हल्द्वानी: भाजपा युवा मोर्चा ने लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

हल्द्वानी: आज गांधी नगर पार्क में जन सेवा समिति द्वारा जिला अध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा नैनीताल कार्तिक हर्बोला के नेतृत्व में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में संजीवनी चिकित्सालय हल्द्वानी से डॉ. अजय पुंडीर (जनरल फिजिशियन), डॉ. तन्मय बनर्जी (आर्थोपेडिक सर्जन), डॉ. अंशुल केडिया (श्वास रोग विशेषज्ञ), डॉ. अदिति अरोड़ा (स्त्री रोग विशेषज्ञ), आईक्यू सुपर स्पेशलिटी आंखों से वरिष्ठ ऑप्टोमेट्रिस्ट नीतीश तिवारी, वरिष्ठ फार्मासिस्ट अशोक सिंह राणा तथा एलडीपीएल लैब टेक्नीशियन मानव सहित अन्य विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं। कार्तिक हर्बोला ने कहा कि समिति का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और समाज की सेवा करना है। आने वाले समय में भी समिति लगातार विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर लोगों को लाभ पहुंचाती रहेगी।

शिविर में लगभग 92 लोगों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस अवसर पर रंजन बर्गली, प्रताप रैकवाल, प्रकाश हर्बोला, अजय राजौर, योगेंद्र भट्ट, विशु शर्मा, प्रिंस शर्मा, हर्ष राजौर, हिमांशु सनवाल, योगेश राजौर, करन श्रीवास्तव, मनोज अग्रवाल, उज्ज्वल चौहान, कार्तिक चौहान, कनिष्क ढींगरा, कुणाल वर्मा, उमेश जोशी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिलेगा विशेष प्रशिक्षण, कैबिनेट में लिए गए कई फैसले

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रोजगार और कौशल विकास
महिलाओं, युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों के लिए अलग–अलग नीतियां बनाई जाएंगी, ताकि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। प्रतियोगी परीक्षाओं (सरकारी सेवाएं, नीट, नर्सिंग), विदेशी भाषाओं, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आदि क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। बड़े स्तर पर युवा महोत्सव और रोजगार मेलों का आयोजन होगा।

आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्कूल मिलकर व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देंगे। युवाओं को अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं के तहत रोजगार से जोड़ा जाएगा। महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार दिलाने के लिए मौन पालन, एप्पल मिशन और बागवानी में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

स्थानीय उत्पादों (फल, सब्जी, दूध) की खरीद के लिए कृषि विभाग और आईटीबीपी के बीच एमओयू हुआ है। इसी तरह एसएसबी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों से भी समझौते होंगे। उद्योग विभाग के माध्यम से निजी क्षेत्र में भी स्थानीय उत्पादों के लिए मार्केट लिंक की व्यवस्था की जाएगी। भूतपूर्व सैनिकों को सरकारी योजनाओं और उनकी योग्यता के अनुरूप सेवाओं से जोड़ा जाएगा।

उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना 2025


राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025 को मंजूरी दी है। अब पोक्सो अधिनियम, 2012 (POCSO Act) के अंतर्गत पीड़ितों के लिए न्यूनतम और अधिकतम क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित कर दी गई है। इससे पीड़ितों को समयबद्ध और प्रभावी सहायता मिल सकेगी।

उत्तराखण्ड साक्षी संरक्षण योजना 2025


न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए उत्तराखण्ड साक्षी संरक्षण योजना, 2025 को भी मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य साक्षियों को भय, दबाव या प्रतिशोध से मुक्त रखते हुए उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है ताकि वे न्यायालय में स्वतंत्रतापूर्वक गवाही दे सकें।

योजना में पहचान गोपनीयता, स्थान परिवर्तन, संपर्क विवरण बदलाव, भौतिक सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सहायता का प्रावधान है। इसके लिए राज्य साक्षी संरक्षण समिति गठित की गई है, जिसमें न्यायपालिका, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

उत्तराखंड कांग्रेस के दो वरिष्ठ विधायकों ने दिया कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफा

Uttarakhand News: Vidhansabha: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधायक प्रीतम सिंह ने विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति से दिया इस्तीफा, विधानसभा अध्यक्ष को भेजा पत्र है। 

विधानसभा सत्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। विपक्ष ने कार्यमंत्रणा समिति में संख्या बल के आधार पर मनमानी का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, विधानसभा का मानसून सत्र 19 अगस्त से 22 अगस्त तक आहूत होना था। इसके लिए 18 अगस्त को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें 19 अगस्त तक उपवेशन का कार्यक्रम तय किया गया। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि उपवेशन के बाद दोबारा बैठक बुलाई जाएगी, लेकिन 19 अगस्त को कोई बैठक नहीं हुई।

इसके बाद 20 अगस्त को सरकार ने पूर्वान्ह में ही सत्र को अनिश्चितकाल के लिए समाप्त कर दिया। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने यह निर्णय लेने से पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक नहीं बुलाई और न ही समिति के सदस्यों को विश्वास में लिया। विपक्ष ने सरकार पर सदन संचालन में तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भारी विषयों वाले सत्र को सिर्फ दो दिन चलाना राज्यवासियों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि यदि कार्यमंत्रणा समिति के फैसले सरकार एकतरफा लेती रही तो समिति में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। इसी कारण विपक्षी सदस्यों ने कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है।

मुखानी क्षेत्र में योगा ट्रेनर ज्योति मेर हत्याकांड का खुलासा

Uttarakhand News: Jyoti Mer: मुखानी क्षेत्र में योगा ट्रेनर ज्योति मेर की सनसनीखेज हत्या का खुलासा करते हुए नैनीताल पुलिस ने आरोपी अभय कुमार उर्फ राजा को गिरफ्तार कर लिया है।

एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा के निर्देशन में गठित टीमों ने घटना की बारीकी से जांच कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की और नेपाल तक पीछा करते हुए आखिरकार उसे नगला तिराहे से दबोच लिया।

मामला 31 जुलाई का है, जब ज्योति मेर अपने कमरे में मृत अवस्था में मिली थी। गले और हाथों पर निशान, सिर पर चोट के चलते मामला हत्या का निकला। जांच में सामने आया कि आरोपी अभय और उसके भाई अजय द्वारा संचालित योगा सेंटर में ज्योति काम करती थी। सेंटर के प्रबंधन को लेकर बढ़ते विवाद के चलते अभय ने आक्रोश में आकर ज्योति की उसके ही दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी और फिर नेपाल भाग गया। पुलिस ने आरोपी से हत्या में प्रयुक्त दुपट्टा भी बरामद कर लिया है। टीम की त्वरित और साहसिक कार्रवाई के लिए पुलिसकर्मियों को ढाई हजार रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया गया है।

राघवी बिष्ट के बाद प्रेमा रावत ने India के लिए दिखाया दम,पहाड़ की बेटियों को ऑस्ट्रेलिया पसंद है

Uttarakhand: Womens Cricket: Australia: India A Team: उत्तराखंड का क्रिकेट अब धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने लगा है। खासकर महिला क्रिकेट में इस राज्य की बेटियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करके दिखाया है कि यदि अवसर मिले तो पहाड़ की प्रतिभा देश ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए भी गौरव ला सकती है। हाल के वर्षों में उत्तराखंड की बेटियों ने टीम इंडिया तक का सफर तय किया है और यह यात्रा पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक रही है।

नंदनी और राघवी की सफलता से खुला रास्ता

पिछले साल देहरादून की नंदनी कश्यप और टिहरी की राघवी बिष्ट का भारतीय सीनियर टीम में चयन हुआ। यह ऐतिहासिक क्षण था क्योंकि उत्तराखंड से पहली बार किसी महिला खिलाड़ी ने सीधे नेशनल टीम में जगह बनाई। इस उपलब्धि ने न सिर्फ राज्य में क्रिकेट खेलने वाली लड़कियों का हौसला बढ़ाया बल्कि उन परिवारों को भी प्रेरित किया जो अपनी बेटियों को खेलों में आगे बढ़ते देखने का सपना देखते हैं।

राघवी बिष्ट की चमक

राघवी बिष्ट टिहरी जनपद के छोटे से चंगोरा गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने इंडिया ए टीम के 18 खिलाड़ियों के स्क्वॉड में जगह बनाकर इतिहास रचा था। उत्तराखंड महिला टीम से खेलने के बाद नीली जर्सी पहनने वाली वह पहली खिलाड़ी बनीं। उनका सफर आसान नहीं रहा, लेकिन आत्मविश्वास और कठिन परिश्रम ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया। ( Raghvi Bist Cricketer India)

ऑस्ट्रेलिया दौरे का सुनहरा प्रदर्शन

ऑस्ट्रेलिया की धरती उत्तराखंड की बेटियों के लिए भाग्यशाली साबित हुई है। राघवी ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे में इंडिया ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया। तीनों मुकाबलों में उन्होंने अर्धशतक जमाए—पहले में 82, दूसरे में 70 और तीसरे में 53 रन। इस निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय सीनियर टीम में जगह दिलाई। हालांकि भारत को वनडे सीरीज़ में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम को एक नया सितारा मिला।

WPL में आरसीबी का हिस्सा

राघवी की प्रतिभा केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ही सीमित नहीं रही। उन्हें विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने अपनी टीम में शामिल किया। यह उत्तराखंड की बेटियों के लिए गर्व का क्षण था। महिला क्रिकेटरों के लिए यह मंच न केवल आर्थिक मजबूती देता है बल्कि उन्हें बड़े स्तर पर खेलने का आत्मविश्वास भी प्रदान करता है। इस साल भी ऑस्ट्रेलिया दौरे में राघवी ने भारतीय टीम के लिए टी-20 सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाकर अपने चयन को सही साबित किया।

प्रेमा रावत की एंट्री

राघवी की तरह बागेश्वर जिले की बेटी प्रेमा रावत ने भी अपना जलवा बिखेरा। प्रेमा ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडिया ए टीम में जगह बनाई। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने गेंद से कमाल दिखाया। तीन टी-20 मैचों में उन्होंने कुल सात विकेट झटके, उनका गेंदबाजी औसत 9.28 और इकॉनमी रेट 5.41 रहा, जो टी-20 प्रारूप में बेहतरीन माना जाता है।

गेंदबाजी से बनाया दबदबा

प्रेमा की सटीक लाइन और लेंथ ने हर मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को परेशान किया। उनकी गेंदबाजी ने भारतीय टीम को मजबूती दी और उन्हें भारत की गेंदबाजी आक्रमण की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया। पिछले साल WPL नीलामी में भी उन्हें 1.20 करोड़ रुपये की बड़ी बोली मिली थी। यह उनकी मेहनत और क्षमता का प्रमाण है।

घरेलू टूर्नामेंट में रिकॉर्ड प्रदर्शन

प्रेमा रावत ने 2023 में बीसीसीआई के T20 टूर्नामेंट में 10 मुकाबलों में 16 विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने 38 ओवर डाले और मात्र 211 रन दिए। उनका इकॉनमी रेट 5.55 रहा। यह आँकड़े इस बात का सबूत हैं कि वह कितनी अनुशासित और प्रभावी गेंदबाज हैं। हालांकि उनकी टीम फाइनल में हार गई थी, लेकिन प्रेमा ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी अलग पहचान बनाई।

पहाड़ से मैदान तक की यात्रा

प्रेमा रावत मूल रूप से बागेश्वर जिले के कपकोट ब्लॉक की ग्राम पंचायत सुमटी की रहने वाली हैं। उनका परिवार वर्तमान में बरेली में रहता है। पिता केदार सिंह रावत एयर फोर्स में कार्यरत हैं और माता बसंती देवी गृहिणी हैं। प्रेमा ने शुरुआती शिक्षा गांव से ही प्राप्त की थी, बाद में बरेली आने के बाद उन्होंने क्रिकेट की ओर गंभीरता से कदम बढ़ाया। ( Prema Rawat Cricketer India-A)

परिवार का सहयोग और जुनून

प्रेमा बचपन से ही लड़कों के साथ क्रिकेट खेला करती थीं। उनके भाइयों हेमंत सिंह रावत और विमल रावत ने उन्हें लगातार अभ्यास कराया। धीरे-धीरे शौक जुनून में बदल गया। कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग ने उन्हें उत्तराखंड की महिला टीम तक पहुँचाया। वहाँ से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और आज वे इंडिया ए और WPL तक पहुँच चुकी हैं।

उत्तराखंड की नई पहचान

आज नंदनी, राघवी और प्रेमा जैसी खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि उत्तराखंड की बेटियाँ भी बड़े मंच पर दम दिखा सकती हैं। उनका प्रदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। छोटे गांवों और सीमित संसाधनों से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है।

भविष्य की राह

उत्तराखंड क्रिकेट का भविष्य इन बेटियों की उपलब्धियों से और भी उज्ज्वल नजर आता है। अब जरूरत है बेहतर संरचना, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन देने की। यदि यह सब मिला, तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की और भी बेटियाँ टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनकर देश का गौरव बढ़ाएँगी।

उत्तराखंड के कई जिलों में 23 अगस्त तक बहुत भारी वर्षा की संभावना

Uttarakhand: Weather: Alert: Rain: मौसम विभाग द्वारा चेतावनी जारी करते हुए अगले 5 दिनों (19 से 23 अगस्त 2025) के दौरान उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा, गर्जन-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा तेज से अति तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। विशेषकर देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिलों के लिए सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। कृपया सुरक्षित रहें, नदियों-नालों के पास जाने से बचें और पुलिस प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। ( Rain alert in Uttarakhand)

भाजपा की दीपा दरम्वाल बनीं नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष

Nainital: Election: जिला पंचायत नैनीताल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। दीपा दरम्वाल को जिला पंचायत अध्यक्ष और देवकी बिष्ट को उपाध्यक्ष पद के लिए चुना गया है। ( Nainital Jila Panchayat President Election)

बता दें कि जिला पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद परिणाम पर रोक लगा दी गई थी। इसके चलते उसी दिन देर रात वोटों की गिनती की गई और उन्हें सुरक्षित रख लिया गया। आज आधिकारिक रूप से परिणाम की घोषणा की गई, जिसमें दीपा दर्मवाल को अध्यक्ष और देवकी बिष्ट को उपाध्यक्ष घोषित किया गया। ( Bjp Candidate Deepa Darmwal Wins)

नीला ड्रम और युवक, यहां सामने आया मेरठ जैसा मामला !

Meerut: Rajasthan: राजस्थान में मेरठ कांड जैसा सनसनीखेज मामला सामने आया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़ बास कस्बे में रविवार को करीब 35 वर्षीय विवाहित युवक का शव उसके किराए के मकान की छत पर रखे एक नीले ड्रम में बरामद हुआ। शव पर नमक डालकर उसे छिपाने की कोशिश की गई थी।

शव की पहचान और संदिग्ध
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान हंसराज उर्फ सूरज के रूप में हुई है। घटना के बाद उसकी पत्नी, तीनों बच्चे और मकान मालिक का बेटा शनिवार से लापता हैं। मकान मालिक की पत्नी मिथलेश को ड्रम से दुर्गंध आने पर यह खौफनाक राज खुला। हंसराज मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के खांडेपुर गांव का निवासी था। वह करीब छह हफ्ते पहले किशनगढ़ बास के आदर्श कॉलोनी में किराए पर रहने आया था और स्थानीय ईंट-भट्टे पर काम करता था।

मेरठ कांड से समानता
इस मामले ने स्थानीय लोगों को मेरठ की उस घटना की याद दिला दी, जिसमें इसी साल मार्च में एक मर्चेंट नेवी अधिकारी की हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए पत्नी ने इसी तरह का तरीका अपनाया था।

दुखद… लालकुआं: पति और पुत्र की मौत के बाद महिला की संदिग्ध मौत

Lalkuan: Uttarakhand: Women Died: हल्द्वानी नगर के जवाहर नगर वार्ड नंबर तीन में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। यहां रहने वाली 45 वर्षीय महिला सुधा देवी का शव उनके ही घर में फांसी पर लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

बताया जा रहा है कि सुधा देवी के पति और बेटे की पहले ही मौत हो चुकी थी, जिसके बाद से वह मानसिक अवसाद में रहती थीं। फिलहाल वह अपनी बेटी के साथ अकेली एक कमरे में रह रही थीं। घटना की जानकारी जैसे ही बेटी को मिली, घर में कोहराम मच गया। मां की अचानक हुई मौत ने युवती को पूरी तरह से तोड़ दिया है। पिता और भाई को पहले ही खो चुकी यह लड़की अब मां के चले जाने से पूरी तरह अनाथ हो गई है।

पड़ोसियों के अनुसार, परिवार पर लगातार दुखों का पहाड़ टूटने के कारण सुधा देवी अक्सर चुपचाप और गुमसुम रहती थीं। पुलिस फिलहाल मामले की छानबीन कर रही है, वहीं इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। लोग इस बात को लेकर दुखी हैं कि पहले पति और बेटे का साया छिन गया और अब युवती अपनी मां से भी वंचित हो गई।

नैनीताल हाईकोर्ट ने SSP से मांगा हलफनामा, अब मंगलवार को होगी सुनवाई

Nainital High court: Election: Panchayat: बहुचर्चित जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव और कथित अपहरण मामले की सुनवाई सोमवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल में हुई। हालांकि, खंडपीठ ने इस पर कोई आदेश पारित नहीं किया और अगली सुनवाई की तारीख 19 अगस्त तय की गई है। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ कर रही है।

डीएम और SSP से मांगा हलफनामा

कोर्ट ने जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिया है कि अब तक हुई समस्त कार्रवाई का ब्यौरा शपथपत्र के रूप में अदालत में पेश किया जाए। साथ ही, SSP प्रहलाद नारायण मीणा ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सभी आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।

अपहृत बताए गए पांचों की दलीलें खारिज

अदालत ने उन पांच पंचायत सदस्यों को सुनने से साफ इंकार कर दिया जिनके अपहरण का आरोप लगा है।

पुनर्निर्वाचन याचिका पर रोक

री-पोल की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर भी कोर्ट ने सुनवाई से मना कर दिया। खंडपीठ ने साफ कहा कि फिलहाल अदालत सिर्फ चुनाव के दिन हुई घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेकर विचार कर रही है।

बीजेपी नेताओं पर गिरफ्तारी की आहट

सुनवाई के बाद अब आरोपी बीजेपी नेताओं और कथित अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी की संभावना तेज हो गई है। SSP ने कोर्ट में वादा किया है कि दोषियों को जल्द हिरासत में लिया जाएगा।

SSP पर न्यायालय की कड़ी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने SSP को कठोर शब्दों में फटकार लगाई। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि “नैनीताल केवल पर्यटन स्थल नहीं, यह उच्च न्यायालय का मुख्यालय भी है”। वायरल वीडियो का बचाव करने पर SSP से नाराज़ होकर कोर्ट ने पूछा— “क्या हम अंधे हैं? आपकी पुलिस बल आखिर कर क्या रही थी? शहर में हिस्ट्रीशीटर क्यों खुलेआम घूम रहे थे?”।

चीफ जस्टिस ने यहां तक कह दिया कि SSP अपराधियों का अनुचित तरीके से बचाव कर रहे हैं और सरकारी वकील से सीधे कहा “सरकार से कहिए कि SSP का ट्रांसफर कर दिया जाए”।