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Pithoragarh : DomesticViolence : MurderCase : CrimeNews : PoliceInvestigation : FamilyTragedy : SecurityGuard : नगर के जाखनी क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। विकासखंड मूनाकोट के कानड़ी गांव निवासी राजेश राम लाबड़ (40) जो महाराष्ट्र के पुणे में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत हैं छुट्टी पर पिथौरागढ़ आने के दौरान अपनी पत्नी नीलम उर्फ निर्मला देवी की चाकू मारकर हत्या कर दी।
जानकारी के अनुसार घटना आज सुबह किसी पारिवारिक विवाद के बाद हुई। राजेश राम ने अपनी पत्नी के गले में कई बार चाकू से वार किए…जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी गोविंद बल्लभ जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
दंपती के दो बच्चे हैं 17 वर्षीय बेटा और 14 वर्षीय बेटी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। स्थानीय लोग इस जघन्य हत्या से स्तब्ध हैं।
घटना के बाद राजेश राम लाबड़ फरार हो गया। कुछ स्थानीय सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया…हालांकि प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और हर पहलू को खंगाल रही है।
घटना ने पूरे जाखनी क्षेत्र में सुरक्षा और चिंता की लहर फैला दी है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान जुटाकर मामले की तह तक जाने का प्रयास शुरू कर दिया है।
UttarakhandNews : Rudraprayag : KedarnathSnowfall : ITBP : PolicePatrol : HeavySnow : HimalayanWeather : उत्तराखंड के केदारनाथ धाम और संपूर्ण केदारघाटी में बीते 24 घंटों से लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। धाम और आसपास के क्षेत्रों में कई फीट तक बर्फ जम गई है। तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे गिरने के बावजूद रुद्रप्रयाग पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैदी से तैनात हैं।
भारी बर्फबारी के कारण केदारनाथ धाम के सभी पैदल मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं। वहीं बर्फ से ढकी पहाड़ियां चांदी सी चमक रही हैं…जिससे प्राकृतिक सौंदर्य और भी निखर गया है। केदारनाथ मंदिर प्रांगण में घुटनों तक बर्फ जमने से क्षेत्र में अत्यधिक ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।
केदारनाथ धाम में तैनात पुलिस और ITBP के जवान बर्फबारी के बावजूद मंदिर परिसर और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। जवान लगातार गश्त (Patrolling) कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रख रहे हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और कड़ाके की ठंड के बावजूद सुरक्षा बल का मनोबल ऊँचा है।
बर्फबारी के कारण आवागमन मार्गों पर जमी बर्फ को हटाने और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में जवान लगातार सहयोग कर रहे हैं। पुलिस और ITBP का संयुक्त दल किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह सतर्क है। संचार व्यवस्था, आपदा प्रबंधन उपकरण और धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों के ढांचे की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है।
भारी बर्फबारी के बावजूद, केदारनाथ धाम की प्राकृतिक सुंदरता और भी निखर कर सामने आई है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी से ठंड में भी वृद्धि हुई है। पर्यटन और श्रद्धालुओं के लिए आवागमन कठिन हुआ है….लेकिन सुरक्षा बलों की सतर्कता से धाम में व्यवस्था बनी हुई है।
UttarakhandNews : Rudraprayag : TriyuginarayanTemple : SnowWedding : ShivaParvatiMarriage : WinterWedding : TourismInUttarakhand : CoupleWedding : HimalayanWedding : Snowfall : WeddingDestination : UttarakhandTourism : IndianTradition : VedicMarriage : SocialMediaViral : उत्तराखंड में लंबे समय बाद हुई बर्फबारी ने जहां लोगों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ाया, वहीं कई जोड़ों के लिए यह मौसम यादगार भी बन गया। भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में बीते दिन भारी बर्फबारी के बीच सात जोड़े वैदिक रीति–रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर शादी के बंधन में बंधे।
चमोली जिले के जंगलचट्टी गांव में भी बर्फबारी के बीच शादी की रस्में संपन्न हुईं। नव जोड़े और उनके परिजन बर्फ से ढके वातावरण में खुश नजर आए। शादी समारोह का दृश्य सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है…जिससे त्रियुगीनारायण मंदिर की लोकप्रियता और बढ़ गई है।
बर्फबारी ने बढ़ाई शादी की यादगार
त्रियुगीनारायण के चारों ओर फैली बर्फ ने मंदिर परिसर की प्राकृतिक छटा को और अधिक आकर्षक बना दिया। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर हुए इन विवाह समारोहों में नव जोड़ों ने नए जीवन की शुरुआत की।
त्रियुगीनारायण बन रहा वेडिंग डेस्टिनेशन
स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिवर्ष यहां विवाह कराने वाले नवयुगलों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। उत्तराखंड के अलावा देश और विदेश से भी नवयुगल भगवान शिव-पार्वती के विवाह स्थल पर पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोग नवयुगलों की सुविधा के लिए होटल, लॉज और रेस्टोरेंट की पर्याप्त व्यवस्था करते हैं।
पर्यटन और व्यवसाय दोनों को फायदा
त्रियुगीनारायण मंदिर के अलावा रुद्रप्रयाग जनपद का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बधानीताल भी बर्फ की सफेद चादर में ढक गया। बर्फबारी के दृश्य को देखने के लिए सैलानी पहुंचे और स्थानीय होटल व्यवसायियों के चेहरे भी खिल उठे।
त्रियुगीनारायण मंदिर में विवाह की सुविधाओं और प्राकृतिक सौंदर्य ने इसे देश-विदेश से आने वाले नवयुगलों के लिए प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन बना दिया है। धार्मिक आस्था, हिमालय की सुंदरता और पारंपरिक विवाह संस्कारों का संगम यहां आने वाले हर नवयुगल को खास अनुभव देता है।
UttarakhandNews : PushkarSinghDhami : HomeGuardCorruption : AmitabhShrivastava : UniformScam : TransparencyInGovt : JointInvestigation : ZeroTolerance : PublicAccountability : FinancialIrregularities : StateGovernmentAction : CorruptionProbe : DehradunNews : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होमगार्ड्स और नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री खरीद से जुड़े घोटाले में संलिप्त पाए जाने पर निदेशक होमगार्ड (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने मामले की जांच के लिए संयुक्त जांच समिति गठित करने के भी निर्देश दिए हैं।
यह मामला वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान होमगार्ड्स के लिए वर्दी सामग्री की खरीद प्रक्रिया से जुड़ा है। विभाग की रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई थी। इसके बाद महानिदेशक की संस्तुति पर मुख्यमंत्री ने निलंबन और जांच समिति के आदेश दिए।
सीएम धामी का साफ संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
घोटाले का खुलासा
सूत्रों के अनुसार कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों ने मिलकर बिल बढ़ाए। उदाहरण के लिए:
500 के जूते 1500 में दिखाए गए
130 के डंडे 375 में
1200 की पैंट-शर्ट 3000 में
500 की जैकेट 1580 में खरीदी गई
डीजी पीवीके प्रसाद की भूमिका
डीजी पीवीके प्रसाद ने पहले ही टेंडर में विसंगतियों को देखा और तुरंत जांच टीम गठित की। जब वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी वही inflated rates लागू किए जाने लगे…तो उन्होंने टेंडर निरस्त कराए और दोषी डिप्टी कमांडेंट के खिलाफ 2 करोड़ रुपये की रिकवरी और सेवा से बर्खास्तगी की सिफारिश शासन को भेजी।
विभागीय जांच में सामने आया कि डिप्टी कमांडेंट अमिताभ श्रीवास्तव ने ठेकेदारों के साथ मिलकर हर सामान को तीन गुना अधिक दाम पर खरीदा। इस घोटाले के उजागर होने के बाद विभाग में वर्दी की खरीद पर रोक लगाई गई थी।
Sanatan Dharma : Cow Service : Hanuman Bhakti : Santoshimata Temple : Youth Guidance : Baba Bhavani Giri : Spirituality : Volunteer Work : Social Service : आज के दौर में जब भोग-विलास, दिखावा और तेज़ रफ्तार जिंदगी ने युवाओं को मानसिक रूप से अशांत और दिशाहीन कर दिया है, तब समाज को ऐसे मार्गदर्शकों की सबसे अधिक आवश्यकता है जो अपने कर्मों से दिशा दिखाएं।
देहरादून के गढ़ी कैंट क्षेत्र में स्थित संतोषी माता गौशाला, नून नदी के तट पर स्थापित एकादश मुखी हनुमान मंदिर और निरंतर चल रही निःस्वार्थ गौ सेवा बाबा भवानी गिरी जी महाराज की कर्मयोग की जीवंत मिसाल हैं।
बाबा भवानी गिरी जी महाराज ने सनातन धर्म को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखकर उसे करुणा, सेवा और संयम से जोड़ा है। सड़कों पर तड़पती गोमाता से लेकर भटकती युवा पीढ़ी तक उनका प्रयास है कि हर पीड़ा को धर्म के सहारे राहत मिले।
बाबा भवानी गिरी जी महाराज से विस्तार से बातचीत के साक्षात्कार के मुख्य अंश……
प्रश्न: बाबा जी, सनातन धर्म की सेवा में आने का कारण क्या रहा? गौ सेवा, मां संतोषी माता पूजा और हनुमान भक्ति कैसे आपके जीवन का हिस्सा बनी?
उत्तर: बचपन से ही परिवार में पूजा-पाठ और संतों का सम्मान रहा। लेकिन असली दिशा मुझे तब मिली जब मैंने समाज की पीड़ा देखी। 1990 के दशक में मां संतोषी माता मंदिर की स्थापना हुई और मैं धार्मिक कार्यों में जुट गया। तभी सड़क पर घायल और तड़पती गायों को देखा। उस दिन मैंने तय किया कि पूजा के साथ सेवा भी करूंगा। मां की कृपा से सेवा का मार्ग मिला और हनुमान जी की भक्ति से शक्ति। यही तीनों—गौ सेवा, माता की पूजा और हनुमान भक्ति—मेरे जीवन की धुरी बन गए।
प्रश्न: आज की युवा पीढ़ी सनातन रास्ते से भटक क्यों रही है?
उत्तर: सबसे बड़ा कारण है संस्कारों की कमी। माता-पिता खुद तनाव में हैं, समय नहीं दे पा रहे। सोशल मीडिया पर दिखावा वास्तविकता बन गया है। पैसा, गाड़ी और ऐश ही सफलता बन गई। जब आत्मा भूखी रह जाती है, तो इंसान नशे और गलत संगत की ओर चला जाता है। धर्म से दूरी का मतलब अपने मूल से दूरी है।
प्रश्न: युवाओं को धर्म से जोड़ने के लिए आप क्या प्रयास कर रहे हैं?
उत्तर: हम धर्म थोपते नहीं। उदाहरण देते हैं। गौशाला में युवा सेवा करते-करते बदलते हैं। सेवा से सुख मिलता है। जब युवा घायल गाय को अपने हाथों से पानी पिलाता है, करुणा जागती है। वहीं से धर्म की शुरुआत होती है।
प्रश्न: गौ सेवा आज के दौर में कितनी कठिन है?
उत्तर: गौ सेवा कठिन है क्योंकि इसमें लाभ नहीं केवल जिम्मेदारी है। दवाइयां और चारा महंगा है। बिना सरकारी मदद के काम कर रहे हैं। आर्थिक संकट आता है लेकिन सेवा नहीं रुकती। मैं युवाओं से कहता हूं, महीने में एक दिन आकर सेवा करो, वहीं से बदलाव शुरू होता है।
प्रश्न: मां संतोषी माता की पूजा जीवन में संतुलन कैसे लाती है?
उत्तर: मां संतोषी माता संतोष का प्रतीक हैं। पूजा सिखाती है कि जो मिला है, उसमें खुश रहो। संतोष सीख लेने से आधी परेशानियां खत्म हो जाती हैं।
प्रश्न: एकादश मुखी हनुमान साधना भोग-वासनाओं पर कैसे विजय दिलाती है?
उत्तर: हनुमान जी ब्रह्मचारी, शक्ति और संयम के प्रतीक हैं। नियमित भक्ति और सेवा से आत्मबल आता है और वासनाएँ पीछे हटती हैं। मंत्र कोई जादू नहीं, अनुशासन है।
प्रश्न: मंदिर के माध्यम से सनातन धर्म का प्रचार कैसे हो रहा है?
उत्तर: मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं है, यह संस्कार केंद्र है। यहां आने वाले कई युवा सेवा में जुड़े, नशा छोड़ा और परिवार से जुड़े। धर्म समय लेता है, लेकिन स्थायी बदलाव देता है।
प्रश्न: भविष्य की योजनाएं क्या हैं?
उत्तर: गौशाला का विस्तार, युवाओं के लिए सेवा शिविर, संस्कार शिक्षा और साधना केंद्र। लक्ष्य है कि युवा मंदिर को प्रेम से जोड़ें, डर से नहीं।
प्रश्न: भक्तों और युवाओं को संदेश?
उत्तर: भोग को छोड़ो मत, पर नियंत्रण रखो। सेवा, साधना और संयम….यही सनातन जीवन है।
बाबा भवानी गिरी जी महाराज का जीवन यह संदेश देता है कि सनातन धर्म केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। गौ सेवा, माता की भक्ति और हनुमान साधना के माध्यम से वे समाज और युवाओं को भोग-विलास से निकालकर सेवा, संयम और शांति के मार्ग पर ले जा रहे हैं।
Uttarakhand: Rain: School: Closed: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चम्पावत, पौड़ी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर, देहरादून और टिहरी गढ़वाल जिलों में संचालित 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में शनिवार, 24 जनवरी को एक दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है।
संबंधित जिला प्रशासन ने यह निर्णय मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश और बर्फबारी के ऑरेंज अलर्ट को ध्यान में रखते हुए लिया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड समेत पूरे उत्तर भारत में गुरुवार रात से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसके चलते 23 और 24 जनवरी को भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
Emergency : AmbulanceJam : Ramnagar : Nainital : TrafficChaos : PublicSafety : कालाढूंगी क्षेत्र में चकलुवा वैली ब्रिज पर शुक्रवार को एक एंबुलेंस जाम में फंस गई…जिसमें गंभीर हालत का मरीज मौजूद था। मामले की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि अस्पताल पहुँचने में देरी के कारण मरीज की जान पर संकट मंडराने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जाम का कारण पुल के बीचों-बीच एक कार चालक द्वारा ट्रक की चाबी फेंक देना था….जिससे ट्रक अचानक सड़क पर रुक गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की चपेट में मरीज को ले जा रही 108 एंबुलेंस भी फंस गई।
इस घटना में पुलिस या प्रशासन का तत्काल हस्तक्षेप नहीं हुआ….जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने अपने प्रयास से वाहनों को इधर-उधर कर जाम खुलवाया और एंबुलेंस को अस्पताल तक पहुँचाया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते पुलिस या ट्रैफिक व्यवस्थापक मौके पर होते तो मरीज की जान खतरे में नहीं पड़ती। उन्होंने चकलुवा वैली ब्रिज जैसे संवेदनशील स्थानों पर स्थायी पुलिस और ट्रैफिक प्रबंधन की मांग की है।
लोगों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मार्गों पर समय पर प्रशासनिक निगरानी और आपातकालीन योजना की कमी, जीवनदायिनी सेवाओं की प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकती है। यह घटना प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा और सुधार की आवश्यकता को उजागर करती है।
हल्द्वानी: जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद में संचालित निजी विद्यालयों द्वारा फीस निर्धारण, पाठ्य पुस्तकों एवं यूनिफॉर्म के संबंध में विशुद्ध व्यवसायिक व्यवहार अपनाए जाने की शिकायतें प्राप्त होने पर इस संबंध में आदेश जारी करते हुए अवगत कराया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत शिक्षा एक परोपकारी गतिविधि है इसे लाभ कमाने का साधन नही बनाया जा सकता। उन्होंने कहा माननीय न्यायालयों के स्पष्ट निर्देश है कि विद्यालय किसी एक दुकान अथवा प्रकाशन से पुस्तक या यूनिफार्म खरीदने हेतु बाध्य नही कर सकते। उन्होंने कहा ऐसी बाध्यता में अनुचित व्यपार व्यवहार की श्रेणी में आता है।
उन्होंने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि उत्तराखण्ड शासन में प्रचलित शासनादेशों के प्राविधान, जिनमें निर्देश है कि एनसीईआरटी/एससीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाए फीस वृद्धि पारदर्शी औचित्यपूर्ण एवं अभिभावकों से संवाद के उपरान्त ही हो, प्रवेश के समय छात्र-छात्राओं की आयु का ध्यान विशेष रूप से रखा जाये। शैक्षिक सत्र के प्रारम्भ तिथि 01 अप्रैल को 06 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके छात्र-छात्राओं को ही कक्षा-1 में प्रवेश दिया जाए।
जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षाधिकारी को निर्देश दिये है कि जनपद के समस्त निजी संचालित विद्यालयों में फीस निर्धारण एवं वृद्धि में बिनी परार्मश के कोई भी निजी स्कूल बिना किसी ठोस कारण और अभिभावक/विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) से परामर्श किए बिना फीस नही बढाई जाए।
फीस वृद्धि का लिखित औचित्य पिछले वर्षो के रिकॉर्ड के साथ सुरक्षित रखना भी होगा। उन्होेने कहा कि यूनिफार्म (ड्रेस) हेतु किसी विशेष दुकान /विक्रेता से यूनिफॉर्म खरीदने हेतु बाध्य कराना प्रतिबंधित रहेगा। यूनिफार्म का स्वरूप ऐसा होना चाहिए जो सामान्य बाजार में आसानी से मिल सके, अनावश्यक रूप से बार-बार यूनिफॉर्म में परिवर्तन नही किया जाये।
उन्होंने कहा कि पाठ्य पुस्तकों में एनसीईआरटी /एससीईआरटी अथवा शासन द्वारा अनुमन्य पाठ्यक्रम की पुस्तकों को प्रथमिकता दी जाये, किसी विशेष प्रकाशन /दुकान से खरीद हेतु प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष दबाव पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा, कापियों में विद्यालय का लोगो नही लगाया जायेगा। पारदर्शिता हेतु प्रत्येक विद्यालय अपने फीस स्ट्रक्चर , यूनिफार्म एवं पुस्तक सूची को विद्यालय परिसर के नोटिस बोर्ड एवं बेबे साइड (यदि उपलब्ध हो) पर प्रदर्शित करेगा। देय शुल्क के अतिरिक्त कोई शुल्क नही लिया जायेगा।
जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षाधिकारी को निर्देश दिये है कि जनपद के समस्त निजी विद्यालयों का निरीक्षण मुख्य शिक्षाधिकारी /जिला शिक्षाधिकारी द्वारा नामित जॉच समिति द्वारा कराया जाये। निरीक्षण रिपोर्ट अभिलेखीय साक्ष्यों सहित उन्हें प्रस्तुत की जाए।
Nanda Devi : Badi Nanda Jaat : Kurud Siddhpeeth : Gopeshwar : Chamoli : Uttarakhand : नंदा देवी सिद्धपीठ कुरूड़ में बड़ी नंदा जात के आयोजन को लेकर तस्वीर अब साफ हो गई है। पंचांग गणना के अनुसार बड़ी नंदा जात का आयोजन पांच सितंबर को किया जाएगा। बसंत पंचमी के अवसर पर गौड़ ब्राह्मणों ने हक-हकूकधारियों की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर शुभ मुहूर्त निकाला और इसकी औपचारिक घोषणा की।
कुरूड़ स्थित नंदा देवी मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां पारंपरिक भजन, जागर और धार्मिक गीतों की प्रस्तुति भी दी गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और हकहकूकधारी इस अवसर पर मौजूद रहे।
गौरतलब है कि नंदा देवी राजजात को लेकर इन दिनों सिद्धपीठ कुरूड़ और नौटी के बीच मतभेद की स्थिति बनी हुई है। श्री नंदा देवी राजजात समिति ने व्यवस्थाओं और अधिमास का हवाला देते हुए राजजात का आयोजन 2027 में करने की घोषणा पहले ही कर दी। वहीं हकहकूकधारियों ने इसे परंपरा के विपरीत बताते हुए इसी वर्ष पंचांग के अनुसार बड़ी नंदा जात आयोजित करने का निर्णय लिया था।
इसी क्रम में पहले से घोषित कार्यक्रम के तहत कुरूड़ में बसंत पंचमी के दिन बड़ी नंदा जात का मुहूर्त निकाला गया। बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और परंपराओं के अनुरूप जात का आयोजन किया जाएगा।
वहीं कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखवीर रौतेला ने कहा कि बड़ी नंदा जात की तिथि घोषित कर दी गई है और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता की अपील की गई है। बड़ी नंदा जात को लेकर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल है और आने वाले दिनों में तैयारियां और तेज की जाएंगी।
Nainital : WeatherUpdate : Rainfall : Snowfall : ColdWave : HimalayanRegion : TourismNews : UttarakhandWeather : नैनीताल में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। शहर में इस सीजन की पहली बारिश शुरू हो गई…जबकि तेज हवाओं के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों हिमालय दर्शन, नयना पीक और स्नोव्यू इलाके में हिमकण गिरने लगे। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते पूरे शहर में शीतलहर का असर महसूस किया जा रहा है।
मौसम विभाग की ओर से पहले ही ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया था। शुक्रवार सुबह नैनीताल में हल्के बादलों के बीच धूप खिली रही, हालांकि सर्द हवाएं लगातार चलती रहीं। दोपहर होते-होते पहले बूंदाबांदी शुरू हुई और इसके बाद हिमालय दर्शन क्षेत्र से लेकर मल्लीताल तक कुछ क्षणों के लिए बर्फ के फाहे भी गिरे…जो तेज हवा के कारण जल्दी ही थम गए।
वीकेंड पर नैनीताल पहुंचे पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों को ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की उम्मीद है। फिलहाल तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार 27 जनवरी से मैदानी क्षेत्रों में भी हल्की बारिश के आसार हैं, जिससे ठंड में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।
इधर, कुमाऊं मंडल के मैदानी क्षेत्रों में गुरुवार को चटख धूप खिली रही थी। अधिकतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं शुक्रवार से मौसम के बदले मिजाज के चलते तापमान में गिरावट की संभावना जताई जा रही है।