Badminton | PV Sindhu | Almora : भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत से न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढ़ा है…बल्कि सत्र के अंत में होने वाले विश्व टूर फाइनल्स में जगह बनाने की दावेदारी भी मजबूत हुई है। विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर मौजूद सिंधू ने इस जीत के साथ 9200 रैंकिंग अंक हासिल किए।
खिताब जीतने के बाद सिंधू ने अपने प्रदर्शन और फॉर्म को लेकर खुशी जाहिर की। उनसे जब पूछा गया कि क्या वह अपने पुराने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में लौट आई हैं…तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल। उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपनी पूरी टीम को दिया।
सिंधू ने बताया कि उनकी टीम हर मुकाबले के लिए योजना बनाकर काम कर रही है। जैसे-जैसे प्रतियोगिता आगे बढ़ती है खिलाड़ी के लिए अपने खेल में सुधार करना और कोर्ट पर सही फैसले लेना जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि शांतचित्त बने रहना भी उनके लिए काफी अहम रहा है। हालांकि उनके खेल में अभी सुधार की गुंजाइश है और वह लगातार बेहतर करने की कोशिश कर रही हैं।
फाइनल मुकाबले से पहले सिंधू का डेनमार्क की खिलाड़ी केयर्सफेल्ड के खिलाफ रिकॉर्ड बेहतर था। दोनों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों में सिंधू ने छह बार जीत दर्ज की थी…जबकि केयर्सफेल्ड को केवल एक बार सफलता मिली थी। डेनमार्क की खिलाड़ी ने यह जीत 2025 सुदीरमन कप फाइनल्स में हासिल की थी।
दूसरी वरीयता प्राप्त सिंधू ने फाइनल में आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की। हालांकि शुरुआती दौर में कुछ गलतियों के कारण केयर्सफेल्ड ने स्कोर 3-3 से बराबर कर लिया। इसके बाद डेनमार्क की खिलाड़ी ने लंबी रैलियों के जरिए सिंधू पर दबाव बनाने की कोशिश की।
लेकिन सिंधू ने अपने अनुभव और शानदार शॉट्स से मुकाबले पर पकड़ बना ली। नेट के पास उनके बेहतरीन खेल ने उन्हें 8-5 की बढ़त दिलाई। ब्रेक तक भारतीय खिलाड़ी तीन अंकों की बढ़त बनाए रखने में सफल रहीं।
ब्रेक के बाद भी सिंधू का आक्रामक अंदाज जारी रहा। उन्होंने कोर्ट के पिछले हिस्से में सटीक शॉट लगाते हुए स्कोर 14-11 किया। इसके बाद शानदार बैकहैंड विनर के साथ बढ़त 17-12 तक पहुंचा दी। केयर्सफेल्ड की एक गलती का फायदा उठाते हुए सिंधू ने पहला गेम जीतने की दिशा में कदम बढ़ाया और जल्द ही गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में भी सिंधू ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने शुरुआत में 4-2 की बढ़त बनाई और लगातार विनर शॉट लगाकर स्कोर 6-3 कर दिया। हालांकि केयर्सफेल्ड ने वापसी की कोशिश करते हुए अंतर कम किया और स्कोर 6-7 तक पहुंचा दिया।
इसके बाद डेनमार्क की खिलाड़ी से लगातार गलतियां हुईं। उनके दो शॉट कोर्ट से बाहर चले गए। सिंधू ने इसका फायदा उठाते हुए एक और शानदार विनर लगाया और स्कोर 10-6 कर दिया।
मैच आगे बढ़ने के साथ सिंधू का दबदबा और मजबूत होता गया। उन्होंने 17-11 की बढ़त बना ली। दूसरी ओर केयर्सफेल्ड नेट पर अपने खेल को बेहतर नहीं कर पाईं। सिंधू ने आक्रामक रिटर्न के जरिए छह चैंपियनशिप पॉइंट हासिल किए और फिर प्रतिद्वंद्वी की नेट पर हुई गलती का फायदा उठाकर मैच के साथ खिताब भी जीत लिया।
इस जीत के साथ सिंधू ने अपनी फॉर्म में सुधार के संकेत दिए हैं। अब उनकी नजर सत्र के अंत में होने वाले विश्व टूर फाइनल्स में जगह बनाने पर रहेगी।












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