस्तान से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को अवतार सिंह का करीबी बताया और मुकदमों को वापस लेने और धन निपटाने का दबाव बनाया। न मानने पर परिवार को जान से मारने, पेट्रोल पंप को नुकसान और ग्रेनेड हमला जैसी धमकियां दी गईं।
गुरदेव ने सभी धमकी भरे कॉल की रिकॉर्डिंग पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंप दी है। उन्होंने पुलिस से खुद और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।
कोतवाली प्रभारी सुंदरम शर्मा ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कॉल डिटेल, मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच, रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित और उसके परिवार की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जा रहे हैं।
Missing Person : Haldwani : Railway Police : Uttar Pradesh : Vinay Kumar Dixit : नीब करौरी बाबा के दर्शन के लिए कैंची धाम आए उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी 42 वर्षीय विनीत कुमार दीक्षित रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार विनीत कुमार दो जनवरी की शाम बाबा के दर्शन करने के बाद रात 09:47 बजे हावड़ा–काठगोदाम एक्सप्रेस से शाहजहांपुर के लिए रवाना हुए थे। लेकिन पांच जनवरी तक भी वह अपने घर नहीं पहुंचे।
काफी तलाश के बावजूद जब उनका कोई सुराग नहीं मिला….तो उनके भाई प्रदीप कुमार ने काठगोदाम जीआरपी थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। प्रदीप ने बताया कि भाई का मोबाइल नंबर भी बंद जा रहा है। उन्होंने पुलिस से शीघ्र तलाश करने और आवश्यक कार्रवाई करने की गुहार लगाई।
काठगोदाम जीआरपी पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।